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Indore Polluted Water Case: पेयजल में मिले गटर और मल-मूत्र के बैक्टीरिया, 15 की मौत, 200 से ज्यादा भर्ती

Indore Polluted Water Case

Highlights

  • भागीरथपुरा के पेयजल में गटर या मल-मूत्र में पाए जाने वाले खतरनाक बैक्टीरिया मिले।
  • दूषित पानी से कई मौतें, 200 से ज्यादा लोग बीमार, 32 मरीज ICU में भर्ती।
  • पाइपलाइन लीकेज की पुष्टि, मानवाधिकार आयोग और हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट।

Indore Polluted Water Case: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत और सैकड़ों के बीमार होने के मामले में जांच रिपोर्ट सामने आई है। महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि पानी में ऐसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं, जो आमतौर पर गटर और मल-मूत्र में मिलते हैं।

कौन से बैक्टीरिया मिले?

रिपोर्ट के मुताबिक पानी में Vibrio cholerae, Shigella और E. coli जैसे बैक्टीरिया पाए गए हैं। ये बैक्टीरिया गंभीर संक्रमण फैलाते हैं और दूषित पानी के जरिए शरीर में पहुंचते हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि Vibrio cholerae, Shigella और E. coli ऐसे खतरनाक बैक्टीरिया हैं जो गटर या मल-मूत्र से दूषित पानी में पाए जाते हैं। ये बैक्टीरिया दूषित पेयजल के जरिए शरीर में पहुंचकर हैजा, पेचिश और गंभीर दस्त जैसी बीमारियां फैलाते हैं। इनसे पीड़ित व्यक्ति को उल्टी, पेट दर्द, तेज दस्त और शरीर में पानी की कमी हो सकती है, समय पर इलाज न मिलने पर ये बैक्टीरिया जानलेवा भी बन सकते है। 

पाइपलाइन लीकेज से फैला संक्रमण

स्वास्थ्य विभाग और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने माना है कि पेयजल पाइपलाइन में लीकेज के कारण सीवेज का गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल गया। चौकी के पास लीकेज को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है।

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मौतों के आंकड़े

स्थानीय परिजनों के अनुसार अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं सरकारी रिकॉर्ड में 4 मौतें दर्ज हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 8 से 9 मौतों की बात कही है।

सैकड़ों मरीज अस्पताल में भर्ती

CMHO डॉ. माधव हसानी के अनुसार अब तक 272 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया था। फिलहाल 201 मरीज भर्ती हैं, जिनमें 32 ICU में हैं। 71 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है।

मानवाधिकार आयोग और हाईकोर्ट सक्रिय

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से दो हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है। वहीं हाईकोर्ट में भी इस मामले की सुनवाई होने वाली है।

लोगों में गुस्सा

मंत्री के दौरे के दौरान पीड़ित परिवारों ने मुआवजा चेक लेने से इनकार कर नाराजगी जताई। महिलाओं का आरोप है कि लंबे समय से गंदा पानी आ रहा था, लेकिन शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया।

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