Highlights
- ईरान में बढ़ा तनाव; महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन ने लिए हिंसक रूप।
- सरकार ने बंद की इंटरनेट सेवा, एयरपोर्ट भी सील।
- ट्रंप बोले – अगर प्रदर्शनकारियों की हत्या हुई, तो अमेरिका जवाबी कार्यवाही करेगा।
Iran Protest: ईरान में बढ़ती महंगाई और आर्थिक बदहाली के खिलाफ पिछले 13 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, देश के 100 से ज्यादा शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। कई जगह आगजनी, सड़क जाम और झड़प हुई हैं।
45 की मौत, हजारों गिरफ्तार
अमेरिकी मानवाधिकार एजेंसी के मुताबिक, हिंसा में अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 8 बच्चे शामिल हैं। एक पुलिसकर्मी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वहीं, 2,270 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।
खामेनेई को मौत के नारे लगे
प्रदर्शनकारियों ने “खामेनेई को मौत” और “इस्लामिक रिपब्लिक का अंत” जैसे नारे लगाए। कुछ शहरों में लोग निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के समर्थन में भी दिखे और “शाह पहलवी लौटेंगे” के नारे लगाए गए।
इंटरनेट बंद, एयरपोर्ट सील
हालात बिगड़ने के बाद सरकार ने देशभर में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी हैं। तेहरान एयरपोर्ट को भी बंद कर दिया गया है और सेना को अलर्ट पर रखा गया है।
महंगाई से गुस्सा GenZ
दिसंबर 2025 में ईरानी मुद्रा रियाल गिरकर 1.45 मिलियन प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई। साल की शुरुआत से रियाल की कीमत आधी हो चुकी है। खाद्य पदार्थ 72% और दवाइयां 50% तक महंगी हो गई हैं। 2026 के बजट में 62% टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव ने जनता में नाराजगी और बढ़ा दी।
सरकार का पहला रिएक्शन
ईरानी सरकारी मीडिया ने हिंसा के लिए अमेरिका और इजरायल के एजेंट्स को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि सरकार ने पहली बार माना है कि हालात गंभीर हैं और हिंसा में जान-माल का नुकसान हुआ है।
ट्रम्प की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्या हुई, तो अमेरिका जवाबी हमला कर सकता है। रजा पहलवी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरानी जनता का साथ देने और संचार सेवाएं बहाल कराने में मदद की अपील की है।
READ MORE: ED रेड के खिलाफ TMC का दिल्ली से कोलकाता तक प्रदर्शन; 8 सांसद हिरासत में