Bengaluru Stampede: बेंगलुरु भगदड़ पर 3 महीने बाद विराट ने तोड़ी चुप्पी; बोले ‘जिस दिन सबसे ज्यादा खुशी होनी थी, वो त्रासदी बन गया’

Bengaluru Stampede: 3 जून को आईपीएल 2024 का फाइनल जीतने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) की टीम ने करोड़ों फैंस को खुशी दी थी। लेकिन, अगले ही दिन, 4 जून को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में आयोजित जश्न कार्यक्रम ने इस खुशी को मातम में बदल दिया। विराट कोहली समेत पूरी टीम के सामने 11 फैंस की भगदड़ में मौत हो गई। विराट कोहली हुए भावुक View this post on Instagram A post shared by Royal Challengers Bengaluru (@royalchallengers.bengaluru) इस दुखद घटना के तीन महीने बाद, टीम के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। आरसीबी द्वारा जारी किए गए एक बयान में कोहली ने कहा कि जिंदगी में कुछ भी 4 जून जैसी दिल तोड़ देने वाली घटना के लिए आपको तैयार नहीं कर सकता। उन्होंने आगे कहा, “हमारी फ्रैंचाइज़ी के इतिहास का सबसे खुशी का पल, एक दुखद घटना में बदल गया।” खोए हुए फैंस को याद किया विराट कोहली ने उन परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की, जिन्होंने अपनों को खो दिया। उन्होंने कहा, “मैं उन लोगों के परिवारों के बारे में सोच रहा हूं और उनके लिए प्रार्थना कर रहा हूं, जिन्हें हमने खो दिया। और हमारे उन प्रशंसकों के लिए जो घायल हुए।” साथ ही विराट ने यह भी कहा कि अब यह नुकसान उनकी कहानी का हिस्सा है और वे सब मिलकर देखभाल, सम्मान और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ेंगे। पुलिस जांच में सामने आया कि जश्न कार्यक्रम में लगभग 2.5 लाख लोग उमड़ पड़े थे। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस नाकाम रही। जांच में आरसीबी को भी इस घटना का जिम्मेदार माना गया क्योंकि उचित अनुमति और व्यवस्था का अभाव था। आरसीबी ने की मदद की घोषणा View this post on Instagram A post shared by Royal Challengers Bengaluru (@royalchallengers.bengaluru) इस घटना के बाद, आरसीबी ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। साथ ही, फ्रेंचाइजी ने ‘आरसीबी केयर्स’ नाम से एक फाउंडेशन भी शुरू किया है। इस फाउंडेशन ने भविष्य में बेहतर भीड़ प्रबंधन प्रोटोकॉल बनाने का वादा किया है। कोहली का पहला आईपीएल खिताब View this post on Instagram A post shared by IPL (@iplt20) यह विराट कोहली की भी पहली आईपीएल ट्रॉफी थी। फाइनल जीतने के बाद उनकी आंखों में आंसू थे, जो खुशी के आंसू थे। लेकिन अगले दिन 4 जून की घटना ने सभी को हिला कर रख दिया। READ MORE: स्मोकिंग एरिया की सफाई को लेकर घमासान; तान्या, जीशान और बसीर में छिड़ी बहस
Bigg Boss 19: स्मोकिंग एरिया की सफाई को लेकर घमासान; तान्या, जीशान और बसीर में छिड़ी बहस

