संविधान दिवस: भारत आज संविधान दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के नाम पत्र लिखकर सभी से अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन करने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि संविधान की ताकत ने एक साधारण नागरिक को प्रधानमंत्री बनने तक का अवसर दिया है। उन्होंने युवाओं से मतदान के अधिकार का जिम्मेदारी से उपयोग करने की बात कही। साथ ही सुझाव दिया कि स्कूल-कॉलेज उन युवाओं को सम्मानित करें जो पहली बार मतदाता बने हैं।
On Constitution Day, we pay tribute to the framers of our Constitution. Their vision and foresight continue to motivate us in our pursuit of building a Viksit Bharat.
— Narendra Modi (@narendramodi) November 26, 2025
Our Constitution gives utmost importance to human dignity, equality and liberty. While it empowers us with…
मोदी ने कहा कि हमारा संविधान मानवीय गरिमा, समानता और स्वतंत्रता को सर्वोच्च स्थान देता है। जहां यह हमें अधिकार देता है, वहीं कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। उन्होंने संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका दृष्टिकोण विकसित भारत के निर्माण की प्रेरणा है।
आज ‘संविधान दिवस’ पर बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी सहित संविधान सभा के सभी महान सदस्यों को नमन और देशवासियों को इस दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
— Amit Shah (@AmitShah) November 26, 2025
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत का संविधान हर देशवासी को समान अवसर, सम्मानपूर्ण जीवन, राष्ट्रीय कर्त्तव्य और… pic.twitter.com/i0AhwjODzH
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संविधान दिवस की 76वीं वर्षगांठ पर डॉ. भीमराव अंबेडकर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और संविधान सभा के सदस्यों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को समान अवसर और सम्मानजनक जीवन देता है, जिससे मजबूत राष्ट्र निर्माण होता है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि संविधान दिवस हमें उन महान लोगों की याद दिलाता है जिन्होंने देश की नींव रखी। उन्होंने न्याय और समानता के प्रति समर्पण दोहराने की अपील की।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि संविधान देश की एकता और प्रगति की नींव है। यह हर नागरिक को समान अधिकार और अवसर देता है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए कहा कि भारत का संविधान विविधता, समान अधिकार और नागरिक कर्तव्यों का सर्वोत्तम प्रतीक है। उन्होंने देशहित और लोककल्याण की भावना से संविधान के आदर्शों को अपनाने की अपील की।
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