Highlights
- बसंत पंचमी पर भोजशाला में पूरे दिन पूजा की मांग, मामला सुप्रीम कोर्ट में
- जुमे की नमाज को लेकर हिंदू-मुस्लिम पक्ष आमने-सामने
- धार में 8 हजार पुलिस तैनात, भोजशाला क्षेत्र नो-फ्लाई जोन घोषित
Bhojshala Controversy: मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद में बसंत पंचमी को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। आज सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अहम सुनवाई होगी। बसंत पंचमी 23 जनवरी को है और इसी दिन शुक्रवार भी पड़ रहा है, जिससे विवाद गहराया है।
पूरे दिन पूजा की मांग
हिंदू संगठनों ने मांग की है कि बसंत पंचमी पर भोजशाला परिसर में सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती की अखंड पूजा की अनुमति दी जाए। साथ ही जुमे की नमाज पर रोक लगाने की अपील की गई है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
नमाज को लेकर मुस्लिम पक्ष की दलील
मुस्लिम समुदाय का कहना है कि जुमे की नमाज उनका संवैधानिक अधिकार है। कमाल मौला मस्जिद इंतजामिया समिति ने दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज की अनुमति मांगी है और इसे ऐतिहासिक मस्जिद बताया है।
प्रशासन अलर्ट, कड़े आदेश लागू
संभावित तनाव को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। भोजशाला में मोबाइल, बैग, कैमरा, बोतल और किसी भी तरह के हथियार ले जाने पर रोक है। पेट्रोल-डीजल की खुली बिक्री, भड़काऊ सामग्री के प्रसार और बिना अनुमति रैली-जुलूस पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
8 हजार पुलिसकर्मी तैनात
धार जिले में करीब 8 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सीसीटीवी, ड्रोन निगरानी और 3D मैपिंग के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। भोजशाला के 300 मीटर क्षेत्र को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है।
ASI के अनुसार, भोजशाला में मंगलवार को हिंदू पूजा और शुक्रवार को मुस्लिम नमाज की अनुमति है। पहले भी जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ी, तब विवाद और हिंसा हो चुकी है।