Highlights
- कांग्रेस ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 को शून्य घोषित करने की मांग की
- SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया
- चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच और पूरे प्रदेश में दोबारा चुनाव कराने की मांग
MP News: मध्य प्रदेश में 2023 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाया है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त से मिला। प्रतिनिधि मंडल ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।
दोबारा चुनाव कराने की मांग
कांग्रेस ने ज्ञापन में 2023 के विधानसभा चुनाव को शून्य घोषित कर पूरे प्रदेश में दोबारा चुनाव कराने की मांग की। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेर-फेर हुआ, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई।
मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप
पीसी शर्मा ने कहा कि ठोस आंकड़ों से यह साबित होता है कि लाखों मतदाताओं के नाम गलत तरीके से काटे गए। दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के आंकड़े इसका उदाहरण हैं। कांग्रेस के अनुसार इन्हीं मतदाताओं के आधार पर चुनाव परिणाम प्रभावित हुए।
कांग्रेस लीगल सेल का दावा
कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष जेपी धनोपिया ने कहा कि पार्टी ने पहले भी 28 से 30 लाख फर्जी और डुप्लीकेट वोटों का मुद्दा उठाया था। उनका आरोप है कि अब तक करीब 43 लाख वोट कट चुके हैं, जबकि भाजपा की जीत का अंतर 32 लाख वोटों का था। इससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
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SIR प्रक्रिया पर सवाल
कांग्रेस ने SIR के बाद 22 लाख वोटों को शिफ्टेड बताए जाने पर भी आपत्ति जताई। पार्टी का कहना है कि इसके लिए कोई ठोस प्रमाण नहीं है और इससे फर्जीवाड़े की आशंका बढ़ जाती है।
न्यायिक जांच की मांग
कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया की स्वतंत्र या न्यायिक जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने और नियमों के अनुसार हर बूथ पर फार्म की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
इस प्रतिनिधि मंडल में जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता और जेपी धनोपिया शामिल रहे।