CJI BR Gavai: सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस बी. आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वकील राकेश किशोर को दिल्ली पुलिस ने रिहा कर दिया है। पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई, इसलिए पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। आरोपी का जूता, मोबाइल, आधार कार्ड और बार एसोसिएशन का कार्ड भी उसे वापस कर दिया गया।
यह घटना सोमवार सुबह सुप्रीम कोर्ट में उस वक्त हुई, जब CJI गवई और जस्टिस विनोद चंद्रन एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। अचानक वकील राकेश किशोर ने जूता उछालने की कोशिश की और चिल्लाने लगा, “सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेंगे”। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और कोर्टरूम से बाहर ले गए।
CJI गवई ने मामले को गंभीरता से न लेते हुए कोर्ट में शांति बनाए रखने की अपील की और किसी कार्रवाई से इनकार कर दिया। उन्होंने कोर्ट रजिस्ट्री से कहा कि “Just ignore”। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने तीन घंटे पूछताछ कर वकील को रिहा कर दिया।
Advocate Rakesh Kishore has spoken out about the double standards and bias of judges and the judiciary regarding religious matters.pic.twitter.com/NAkABFdbl3
— IndiaWarMonitor (@IndiaWarMonitor) October 7, 2025
हालांकि, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने राकेश किशोर का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। राकेश ने अपने कृत्य पर कहा, “मुझे कोई पछतावा नहीं है, यह काम मैंने दैवीय शक्ति के कहने पर किया।”
घटना की प्रधानमंत्री मोदी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत देशभर के नेताओं ने निंदा की है। पीएम मोदी ने CJI से फोन पर बात कर उनके धैर्य की सराहना की।