नववर्ष में मोहन सरकार की पहली कैबिनेट बैठक 6 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। एमएसएमई मंत्री चेतन कश्यप ने कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।
सिंचाई परियोजनाओं को हरी झंडी
कैबिनेट ने बुरहानपुर जिले की झिरमटी मध्यम सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी, जिसकी लागत 922 करोड़ रुपये है। इससे 17,700 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई होगी। वहीं नेपानगर में 1,676 करोड़ रुपये की योजना से 34,100 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा। इन योजनाओं से आदिवासी क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलेगा।
नर्मदा से जुड़ी योजनाएं
नर्मदा शिप्रा परियोजना (2,489 करोड़) और माइक्रो लिफ्ट योजना (1,520 करोड़) को भी आगे बढ़ाया गया। नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट कंपनी लिमिटेड को मेंटेनेंस का जिम्मा सौंपा गया है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के तहत 2028 तक योजनाओं के क्रियान्वयन का लक्ष्य रखा गया है।
सड़कों के विकास पर फोकस
प्रधानमंत्री जनमन योजना जारी रहेगी। इसके तहत 1,039 किलोमीटर सड़क और 112 पुलियों के निर्माण पर 795 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सड़क विकास प्राधिकरण की योजना 2031 तक चलेगी, जिसमें 20,000 किलोमीटर सड़क और 200 पुल बनाए जाएंगे। इस पर 17,196 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 88,517 किलोमीटर मार्गों का नवीनीकरण किया जाएगा।
ई-कैबिनेट की शुरुआत
कैबिनेट बैठक में सभी मंत्रियों को टैबलेट वितरित किए गए। दो बैठकों के बाद पूरा काम डिजिटल माध्यम से होगा। इससे ई-गवर्नेस और पेपरलेस व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
कैबिनेट ने 2026 को कृषि उद्योग विकास वर्ष के रूप में मनाने और परिवहन विभाग के कर अधिनियम में संशोधन को भी मंजूरी दी।