BLF 2026: भोपाल के भारत भवन में आयोजित भोपाल लिटरेचर फेस्टिवल (BLF) एक बार फिर विवादों में आ गया है। इस बार विवाद का कारण “बाबर: क्वेस्ट फॉर हिंदुस्तान” विषय पर रखा गया एक सत्र है। सोशल मीडिया पर इस सत्र को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों का कहना है कि साहित्यिक मंचों पर ऐसे विवादित विषयों की बजाय सामाजिक हित और सकारात्मक विषयों पर चर्चा होनी चाहिए।
विवाद के बाद छुपाया पोस्टर
विवाद बढ़ने के बाद कार्यक्रम स्थल पर लगे पोस्टर में सत्र के विषय के ऊपर सफेद कागज चिपका दिया गया। जब आयोजकों से सवाल किया गया तो उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि यह विषय बाबर की प्रशंसा से जुड़ा नहीं है और इससे ज्यादा वे कुछ नहीं कहेंगे।
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किताब का दावा क्या है?
जिस पुस्तक पर सत्र प्रस्तावित है, वह बाबर की एक शोधपरक जीवनी बताई जा रही है। लेखक ने बाबरनामा और अन्य ऐतिहासिक स्रोतों के आधार पर बाबर को केवल विजेता नहीं, बल्कि शासक, कवि और इंसान के रूप में प्रस्तुत करने का दावा किया है। किताब में बाबर की सैन्य रणनीतियों, भारत विजय की प्रेरणाओं, मुगल काल की क्रूरता और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव जैसे पहलुओं पर भी चर्चा है।
पहले भी हो चुका है विरोध
BLF इससे पहले भी विवादों में रहा है। वर्ष 2023 में लेखक ओनिर धर को “ब्रिंगिंग एलजीबीटीक्यू वॉयसेस इंटू लिटरेचर” सत्र में शामिल होने से रोका गया था। उनकी किताब “आई एम ओनिर एंड आई एम गे” को लेकर विरोध हुआ था, जिसके बाद वे भोपाल नहीं आ पाए।
नियमों पर सवाल
भारत भवन न्यास के तहत संचालित इस आयोजन में नियमों के पालन और विषयवस्तु की समीक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आयोजन में मध्य प्रदेश सरकार का आधिकारिक चिन्ह और कई सरकारी-निजी संस्थानों की सहभागिता भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
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