Stray Dog Case: SC ने आवारा कुत्तों को शेल्टर भेजने के दिए आदेश, कहा – दो जज भी हुए हादसे का शिकार

Highlights Stray Dog Case: सुप्रीम कोर्ट ने 7 जनवरी को सुनवाई में कहा कि सड़कें आवारा कुत्तों से खाली रखनी होंगी। कोर्ट ने यह भी बताया कि राजस्थान हाईकोर्ट के दो जज हाल ही में आवारा कुत्तों की वजह से दुर्घटना का शिकार हुए हैं, जिनमें से एक अभी रीढ़ की हड्डी की चोट से जूझ रहे हैं। पीड़ितों की सुनवाई पहले सुनवाई में बेंच ने कहा कि पहले आवारा कुत्तों से चोटिल हुए लोगों की सुनवाई होगी, फिर कुत्तों के पक्ष में पैरवी करने वालों की। कोर्ट ने पिछले 20 दिनों में हुए हादसों और बच्चों व बड़ों पर हमलों की चिंता जताई। राज्य सरकारों और NHAI को निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल हाईवे और राज्य राजमार्गो से सभी आवारा पशुओं को हटाने के निर्देश दिए। एनएचएआई ने 1400 किलोमीटर संवेदनशील क्षेत्र की पहचान की है, जिसकी देखभाल राज्य सरकारों को करनी होगी। READ MORE: दिल्ली तुर्कमान गेट पर आधी रात को हंगामा; मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने गई पुलिस पर पथराव; कई अधिकारी घायल शेल्टर और नसबंदी जरूरी एमिकस क्यूरी ने बताया कि शेल्टर होम और नसबंदी केंद्र कम हैं। अदालत ने कहा कि पकड़े गए कुत्तों को वापस उसी जगह नहीं छोड़ा जाएगा। पहले उनका नसबंदी और टीकाकरण होगा। बहस में कुत्तों के मूड और सुरक्षा सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ काटना ही समस्या नहीं है, दुर्घटनाओं का खतरा भी है। कुत्तों का मूड नहीं जाना जा सकता। कुत्तों को काउंसलिंग देकर सुरक्षित तरीके से छोड़ा जाना चाहिए। अब तक इस मामले में क्या हुआ? यह मामला 28 जुलाई 2025 से चल रहा है। अब तक 5 बार सुनवाई हो चुकी है और कई राज्यों ने अभी तक हलफनामा दाखिल नहीं किया है। 6 जनवरी को दो वकीलों ने नई याचिका लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आवारा कुत्तों के मामलों में सुरक्षा और मानव जीवन सर्वोपरि है। READ MORE: ICC ने बांग्लादेश को दिया अल्टीमेटम कहा – भारत में ही खेलो, नहीं तो अंक कटेंगे
T20 World Cup 2026: ICC ने बांग्लादेश को दिया अल्टीमेटम कहा – भारत में ही खेलो, नहीं तो अंक कटेंगे

Highlights T20 World Cup 2026: इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की टी-20 वर्ल्ड कप के मैच भारत से बाहर कराने की मांग खारिज कर दी है। ICC ने साफ कहा कि बांग्लादेश को अपने सभी लीग मैच भारत में ही खेलने होंगे, अन्यथा उसे अंक गंवाने पड़ सकते हैं। सुरक्षा का हवाला देकर रखी मांग BCB ने मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर किए जाने के बाद सुरक्षा कारण बताकर भारत में मैच खेलने से इनकार किया और श्रीलंका में वेन्यू बदलने की अपील की थी। ICC ने स्पष्ट किया कि मैचों का स्थान नहीं बदलेगा। बांग्लादेश का ग्रुप टीम को ग्रुप-सी में रखा गया है। 7 फरवरी को वेस्टइंडीज, 9 फरवरी को इटली, 14 फरवरी को इंग्लैंड से मुकाबला होगा, सभी मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में। ग्रुप स्टेज का आखिरी मैच 17 फरवरी को मुंबई में नेपाल के खिलाफ है। READ MORE: दूषित पानी से 18वी मौत, 16 मरीज ICU में; नए मरीजों की संख्या कम मुस्तफिजुर और IPL विवाद मुस्तफिजुर रहमान को बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हालिया घटनाओं के चलते IPL से बाहर किया गया। KKR ने उन्हें 3 जनवरी को रिलीज किया। इसके बाद BCB ने भारत में मैच नहीं खेलने की मांग की। ICC ने इसे स्वीकार नहीं किया। मुआवजे का मुद्दा मुस्तफिजुर को IPL से बाहर किए जाने पर कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। यह मामला बीमा नियमों के तहत नहीं आता, क्योंकि खिलाड़ी चोट या लीग से जुड़े खेल कारण से टीम से नहीं हटे। READ MORE: दिल्ली तुर्कमान गेट पर आधी रात को हंगामा; मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने गई पुलिस पर पथराव; कई अधिकारी घायल
दिल्ली तुर्कमान गेट पर आधी रात को हंगामा; मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने गई पुलिस पर पथराव, कई अधिकारी घायल

