MP Tourism: इस साल भगवामय होगा मध्यप्रदेश, धार्मिक कॉरिडोर्स से बनेगा पर्यटन का केंद्र

MP Tourism: इस साल मध्यप्रदेश धार्मिक गतिविधियों और पर्यटन के मामले में पूरी तरह बदलने वाला है। बता दें कि राज्य सरकार ने बड़े धार्मिक महत्व के प्रोजेक्ट्स पर फोकस किया है, जिससे मध्यप्रदेश धार्मिक कॉरिडोर्स के जरिए पूरे देश के लिए एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बन सके। मोहन सरकार का लक्ष्य है कि 2026 तक मां नर्मदा परिक्रमा पथ का विस्तार किया जाए। इसके तहत अनूपपुर में मां नर्मदा लोक का निर्माण होगा और नर्मदा के किनारे 12 अन्य स्थानों पर बड़े धार्मिक प्रोजेक्ट्स पर काम जारी रहेगा। इसके अलावा, राज्य के हर नगरीय निकाय में गीता भवन बनाए जाएंगे, जहां भक्त श्री कृष्ण पाथेय से जुड़ सकेंगे। READ MORE: मोदी और शाह के खिलाफ JNU में नारेबाजी; छात्रों ने उमर-शरजील के समर्थन में किया प्रदर्शन; वीडियो वायरल भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन, श्री कृष्ण एवं सुदामा का मैत्री स्थल स्वर्णगिरी पर्वत के पास ग्राम नारायणा, धार जिले का अमझेरा और रजोभूमि बदनावर, तथा इंदौर के पास जानापाव जैसे महत्वपूर्ण स्थल तीर्थ के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा ओंकारेश्वर में ममलेश्वर लोक, मंदसौर में पशुपति नाथ लोक, उज्जैन में कृष्ण सुदामा और शनि लोक, खरगोन में नवग्रह लोक, देवास में देवी लोक और धार में धारनाथ लोक का निर्माण किया जाएगा। मध्यप्रदेश अब धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से देश का एक नया केंद्र बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। READ MORE: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हत्याओं का सिलसिला जारी; 18 दिन में 6 हिंदू की मौत
JNU Protest: मोदी और शाह के खिलाफ JNU में नारेबाजी; छात्रों ने उमर-शरजील के समर्थन में किया प्रदर्शन; वीडियो वायरल

Highlights JNU Protest: सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न दिए जाने के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में एक समूह ने विरोध प्रदर्शन किया। 5 जनवरी की रात का एक 35 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए जा रहे है। विरोध का कारण बताया जा रहा है कि यह प्रदर्शन जमानत याचिकाएं खारिज होने के विरोध में हुआ। छात्रों ने नारे लगाते हुए सरकार और फैसले पर नाराजगी जताई। वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। READ MORE: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हत्याओं का सिलसिला जारी; 18 दिन में 6 हिंदू की मौत JNUSU का पक्ष JNUSU की अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने कहा कि हर साल 5 जनवरी 2020 को कैंपस में हुई हिंसा की निंदा के लिए छात्र प्रदर्शन करते हैं। उनके अनुसार, लगाए गए नारे वैचारिक थे, किसी व्यक्ति के खिलाफ व्यक्तिगत हमला नहीं थे और किसी को निर्देशित नहीं थे। