बड़ी सरकारी अस्पताल के ICU में चूहों का आतंक; मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड़

Jabalpur News: मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल जिला अस्पताल विक्टोरिया एक बार फिर बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में पहुंच गया है। अस्पताल के आईसीयू वार्ड में चूहों के खुलेआम घूमने और मरीजों के बेड के आसपास आतंक मचाने का मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि आईसीयू में भर्ती एक मरीज के परिजनों ने चूहों को बेड के पास दौड़ते हुए देखा, जिसके बाद उन्होंने इस पूरी स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह चूहे मरीजों के आसपास बेखौफ घूम रहे हैं, जबकि आईसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड में संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा होता है। READ MORE: IHM भोपाल ने बनाया भारत का सबसे लंबा सैंडविच, 100% जीरो-वेस्ट मॉडल से रचा रिकॉर्ड ICU वार्ड में चूहों की मौजूदगी ने अस्पताल की सफाई व्यवस्था और संक्रमण नियंत्रण प्रणाली की पोल खोलकर रख दी है। जिस जगह गंभीर मरीजों का इलाज होता है, वहां इस तरह की लापरवाही सीधे तौर पर मरीजों की जान को खतरे में डाल रही है। यह मामला इसलिए भी ज्यादा गंभीर हो जाता है क्योंकि हाल ही में जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों को चूहों द्वारा कुतरे जाने का मामला भी सामने आ चुका है। बावजूद इसके, स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाना अब सवालों के घेरे में है। इस पूरे मामले का वीडियो समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव ने जारी किया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है। READ MORE: सागर में कथित लव जिहाद का मामला; प्रेम प्रसंग के विरोध पर दलित परिवार को किया आग के हवाले, दो की मौत
सागर में कथित लव जिहाद का मामला; प्रेम प्रसंग के विरोध पर दलित परिवार को किया आग के हवाले, दो की मौत

सागर जिले के नरयावली थाना क्षेत्र के चंदामऊ गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। 5 दिसंबर को एक दलित परिवार के कच्चे मकान में आग लग गई, जिसमें झुलसने से दो युवकों की मौत हो गई, जबकि परिवार की एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई है। घायल युवती का इलाज जारी है। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी को एक युवक प्रेम प्रसंग को लेकर परेशान कर रहा था। इसका विरोध करने पर घर में आग लगाई गई। परिजनों ने इस मामले में समुदाय विशेष के एक युवक पर आरोप लगाए हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बताया गया है कि परिवार में चार बच्चे थे, जिनमें से दो बेटों की इस हादसे में मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के कारणों और लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है। सागर के चंदामऊ गांव में कच्चे मकान में आग लगने से दो युवकों की मौत और एक युवती गंभीर घायल। परिजनों ने प्रेम प्रसंग के विरोध पर आग लगाने का आरोप लगाया, पुलिस जांच जारी। READ MORE: भोपाल बना ‘अर्बन जंगल’: शहर के आसपास 30 टाइगर्स, तेंदुओं की संख्या तीन गुना बढ़ी
Ujjain News: उज्जैन में दरगाह परिसर में हनुमान चालीसा पाठ को लेकर भड़का विवाद, वीडियो वायरल

Ujjain News: शहर की प्रसिद्ध मौलाना मौज की दरगाह पर हनुमान चालीसा के पाठ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो हनुमान अष्टमी के दिन का है, जब दरगाह परिसर में कव्वाली कार्यक्रम के समापन के बाद कुछ हिंदूवादी युवकों द्वारा हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस घटना के बाद दरगाह कमेटी ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य बताया है। जानकारी के अनुसार, मौलाना मौज की दरगाह पर पहले से कव्वाली का आयोजन किया गया था जिसके बाद कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कुछ युवकों ने वहां हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। वीडियो वायरल होते ही मामला चर्चा में आ गया और दोनों समुदायों के बीच तनाव की स्थिति बनने लगी। READ MORE: भोपाल बना ‘अर्बन जंगल’: शहर के आसपास 30 टाइगर्स, तेंदुओं की संख्या तीन गुना बढ़ी दरगाह कमेटी के उपाध्यक्ष ने इस पूरे मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि दरगाह परिसर में बिना अनुमति के हनुमान चालीसा का पाठ किया गया, जो नियमों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित लोगों ने केवल चादर पेश करने की अनुमति ली थी, लेकिन उसकी आड़ में धार्मिक पाठ किया गया, जिसकी किसी प्रकार की अनुमति नहीं थी। उपाध्यक्ष का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है और धार्मिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा पैदा होता है। कमेटी ने प्रशासन से इस मामले में संज्ञान लेने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। वहीं, पुलिस और प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो। फिलहाल, वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, तो वहीं कई लोग इसे उकसावे की कार्रवाई बता रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। READ MORE: एनेस्थीसिया के हाई डोज से कार्डियक अरेस्ट, MRI में ब्रेन डैमेज की पुष्टि; हाई लेवल जांच शुरू
भोपाल बना ‘अर्बन जंगल’: शहर के आसपास 30 टाइगर्स, तेंदुओं की संख्या तीन गुना बढ़ी

