Indore MY Hospital: इंदौर के एमवाय अस्पताल के चूहा काडं में अब बड़ा खुलासा हुआ है। सोमवार को इंदौर हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान मध्यप्रदेश सरकार ने विस्तृत रिपोर्ट पेश की। जिसके अनुसार दोनों नवजातों की मौत चुहों के काटने की वजह से नहीं हुई है।
धार के दंपत्ती के बच्चे की पोस्टमॉर्टम का हवाला देते हुए बताया गया कि, नवजात के कुछ अंग पूरी तरह से विकसित नहीं थे। जिसके साथ-साथ नवजात को अन्य बीमारियां भी थी। सरकार ने रिपोर्ट में बताया कि पहली घटना 30 अगस्त की सुबह 4 बजे की है और दूसरी घटना 31 अगस्त की रात 10:30 बजे की है।
सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक घटना की जानकारी समय पर न देने वाले और जिनकी उपस्थिति में यह लापरवाही हुई, वे सभी इसके जिम्मेदार है। हाई कोर्ट में सरकार ने इस बात का भी जिक्र किया है कि, एमवाय अस्पताल में पेस्ट कंट्रोल का काम कर रही ‘एजाइल कंपनी’ को ब्लैकलिस्ट करने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। यह कार्रवाई कंपनी के खिलाफ काम में लापरवाही के चलते की गई है। कोर्ट की टीम एमवाय अस्पताल का दौरा भी कर चुकी है।
सरकार ने हाईकोर्ट इस बात बात का भरोसा दिलाया कि आगे चलकर इस तरह की कोई भी घटना दोबारा नहीं होगी, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएगें। इसी के तहत एमवाय अस्पताल के PICU और NICU यूनिट्स को तत्काल प्रभाव से बेहतर सुविधाओं के साथ सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा।
इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार ने कहा कि कुछ ऐसे उपाय होने चाहिए, जिनसे शासन द्वारा जारी पैरामीटर्स और गाइडलाइन का पूरा पालन किया जाए। इसके लिए यदि कोर्ट को अलग से कोई अथॉरिटी गठित करनी पड़े, तो वह भी की जा सकती है।
जानकारी के लिए बता दें कि हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए सरकार को 15 सितंबर तक रिपोर्ट पेश करने को कहा था।
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