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नारों को लेकर अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। कांग्रेस नेता की प्रतिक्रिया कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि यह छात्रों के गुस्से को जाहिर करने का तरीका है और सुप्रीम कोर्ट के फैसले से असहमति का प्रदर्शन है। वहीं, बीजेपी विधायक अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि देश में कोई भी सुप्रीम कोर्ट से ऊपर नहीं है और न्याय व्यवस्था का विरोध देश की एकता के लिए ठीक नहीं। भाजपा का पलटवार जेएनयू में छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह अमित शाह के खिलाफ दिए गए बयान पर मंत्री विश्वास सारंग बोले – जो नारे लगे हैं ये निंदनीय भी है और देशद्रोह की श्रेणी में आते है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को गाली देना देश की जनता को गाली देना है। जब राहुल गांधी विदेश दौरे में जाकर हिंदुस्तान के मान सम्मान को ठेस पहुंचाते है तो ऐसी मानसिकता को संरक्षण मिलता है। क्या हुआ था 5 जनवरी को? 5 जनवरी 2020 को JNU परिसर में हिंसा हुई थी, जब नकाबपोश लोगों ने हॉस्टलों में घुसकर छात्रों पर हमला किया था। तब से हर साल इस दिन छात्र घटनाओं की निंदा करते हुए प्रदर्शन करते हैं। वायरल वीडियो READ MORE: कोर्ट में पेश हुए वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो; ड्रग और नार्को-टेररिज्म आरोपों से इनकार, गिरफ्तारी को बताया अपहरण
Bangladeshi Hindu Killings: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हत्याओं का सिलसिला जारी; 18 दिन में 6 हिंदू की मौत

Highlights Bangladeshi Hindu Killings: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले और हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। पिछले 18 दिनों में 6 हिंदू नागरिकों की हत्या और महिलाओं पर डरावने हमलों की खबरों ने देश की सुरक्षा स्थिति को गंभीर चुनौती बना दिया है। दुकानदार से लेकर पत्रकार और साधारण नागरिक तक कोई भी सुरक्षित नहीं है। दुकानदार की बेरहमी से हत्या नरसिंदी जिले के चारसिंदूर बाजार में 40 वर्षीय हिंदू दुकानदार शरत चक्रवर्ती मणि अपनी किराना दुकान चला रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियारों से उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मणि को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। शरत कुछ साल पहले दक्षिण कोरिया से लौटे थे और स्थानीय समुदाय में सम्मानित व्यक्ति थे। READ MORE: कोर्ट में पेश हुए वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो; ड्रग और नार्को-टेररिज्म आरोपों से इनकार, गिरफ्तारी को बताया अपहरण पत्रकार की निर्मम हत्या सिर्फ उसी दिन जशोर जिले के मोनिरामपुर में हिंदू पत्रकार और आइस फैक्ट्री मालिक राणा प्रताप बैरागी को गोली मारकर और गला रेतकर हत्यारों ने मौत के घाट उतारा। हमलावर मौके से फरार हो गए और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। महिला के साथ बर्बरता 3 जनवरी को झेनाइदह जिले में 44 वर्षीय हिंदू विधवा महिला से गैंगरेप किया गया और उसे पेड़ से बांधकर पीटा गया। इस दौरान महिला के परिवार को कमरे में बंद कर दिया गया और पूरे मामले का वीडियो भी बनाया गया। सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया सामाजिक कार्यकर्ता बप्पादित्य बसु ने कहा कि यह सिलसिला जारी रहा तो बांग्लादेश में हिंदुओं का अस्तित्व खतरे में है। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन रामचंद्र राव ने भी कहा कि हिंदुओं के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है और कांग्रेस व इंडिया ब्लॉक जैसी पार्टियां इस मुद्दे पर चुप हैं। उन्होंने पूरे देश को एकजुट होकर कूटनीतिक दबाव बनाने की जरूरत बताई। पुलिस जांच जारी स्थानीय पुलिस ने हत्या और हमलों की जांच शुरू कर दी है। अभी तक कई आरोपियों की तलाश जारी है, लेकिन घटनाओं के पीछे की पूरी साजिश और कारण सामने नहीं आए हैं। READ MORE: एमपी में कोहरे और शीतलहर का कहर: 20 मीटर विजिबिलिटी, 24 जिलों में स्कूल बंद, ट्रेनें घंटों लेट