Highlights Delhi Turkman Gate: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में मंगलवार देर रात उस समय तनाव फैल गया, जब मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने पहुंची पुलिस और एमसीडी टीम पर पथराव किया गया। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस घटना में 4 से 5 पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हुए हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर एमसीडी ने रात करीब 1 बजे फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान 17 बुलडोजर लगाए गए और बारात घर, डायग्नोस्टिक सेंटर, दुकानें व अन्य अवैध ढांचे तोड़े गए। READ MORE: नए साल की पहली कैबिनेट बैठक: सिंचाई व सड़क परियोजनाओं को मंजूरी, मंत्रियों को मिले टैबलेट, ई-कैबिनेट की शुरुआत भीड़ का विरोध और पथराव Tension in Delhi's Turkman Gate after encroachment around mosque demolished in pre-dawn drive pic.twitter.com/V1saiqUE76 — Amit Bhardwaj (@AmmyBhardwaj) January 7, 2026 कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। भीड़ ने एमसीडी कर्मचारियों और पुलिस पर पत्थर फेंके। इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और भीड़ को खदेड़ा। इलाका छावनी में बदला स्थिति को देखते हुए पूरे इलाके को 9 जोन में बांटा गया है। हर जोन की जिम्मेदारी एडीसीपी स्तर के अधिकारियों को दी गई है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज के आधार पर पत्थरबाजों की पहचान की जाएगी। क्या है पूरा मामला एमसीडी का कहना है कि मस्जिद के पास करीब 38,940 वर्ग फुट जमीन पर अवैध अतिक्रमण था, जिसे हटाने के आदेश हाईकोर्ट ने दिए थे। वहीं मस्जिद प्रबंधन समिति का दावा है कि जमीन वक्फ की है और उन्होंने आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। READ MORE: 18 मौतों से हड़कंप, 16 मरीज ICU में; नए केस कम होने पर भी हालात गंभीर, हाईकोर्ट ने कहा हेल्थ इमरजेंसी
Indore Contaminated Water Scandal: दूषित पानी से 18वी मौत, 16 मरीज ICU में; नए मरीजों की संख्या कम

Highlights Indore Contaminated Water Scandal: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 18 लोगों की मौत के बाद प्रदेश सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग ने पूरे मध्यप्रदेश में पेयजल स्रोतों की जांच के लिए नई SOP जारी की है। 6 लाख 50 हजार हैंडपंपों की जांच सरकार ने प्रदेश के करीब 6 लाख 50 हजार हैंडपंपों की जांच के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जल स्रोतों की हर महीने सफाई अनिवार्य की गई है। यह विशेष अभियान 20 जनवरी तक चलाया जाएगा। READ MORE: नए साल की पहली कैबिनेट बैठक: सिंचाई व सड़क परियोजनाओं को मंजूरी, मंत्रियों को मिले टैबलेट, ई-कैबिनेट की शुरुआत 24 घंटे में शिकायतों का समाधान PHE विभाग ने दूषित पानी और पाइपलाइन लीकेज से जुड़ी शिकायतों का 24 घंटे के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। सभी जिलों को इस संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इंदौर में हालात गंभीर भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 429 लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंचे थे। इनमें से 330 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 99 अभी भर्ती हैं। स्थिति की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि 16 मरीज आईसीयू में हैं, जिनमें से 3 वेंटिलेटर पर हैं। हाईकोर्ट ने मामले को “हेल्थ इमरजेंसी” करार दिया है। मुआवजा सूची में नए नाम जुड़े प्रशासन की मुआवजा सूची में दो नए नाम जोड़े गए हैं। अब तक 15 मृतकों के नाम सूची में शामिल किए जा चुके हैं। इलाके में लोग बोरिंग का पानी छोड़कर टैंकर और आरओ के पानी पर निर्भर हैं। सरकार के इस कदम से लोगों को राहत की उम्मीद है। READ MORE: MP में कड़ाके की सर्दी का कहर, भोपाल में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड; कई जिलों में स्कूल बंद, ट्रेनें लेट
MP Weather Update: MP में कड़ाके की सर्दी का कहर, भोपाल में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड; कई जिलों में स्कूल बंद, ट्रेनें लेट

