Highlight
- MP सरकार ने 3500 करोड़ का नया कर्ज लिया, चालू वित्त वर्ष 2025-26 में कुल ऋण बढ़कर 53,100 करोड़ हो गया।
- RBI के जरिए तीन किस्तों में लोन उठाया गया, जिसकी अवधि 5 से 23 साल तक है।
- सरकार का दावा है कि कर्ज तय सीमा में है और पिछले दो वित्त वर्षो में रेवेन्यू सरप्लस रहा है।
MP Government Debt: मध्यप्रदेश सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में एक बार फिर बाजार से कर्ज लिया है। सरकार ने आरबीआई के जरिए 3500 करोड़ रुपए का नया लोन उठाया है। इसके साथ ही इस वित्त वर्ष में लिया गया कुल कर्ज बढ़कर 53,100 करोड़ रुपए हो गया है। यह कर्ज तीन किस्तों में लिया गया है।
तीन किस्तों में कर्ज की व्यवस्था
पहली किस्त 1200 करोड़ रुपए की है, जो 5 साल के लिए ली गई है और इसका भुगतान 31 दिसंबर 2030 तक किया जाएगा। दूसरी किस्त भी 1200 करोड़ रुपए की है, जिसकी अवधि 11 साल तय की गई है और इसे 31 दिसंबर 2036 तक चुकाना होगा। तीसरी किस्त 1100 करोड़ रुपए की है, जिसे 23 साल की लंबी अवधि में ब्याज के साथ चुकाया जाएगा।
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पहले भी कई बार लिया गया कर्ज
सरकार इससे पहले भी अक्टूबर, नवंबर और सितंबर में कई बार कर्ज उठा चुकी है। अक्टूबर में 5200 करोड़, नवंबर में 4000 करोड़ और सितंबर में 3000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था। सभी ऋण अलग-अलग अवधि के लिए हैं और इन पर ब्याज का भुगतान हर छह महीने में किया जाएगा।
रेवेन्यू सरप्लस का दावा
सरकार का कहना है कि कर्ज लेने के बावजूद प्रदेश की वित्तीय स्थिति संतुलित है। वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार को 12,487.78 करोड़ रुपए का रेवेन्यू सरप्लस रहा। वहीं 2024-25 में भी संशोधित आंकड़ों के अनुसार 1025.91 करोड़ रुपए की सरप्लस आय दर्ज की गई।
कर्ज सीमा के भीतर
सरकार ने साफ किया है कि जो भी कर्ज लिया जा रहा है, वह तय लोन लिमिट के भीतर है। वित्त वर्ष की शुरुआत से पहले मध्यप्रदेश सरकार पर कुल कर्ज करीब 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए था जो अब बढ़कर 4 लाख 55 हजार 200 करोड़ हो गया है।
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