Nicolas Maduro: कोर्ट में पेश हुए वेनेजुएला के राष्ट्रपति; ड्रग और नार्को-टेररिज्म आरोपों से इनकार, गिरफ्तारी को बताया अपहरण

Highlight Nicolas Maduro: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सोमवार रात न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में पेश किया गया। अदालत में उन्होंने ड्रग्स तस्करी, हथियार रखने और नार्को-टेररिज्म से जुड़े सभी आरोपों से इनकार किया। मादुरो ने कहा कि वह निर्दोष हैं और अब भी वेनेजुएला के वैध राष्ट्रपति हैं। मुझे किडनैप किया गया मादुरो ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताया। उन्होंने अदालत में कहा कि उन्हें जबरन अमेरिका लाया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। उनके वकीलों ने इसे सैन्य अपहरण करार दिया और अमेरिकी अदालत के अधिकार क्षेत्र को चुनौती देने के संकेत दिए। READ MORE: इस देश में IPL प्रसारण पर लगा बैन; जानिए किस कारण से लिया ये फैसला? पत्नी सीलिया फ्लोरेस भी अदालत में मादुरो की पत्नी और वेनेजुएला की प्रथम महिला सीलिया फ्लोरेस भी पेश हुई। उन्होंने खुद को निर्दोष बताया। उनके चेहरे पर चोट के निशान और पट्टी बंधी दिखी। दोनों ने अनुवाद के लिए हेडफोन लगाए हुए थे। क्या हैं आरोप अमेरिकी अभियोजन के मुताबिक, मादुरो और उनके सहयोगियों पर नशा तस्करों और आतंकी गिरोहों के साथ मिलकर अमेरिका में कोकीन पहुंचाने की साजिश का आरोप है। मादुरो पर मशीनगन रखने का आरोप भी लगाया गया है। चार्जशीट में उनके बेटे, गृह मंत्री और गैंग ‘त्रेन दे अरागुआ’ के सरगना का नाम भी शामिल है। कौन लड़ रहे मादुरो का केस? मादुरो की ओर से मशहूर अमेरिकी वकील बैरी जे. पोलक पेश हुए, जिन्होंने पहले जूलियन असांजे के मामले में अहम भूमिका निभाई थी। सीलिया फ्लोरेस का बचाव पूर्व अभियोजक मार्क ई. डोनेली कर रहे हैं। अगली सुनवाई 17 मार्च Tenían que secuestrar a Nicolás Maduro y su esposa para darnos cuenta del verdadero apoyo popular que tiene el chavismo en Venezuela. pic.twitter.com/M6CBk3qAH7 — Mamertos 2.0🍉 (@Mamertos0) January 5, 2026 करीब 30 मिनट चली सुनवाई के बाद अदालत ने अगली तारीख 17 मार्च तय की। बाहर समर्थकों और विरोधियों ने अलग-अलग प्रदर्शन किए। यह मामला अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ रहा है। READ MORE: एमपी में कोहरे और शीतलहर का कहर: 20 मीटर विजिबिलिटी, 24 जिलों में स्कूल बंद, ट्रेनें घंटों लेट
MP Weather Today: MP में कोहरे और शीतलहर का कहर: 20 मीटर विजिबिलिटी, 24 जिलों में स्कूल बंद, ट्रेनें घंटों लेट

MP Weather Today: मध्यप्रदेश इन दिनों भीषण ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। भोपाल, खजुराहो, ग्वालियर समेत कई शहरों में हालात ऐसे हैं कि 20 मीटर दूर देखना भी मुश्किल हो गया है। सुबह के समय सड़कों पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक घना कोहरा और शीतलहर बने रहने की चेतावनी दी है। 