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Bhopal Beef Racket: भोपाल स्लॉटर हाउस मामला; भैंस का मीट बताकर बाहर भेजा जा रहा था गौमांस, 26 टंन जब्त

Bhopal Cow Slaughter Case

Highlights

  • भोपाल स्लॉटर हाउस से भैंस का मांस बताकर मुंबई भेजी गई खेप में गोमांस की पुष्टि।
  • नगर निगम के पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर 26 टन मांस बाहर भेजा गया।
  • गायों के वध और मांस प्रमाणन में गड़बड़ी को लेकर निगम व पुलिस जांच के घेरे में।

Bhopal Beef Racket: जिंसी स्थित भोपाल नगर निगम के स्लॉटर हाउस से गोमांस मुंबई भेजे जाने के मामले में नगर निगम की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सामने आए दस्तावेजों से स्पष्ट हुआ है कि मांस को भैंस का बताकर बाहर भेजने की अनुमति दी गई थी, जबकि जांच में वह गोमांस निकला।

पशु चिकित्सक का पत्र आया सामने

नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बेनीप्रसाद गौर द्वारा 17 दिसंबर 2025 को जारी पत्र में कहा गया है कि पिछले करीब दो सप्ताह में स्लॉटर हाउस में 15 वर्ष से अधिक उम्र की 85 भैंसों का वध किया गया। इसी आधार पर मांस को फ्रोजन मीट के रूप में पैक कर मुंबई भेजने की अनुमति दी गई।

नियमों के अनुसार वध से पहले और बाद में पशु चिकित्सक की जांच जरूरी होती है। ऐसे में भैंस का प्रमाणपत्र कैसे जारी हुआ, यह अब जांच का विषय बन गया है।

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सैंपल में गोमांस की पुष्टि

पुलिस ने मांस के सैंपल जांच के लिए भेजे थे, जिनमें गोमांस की पुष्टि हुई। इससे साफ है कि स्लॉटर हाउस में गायों का वध हुआ है।

160 बछड़ों को लाने का दावा

सूत्रों के अनुसार 15 और 16 दिसंबर की रात दो अलग-अलग वाहनों से गायों के 160 बछड़े स्लॉटर हाउस लाए गए थे। ये वाहन बैतूल के रास्ते भोपाल पहुंचे थे। इन्हीं का मांस 26 टन की खेप में शामिल बताया जा रहा है।

कंटेनर क्यों छोड़ा गया?

17 दिसंबर की रात हिंदू संगठनों ने पुलिस कंट्रोल रूम के पास कंटेनर रोका था। गोमांस की आशंका पर हंगामा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने सैंपल तो लिए, लेकिन कंटेनर जब्त नहीं किया। नगर निगम ने मांस रखने की व्यवस्था न होने का हवाला देकर कंटेनर छोड़ दिया।

नगर निगम अध्यक्ष की प्रतिक्रिया

गौमांस मामले को लेकर नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि असलम चमड़ा हो या कहीं का चमड़ा हो, ऐसे अपराध में लिप्त पाए गए तो उनकी चमड़ी उतार दी जाएगी। साथ ही अधिकारियों को भी चेतावानी देते हुए कहा कि, “कोई अपराधी है या उसे संरक्षण देने वाले कोई अधिकारियों भी हो नहीं छोड़ा जाएगा।”

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