Highlights
- इंदौर में दूषित पानी से 18 मौतों के बाद प्रदेश सरकार अलर्ट, पूरे MP में 6.5 लाख हैंडपंपों की जांच के आदेश।
- PHE विभाग ने नई SOP जारी की, पेयजल स्रोतों की मासिक सफाई और 24 घंटे में शिकायतों के निराकरण के निर्देश।
- भागीरथपुरा में हालात गंभीर, 99 मरीज अभी भर्ती, 16 ICU में और 3 वेंटिलेटर पर।
Indore Contaminated Water Scandal: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 18 लोगों की मौत के बाद प्रदेश सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग ने पूरे मध्यप्रदेश में पेयजल स्रोतों की जांच के लिए नई SOP जारी की है।
6 लाख 50 हजार हैंडपंपों की जांच
सरकार ने प्रदेश के करीब 6 लाख 50 हजार हैंडपंपों की जांच के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जल स्रोतों की हर महीने सफाई अनिवार्य की गई है। यह विशेष अभियान 20 जनवरी तक चलाया जाएगा।
24 घंटे में शिकायतों का समाधान
PHE विभाग ने दूषित पानी और पाइपलाइन लीकेज से जुड़ी शिकायतों का 24 घंटे के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। सभी जिलों को इस संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
इंदौर में हालात गंभीर
भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 429 लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंचे थे। इनमें से 330 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 99 अभी भर्ती हैं। स्थिति की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि 16 मरीज आईसीयू में हैं, जिनमें से 3 वेंटिलेटर पर हैं। हाईकोर्ट ने मामले को “हेल्थ इमरजेंसी” करार दिया है।
मुआवजा सूची में नए नाम जुड़े
प्रशासन की मुआवजा सूची में दो नए नाम जोड़े गए हैं। अब तक 15 मृतकों के नाम सूची में शामिल किए जा चुके हैं। इलाके में लोग बोरिंग का पानी छोड़कर टैंकर और आरओ के पानी पर निर्भर हैं। सरकार के इस कदम से लोगों को राहत की उम्मीद है।
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