24 जिलों में स्कूल बंद तेज ठंड और कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने प्रदेश के 24 जिलों में नर्सरी से 8वीं तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, विदिशा, हरदा सहित कई जिले इसमें शामिल हैं। वहीं राजधानी भोपाल, धार, सागर समेत 7 जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, ताकि बच्चों को सुबह की ठंड से राहत मिल सके। READ MORE: इंदौर में दूषित पानी से 17वीं मौत; सरकारी आदेश में ‘घंटा’ विवाद का जिक्र, देवास के SDM सस्पेंड तापमान 4 डिग्री के करीब ठंड का असर तापमान में साफ दिख रहा है। शहडोल के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री दर्ज किया गया। दतिया में 4.4 डिग्री, राजगढ़-खजुराहो में 5.4 डिग्री और मुरैना में 5.5 डिग्री रहा। बड़े शहरों में भोपाल 6.8, ग्वालियर 6.4 और इंदौर 8.6 डिग्री पर रहा। ट्रेनें 15 घंटे तक लेट घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर रेल यातायात पर पड़ा है। इटारसी आने वाली कई ट्रेनें 13 से 15 घंटे तक देरी से पहुंची। श्रीधाम एक्सप्रेस और अगरतला–रानी कमलापति स्पेशल जैसी ट्रेनें घंटों लेट रही। यात्रियों को स्टेशन पर ठंड में लंबा इंतजार करना पड़ा। अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार हवा की रफ्तार कम और नमी ज्यादा होने से कोहरा बना हुआ है। लोगों को सुबह-शाम सावधानी बरतने, बेवजह बाहर न निकलने और वाहन चलाते समय फॉग लाइट इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। READ MORE: अजब गजब कांग्रेसी! जिसके खिलाफ विरोध करने गए, उसी के साथ डटकर किया नाश्ता
Share Market: वैश्विक तनाव से सेंसेक्स 322 अंक टूटा, निफ्टी 26,250 पर फिसला; आईटी शेयरों में भारी बिकवाली

Share Market: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार उतार-चढ़ाव के बाद गिरावट के साथ बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी ने निवेशकों को सतर्क बना दिया। सेंसेक्स और निफ्टी का हाल बीएसई सेंसेक्स 322.39 अंक या 0.38 प्रतिशत गिरकर 85,439.62 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 446 अंक से ज्यादा टूटा था। वहीं एनएसई निफ्टी रिकॉर्ड इंट्रा-डे हाई 26,373.20 तक पहुंचने के बाद टिक नहीं पाया और 78.25 अंक फिसलकर 26,250.30 पर बंद हुआ। भारतीय रुपया लगातार चौथे सत्र में कमजोर रहा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 8 पैसे गिरकर 90.28 पर बंद हुआ। READ MORE: मौतों पर सियासत नहीं, न्याय होना चाहिए इंदौर में कांग्रेस का मेगा मार्च इन शेयरों में रही तेजी गिरते बाजार में भी कुछ शेयरों ने मजबूती दिखाई। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स 2.65 प्रतिशत चढ़कर सबसे बड़ा गेनर रहा। इसके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और एक्सिस बैंक के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई। इन दिग्गज शेयरों पर दबाव एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। एचडीएफसी बैंक सबसे ज्यादा 2.35 प्रतिशत टूटा। वैश्विक बाजारों का संकेत एशियाई और यूरोपीय बाजारों में मजबूती दिखी, जबकि ब्रेंट क्रूड 0.13 प्रतिशत गिरकर 60.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एफआईआई और डीआईआई ने शुक्रवार को शुद्ध खरीदारी की थी, फिर भी घरेलू बाजार दबाव में रहा। READ MORE: इस देश में IPL प्रसारण पर लगा बैन; जानिए किस कारण से लिया ये फैसला?
IPL BAN: इस देश में IPL प्रसारण पर लगा बैन; जानिए किस कारण से लिया ये फैसला?

