INDIA – EU FTA: ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर लगी मुहर; 110% टैक्स घटकर 10%; PM मोदी बोले – गेम चेंजर…

Highlights INDIA – EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का ऐलान हो गया है, जिसे दुनिया में ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह समझौता 140 करोड़ भारतीयों और यूरोप के करोड़ों लोगों के लिए बड़े अवसर लेकर आया है। इसके जरिए दोनों देशों के बीच व्यापार आसान होगा और कई उत्पादों पर टैक्स कम या पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। टैक्स में बड़ी राहत इस डील के बाद यूरोप से आने वाली कारों पर टैक्स 110 प्रतिशत से घटकर धीरे-धीरे 10 प्रतिशत तक लाया जाएगा। यूरोप की शराब और वाइन पर भारी टैक्स 150 प्रतिशत से घटकर 20–30 प्रतिशत तक होगा। पास्ता, चॉकलेट, जैतून का तेल और अन्य खाद्य उत्पाद अब बिना टैक्स भारत में उपलब्ध होंगे। मेडिकल और मशीनरी से जुड़े लगभग सभी उपकरण भी बिना टैरिफ आएंगे। पीएम मोदी का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह डील भारत-EU के रिश्तों का नया अध्याय है। 27 जनवरी को भारत और यूरोप के 27 देशों के साथ FTA साइन किया गया। उन्होंने बताया कि इससे निवेश बढ़ेगा, नई इनोवेशन साझेदारियां बनेंगी और वैश्विक सप्लाई चेन मजबूत होगी। पीएम मोदी ने कहा कि यह सिर्फ व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का रोडमैप है। यह समझौता भारत और यूरोप के बीच आपसी रिश्तों को और मजबूत करेगा और वैश्विक व्यवस्था में सुधार की दिशा भी देगा। READ MORE: भारत दौरे के बाद बदला UAE का रुख, इस्लामाबाद एयरपोर्ट ऑपरेशन से पीछे हटा संयुक्त अरब अमीरात उर्सुला बोली – समझौता इतिहास रचेगा यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस समझौते को इतिहास रचने वाला बताया। उन्होंने पीएम मोदी को बधाई देते हुए कहा, “पीएम मोदी, हमने अब तक का सबसे बड़ा समझौता कर दिखाया। हमने ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ डिलीवर की है।” उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों महाशक्तियों की जीत है और लाखों लोगों के लिए रोजगार और नए अवसर पैदा करेगा। दोनों देशों को होगा फायदा इस समझौते से यूरोप को फायदा होगा क्योंकि प्रीमियम कारों की बिक्री आसान होगी और शराब सस्ती मिलेगी। IT, इंजीनियरिंग और बिजनेस सर्विस कंपनियों को भारत में काम करने के ज्यादा अवसर मिलेंगे। भारत को भी लाभ होगा क्योंकि कपड़े, जूते और लेदर प्रोडक्ट्स पर टैक्स कम या खत्म हो जाएगा। फार्मा और केमिकल सेक्टर का व्यापार हर साल 20–30 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। यूरोप की डिफेंस कंपनियां भारत में फैक्ट्रियां लगा सकती हैं और स्टील, एल्युमिनियम और हाइड्रोजन सेक्टर को भी फायदा मिलेगा। READ MORE: अमेरिका जल्द ही हटा सकता है भारत का 25% टैरिफ, वित्तमंत्री ने कहा – भारत ने रूस से तेल खरीदना कम किया रक्षा और रणनीतिक सहयोग भारत और EU ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा की। दोनों पक्षों ने सप्लाई चेन और भरोसेमंद रक्षा इकोसिस्टम के विकास के अवसरों पर विचार किया। यह डील भारत और यूरोप के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊचाई देगी। आम लोगों को यूरोप से सस्ते उत्पाद मिलेंगे और भारतीय उद्योगों को बड़े बाजार का फायदा मिलेगा। पीएम मोदी और EU लीडर्स के मुताबिक यह समझौता वैश्विक व्यापार और रणनीतिक सहयोग में नए अध्याय की शुरुआत है। READ MORE: UGC के नए 2026 नियमों पर बवाल: सवर्ण छात्रों और शिक्षकों का विरोध, सुप्रीम कोर्ट में मामला, कुमार विश्वास बोले- मैं अभागा…
UGC Controversy: UGC के नए नियमों पर बवाल; सवर्ण छात्रों और शिक्षकों का विरोध, कुमार विश्वास बोले- मैं अभागा…

