Highlight
- इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 14 मौतें और 1400 से अधिक लोग बीमार।
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छावनी चौराहे पर घंटा बजाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के सामने स्थानीय महिलाओं ने नाराजगी जताई, अदालत ने सभी मरीजों का मुफ्त इलाज कराने का आदेश दिया।
Indore Contaminated Water: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। 21 से 31 दिसंबर तक 13 लोग मरे थे, जबकि 14वीं मौत अरविंद (43) नामक व्यक्ति की हुई। इलाके में करीब 1400 लोग बीमार हुए हैं, जिनमें से 162 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 7992 घरों का सर्वे किया, जिसमें 2456 लोग संक्रमित पाए गए।
कांग्रेस का घंटा प्रदर्शन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छावनी चौराहे पर सरकार के खिलाफ घंटा बजाकर विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार और जिम्मेदार मंत्री जनता की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं हैं। कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की और लोगों को चेताने के लिए यह प्रदर्शन किया।
मंत्री विजयवर्गीय की प्रतिक्रिया पर नाराजगी
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय गुरुवार को स्कूटर पर भागीरथपुरा पहुंचे। इस दौरान स्थानीय महिलाओं ने उन्हें गंदे पानी की समस्या पर कार्रवाई न करने को लेकर नाराजगी जताई। कुछ परिवारों ने मृतकों के लिए दिए गए मुआवजे के चेक लेने से मना कर दिया।
अदालत ने सरकार को फटकारा
एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने जनहित याचिका पर सरकार से 2 जनवरी तक स्थिति रिपोर्ट मांगी और सभी मरीजों का मुफ्त इलाज कराने के आदेश दिए।