Highlights
- पीएम मोदी और जर्मन चांसलर मर्ज ने साबरमती आश्रम का दौरा कर महात्मा गांधी को नमन किया।
- दोनों नेताओं ने अहमदाबाद में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में पतंग उड़ाई।
- गांधीनगर में भारत-जर्मनी द्विपक्षीय वार्ता शुरू, व्यापार, रक्षा और ऊर्जा पर चर्चा होगी।
PM Modi: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज दो दिन के भारत दौरे पर रविवार रात अहमदाबाद पहुंचे। सोमवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात हुई। यह मर्ज का पहला भारत दौरा है, जिसे भारत-जर्मनी संबंधों के लिए अहम माना जा रहा है।
साबरमती आश्रम में गांधी को नमन
#WATCH | Ahmedabad, Gujarat | PM Narendra Modi welcomes German Chancellor Friedrich Merz to Sabarmati Ashram as they pay tributes to Mahatma Gandhi.
— ANI (@ANI) January 12, 2026
Source: DD pic.twitter.com/0otZfoEh5m
प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज ने अहमदाबाद में साबरमती आश्रम का दौरा किया। दोनों नेताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। गेस्ट बुक में मर्ज ने गांधी की अहिंसा, स्वतंत्रता और मानव गरिमा के विचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज की दुनिया को गांधी के आदर्शो की पहले से ज्यादा जरूरत है।
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अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में लिया हिस्सा
#WATCH | Ahmedabad, Gujarat: Prime Minister Narendra Modi and German Chancellor Friedrich Merz fly a kite at the International Kite Festival 2026 at Sabarmati Riverfront.
— ANI (@ANI) January 12, 2026
(Source: DD News) pic.twitter.com/YF4Va86IXj
इसके बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे, जहां अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर पीएम मोदी और चांसलर मर्ज ने पतंग उड़ाई। महोत्सव में 50 देशों के 135 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज शामिल हुए हैं। एलईडी लाइट से सजी रात की पतंगें लोगों के लिए खास आकर्षण रही। यह महोत्सव सात दिनों तक चलेगा।
गांधीनगर में द्विपक्षीय वार्ता
अहमदाबाद के बाद दोनों नेता गांधीनगर पहुंचे, जहां महात्मा मंदिर में भारत-जर्मनी द्विपक्षीय वार्ता शुरू हुई। बैठकों में व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा, ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
रणनीतिक साझेदारी पर फोकस
यह दौरा भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे होने के समय हो रहा है। साथ ही 27 जनवरी को होने वाले भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन से पहले इस यात्रा को खास महत्व दिया जा रहा है।
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