Highlights UGC Controversy: यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) के 2026 के नए नियमों ने भयंकर विवाद पैदा कर दिया है। ये नियम कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए हैं और हर संस्थान में इक्विटी कमेटी बनाना अनिवार्य किया गया है। लेकिन सवर्ण छात्रों, शिक्षकों और संगठनों ने इन नियमों का विरोध शुरू कर दिया है। छात्र और सामाजिक नेता दावा कर रहे हैं कि ये नियम सिर्फ SC, ST और OBC छात्रों को सुरक्षा देते हैं और जनरल कैटेगरी के छात्रों के खिलाफ झूठी शिकायतों का रास्ता खोल सकते हैं। मामला अब सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और विश्वविद्यालयों में विरोध लगातार बढ़ रहा है। आखिर क्या है UGC विवाद? नए नियमों के खिलाफ सबसे ज्यादा विरोध सवर्ण यानी जनरल कैटेगरी के छात्रों और संगठनों में है। उनका कहना है कि नियम सिर्फ SC, ST और OBC छात्रों की सुरक्षा करते हैं, जबकि जनरल छात्रों के खिलाफ झूठी शिकायतें हो सकती हैं। इसके चलते कई कॉलेज और यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन और हंगामा शुरू हो गया है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश नए नियम सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनाए गए हैं। 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों के बाद कोर्ट ने UGC को पुराने नियम सुधारने और भेदभाव रोकने के लिए कदम उठाने को कहा था। UGC ने कोर्ट में रिपोर्ट दी, जिसमें दिखाया गया कि 2017-18 में 173 और 2023-24 में 378 जातिगत भेदभाव की शिकायतें आई, यानी इस तरह के मामलों में 5 साल में 118% वृद्धि हुई है। READ MORE: उत्तर भारत में मौसम का कहर: दिल्ली-एनसीआर में बारिश, हिमाचल-जेपीके में भारी बर्फबारी, यलो अलर्ट जारी कुमार विश्वास की प्रतिक्रिया कवि कुमार विश्वास ने UGC के नए नियमों पर अपने सोशल मीडिया पोस्ट में विरोध जताया। उन्होंने लिखा, “मैं अभागा सवर्ण हूं” और साथ में #UGCRollBack का इस्तेमाल किया। अपने पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि नियम सवर्ण छात्रों के लिए चिंताजनक हैं और उन्हें गलत तरीके से फंसाने का डर है। छात्रों ने आंदोलन की चेतावनी छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर UGC नियम वापस नहीं लेता, तो सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा। मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। READ MORE: बैंक कर्मचारी हड़ताल: 5-दिन का बैंकिंग हफ्ता लागू करने की मांग, 7 हजार से ज्यादा शाखाएं आज बंद
Weather Today: उत्तर भारत में मौसम का कहर; दिल्ली-में बारिश, हिमाचल में भारी बर्फबारी, यलो अलर्ट जारी

Highlights Weather Today: उत्तर-पश्चिम भारत में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बारिश, आंधी और बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। कई राज्यों में ठंड और बढ़ने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश का अलर्ट दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार सुबह कोहरा और धुंध के साथ हुई। इसके बाद तेज ठंडी हवाएं चलने लगी। IMD ने 27 जनवरी के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। हल्की से मध्यम बारिश दिनभर जारी रह सकती है। तापमान में गिरावट आई है और विजिबिलिटी कम होने से यातायात प्रभावित हुआ। बारिश के बावजूद दिल्ली का AQI फिर खराब श्रेणी में पहुंच गया है। मंगलवार सुबह औसत AQI 281 दर्ज किया गया। आनंद विहार, अलीपुर और अशोक विहार जैसे इलाकों में AQI 340 से ऊपर रहा। READ MORE: भारत दौरे के बाद बदला UAE का रुख, इस्लामाबाद एयरपोर्ट ऑपरेशन से पीछे हटा संयुक्त अरब अमीरात मध्य प्रदेश के 28 जिलों में अलर्ट मध्य प्रदेश में भोपाल, ग्वालियर समेत 28 जिलों में आज और कल बारिश की चेतावनी है। बारिश के चलते तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है और कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे जा सकता है। यूपी और राजस्थान का हाल उत्तर प्रदेश के 14 जिलों में बारिश के साथ ओले गिरने की चेतावनी है, जबकि 50 जिलों में तेज हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान के जयपुर में सुबह धूल भरी आंधी के साथ बारिश हुई। पहाड़ों में बर्फबारी से बढ़ी मुश्किलें हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी जारी है। कई नेशनल हाईवे बंद हैं और पर्यटक फंसे हुए हैं। श्रीनगर में आज सभी फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं। गुलमर्ग में तापमान माइनस 9 डिग्री तक पहुंच गया है। आगे कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार 30 जनवरी को उत्तर-पश्चिम भारत में नया सिस्टम एक्टिव होगा। फरवरी की शुरुआत में भी बारिश और ठंड का असर बना रह सकता है। READ MORE: 20 साल बाद ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर मुहर; जानिए क्या बदलेगा?