Bigg Boss 19: ‘बिग बॉस 19’ शुरू हुए अभी एक हफ्ता ही हुआ है और घर के अंदर झगड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा प्रोमो में तान्या मित्तल, जीशान कादरी और बसीर अली के बीच जमकर बहस देखने को मिली। स्मोकिंग एरिया पर मचा घमासान View this post on Instagram A post shared by JioHotstar Reality (@jiohotstarreality) मामला स्मोकिंग एरिया की सफाई का था। जीशान और बसीर ने तान्या से इसे साफ करने को कहा। लेकिन तान्या ने साफ इंकार कर दिया। उनका कहना था कि स्मोकिंग एरिया कॉमन एरिया नहीं है। जो लोग स्मोक करते हैं, वही इसकी सफाई करें। खाना देने से मना तान्या के इनकार पर जीशान और बसीर भड़क गए। उन्होंने धमकी दी कि अगर तान्या सफाई नहीं करेंगी तो उन्हें खाना नहीं मिलेगा। इस पर तान्या ने जवाब दिया “मत देना खाना, कोई फर्क नहीं पड़ता।” तान्या का पलटवार जीशान ने तान्या पर आरोप लगाया कि वह सिर्फ इशू बनाकर शो में दिखना चाहती हैं। इस पर तान्या भड़क गईं और बोली, “बकवास कम करो, इज्जत जितनी दे रही हूं उतनी लो।” सोशल मीडिया पर तान्या को मिला सपोर्ट दिलचस्प यह रहा कि जो यूजर्स अब तक तान्या पर निगेटिव कमेंट करते थे, उन्होंने भी इस बार उनका साथ दिया। एक यूजर ने लिखा, “मैं तान्या का फैन नहीं हूं, लेकिन इस बार वह बिल्कुल सही है।” दूसरे ने कहा, “स्मोकिंग एरिया की सफाई तान्या क्यों करे? उसकी बात बिल्कुल ठीक है।” हर दिन नया ड्रामा View this post on Instagram A post shared by JioHotstar Reality (@jiohotstarreality) सलमान खान के शो ‘बिग बॉस 19’ में हर दिन नए ट्विस्ट आ रहे हैं। स्मोकिंग एरिया पर हुए इस विवाद ने साफ कर दिया कि आने वाले एपिसोड्स में और ज्यादा ड्रामा देखने को मिलेगा। READ MORE: सिद्धार्थ मल्होत्रा पर टूटा ट्रोल्स का गुस्सा, हाथी को जूठा पानी पिलाना पड़ा भारी
US-India Tariffs: ट्रंप बोले- भारत संग व्यापार एकतरफा, टैरिफ घटाने की पेशकश भी देर से; रूस संग सौदों पर उठाए सवाल

US-India Tariffs Row: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर व्यापार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भारत के साथ रिश्तों को पूरी तरह से एकतरफा बताया। ट्रंप ने कहा कि भारत अमेरिका को बहुत सामान बेचता है, लेकिन अमेरिकी कंपनियां वहां बहुत कम उत्पाद बेच पाती हैं। इसके पीछे उन्होंने भारत की ऊंची टैरिफ दरों को जिम्मेदार ठहराया। टोटल वन साइडेड डिजास्टर ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत ने दशकों से अमेरिकी उत्पादों पर भारी शुल्क लगाया है। उनकी कंपनियों के लिए भारत का बाजार बंद जैसा रहा। उन्होंने इसे “टोटल वन साइडेड डिजास्टर” यानी पूरी तरह से एकतरफा और नुकसानदायक स्थिति बताया। तेल और रक्षा सौदों पर भी साधा निशाना ट्रंप ने कहा कि भारत अपनी ज्यादातर तेल और सैन्य जरूरतें रूस से पूरी करता है। अमेरिका से खरीद बहुत कम होती है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन और गहरा होता गया। भारत की पेशकश पर ट्रंप का जवाब ट्रंप ने दावा किया कि अब भारत ने टैरिफ घटाकर शून्य करने की पेशकश की है। लेकिन उन्होंने कहा कि यह कदम बहुत देर से आया है। यह सालों पहले होना चाहिए था, उन्होंने कहा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन में SCO समिट में शामिल होकर लौटे हैं। वहां उनकी मुलाकात रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई। भारत का रुख भारत ने साफ किया है कि किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों के खिलाफ कोई समझौता नहीं होगा। यही कारण है कि अमेरिका को डेयरी और कृषि क्षेत्र में आसान एंट्री नहीं मिल पाई है। ट्रंप के बयान से साफ है कि आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत और अमेरिका को व्यापार विवाद सुलझाने के लिए बातचीत जारी रखनी होगी। READ MORE: बिहार SIR पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला: नहीं बढ़ेगी दावे-आपत्तियों की समय सीमा
Bihar SIR: बिहार SIR पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला; नहीं बढ़ेगी दावे-आपत्तियों की समय सीमा