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल अब सिर्फ इंसानों के रहने के लिए ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों के लिए भी सबसे सुरक्षित शहरों में शुमार होने लगी है। ताजा वन्यजीव गणना में सामने आए आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि भोपाल तेजी से एक अर्बन वाइल्डलाइफ हब बन रहा है। शहर और उसके आसपास के जंगलों में बाघों की संख्या 18 से बढ़कर 30 हो गई है, जबकि तेंदुओं की आबादी करीब तीन गुना बढ़कर लगभग 40 तक पहुंचने का अनुमान है। भोपाल देश का इकलौता ऐसा शहर बनता जा रहा है, जहां शहरी सीमा से सटे जंगलों में बाघ, तेंदुआ, भालू और नीलगाय की स्थायी मौजूदगी देखी जा रही है। इसके साथ ही बड़े तालाब, कलियासोत, केरवा और कोलार डैम जैसे जलाशयों में मगरमच्छ और घड़ियालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। READ MORE: एनेस्थीसिया के हाई डोज से कार्डियक अरेस्ट, MRI में ब्रेन डैमेज की पुष्टि; हाई लेवल जांच शुरू वन विभाग द्वारा यह गणना पूरी तरह साइंटिफिक मेथड से की गई। भोपाल के आसपास के जंगलों में 450 से ज्यादा हाई-रेजोल्यूशन कैमरा ट्रैप लगाए गए, जिनसे दिन-रात वन्यजीवों की गतिविधियों की निगरानी की गई। इसके साथ ही पगमार्क, स्कैट, पेड़ों पर खरोंच और फील्ड साइट निरीक्षण के जरिए फिजिकल वेरिफिकेशन किया गया। अधिकारियों के मुताबिक बाघों से जुड़े 90 प्रतिशत से अधिक आंकड़े कैमरा ट्रैप और ग्राउंड वेरिफिकेशन में मेल खाते हैं, जिससे गणना की विश्वसनीयता और मजबूत होती है। सूत्रों के मुताबिक तेंदुओं की संख्या में हुई तेज बढ़ोतरी वन्यजीव विशेषज्ञों के लिए भी हैरान करने वाली है। विशेषज्ञों के मुताबिक बेहतर होता जंगल कवर, जलस्रोतों की उपलब्धता और शिकार प्रजातियों की संख्या में बढ़ोतरी के चलते बड़े मांसाहारी जानवर भोपाल के आसपास के जंगलों में टिके हुए हैं। वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट अजय दुबे का कहना है कि यह वृद्धि संरक्षण प्रयासों की सफलता है, लेकिन इसके साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा भी बढ़ रहा है। ग्रामीण इलाकों और शहर से सटे क्षेत्रों में अब पहले से ज्यादा सतर्कता और वैज्ञानिक प्रबंधन जरूरी हो गया है। भोपाल के आसपास बाघों और तेंदुओं की बढ़ती मौजूदगी जहां पर्यावरण के लिहाज से सकारात्मक संकेत है, वहीं यह वन विभाग और नागरिकों के लिए एक बड़ी चुनौती भी है। पहले भी वन्यजीवों के शिकार, सड़क दुर्घटनाओं और इंसानों से टकराव की घटनाएं सामने आती रही हैं। मगर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वन्यजीव कॉरिडोर की सुरक्षा, जन-जागरूकता और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत नहीं किया गया, तो सहअस्तित्व पर असर पड़ सकता है। आज भोपाल का जंगल सिर्फ हरियाली नहीं, बल्कि एक जीवंत अर्बन वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बन चुका है जहां इंसान और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी जरूरत है। READ MORE: Bondi Beach Shooting: पाक के आतंकियों ने सिडनी में त्यौहार मना रहे यहूदियों पर किया हमला; 16 की मौत
Bondi Beach Shooting: पाक के आतंकियों ने सिडनी में त्यौहार मना रहे यहूदियों पर किया हमला; 16 की मौत

