Highlights
- मध्य प्रदेश के चार महान हस्तियों को 2026 में पद्मश्री सम्मान मिला।
- सम्मानित हुए: कैलाश चंद्र पंत, मोहन नागर, भगवानदास रैकवार, नारायण व्यास।
- इनकी सेवा का क्षेत्र: साहित्य, शिक्षा, समाज सेवा, पारंपरिक कला और सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण।
Padma Awards 2026: भारत सरकार ने 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस साल कुल 131 लोगों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री सम्मान मिलेगा। इसमें मध्य प्रदेश के चार महान हस्तियों को उनके समाज, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री से नवाजा गया है।
कैलाश चंद्र पंत: साहित्य और शिक्षा में योगदान

90 वर्षीय कैलाश चंद्र पंत को हिंदी साहित्य, शिक्षा और पत्रकारिता में उनके लंबे योगदान के लिए सम्मानित किया गया। पंत जी ने पत्रिकाओं के माध्यम से समाज और संस्कृति को जोड़ते हुए वैचारिक पत्रकारिता को नया आयाम दिया। बचपन में संघ से जुड़े पंत ने 13 साल की उम्र में सत्याग्रह में भाग लिया और गिरफ्तारी भी दी थी।
मोहन नागर: जल संरक्षण और समाज सेवा

मोहन नागर (जन्म 1968) आदिवासी और जनजातीय क्षेत्रों में जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के लिए जाने जाते हैं। उन्हें “जल पुरुष” के नाम से भी जाना जाता है। वर्तमान में वे मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष हैं और समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
भगवानदास रैकवार: पारंपरिक मार्शल आर्ट के संरक्षक

भगवानदास रैकवार (जन्म 1944) ने सागर में अखाड़ा संस्कृति और पारंपरिक युद्ध कलाओं को जीवित रखा। उन्होंने लाठी, तलवार, भाला जैसी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुचाया और समाज के लिए जीवनभर निस्वार्थ भाव से काम किया।
नारायण व्यास: पुरातात्विक धरोहरों के रक्षक

नारायण व्यास ने उज्जैन और मालवा क्षेत्र की पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में योगदान दिया। उनका मानना है कि नई पीढ़ी देश की धरोहरों को जाने और संरक्षित करे।