Bareilly: उत्तर प्रदेश में बरेली हिंसा के बाद शनिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) का 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बरेली जाने वाला था, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। सपा के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे को लखनऊ में उनके घर में नजरबंद कर दिया गया।
सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के संभल स्थित आवास पर भी भारी पुलिस बल तैनात है। इसके अलावा पार्टी नेताओं इकरा हसन और मुजतबा सिद्दीकी को भी रोका गया है।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन लोकतांत्रिक आवाज को दबा रहा है। माता प्रसाद पांडे ने कहा कि उन्हें बरेली जाने से रोका गया क्योंकि प्रशासन अपनी कमियां छिपाना चाहता है।
बरेली में हाल ही में “आई लव मोहम्मद” विवाद के बाद तनाव फैल गया था। सपा का कहना है कि 26 सितंबर को मुस्लिम समाज के लोग शांतिपूर्वक ज्ञापन देने जा रहे थे, तभी पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई लोग घायल हो गए।
प्रशासन का कहना है कि सपा नेताओं की यात्रा से माहौल बिगड़ सकता है, इसलिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है।
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