Bondi Beach Shooting: सिडनी, ऑस्ट्रेलिया – बॉन्डी बीच पर रविवार को हनुक्का त्योहार मनाने वाले यहूदियों पर दो हथियारबंद हमलावरों ने गोलियां चलाई। इस हमले में 12 से 16 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए। मरने वालों में एक बच्चा और एक इजराइली नागरिक भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि 50 वर्षीय पिता की मौके पर ही मौत हो गई और उसका 24 वर्षीय बेटा गंभीर हालत में हिरासत में है। हमलावरों के पास छह लाइसेंसधारी बंदूकें और दो विस्फोटक उपकरण पाए गए। पुलिस को इस बात का शक है दोनो हमलावर पाकिस्तान मूल के है। READ MORE: US: अमेरिकी संसद में दिखाई मोदी-पुतिन की कार वाली सेल्फी; ट्रंप की नीतियों पर डेमोक्रेट ने खड़े किए सवाल ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने इसे “आतंकवादी हमला” करार दिया। पुलिस ने कहा कि हमला यहूदी समुदाय को लक्षित कर किया गया। हमले के समय बॉन्डी बीच पर सैकड़ों लोग कार्यक्रम में शामिल थे। कई लोगों ने गोलियों की तेज आवाज सुनी और अफरा-तफरी मची। एक राहगीर ने एक हमलावर को पकड़ कर बंदूक छीन ली। ऑस्ट्रेलिया और दुनिया भर में इस घटना से शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस जांच जारी है और लोगों से सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है। फिलहाल पूरे इलाके में हाई अलर्ट है। READ MORE: एनेस्थीसिया के हाई डोज से कार्डियक अरेस्ट, MRI में ब्रेन डैमेज की पुष्टि; HOD हटाए गए; हाई लेवल जांच शुरू
गुना में जीजा ने शराब पिलाकर साले हत्या की, शव को कुएं में लगाया ठिकाने

गुना जिले में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां जीजा ने अपने ही साले की हत्या कर दी। आरोपी का नाम विजय अहिरवार (33) है और मृतक देवेंद्र अहिरवार (26) हैं। घटना 14 नवंबर की है। देवेंद्र अपनी पत्नी भुरिया बाई (जो पिछले दो महीने से मायके में थी) को लेने ससुराल बजरंगगढ़ पहुंचे थे। पत्नी साथ जाने के लिए राजी नहीं थी। इसी दौरान देवेंद्र और उसके ससुराल के बीच बहस हुई। पुलिस जांच में पता चला कि देवेंद्र अपनी पत्नी को परेशान करता था। इसी वजह से आरोपी विजय और देवेंद्र के बीच विवाद हुआ। READ MORE: प्रशासन ने नहीं कि सुनवाई तो जनता ने खुद हटाया भाईजान का अतिक्रमण पुलिस के अनुसार, विवाद के दौरान विजय ने देवेंद्र को शराब पिलाई और फिर गुस्से में सिर पर पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को छुपाने के लिए कुएं में फेंक दिया। 16 नवंबर की सुबह मरघट शाला के पास कुएं में मृतक का शव मिला। पोस्टमार्टम में सिर में गंभीर चोट की पुष्टि हुई। परिजन पहले ही देवेंद्र की हत्या की आशंका जता चुके थे। उनके भाई ने बताया कि 15 नवंबर को फोन न मिलने पर भाभी से संपर्क किया गया, तब पता चला कि देवेंद्र रात 10 बजे से लापता था। पुलिस ने आरोपी विजय अहिरवार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। मुखबिर की सूचना पर विजय को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए भागने की फिराक में था। READ MORE: AIIMS Bhopal Doctor Case: एनेस्थीसिया के हाई डोज से कार्डियक अरेस्ट, MRI में ब्रेन डैमेज की पुष्टि; हाई लेवल जांच शुरू
AIIMS Bhopal Doctor Case: एनेस्थीसिया के हाई डोज से कार्डियक अरेस्ट, MRI में ब्रेन डैमेज की पुष्टि; हाई लेवल जांच शुरू