MP Weather Update: मध्यप्रदेश इन दिनों भीषण ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। प्रदेश के आधे से ज्यादा जिलों में शीतलहर और कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी हुई है। तेज सर्दी के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। स्कूलों में छुट्टी बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। इंदौर, रायसेन-नर्मदापुरम, ग्वालियर और मऊगंज में बुधवार को भी स्कूल बंद रहेंगे। वहीं भोपाल, धार, सीहोर, अनूपपुर, बड़वानी, मुरैना और खरगोन में स्कूल सुबह 9 बजे के बाद खोलने के निर्देश दिए गए हैं। कोहरे का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर-चंबल अंचल में कोहरे का असर सबसे ज्यादा देखा गया। दतिया, ग्वालियर, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रही। भोपाल, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, रीवा, जबलपुर, कटनी, सतना और शहडोल समेत कई जिलों में भी घना कोहरा छाया रहा। READ MORE: रोजगार की लड़ाई शिक्षकों को सड़कों पर लाई; भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा प्रदर्शन, पद बढ़ाने की मांग तेज तापमान ने तोड़े रिकॉर्ड राजधानी भोपाल में जनवरी की सर्दी ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे कम तापमान राजगढ़ में 2 डिग्री रहा। उमरिया, शाजापुर, सीहोर और रीवा भी बेहद ठंडे रहे। ट्रेनें लेट, जनजीवन प्रभावित घने कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनें 5 से 6 घंटे देरी से पहुंची। मौसम विभाग ने भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और शाजापुर में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। आगे भी राहत नहीं मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। लोगों को सतर्क रहने और ठंड से बचाव की सलाह दी गई है। READ MORE: नए साल की पहली कैबिनेट बैठक: सिंचाई व सड़क परियोजनाओं को मंजूरी, मंत्रियों को मिले टैबलेट, ई-कैबिनेट की शुरुआत
नए साल की पहली कैबिनेट बैठक: सिंचाई व सड़क परियोजनाओं को मंजूरी, मंत्रियों को मिले टैबलेट, ई-कैबिनेट की शुरुआत

नववर्ष में मोहन सरकार की पहली कैबिनेट बैठक 6 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। एमएसएमई मंत्री चेतन कश्यप ने कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। सिंचाई परियोजनाओं को हरी झंडी कैबिनेट ने बुरहानपुर जिले की झिरमटी मध्यम सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी, जिसकी लागत 922 करोड़ रुपये है। इससे 17,700 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई होगी। वहीं नेपानगर में 1,676 करोड़ रुपये की योजना से 34,100 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा। इन योजनाओं से आदिवासी क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलेगा। READ MORE: मौत का आकड़ा गलत बताने पर HC ने MP सरकार को लगाई फटकार, कहा – सरकार के जवाब असंवेदनशील; भागीरथपुरा में कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन नर्मदा से जुड़ी योजनाएं नर्मदा शिप्रा परियोजना (2,489 करोड़) और माइक्रो लिफ्ट योजना (1,520 करोड़) को भी आगे बढ़ाया गया। नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट कंपनी लिमिटेड को मेंटेनेंस का जिम्मा सौंपा गया है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के तहत 2028 तक योजनाओं के क्रियान्वयन का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के विकास पर फोकस प्रधानमंत्री जनमन योजना जारी रहेगी। इसके तहत 1,039 किलोमीटर सड़क और 112 पुलियों के निर्माण पर 795 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सड़क विकास प्राधिकरण की योजना 2031 तक चलेगी, जिसमें 20,000 किलोमीटर सड़क और 200 पुल बनाए जाएंगे। इस पर 17,196 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 88,517 किलोमीटर मार्गों का नवीनीकरण किया जाएगा। ई-कैबिनेट की शुरुआत कैबिनेट बैठक में सभी मंत्रियों को टैबलेट वितरित किए गए। दो बैठकों के बाद पूरा काम डिजिटल माध्यम से होगा। इससे ई-गवर्नेस और पेपरलेस व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। कैबिनेट ने 2026 को कृषि उद्योग विकास वर्ष के रूप में मनाने और परिवहन विभाग के कर अधिनियम में संशोधन को भी मंजूरी दी। READ MORE: रोजगार की लड़ाई शिक्षकों को सड़कों पर लाई; भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा प्रदर्शन, पद बढ़ाने की मांग तेज
मध्य प्रदेश में बेरोजगारी की मार: 25 लाख से अधिक युवा अभी भी नौकरी के इंतजार में

