BRICS Agriculture Summit : भोपाल। सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में ब्रिक्स देशों की पांच दिवसीय कृषि बैठक का शुभारंभ हो गया है। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों और सहयोगी देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करना और भविष्य की साझा रणनीति तैयार करना है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित यह आयोजन कृषि नवाचार, खाद्य सुरक्षा और किसानों के कल्याण को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा और स्मार्ट खेती पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान खाद्य सुरक्षा, पोषण, जलवायु परिवर्तन के अनुकूल स्मार्ट खेती और कृषि व्यापार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने, डिजिटल कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने और कृषि अनुसंधान में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इन विषयों पर सामूहिक रणनीति तैयार होने से कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।
किसानों, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने की पहल
ब्रिक्स कृषि महाकुंभ में छोटे किसानों, महिला किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े युवाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सम्मेलन में ऐसे मॉडल और योजनाओं पर चर्चा होगी जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद कर सकें। साथ ही कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और रोबोटिक्स के उपयोग को बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
कृषि मंत्रियों की बैठक में बनेगी साझा रणनीति
कृषि कार्य समूह की बैठक 11 जून तक चलेगी। इसके बाद 12 और 13 जून को ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी। अधिकारियों के अनुसार विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनने के बाद एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया जाएगा। इस दस्तावेज में कृषि सहयोग, तकनीकी साझेदारी और भविष्य की रणनीतियों को शामिल किया जाएगा।
हरित संदेश के साथ वैश्विक सहयोग की दिशा
इंदौर में आयोजित यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ घोषित किया है। आयोजन के दौरान इंदौर की सांस्कृतिक विरासत और ‘ब्रिक्स वाटिका’ के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश भी दिया जाएगा। यह सम्मेलन वैश्विक कृषि सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।