Bank Employee Strike: 5-दिन वर्किंग डे लागू करने की मांग को लेकर बैंक कर्माचारियों की हड़ताल

Highlights Bank Employee Strike: पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर देशभर के 8 लाख से ज्यादा बैंक कर्मचारी आज हड़ताल पर है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर हुई इस हड़ताल का असर मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में रहेगा। हजारों बैंक शाखाएं बंद मध्य प्रदेश में करीब 40 हजार बैंक कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। प्रदेशभर में 7 हजार से अधिक शाखाएं बंद रही। इससे नकद लेन-देन, चेक क्लीयरेंस और पासबुक सेवाएं प्रभावित रहेगी। हालांकि, एटीएम, यूपीआई और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं सामान्य होगी। READ MORE: भारत दौरे के बाद बदला UAE का रुख, इस्लामाबाद एयरपोर्ट ऑपरेशन से पीछे हटा संयुक्त अरब अमीरात सरकारी बैंकों ने भी लिया हिस्सा हड़ताल में SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूको बैंक, यूनियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र जैसी सरकारी क्षेत्र की 12 बड़ी बैंकें शामिल है। कर्मचारियों की मांग बैंक यूनियनों का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू होने से कर्मचारियों के कार्य-जीवन संतुलन में सुधार होगा और सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी। आम ग्राहकों को आज बैंकिंग सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ा। READ MORE: INDIA-EU FTA: 20 साल बाद ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर मुहर; जानिए क्या बदलेगा?
INDIA-EU FTA: 20 साल बाद ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर मुहर; जानिए क्या बदलेगा?

Highlights INDIA-EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से चल रही मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। करीब 20 साल बाद इस डील को लेकर औपचारिक ऐलान होने की उम्मीद है। गणतंत्र दिवस के मौके पर EU प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन की भारत यात्रा ने इसे और अहम बना दिया है। मोदी–वॉन डेर लेयेन शिखर बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और EU नेतृत्व के बीच आज अहम बैठक होगी। इसमें व्यापार के साथ-साथ रणनीतिक साझेदारी, निवेश और पेशेवरों की आवाजाही पर सहमति बनने की संभावना है। वाणिज्य सचिव (Commerce Secretary) ने पुष्टि की है कि बातचीत पूरी हो चुकी है और लीगल स्क्रबिंग चल रही है। क्यों खास है ये डील? EU भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों के बीच व्यापार 136.53 अरब डॉलर रहा। यह समझौता ऐसे समय आ रहा है, जब अमेरिका के टैरिफ से भारतीय निर्यात दबाव में है। EU तक आसान पहुंच भारत के लिए बड़ा विकल्प बनेगी। READ MORE: गोल्डन डोम प्रोजेक्ट पर नाराज ट्रम्प की चेतावनी; कहा – चीन 1 साल में कनाडा को निगल जाएगा भारतीय निर्यातकों को फायदा FTA से कपड़ा, चमड़ा, जूते, रत्न-आभूषण, फार्मा और केमिकल सेक्टर को सबसे ज्यादा लाभ होगा। EU में इन पर लगने वाला 10–12% शुल्क घट सकता है या खत्म हो सकता है। इससे भारतीय उत्पाद बांग्लादेश और पाकिस्तान के बराबर प्रतिस्पर्धी बनेंगे। सेवाएं और प्रोफेशनल्स आईटी, इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए आसान वीजा और काम के मौके बढ़ सकते हैं। इससे अमेरिका पर निर्भरता कम होगी। READ MORE: अमेरिका जल्द ही हटा सकता है भारत का 25% टैरिफ, वित्तमंत्री ने कहा – भारत ने रूस से तेल खरीदना कम किया यूरोप को क्या मिलेगा? EU को भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजार तक पहुंच मिलेगी। ऑटोमोबाइल, मशीनरी, वाइन-स्पिरिट्स और निवेश के लिए बेहतर माहौल बनेगा। साथ ही चीन पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी। कृषि-डेयरी सुरक्षित भारत ने अपनी रेड लाइन कायम रखी है। कृषि और डेयरी सेक्टर को इस समझौते से बाहर रखा गया है, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रहें। कब लागू होगा समझौता इस साल साइन होने और 2026 की शुरुआत में लागू होने की उम्मीद है। इसे भारत की NDA सरकार का आठवां बड़ा व्यापार समझौता माना जा रहा है। READ MORE: भारत दौरे के बाद बदला UAE का रुख, इस्लामाबाद एयरपोर्ट ऑपरेशन से पीछे हटा संयुक्त अरब अमीरात