Bihar SIR: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बिहार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मामले में अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया। राजद और AIMIM ने समय सीमा बढ़ाने की याचिका दायर की थी। उन्होंने बाढ़ और तकनीकी समस्याओं का हवाला दिया था। याचिका में 1 सितंबर की डेडलाइन को 15 सितंबर तक बढ़ाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग की तय प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। समय सीमा बढ़ाना पूरी प्रक्रिया में बाधा डालेगा। अदालत ने राजनीतिक दलों से सक्रिय सहयोग की अपील की। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि इतने बड़े राज्य में सिर्फ 120 आपत्तियां दर्ज हुई हैं, यह हैरान करने वाली बात है। उन्होंने कहा कि हम बार-बार एक ही आदेश नहीं दे सकते। आयोग का पक्ष चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 1 सितंबर के बाद भी दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकती हैं। इन पर विचार अंतिम मतदाता सूची बनने तक किया जाएगा। आयोग ने कहा कि यह एक सतत प्रक्रिया है और नामांकन की अंतिम तिथि तक दावे स्वीकार किए जाएंगे। आयोग ने बताया कि 2.74 करोड़ मतदाताओं में से 99.5% ने दस्तावेज जमा कर दिए हैं। ज्यादातर राजनीतिक दल नाम जोड़ने के बजाय नाम हटाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। याचिकाकर्ता का तर्क याचिकाकर्ता की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि आयोग अपनी ही नियमावली का पालन नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पारदर्शिता की कमी है और कई नाम बिना आवेदन के ही जोड़े गए हैं। आयोग की सफाई आयोग ने कहा कि जिन मतदाताओं के दस्तावेज अधूरे हैं, उन्हें सात दिन के भीतर नोटिस दिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि नाम हटाने के अधिकतर मामले मृत्यु या डुप्लीकेट प्रविष्टि के कारण हैं। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि बिहार SIR प्रक्रिया तय समयसीमा के अनुसार ही चलेगी। हालांकि, मतदाता 1 सितंबर के बाद भी दावे और आपत्तियां दाखिल कर सकते हैं। इन पर विचार अंतिम मतदाता सूची बनने से पहले किया जाएगा।
MP News: मध्य प्रदेश में लॉन्च हुई वैदिक घड़ी और ऐप, सीएम बोले- यह भारत की संस्कृति का प्रतीक

MP News: भोपाल में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी और इसका मोबाइल ऐप लॉन्च किया। यह घड़ी सूरज की गति के साथ चलती है। सूर्योदय से नए दिन की शुरुआत होती है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि यह घड़ी केवल समय बताने का साधन नहीं है। यह भारत की संस्कृति, विज्ञान और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। सीएम बोले- यह भारत का समय है सीएम डॉ. यादव ने कहा कि दिन की गणना सूर्योदय से सूर्योदय तक होनी चाहिए। रात 12 बजे दिन बदलने का कोई औचित्य नहीं है। भारतीय पंचांग हमारे त्योहारों और ऋतुओं का आधार है। उन्होंने बताया कि हमारी प्राचीन काल गणना में 30 घंटे और 30 मुहूर्त माने जाते थे। यह परंपरा वैज्ञानिक दृष्टि और संस्कृति का संगम है। भोपाल में लगी नई वैदिक घड़ी मुख्यमंत्री निवास के बाहर भी वैदिक घड़ी स्थापित की गई। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री कृष्णा गौर और अन्य नेता मौजूद रहे। सिर्फ घड़ी नहीं, संपूर्ण जानकारी यह घड़ी सिर्फ समय नहीं बताएगी। इसमें पंचांग, मुहूर्त, ग्रह-नक्षत्र, सूर्य-चंद्र ग्रहण और चौघड़िया जैसी जानकारी भी मिलेगी। इसमें हजारों वर्षों का पंचांग और त्योहारों का दुर्लभ संग्रह है। उज्जैन से भोपाल तक वैदिक घड़ी की शुरुआत महाकाल की नगरी उज्जैन से हुई थी। अब मोबाइल ऐप के जरिए हर कोई इसे अपने फोन पर इस्तेमाल कर सकेगा। CM का संदेश सीएम ने कहा कि पहले समय पश्चिम का था, अब पूर्व का समय है। भारत की संस्कृति और ज्ञान दुनिया को राह दिखा रहे हैं। योग को वैश्विक पहचान मिली है और अब वैदिक घड़ी हमारी धरोहर को नया जीवन देगी।
Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में भूकंप से 800 से ज्यादा मौतें, 2500 घायल, पीएम मोदी ने जताया दुख

Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में रविवार रात आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 6.0 मापी गई और इसका केंद्र जलालाबाद शहर से करीब 27 किलोमीटर दूर था। इसकी गहराई केवल 8 किलोमीटर थी, जिसकी वजह से झटके बेहद तेज़ महसूस किए गए। मौत का आंकड़ा तालिबान सरकार ने जानकारी दी है कि इस भूकंप में अब तक 800 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान कुनार प्रांत में हुआ है, जहां सैकड़ों घर पलभर में मलबे में तब्दील हो गए। अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि कई लोग अभी भी मलबे में दबे हो सकते हैं। रात में आया भूकंप भूकंप रात करीब 11:47 बजे आया, जब ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे। पहाड़ी इलाकों में बने मिट्टी और पत्थरों के कच्चे मकान तेज़ झटकों को सह नहीं पाए और ढह गए। सतही (शैलो) भूकंप होने की वजह से इसका असर और ज्यादा खतरनाक रहा। राजधानी काबुल तक महसूस हुए झटके भूकंप के झटके काबुल तक महसूस किए गए, जिससे राजधानी में भी लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर आए वीडियो में लोग हाथों से मलबा हटाकर घायलों को निकालने की कोशिश करते दिखे। राहत और बचाव अभियान जारी है, लेकिन दुर्गम इलाकों तक पहुंचने में दिक्कत आ रही है। भारत की प्रतिक्रिया भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अफगानिस्तान के लोगों के प्रति संवेदना जताई है। मोदी ने ट्वीट किया कि भारत हरसंभव मानवीय सहायता देने को तैयार है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि UN अफगानिस्तान के साथ खड़ा है। अफगानिस्तान भूकंप-प्रवण इलाकों में आता है। खासकर हिंदूकुश पर्वत क्षेत्र में भारतीय और यूरेशियन टेक्टॉनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं, जिसकी वजह से वहां अक्सर बड़े भूकंप आते रहते हैं। हालात गंभीर कुनार और नंगरहार प्रांतों में राहत कार्य जारी है, लेकिन दुर्गम पहाड़ी इलाकों और कमजोर स्वास्थ्य ढांचे की वजह से हालात और बिगड़ सकते हैं। तालिबान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है।
PM Modi-Putin Meeting: यूक्रेन युद्ध पर मोदी का पुतिन को संदेश; संघर्ष खत्म कर दुनिया को चाहिए स्थायी शांति

PM Modi-Putin Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस अहम बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि यूक्रेन में शांति का रास्ता खोजना पूरी मानवता की पुकार है। शांति पर जोर मोदी ने कहा कि भारत और रूस लगातार यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा करते रहे हैं। उन्होंने हाल के शांति प्रयासों का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि सभी पक्ष मिलकर संघर्ष को खत्म करने और स्थायी समाधान खोजने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। रिश्तों में गर्मजोशी पुतिन से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने कहा, “आपसे मिलना हमेशा यादगार होता है। हमारे बीच कई अहम विषयों पर चर्चा होती रहती है और नियमित उच्च स्तरीय बैठकें हमारे मजबूत रिश्तों की गवाही देती हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत और रूस कठिन परिस्थितियों में हमेशा एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं और यह सहयोग न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी जरूरी है। अमेरिका की प्रतिक्रिया इस मुलाकात पर अमेरिका ने भी बयान जारी किया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि भारत-अमेरिका साझेदारी नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है और यह “21वीं सदी का परिभाषित संबंध” बन चुकी है। उन्होंने रक्षा, नवाचार और द्विपक्षीय सहयोग को दोनों देशों की ताकत बताया। अमेरिका ने इसी संदेश के साथ #USIndiaFWDforOurPeople नामक एक सोशल मीडिया अभियान भी शुरू किया है, जिसमें भारत-अमेरिका सहयोग और प्रगति को प्रदर्शित किया जा रहा है। SCO में मोदी का संदेश SCO शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने ग्लोबल साउथ के देशों की आकांक्षाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुरानी और आउटडेटेड सोच में नई पीढ़ी के सपनों को कैद करना सही नहीं है। “हम नई पीढ़ी के रंगीन सपनों को ब्लैक एंड व्हाइट स्क्रीन पर नहीं दिखा सकते, इसके लिए स्क्रीन बदलनी होगी।” अंतरराष्ट्रीय चर्चा चीन में हुई मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की मुलाकात को लेकर दुनियाभर की राजधानियों में चर्चा तेज है। विशेषज्ञ इसे बदलते वैश्विक समीकरणों और नए कूटनीतिक संकेतों से जोड़कर देख रहे हैं।
सिद्धार्थ मल्होत्रा पर टूटा ट्रोल्स का गुस्सा, हाथी को जूठा पानी पिलाना पड़ा भारी