Highlight IPL BAN: भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट और राजनीति से जुड़ा विवाद और गहरा हो गया है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने देश में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के प्रसारण पर रोक लगा दी है। यह फैसला मार्च 2026 से शुरू होने वाले IPL सीजन से पहले लिया गया है। मुस्तफिजुर विवाद से शुरू हुआ मामला इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को टीम से बाहर करने का निर्देश दिया। KKR ने उन्हें हाल ही में मिनी नीलामी में 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। भारत में विरोध के बाद फ्रेंचाइजी ने मुस्तफिजुर को रिलीज कर दिया। READ MORE: SC का बड़ा फैसला: उमर खालिद-शरजील इमाम नहीं होंगे रिहा, अन्य 5 आरोपियों को बेल बांग्लादेश सरकार की नाराजगी बांग्लादेश के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि मुस्तफिजुर को बाहर करने का फैसला बिना ठोस कारण के लिया गया और इससे बांग्लादेश की जनता आहत हुई है। इसी वजह से अगले आदेश तक IPL के सभी मैचों और उससे जुड़े कार्यक्रमों के प्रसारण पर रोक लगा दी गई है। टी-20 वर्ल्ड कप पर भी असर इससे पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारत आने से इनकार कर दिया था। BCB ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से अनुरोध किया है कि उसके मैच श्रीलंका में कराए जाएं। फिलहाल ICC ने इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। अन्य देशों का रुख पाकिस्तान पहले ही भारत में टी-20 वर्ल्ड कप खेलने से मना कर चुका है और उसके मैच भी श्रीलंका में होंगे। अगर बांग्लादेश के मैच भी शिफ्ट होते हैं, तो यह दूसरा देश होगा जो भारत में विश्व कप नहीं खेलेगा। यह पूरा मामला अब सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी असर डालता दिख रहा है। READ MORE: अजब गजब कांग्रेसी! जिसके खिलाफ विरोध करने गए, उसी के साथ डटकर किया नाश्ता
Indore Protest: अजब गजब कांग्रेसी! जिसके खिलाफ विरोध करने गए, उसी के साथ डटकर किया नाश्ता

Indore Protest: इंदौर की राजनीति में एक दिलचस्प और चौंकाने वाला दृश्य सामने आया है, जिसने विरोध-प्रदर्शन की पारंपरिक गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीजेपी विधायक रमेश मेंदोला के घर घेराव के लिए पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता का विरोध उस वक्त चर्चा का विषय बन गया, जब वह वहीं मौजूद विधायक समर्थकों के साथ नाश्ता करते नजर आया। इस अनोखी घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला सियासी बहस और आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया। विरोध प्रदर्शन की योजना थी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आह्वान पर कांग्रेस कार्यकर्ता इंदौर में बीजेपी विधायक रमेश मेंदोला के घर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे। उनका उद्देश्य विधायक के खिलाफ विरोध दर्ज कराना था। READ MORE: इंदौर में दूषित पानी से 17वीं मौत; सरकारी आदेश में ‘घंटा’ विवाद का जिक्र, देवास के SDM सस्पेंड विवादास्पद नाश्ता कांग्रेस कार्यकर्ता को विधायक के समर्थकों के साथ नाश्ता करते हुए देखा गया, जिससे यह मामला और भी अजीब हो गया। सोशल मीडिया पर इसकी फोटो वायरल हो गई और लोग इसे लेकर चुटकियां लेने लगे। कांग्रेस कार्यकर्ता ने दी सफाई इस बारे में कांग्रेस कार्यकर्ता ने कहा, “मुझे नाश्ता कराकर बदनाम किया गया। यह बीजेपी की साजिश है।” उन्होंने दावा किया कि उन्हें नाश्ता देने के पीछे भाजपा का हाथ है, ताकि वह बदनाम हो सकें। जीतू पटवारी ने किया स्वीकार इस मामले पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी बयान दिया और माना कि विपक्ष की भूमिका में रहते हुए कांग्रेस को अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभानी चाहिए थी। READ MORE: SC का बड़ा फैसला: उमर खालिद-शरजील इमाम नहीं होंगे रिहा, अन्य 5 आरोपियों को बेल
MP Congress Election Campaign: मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार कांग्रेस का चुनाव से 2 साल पहले कैंपेन