UAE: भारत दौरे के बाद बदला UAE का रुख, इस्लामाबाद एयरपोर्ट ऑपरेशन से पीछे हटा संयुक्त अरब अमीरात

Highlights UAE: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन से जुड़ी योजना से खुद को अलग कर लिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने हाल ही में भारत का संक्षिप्त दौरा किया था। क्या थी एयरपोर्ट डील? इस्लामाबाद एयरपोर्ट के संचालन को लेकर UAE और पाकिस्तान के बीच अगस्त 2025 से बातचीत चल रही थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अबू धाबी इस एयरपोर्ट के ऑपरेशन में रुचि दिखा रहा था, लेकिन अब उसने इस योजना से हाथ खींच लिया है। डील क्यों टूटी? पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, UAE को इस प्रोजेक्ट में कोई मजबूत स्थानीय पार्टनर नहीं मिला। इसके अलावा पाकिस्तान में सुरक्षा, प्रबंधन और आर्थिक अनिश्चितता भी बड़ी वजह मानी जा रही है। हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया आधिकारिक तौर पर इसे राजनीतिक फैसला नहीं बता रहा। READ MORE: कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस की भव्य परेड; सिंदूर फॉर्मेशन में फ्लाई-पास्ट, 30 झांकियां और 2500 कलाकारों ने दिखाई भारत की शक्ति और संस्कृति पाकिस्तान सरकार की सफाई पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि UAE के साथ एयरपोर्ट को लीज पर देने या चलाने की कोई पक्की डील कभी हुई ही नहीं थी। सरकार के मुताबिक, अब इस्लामाबाद एयरपोर्ट को ओपन और प्रतिस्पर्धी बिडिंग के जरिए निजी हाथों में दिया जाएगा। खाड़ी देशों की बदलती राजनीति यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब सऊदी अरब और UAE के बीच भी मतभेद सामने आ रहे हैं। पाकिस्तान जहां सऊदी अरब और तुर्की के साथ रिश्ते मजबूत कर रहा है, वहीं UAE भारत के साथ रक्षा और रणनीतिक साझेदारी बढ़ा रहा है। भारत-UAE रिश्तों में मजबूती भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति नाहयान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच ट्रेड, डिफेंस समेत 9 अहम समझौते हुए। इसके बाद UAE ने 900 भारतीय कैदियों की रिहाई को भी मंजूरी दी। इस्लामाबाद एयरपोर्ट की अहमियत इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पाकिस्तान का सबसे बड़ा और आधुनिक एयरपोर्ट है। इसका संचालन 2018 में शुरू हुआ था और यहां से रोजाना 45–50 उड़ानें संचालित होती हैं। READ MORE: शंकराचार्य अपमान विवाद पर बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा, सरकार पर लगाए ब्राह्मण विरोधी होने के आरोप
शंकराचार्य अपमान पर बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा, सरकार पर लगाए ब्राह्मण विरोधी होने के आरोप

Highlights Shankaracharya Controversy: उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा देकर प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह UGC के नए नियम 2026 और प्रयागराज में शंकराचार्य के शिष्यों के साथ हुई कथित बदसलूकी को बताया है। UGC नियमों और शंकराचार्य मामले पर नाराजगी यूजीसी के विरुद्ध इस्तीफे की झड़ी में लगातार नए इस्तीफे…. बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने #UGCRegulations को लेकर अपनी नौकरी से इस्तीफ़ा दिया….2019 बैच के #PCS अफसर हैं अलंकार…#NoUGCRollBack_NoVote pic.twitter.com/xye97gTtlm — ADVOCATE SAHAB (@Adv_RPSingh04) January 26, 2026 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि UGC के नए नियम समाज को बांटने वाले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों से सामान्य वर्ग, खासकर ब्राह्मण समाज, खुद को उपेक्षित और असहाय महसूस कर रहा है। साथ ही