Sidharth Malhotra: बॉलीवुड एक्टर सिद्धार्थ मल्होत्रा इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘परम सुंदरी’ को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म दर्शकों को पसंद आ रही है और बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छी कमाई कर रही है। लेकिन इसी बीच सोशल मीडिया पर सिद्धार्थ का एक वीडियो वायरल हो गया है, जिसने उन्हें विवादों में फंसा दिया। वीडियो में क्या है? View this post on Instagram A post shared by Sidharth Malhotra (@sidmalhotra) इस वायरल वीडियो में सिद्धार्थ मल्होत्रा एक हाथी को पानी पिलाते दिखाई दे रहे हैं। खास बात यह है कि उन्होंने पहले खुद गिलास से पानी पिया और फिर उसी गिलास से हाथी को पानी पिला दिया। मजाकिया अंदाज में उन्होंने हाथी को “गुड गर्ल” कहकर “चियर्स” भी बोला। यही हरकत कई लोगों को पसंद नहीं आई और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जाने लगा। क्यों नाराज हुए लोग? भारत में हाथी को गणपति बप्पा का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में कई यूजर्स ने सिद्धार्थ के इस कदम को भगवान का अपमान बताया। कुछ ने इसे अभिनेता की अज्ञानता कहा, तो कुछ ने लिखा कि एक बड़े स्टार होने के नाते उन्हें जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। हालांकि, कई फैंस उनके समर्थन में भी उतरे और बोले कि ये सिर्फ मस्ती-मजाक का हिस्सा था। बॉक्स ऑफिस पर ‘परम सुंदरी’ विवादों के बावजूद, फिल्म ‘परम सुंदरी’ को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। यानी तीन दिन में फिल्म का कलेक्शन लगभग 27 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। फिल्म की स्टारकास्ट तुषार जलोटा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में जान्हवी कपूर और सिद्धार्थ मल्होत्रा लीड रोल में हैं। इनके साथ संजय कपूर, मनजोत सिंह और अभिषेक बनर्जी भी अहम किरदार निभा रहे हैं। करीब 60 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘परम सुंदरी’ फिलहाल सिनेमाघरों में अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
आयुध डिजिटल मीडिया में बौद्धिक संपदा अधिकार सेमिनार सफलतापूर्वक सम्पन्न; IPR से जुड़ी जटिलताओं पर विशेषज्ञों ने दी ट्रेनिंग

आयुध डिजिटल मीडिया में 22 और 23 अप्रैल को दो दिवसीय बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights) सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। इस सेमिनार का उद्देश्य प्रतिभागियों को IPR के महत्व, सिद्धांतों और उपयोगों के बारे में जानकारी देना था। कार्यक्रम के दौरान पेटेंट फाइलिंग प्रक्रिया, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और इनोवेशन मैनेजमेंट जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही यह भी बताया गया कि IPR किस प्रकार नवाचार, उद्यमिता और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करता है। सेमिनार के पहले दिन का उद्घाटन सौरभ कुमार, सह-संस्थापक आयुध डिजिटल मीडिया ने किया। तकनीकी सत्र में पुष्पेंद्र रघुवंशी (डिजिटल हेड) ने IPR सिद्धांतों और प्रक्रियाओं पर अपने विचार रखे। इसके साथ ही वास्तविक जीवन से जुड़ी केस स्टडीज़ पर चर्चा की गई, जिससे प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव मिला। दूसरे दिन “IPR और नवाचार” विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसका संचालन एडवोकेट सानिध्या पास्टोर ने किया। इस दौरान प्रतिभागियों ने प्रश्नोत्तर सत्र, समूह चर्चा और नेटवर्किंग गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम का समापन आशुतोष राय (संस्थापक, Ansoz Technologies) के उद्बोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने सेमिनार से मिली मुख्य सीखों का सार प्रस्तुत किया। दो दिनों तक चले इस सेमिनार से प्रतिभागियों को IPR के सिद्धांतों और उनके उपयोग की गहरी समझ मिली। पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और इनोवेशन मैनेजमेंट के प्रति उनकी जागरूकता में वृद्धि हुई। उद्योग विशेषज्ञों और सह-प्रतिभागियों से संवाद और नेटवर्किंग का अवसर भी मिला। अधिकांश प्रतिभागियों ने बताया कि अब वे IPR से जुड़े मुद्दों को लेकर अधिक आत्मविश्वास महसूस करते हैं। भविष्य की योजनाओं के तहत आयोजक अधिक उन्नत सेमिनार आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं, जिनमें पेटेंट विवाद और ट्रेडमार्क प्रबंधन जैसे विशिष्ट विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग बढ़ाने तथा वेबिनार और वीडियो ट्यूटोरियल जैसे ऑनलाइन साधनों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचने की योजना भी बनाई जा रही है। यह दो दिवसीय सेमिनार अपने उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक और उपयोगी साबित हुआ।