MP SIR: मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के काम के दौरान बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की मौतों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। पिछले 10 दिनों में 6 बीएलओ की जान जा चुकी है। इनमें से कुछ को हार्ट अटैक आया, जबकि कुछ अन्य तनाव और थकावट के कारण बीमार हुए थे।
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हाल ही में शहडोल जिले के सोहागपुर में बीएलओ मनीराम नापित (54) की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वे मतदाताओं से फॉर्म भरवा रहे थे, तभी एक अधिकारी का फोन आने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी। इसके अलावा, मंडीदीप में एक बीएलओ रमाकांत पांडे भी हार्ट अटैक से निधन हो गए।
पिछले कुछ दिनों में बीएलओ को सर्वर की समस्या, काम का बढ़ा दबाव और अभद्रता का सामना करना पड़ा है। इसके कारण बीएलओ की मानसिक स्थिति पर असर पड़ा है, और कई कर्मचारी बीमार हो गए हैं। इन घटनाओं के बाद कर्मचारियों ने मुआवजे की मांग की है। मप्र तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मृतक कर्मचारियों के परिवार को 15 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
अब तक, 6 बीएलओ और 2 सुपरवाइजर निलंबित हो चुके हैं, और कई को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। मध्य प्रदेश में 65 हजार से अधिक बीएलओ इस काम में जुटे हुए हैं, लेकिन काम का तनाव बढ़ता जा रहा है।
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