Highlights
- सुप्रीम कोर्ट से उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न मिलने के बाद JNU में छात्रों का विरोध प्रदर्शन।
- PM मोदी और अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
- JNUSU ने नारों को वैचारिक बताया, पुलिस ने कहा -अब तक कोई शिकायत नहीं।
JNU Protest: सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न दिए जाने के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में एक समूह ने विरोध प्रदर्शन किया। 5 जनवरी की रात का एक 35 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए जा रहे है।
विरोध का कारण
बताया जा रहा है कि यह प्रदर्शन जमानत याचिकाएं खारिज होने के विरोध में हुआ। छात्रों ने नारे लगाते हुए सरकार और फैसले पर नाराजगी जताई। वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
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JNUSU का पक्ष
JNUSU की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने कहा कि हर साल 5 जनवरी 2020 को कैंपस में हुई हिंसा की निंदा के लिए छात्र प्रदर्शन करते हैं। उनके अनुसार, लगाए गए नारे वैचारिक थे, किसी व्यक्ति के खिलाफ व्यक्तिगत हमला नहीं थे और किसी को निर्देशित नहीं थे। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नारों को लेकर अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
कांग्रेस नेता की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि यह छात्रों के गुस्से को जाहिर करने का तरीका है और सुप्रीम कोर्ट के फैसले से असहमति का प्रदर्शन है। वहीं, बीजेपी विधायक अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि देश में कोई भी सुप्रीम कोर्ट से ऊपर नहीं है और न्याय व्यवस्था का विरोध देश की एकता के लिए ठीक नहीं।
भाजपा का पलटवार
जेएनयू में छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह अमित शाह के खिलाफ दिए गए बयान पर मंत्री विश्वास सारंग बोले – जो नारे लगे हैं ये निंदनीय भी है और देशद्रोह की श्रेणी में आते है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को गाली देना देश की जनता को गाली देना है। जब राहुल गांधी विदेश दौरे में जाकर हिंदुस्तान के मान सम्मान को ठेस पहुंचाते है तो ऐसी मानसिकता को संरक्षण मिलता है।
क्या हुआ था 5 जनवरी को?
5 जनवरी 2020 को JNU परिसर में हिंसा हुई थी, जब नकाबपोश लोगों ने हॉस्टलों में घुसकर छात्रों पर हमला किया था। तब से हर साल इस दिन छात्र घटनाओं की निंदा करते हुए प्रदर्शन करते हैं।