Highlight MP Congress Election Campaign: मध्यप्रदेश कांग्रेस ने चुनाव से पूरे दो साल पहले ही बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी के नेता अब केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रह रहे हैं, बल्कि घर-घर जाकर मतदाताओं और जनता से सीधे जुड़ रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सरकार की खामियां उजागर करना और 2028 में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए समर्थन जुटाना है। दिग्विजय सिंह ने शुरू की पहल कांग्रेस के इस अभियान की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने की है। उनका कहना है कि जनता से सीधे जुड़ने से पार्टी की जमीनी ताकत मजबूत होगी और पंचायत स्तर तक संगठन को पुनर्गठित किया जा सकेगा। READ MORE: दूषित पानी से 17वीं मौत; सरकारी आदेश में ‘घंटा’ विवाद का जिक्र, देवास के SDM सस्पेंड सीहोर में ग्राम पंचायत कमेटी का गठन सीहोर जिले के इच्छावर विधानसभा के खेरी गांव में कांग्रेस ने ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी का गठन किया। ग्राम चौपाल के माध्यम से ग्राम सभा में बैठकर यह कमेटी बनाई गई। यह कदम कांग्रेस को पंचायत स्तर तक मजबूत करने और जनता से सीधे जुड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक असर की उम्मीद विश्लेषकों का मानना है कि यह घर-घर अभियान सीधे भाजपा की पकड़ पर असर डाल सकता है। राज्य में वर्तमान में भाजपा की सरकार है और पिछले चुनावों में उसकी स्थिति मजबूत रही है। कांग्रेस का यह अभियान जनता को विकल्प के रूप में जोड़ने और संगठन को मजबूत करने की कोशिश माना जा रहा है। जमीनी संगठन को पुनर्गठित करना सूत्रों के अनुसार, मध्यप्रदेश कांग्रेस संगठन अब पूरी तैयारी के साथ जमीनी स्तर पर सक्रिय हो गया है। आने वाले दो साल में इस अभियान का प्रदेश की राजनीति पर असर देखने को मिल सकता है। READ MORE: मौतों पर सियासत नहीं, न्याय होना चाहिए इंदौर में कांग्रेस का मेगा मार्च
Indore Polluted Water Death: मौतों पर सियासत नहीं, न्याय होना चाहिए इंदौर में कांग्रेस का मेगा मार्च

Indore Polluted Water Death: इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि मौतों पर सियासत नहीं होनी चाहिए, बल्कि न्याय होना चाहिए। पटवारी ने आरोप लगाया कि इंदौर की जनता भाजपा के अहंकार से पीड़ित है और लगातार हो रही मौतों के बावजूद जिम्मेदार नेता मौन हैं। कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा पटवारी ने कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की और कहा कि गलती सरकार की है, लेकिन सजा अधिकारियों और आवाज उठाने वालों को मिल रही है। न्याय मार्च की घोषणा उन्होंने 11 जनवरी को इंदौर में न्याय मार्च निकालने की घोषणा की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पीड़ित परिवारों से मिलने से रोका गया, जिसे उन्होंने सरकार की तानाशाही बताया। मृतकों को श्रद्धांजलि दी और जनता से सरकार को जवाब देने की अपील की। READ MORE: MP की 4667 करोड़ की सड़क परियोजनाओं की लंबित समस्याओं पर चर्चा मनरेगा पर सवाल पटवारी ने मनरेगा योजना का नाम बदलने पर हमला किया और कहा कि नाम बदलने से योजना नहीं चलती, फंड देना होगा। उन्होंने किसानों के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। धान, गेहूं, सोयाबीन और प्याज की कीमतें गिरी हैं और किसान कर्ज में डूबे हैं। आर्थिक नाकामी पर आरोप प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने 5000 करोड़ का कर्ज लिया और 1100 संपत्तियां बेच दी। अब और संपत्तियां बेचने की तैयारी कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री की आर्थिक समझ पर सवाल उठाया और कहा कि आय बढ़ाने और खर्च घटाने की कोई सोच नहीं है। पटवारी ने कांग्रेस पंचायत और संगठन विस्तार की जानकारी दी और कहा कि यह प्रदेश की राजनीति में बदलाव की नींव साबित होगी। READ MORE: इंदौर में दूषित पानी से 17वीं मौत; सरकारी आदेश में ‘घंटा’ विवाद का जिक्र, देवास के SDM सस्पेंड