Highlights
- 2021-2025 में मध्यप्रदेश से 54,803 नाबालिग लड़कियां लापता, 2,627 अब भी गायब।
- 2025 में 14,520 लड़कियों को बरामद, रिकवरी रेट में लगातार सुधार।
- पुलिस की मासिक निगरानी और रैंकिंग सिस्टम से लंबित मामलों में कमी आई।
MP Missing Girls Data: मध्यप्रदेश में बीते पांच वर्षों के दौरान नाबालिग लड़कियों के लापता होने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पुलिस मुख्यालय (PHQ) के आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2021 से 31 दिसंबर 2025 के बीच कुल 54,803 बालिकाएं लापता हुई। इनमें सबसे ज्यादा मामले वर्ष 2025 में सामने आए, जब 13,146 नई गुमशुदगी दर्ज की गई।
रिकवरी रेट में सुधार
राहत की बात यह है कि लापता बालिकाओं की बरामदगी के आंकड़ों में भी सुधार हुआ है। वर्ष 2025 में 14,520 लड़कियों को पुलिस ने ढूंढ निकाला। बीते पांच सालों में कुल 52,176 लड़कियों का पता लगाया जा चुका है। 31 दिसंबर 2025 तक 2,627 लड़कियां अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। यह संख्या पिछले वर्ष के 4,001 लंबित मामलों की तुलना में कम है।
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वर्षवार स्थिति
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2021 में 9,407 मामले दर्ज हुए और 10,204 लड़कियां मिली। 2022 में 9,093 मामले और 8,979 बरामदगी हुई। 2023 में 11,250 केस दर्ज हुए, जिनमें से 10,430 लड़कियां मिली। 2024 में 11,907 मामले सामने आए और 11,670 की बरामदगी हुई।
इंदौर सबसे ज्यादा प्रभावित
विधानसभा CM यादव द्वारा साल 2025 में दिए आंकड़ों के अनुसार इंदौर शहर से सबसे ज्यादा बच्चे लापता हुए हैं। बाणगंगा थाना क्षेत्र से 449 बेटियां गायब हुई, जबकि धार जिला इस सूची में दूसरे स्थान पर है।
पुलिस की नई व्यवस्था
गुमशुदा मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है। अब महिला शाखा हर महीने इन मामलों की समीक्षा कर रही है। जिलों को प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग दी जा रही है और बेहतर काम करने वाले जिलों को सम्मानित किया जाता है।
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