प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की चोटी खींचे जाने की घटना से वह बेहद आहत हैं। READ MORE: मध्य प्रदेश के चार ऐसे हीरो, जिन्होंने समाज और संस्कृति में किया कमाल, अब मिला पद्मश्री का गौरव! सरकार पर लगाए गंभीर आरोप अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में विधायक और सांसद “कॉरपोरेट कर्मचारियों” की तरह काम कर रहे हैं और खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं। उन्होंने सरकार को ब्राह्मण विरोधी बताते हुए कहा कि ऐसे फैसलों से देश में आंतरिक तनाव बढ़ सकता है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ इस्तीफा अलंकार अग्निहोत्री के नाम से जुड़ा एक इस्तीफा पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे राज्यपाल और चुनाव आयोग को भेजा गया बताया जा रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कानपुर के मूल निवासी अलंकार अग्निहोत्री ने 2019 में UPPCS क्वालीफाई किया था और पिछले छह साल से सेवा में थे। उनका मोबाइल फोन बंद बताया जा रहा है, जिससे मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। READ MORE: कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस की भव्य परेड; सिंदूर फॉर्मेशन में फ्लाई-पास्ट, 30 झांकियां और 2500 कलाकारों ने दिखाई भारत की शक्ति और संस्कृति
धर्मेद्र को पद्म विभूषण मिलने पर हेमा मालिनी हुई भावुक, कहा- काश यह सम्मान उन्हें पहले…

Highlights Dharmendra Padma Award: भारत सरकार ने फिल्म इंडस्ट्री में उनके असाधारण योगदान के लिए दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित करने की घोषणा की। धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2025 को 89 साल की उम्र में हुआ था। हेमा मालिनी की भावुक प्रतिक्रिया धर्मेंद्र की पत्नी और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर कहा, “बहुत गर्व है कि सरकार ने धरम जी को पद्म विभूषण से सम्मानित किया। हम चाहते थे कि यह सम्मान उन्हें हमारे साथ रहते मिले, लेकिन फिर भी हम खुश हैं। वह इसके पूरी तरह हकदार थे।” उन्होंने आगे कहा कि धर्मेंद्र सिर्फ अभिनेता नहीं बल्कि सच्चे कलाकार थे और उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को बहुत कुछ दिया। READ MORE: मध्य प्रदेश के चार ऐसे हीरो, जिन्होंने समाज और संस्कृति में किया कमाल, अब मिला पद्मश्री का गौरव! बेटी ईशा देओल की खुशी बेटी ईशा देओल ने भी सोशल मीडिया पर खुशी जताई और लिखा कि पापा को पद्म विभूषण मिलना गर्व की बात है। उन्होंने साथ ही भाई सनी देओल की फिल्म बॉर्डर 2 की तारीफ की। इस अवसर पर सनी, ईशा और अहाना देओल पहली बार लंबे समय बाद सार्वजनिक रूप से एक साथ नजर आए। धर्मेंद्र और हेमा की हिट जोड़ी धर्मेंद्र को 70 के दशक में स्टारडम मिला और वह उस समय हेमा मालिनी के साथ कई हिट फिल्मों में नजर आए। उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। इन फिल्मों में सीता और गीता, शोले, जुगनू, राजा जानी, पत्थर के फूल, चाचा भतीजा जैसी हिट फिल्में शामिल हैं। READ MORE: कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस की भव्य परेड; सिंदूर फॉर्मेशन में फ्लाई-पास्ट, 30 झांकियां और 2500 कलाकारों ने दिखाई भारत की शक्ति और संस्कृति
कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस की भव्य परेड; सिंदूर फॉर्मेशन में फ्लाई-पास्ट, 30 झांकियां और 2500 कलाकारों ने दिखाई भारत की शक्ति और संस्कृति