AIIMS Bhopal Doctor Case: भोपाल एम्स की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा का मामला अब सिर्फ आत्महत्या की कोशिश तक सीमित नहीं रहा है। इस घटना ने सरकारी मेडिकल संस्थानों में काम के दबाव, मानसिक स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एम्स से मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. रश्मि ने एनेस्थीसिया की दवा का हाई डोज खुद को इंजेक्ट किया था। दवा का असर इतना तेज था कि उनका दिल करीब 7 मिनट तक नहीं धड़का। इस दौरान दिमाग को ऑक्सीजन नहीं मिल सकी, जिससे गंभीर ब्रेन डैमेज हुआ। MRI रिपोर्ट में गंभीर ब्रेन डैमेज की पुष्टि घटना के 72 घंटे बाद कराई गई MRI रिपोर्ट में डॉक्टरों ने ग्लोबल हाइपोक्सिया ब्रेन की पुष्टि की है। इसका मतलब है कि पूरे मस्तिष्क को लंबे समय तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिली। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति बेहद गंभीर होती है और इसमें पूरी तरह ठीक होने की संभावना अनिश्चित रहती है। फिलहाल डॉ. रश्मि वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं और डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार नजर रखे हुए हैं। READ MORE: सीएम मोहन यादव का वाराणसी–जौनपुर दौरा, काशी विश्वनाथ के करेंगें दर्शन; जाने पूरा शेड्यूल IV लाइन लगवाकर गई थी घर सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि डॉ. रश्मि अस्पताल से केनुला (IV लाइन) लगवाकर घर गई थी। इसी IV लाइन के जरिए उन्होंने एनेस्थीसिया का हाई डोज लिया, जिससे दवा सीधे नसों में पहुंच गई। जब उनके पति उन्हें एम्स लेकर पहुंचे, तब तक उन्हें कार्डियक अरेस्ट आ चुका था। इमरजेंसी में तीन बार CPR देने के बाद लगभग 7 मिनट में हार्टबीट वापस आई, लेकिन तब तक दिमाग को भारी नुकसान हो चुका था। आपात बैठक, बड़े प्रशासनिक फैसले मामले की गंभीरता को देखते हुए रविवार को, छुट्टी के दिन, एम्स प्रबंधन और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की आपात बैठक हुई। बैठक के बाद कई बड़े फैसले लिए गए – सूत्रों के अनुसार, इसी विभाग में पहले भी एक महिला डॉक्टर ने HOD के खिलाफ शिकायत की थी, जिसकी जांच अब नई कमेटी करेगी। READ MORE: प्रशासन ने नहीं कि सुनवाई तो जनता ने खुद हटाया भाईजान का अतिक्रमण
प्रशासन ने नहीं कि सुनवाई तो जनता ने खुद हटाया भाईजान का अतिक्रमण; देखे वीडियो

