Highlights
- बांग्लादेश में 18 दिनों में 6 हिंदू अल्पसंख्यकों की हत्या।
- दुकानदार शरत चक्रवर्ती मणि और जशोर में पत्रकार राणा प्रताप बैरागी की निर्मम हत्या।
- हिंदू महिला के साथ रेप की छटना सामने आई।
- पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Bangladeshi Hindu Killings: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले और हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। पिछले 18 दिनों में 6 हिंदू नागरिकों की हत्या और महिलाओं पर डरावने हमलों की खबरों ने देश की सुरक्षा स्थिति को गंभीर चुनौती बना दिया है। दुकानदार से लेकर पत्रकार और साधारण नागरिक तक कोई भी सुरक्षित नहीं है।
दुकानदार की बेरहमी से हत्या
नरसिंदी जिले के चारसिंदूर बाजार में 40 वर्षीय हिंदू दुकानदार शरत चक्रवर्ती मणि अपनी किराना दुकान चला रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियारों से उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मणि को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। शरत कुछ साल पहले दक्षिण कोरिया से लौटे थे और स्थानीय समुदाय में सम्मानित व्यक्ति थे।
पत्रकार की निर्मम हत्या
सिर्फ उसी दिन जशोर जिले के मोनिरामपुर में हिंदू पत्रकार और आइस फैक्ट्री मालिक राणा प्रताप बैरागी को गोली मारकर और गला रेतकर हत्यारों ने मौत के घाट उतारा। हमलावर मौके से फरार हो गए और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
महिला के साथ बर्बरता
3 जनवरी को झेनाइदह जिले में 44 वर्षीय हिंदू विधवा महिला से गैंगरेप किया गया और उसे पेड़ से बांधकर पीटा गया। इस दौरान महिला के परिवार को कमरे में बंद कर दिया गया और पूरे मामले का वीडियो भी बनाया गया।
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया
सामाजिक कार्यकर्ता बप्पादित्य बसु ने कहा कि यह सिलसिला जारी रहा तो बांग्लादेश में हिंदुओं का अस्तित्व खतरे में है। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन रामचंद्र राव ने भी कहा कि हिंदुओं के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है और कांग्रेस व इंडिया ब्लॉक जैसी पार्टियां इस मुद्दे पर चुप हैं। उन्होंने पूरे देश को एकजुट होकर कूटनीतिक दबाव बनाने की जरूरत बताई।
पुलिस जांच जारी
स्थानीय पुलिस ने हत्या और हमलों की जांच शुरू कर दी है। अभी तक कई आरोपियों की तलाश जारी है, लेकिन घटनाओं के पीछे की पूरी साजिश और कारण सामने नहीं आए हैं।
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