MP Unemployment: साल 2025 खत्म होने के बावजूद मध्य प्रदेश में बेरोजगारी कम नहीं हुई। रोजगार पोर्टल पर अब भी 25 लाख 35 हजार 410 रजिस्टर्ड बेरोजगार हैं, जिन्हें “आकांक्षी युवा” कहा जाता है। हर दिन करीब 200 नए युवा पोर्टल पर रजिस्टर्ड हो रहे हैं। सरकार का दावा और वास्तविकता भाजपा का कहना है कि 2025 में 11 लाख लोगों को रोजगार मिला, जिसमें 10 लाख निजी क्षेत्र और 1 लाख सरकारी क्षेत्र में नौकरी मिली। लेकिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि पोर्टल पर आंकड़े कम नहीं हो रहे और जमीनी हकीकत इससे अलग है। READ MORE: रोजगार की लड़ाई शिक्षकों को सड़कों पर लाई; भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा प्रदर्शन, पद बढ़ाने की मांग तेज सरकार का निवेश और भर्ती प्रयास भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने बताया कि सरकार निवेश लाकर रोजगार बढ़ाने की कोशिश कर रही है। सरकारी और निजी क्षेत्र में भर्तियां हो रही हैं, साथ ही युवा अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए भी प्रोत्साहित किए जा रहे हैं। 2026 में उम्मीदें साल की शुरुआत में एमपीपीएससी और ईएसबी के माध्यम से हजारों पदों पर भर्ती निकलने का काम शुरू हुआ है। महिलाओं के लिए आंगनबाड़ियों में लगभग 5 हजार भर्तियां निकाली गई हैं। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में और बड़ी भर्तियां होंगी, लेकिन अब सवाल यह है कि पोर्टल के आंकड़े कब कम होंगे और युवा सही अवसर कब पाएंगे। READ MORE: मौत का आकड़ा गलत बताने पर HC ने MP सरकार को लगाई फटकार, कहा – सरकार के जवाब असंवेदनशील; भागीरथपुरा में कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन
Bhopal Protest: रोजगार की लड़ाई शिक्षकों को सड़कों पर लाई; भोपाल में भर्ती को लेकर बड़ा प्रदर्शन, पद बढ़ाने की मांग

Bhopal Protest: मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर चयनित अभ्यर्थियों का आक्रोश एक बार फिर सड़कों पर दिखा। मंगलवार को शिक्षक वर्ग-2 और वर्ग-3 के करीब 2 हजार भावी शिक्षक भोपाल पहुंचे और चिनार पार्क से लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) तक पैदल मार्च किया। अभ्यर्थियों ने पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। कम पदों पर हो रही नियुक्ति प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्तमान भर्ती में करीब 13 हजार पदों पर नियुक्ति की जा रही है, जबकि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की वास्तविक जरूरत इससे कहीं अधिक है। अभ्यर्थियों की मांग है कि पदों की संख्या बढ़ाकर कम से कम 25 हजार की जाए, ताकि अधिक योग्य उम्मीदवारों को मौका मिल सके। READ MORE: इस साल भगवामय होगा मध्यप्रदेश, धार्मिक कॉरिडोर्स से बनेगा धार्मिक पर्यटन का केंद्र हजारों पद खाली अभ्यर्थियों के अनुसार, 27 दिसंबर 2024 तक प्रदेश में माध्यमिक शिक्षकों के करीब 99 हजार और प्राथमिक शिक्षकों के 1.31 लाख से ज्यादा पद खाली हैं। इसके बावजूद भर्ती में माध्यमिक शिक्षकों के केवल 10,800 और प्राथमिक शिक्षकों के 13,089 पद ही घोषित किए गए हैं। ईडब्ल्यूएस-ओबीसी को लेकर आरोप प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि कई विषयों में ईडब्ल्यूएस और ओबीसी वर्ग के लिए शून्य पद दिखाए गए हैं। इससे इन वर्गो के युवाओं में निराशा है और सामाजिक न्याय पर सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रों पर असर शिक्षक संगठनों का कहना है कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। कई स्कूलों में एक शिक्षक को कई विषय पढ़ाने पड़ रहे हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। मुख्य मांगें अभ्यर्थियों ने वर्ग-2 में सभी विषयों में पद बढ़ाने, वर्ग-3 में 25 हजार पद करने, दूसरी काउंसिलिंग जल्द शुरू करने और भर्ती पूरी होने तक नई पात्रता परीक्षा न कराने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। READ MORE: मौत का आकड़ा गलत बताने पर HC ने MP सरकार को लगाई फटकार, कहा – सरकार के जवाब असंवेदनशील; भागीरथपुरा में कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन
मौत का आकड़ा गलत बताने पर HC ने MP सरकार को लगाई फटकार, कहा – जवाब असंवेदनशील; भागीरथपुरा में कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन

Indore Polluted Water: इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से होने वाली मौतों ने पूरे शहर में चिंता पैदा कर दी है। अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है और 110 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। कुल 430 मरीजों में से 300 से ज्यादा डिस्चार्ज हो चुके हैं। इस बीच 15 मरीजों का आईसीयू में इलाज चल रहा है। हाईकोर्ट ने लगाई फटकार मंगलवार (6 जनवरी) को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि दूषित पानी ने शहर की छवि को खराब किया है। इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर माना जाता था, लेकिन अब यह मामले पूरे देश में चर्चा में हैं। कोर्ट ने कहा कि यह समस्या सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शहर में पानी की सुरक्षा पर सवाल उठता है। READ MORE: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हत्याओं का सिलसिला जारी; 18 दिन में 6 हिंदू की मौत मुख्य सचिव को वर्चुअली हाजिर होने का आदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में मुख्य सचिव को वर्चुअली पेश होने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी। कोर्ट ने साफ कहा कि वह सीधे मुख्य सचिव से ही जवाब सुनना चाहता है। कांग्रेस का प्रदर्शन भागीरथपुरा में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में प्रदर्शन हो रहा है। पुलिस ने कुछ जगहों पर उन्हें रोकते हुए सीमित संख्या में कार्यकर्ताओं को ही अंदर जाने की अनुमति दी। मौतों के आंकड़ों पर विवाद प्रशासन ने अब तक 14 मौतें स्वीकार की हैं। कुछ संस्थाओं ने 16 मौतों की रिपोर्ट दी थी। सोमवार को हुई एक और मौत के बाद यह संख्या 17 हो गई। आगे भी यह आंकड़े बढ़ सकते है। READ MORE: फिर बिगड़ी सोनिया गांधी की तबीयत, दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में भर्ती; प्रदूषण का सेहत पर असर
Sonia Gandhi Health Update: फिर बिगड़ी सोनिया की तबीयत, गंगाराम अस्पताल में भर्ती; प्रदूषण का सेहत पर असर

Sonia Gandhi Health Update: कांग्रेस पार्टी की वरिष्ट नेत्री सोनिया गांधी की तबीयत अचानक बिगड़ जाने के कारण उन्हें दिल्ली की सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक सोमवार रात उन्हें अस्पताल में लया गया था। चेस्ट स्पेशलिस्ट की निगरानी में है सोनिया पिछले कुछ समय से कांग्रेस नेत्री स्वास्थ संबंधित परेशानियों से जूझ रही है। सूत्रों के मुताबिक सोनिया गांधी को चेस्ट स्पेशलिस्ट की निगरानी में रखा गया है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि सोनिया कई सालों से खासी की समस्या से परेशान है, जिसके चलते उन्हें अस्पताल लाया गया है। READ MORE: मोदी और शाह के खिलाफ JNU में नारेबाजी; छात्रों ने उमर-शरजील के समर्थन में किया प्रदर्शन; वीडियो वायरल दिल्ली के प्रदूषण का सेहत पर असर दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण कई लोगो को सांस और खासी जैसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर बुजुर्गों की सेहत पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है। 79 साल की सोनिया गांधी को भी इसी वजह से चेकअप के लिए भर्ती है। पिछले साल भी बिगड़ी थी तबीयत साल 2025 में भी पेट संबंधित परेशानी के चलते सोनिया को दिल्ली में भर्ती कराया गया था। वो 3 से 4 दिनों तक डॉक्टर्स की निगरानी में रही थी। READ MORE: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हत्याओं का सिलसिला जारी; 18 दिन में 6 हिंदू की मौत