Highlights
- ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को अमेरिकी क्षेत्र बताया और विरोध करने वाले देशों पर टैरिफ की धमकी दी।
- वैश्विक बाजारों में गिरावट, एशियाई बाजार 270 अंक और निफ्टी 75 अंक नीचे बंद हुआ।
- यूरोपीय नेता नाराज।
Greenland Controversy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को अमेरिकी क्षेत्र बताने का विवादित बयान दिया, जिससे वैश्विक राजनीति और बाजारों में हलचल मच गई। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, रूस के पुतिन और अन्य यूरोपीय नेताओं ने इस कदम की कड़ी आलोचना की। ट्रम्प के फैसले के बाद स्टॉक मार्केट्स में गिरावट आई।
क्यों खास है ग्रीनलैंड?
ग्रीनलैंड अब अमेरिका और रूस के लिए रणनीतिक रूप से अहम बन गया है। आर्कटिक में बर्फ पिघलने से नए समुद्री मार्ग खुल रहे हैं और जमीन के नीचे छिपे खनिज सामने आ रहे हैं। यहां लगभग 15 लाख टन खनिज भंडार हैं, जो इसे विश्व में आठवें स्थान पर रखते हैं। पहले ट्रम्प ने इसे खरीदने की इच्छा जताई थी, लेकिन अब वह इसपर कब्जा करने की धमकी दे रहे हैं, जिसे वैश्विक स्तर पर गंभीर चेतावनी माना जा रहा है।
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दुनियाभर के बाजारों पर असर
ट्रम्प के बयान के बाद यूरोपीय और एशियाई बाजारों में गिरावट देखी गई। भारत के बाजार में भी गिरावट का दौर जारी है, आज सेंसेक्स 270 अंक गिरकर 81,909 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 75 अंक गिरकर 25,157 पर बंद हुआ।
वैश्विक नेताओं की प्रतिक्रिया
फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने इसे “दुनिया में गुंडागर्दी का युग” बताया, जबकि यूरोपीय कमीशन ने इसे “अमेरिकी धोखा” कहा। रूस के पुतिन ने कहा कि यूरोप अमेरिका के दबाव में आएगा, लेकिन हालात जल्द सामान्य हो सकते हैं।
ट्रम्प का संदेश
ट्रम्प ने NATO चीफ से बातचीत कर ग्रीनलैंड पर बैठक करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में शांति केवल ताकत के जरिए कायम की जा सकती है और अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश है।
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