Highlights देश ने आज 77वां गणतंत्र दिवस बड़े धूमधाम से मनाया। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर मुख्य परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरंगा फहराया। राष्ट्रगान और 21 तोपों की सलामी के बाद देशभर की सेनाओं और कलाकारों ने अपनी ताकत और संस्कृति का शानदार प्रदर्शन किया। विदेशी मेहमानों की मौजूदगी इस साल परेड में पहली बार दो मुख्य अतिथि शामिल हुए: यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री भी समारोह में मौजूद रहे। READ MORE: भोपाल में राज्य स्तरीय समारोह, राज्यपाल ने फहराया तिरंगा, CM यादव ने उज्जैन में किया ध्वजारोहण; परेड और झांकियों में दिखा MP का विकास मॉडल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन परेड में भारतीय वायु सेना के 29 एयरक्राफ्ट शामिल थे, जिनमें राफेल, सुखोई, मिग-29 और जगुआर शामिल थे। विमानों ने सिंदूर, वज्रांग और अर्जन फॉर्मेशन प्रस्तुत किए। पहली बार हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल और ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर भी प्रदर्शित किया गया। झांकियों में संस्कृति और विकास परेड में 30 से अधिक झांकियां दिखाई गई। सांस्कृतिक प्रदर्शन परेड में 2,500 कलाकार और एयरफोर्स के फ्लाई-पास्ट ने दर्शकों को रोमांचित किया। विशेष प्रस्तुतियों में वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का संदेश, राज्य की विविध संस्कृति और शौर्य का चित्रण किया गया। वीरों को सलामी On the occasion of Republic Day 2026, President Droupadi Murmu confers India’s highest peacetime gallantry award, the Ashok Chakra, upon Group Captain Shubhanshu Shukla, who made history as the first Indian to set foot on the International Space Station. Group Captain Shukla has… pic.twitter.com/2jRraeYFja — President of India (@rashtrapatibhvn) January 26, 2026 सर्वोच्च वीरता पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति ने परेड की सलामी ली और परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार ने कमान संभाली। READ MORE: मध्य प्रदेश के चार ऐसे हीरो, जिन्होंने समाज और संस्कृति में किया कमाल, अब मिला पद्मश्री का गौरव!
Padma Awards 2026: MP के चार ऐसे हीरो, जिन्होंने समाज और संस्कृति में किया कमाल, अब मिला पद्मश्री का गौरव!

Highlights Padma Awards 2026: भारत सरकार ने 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस साल कुल 131 लोगों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री सम्मान मिलेगा। इसमें मध्य प्रदेश के चार महान हस्तियों को उनके समाज, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री से नवाजा गया है। कैलाश चंद्र पंत: साहित्य और शिक्षा में योगदान 90 वर्षीय कैलाश चंद्र पंत को हिंदी साहित्य, शिक्षा और पत्रकारिता में उनके लंबे योगदान के लिए सम्मानित किया गया। पंत जी ने पत्रिकाओं के माध्यम से समाज और संस्कृति को जोड़ते हुए वैचारिक पत्रकारिता को नया आयाम दिया। बचपन में संघ से जुड़े पंत ने 13 साल की उम्र में सत्याग्रह में भाग लिया और गिरफ्तारी भी दी थी। READ MORE: कर्तव्य पथ में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम पर ऐतिहासिक परेड; सिंदूर फॉर्मेशन में फ्लाई-पास्ट, 30 झांकियां और 2500 कलाकार दिखाएंगे नए भारत की ताकत मोहन नागर: जल संरक्षण और समाज सेवा मोहन नागर (जन्म 1968) आदिवासी और जनजातीय क्षेत्रों में जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के लिए जाने जाते हैं। उन्हें “जल पुरुष” के नाम से भी जाना जाता है। वर्तमान में वे मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष हैं और समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। भगवानदास रैकवार: पारंपरिक मार्शल आर्ट के संरक्षक भगवानदास रैकवार (जन्म 1944) ने सागर में अखाड़ा संस्कृति और पारंपरिक युद्ध कलाओं को जीवित रखा। उन्होंने लाठी, तलवार, भाला जैसी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुचाया और समाज के लिए जीवनभर निस्वार्थ भाव से काम किया। नारायण व्यास: पुरातात्विक धरोहरों के रक्षक नारायण व्यास ने उज्जैन और मालवा क्षेत्र की पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में योगदान दिया। उनका मानना है कि नई पीढ़ी देश की धरोहरों को जाने और संरक्षित करे। READ MORE: भोपाल में राज्य स्तरीय समारोह, राज्यपाल ने फहराया तिरंगा, CM यादव ने उज्जैन में किया ध्वजारोहण; परेड और झांकियों में दिखा MP का विकास मॉडल