रायसेन जिले के औद्योगिक नगर मंडीदीप में प्रशासन की लापरवाही के चलते रविवार को जनता को खुद मैदान में उतरना पड़ा। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 20 मोजमपुरा में खेड़ापति मंदिर के पास वन भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर हटा दिया। यह अतिक्रमण कबाड़ के अवैध कारोबार के लिए किया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मामले को लेकर नगर पालिका और प्रशासन को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की अनदेखी से नाराज होकर रविवार सुबह बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंचे और बिना किसी सरकारी अमले की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की शुरुआत कर दी। READ MORE: MP में ठंड का कहर; 14 जिलों में घना कोहरा, विजिबिलिटी 50 मीटर तक गिरी कुछ ही समय में पूरा कबाड़ हटाकर जगह को साफ कर दिया गया। इस कार्रवाई में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जो चर्चा का विषय बनी रही। महिलाओं ने बताया कि खेड़ापति मंदिर परिसर में जल्द ही भागवत कथा का आयोजन होना है, इसलिए मंदिर की पवित्रता और साफ-सफाई जरूरी थी। अतिक्रमण हटाते समय लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन कार्रवाई करता, तो जनता को कानून अपने हाथ में नहीं लेना पड़ता। स्थानीय नागरिकों का यह कदम प्रशासन के लिए चेतावनी माना जा रहा है कि यदि जनसमस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो लोग मजबूर होकर खुद समाधान करेंगे। READ MORE: सीएम मोहन यादव का वाराणसी–जौनपुर दौरा, काशी विश्वनाथ के करेंगें दर्शन; जाने पूरा शेड्यूल
सीएम मोहन यादव का वाराणसी-जौनपुर दौरा, काशी विश्वनाथ के करेंगें दर्शन; जाने पूरा शेड्यूल

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार देर रात वाराणसी पहुंचे। वाराणसी एयरपोर्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूलों के गुलदस्ते देकर उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री शहर के एक होटल में विश्राम के लिए रवाना हुए। सोमवार सुबह 10:30 बजे सीएम मोहन यादव श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे। दर्शन के बाद वे कुछ स्थानीय भाजपा नेताओं से मुलाकात करेंगे। इसके बाद 11:15 बजे वे वाराणसी स्थित कृपा मेमोरियल अस्पताल का दौरा करेंगे। दोपहर में मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से जौनपुर के लिए रवाना होंगे। लगभग 2:30 बजे वे जौनपुर जिले के ग्राम भकुरा पहुंचेंगे। यहां उत्तर प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव के दिवंगत पिता स्व. सवधू यादव की त्रयोदशी कार्यक्रम में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री करीब 50 मिनट तक राज्यमंत्री के आवास पर रुकेंगे। READ MORE: भाजपा का बड़ा संगठनात्मक फैसला; नितिन नबीन बने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष कार्यक्रम के बाद सीएम मोहन यादव वाराणसी लौटेंगे और दोपहर 1:30 से 2:45 बजे के बीच स्टेट हैंगर, भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे। शाम 7:00 बजे वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्वालियर में तानसेन संगीत समारोह 2025 का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद 7:30 बजे विधानसभा के विशेष सत्र की तैयारियों को लेकर बैठक में शामिल होंगे। गौरतलब है कि भाजपा संगठन में हालिया बदलावों के बीच मुख्यमंत्री का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। प्रशासन ने मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सभी आवश्यक सुरक्षा और व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। READ MORE: MP में ठंड का कहर; 14 जिलों में घना कोहरा, विजिबिलिटी 50 मीटर तक गिरी
MP Weather Today: MP में ठंड का कहर; 14 जिलों में घना कोहरा, विजिबिलिटी 50 मीटर तक गिरी

MP Weather Today: मध्यप्रदेश में ठंड के साथ अब घने कोहरे ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सोमवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में सीजन का पहला घना कोहरा देखने को मिला। खासकर ग्वालियर-चंबल अंचल में विजिबिलिटी बेहद कम रही। मुरैना और रायसेन में भी विजिबिलिटी घटकर करीब 50 मीटर तक सिमट गई, जिससे वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। मौसम विभाग ने प्रदेश के 14 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। READ MORE: आंगनबाड़ी की बदहाली: बच्चों के साथ बकरियां भी खा रही मिड-डे मील प्रदेश में तापमान लगातार नीचे बना हुआ है। पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, यहां पारा 6.4 डिग्री रहा। भोपाल में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री, जबलपुर में 9.4 डिग्री और ग्वालियर-उज्जैन में 9.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकांश शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। हालांकि राहत की बात यह है कि अगले तीन दिनों तक शीतलहर चलने की संभावना नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 17 दिसंबर की रात से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर अगले दो-तीन दिनों में मध्यप्रदेश में दिखेगा। इसके बाद ठंड एक बार फिर बढ़ सकती है। लोगों को सुबह और रात के समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। READ MORE: भाजपा का बड़ा संगठनात्मक फैसला; नितिन नबीन बने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष