Team India Sponsor: टीम इंडिया को मिलेगा नया जर्सी स्पॉन्सर, बीसीसीआई ने रखा 400 करोड़ की कमाई का लक्ष्य

Team India Sponsor: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) टीम इंडिया के लिए नए जर्सी स्पॉन्सर की तलाश में है। ड्रीम11 के साथ एग्रीमेंट खत्म होने के बाद बोर्ड ने अब नए स्पॉन्सर के लिए बेस प्राइस बढ़ा दिया है। बीसीसीआई ने बढ़ाई कीमतें बीसीसीआई ने जर्सी स्पॉन्सरशिप की दरें पहले से बढ़ा दी हैं। अब द्विपक्षीय सीरीज के एक मैच के लिए 3.5 करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं वर्ल्ड कप और एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में प्रति मैच 1.5 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। पहले यह रकम 3.17 करोड़ और 1.12 करोड़ रुपये थी। 400 करोड़ से ज्यादा की कमाई बीसीसीआई का अनुमान है कि अगले 3 साल में भारतीय टीम लगभग 130 मैच खेलेगी। इस दौरान बोर्ड को जर्सी स्पॉन्सरशिप से 400 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई होगी। यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। कब लगेगी बोली? स्पॉन्सरशिप की बोली 16 सितंबर को होगी। कंपनियों को इसके लिए 12 सितंबर तक टेंडर डॉक्यूमेंट खरीदने होंगे। इसके लिए 5 लाख रुपये और जीएसटी की नॉन-रिफंडेबल फीस रखी गई है। किन कंपनियों को मिलेगी इजाजत? बीसीसीआई ने नियम साफ कर दिए हैं। बेटिंग, तंबाकू, क्रिप्टो और रियल मनी गेमिंग कंपनियां बोली नहीं लगा सकतीं। इसके अलावा कुछ प्रोडक्ट कैटेगरी भी बाहर रखी गई हैं क्योंकि वे पहले से ही बीसीसीआई के अन्य स्पॉन्सर्स से जुड़ी हैं। एशिया कप में बिना स्पॉन्सर उतरेगी टीम इंडिया चूंकि ड्रीम11 का करार खत्म हो गया है और नए स्पॉन्सर की बोली 16 सितंबर को होगी, इसलिए भारतीय टीम एशिया कप 2025 में बिना जर्सी स्पॉन्सर के ही खेलेगी। READ MORE: अमेरिका-भारत रिश्तों में दरार? ट्रंप बोले- “भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया”, SCO समिट के बाद बढ़ी टेंशन
Donald Trump: अमेरिका-भारत रिश्तों में दरार? ट्रंप बोले- “भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया”, SCO समिट के बाद बढ़ी टेंशन

Donald Trump: अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ वॉर लगातार चर्चा में है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नया बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि लगता है हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। ट्रंप का सोशल मीडिया पोस्ट ट्रंप ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह टिप्पणी की। उन्होंने लिखा, “ईश्वर करे कि भारत, रूस और चीन का भविष्य लंबा और समृद्ध हो।” इसके साथ ही ट्रंप ने पीएम मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तस्वीर भी शेयर की। SCO शिखर सम्मेलन का जिक्र यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ। इस बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी, शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन एक साथ नजर आए थे। ट्रंप की टिप्पणी को इस मुलाकात से जोड़कर देखा जा रहा है। टैरिफ विवाद की पृष्ठभूमि पिछले दिनों अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगा दिया था। ट्रंप ने कहा था कि भारत रूस से तेल खरीदता है, इसलिए यह कदम उठाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत अमेरिकी सामान पर 100% टैरिफ लगाता है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है। MEA की प्रतिक्रिया भारत के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “इस समय इस पोस्ट पर मेरी कोई टिप्पणी नहीं है।” क्यों अहम है ट्रंप का बयान विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान मौजूदा भू-राजनीतिक हालात और बढ़ते व्यापारिक तनाव को दिखाता है।भारत, रूस और चीन की नजदीकी को अमेरिका के लिए एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती माना जा रहा है। READ MORE: शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी 60 करोड़ की ठगी का आरोप
Shilpa Shetty-Raj Kundra: शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी 60 करोड़ की ठगी का आरोप

Shilpa Shetty-Raj Kundra: बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा का नाम एक बार फिर विवादों में आ गया है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने दोनों पर कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया है। क्यों जारी हुआ LOC? पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिल्पा और राज अक्सर विदेश यात्राएं करते रहते हैं। ऐसे में आशंका थी कि वे जांच से बचने के लिए देश छोड़ सकते हैं। इसी कारण उनकी मूवमेंट पर रोक लगाने और जांच को आसान बनाने के लिए LOC जारी किया गया है। व्यापारी ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप कारोबारी दीपक कोठारी का आरोप है कि उन्होंने 2015 से 2023 के बीच शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा की कंपनी Best Deal TV Pvt. Ltd. में करीब 60 करोड़ रुपये लगाए। उनका कहना है कि यह पैसा बिजनेस बढ़ाने के लिए लिया गया था, लेकिन शिकायत के मुताबिक इसे कारोबार में लगाने की बजाय निजी खर्चों में इस्तेमाल कर लिया गया। शिल्पा की पर्सनल गारंटी View this post on Instagram A post shared by Shilpa Shetty Kundra (@theshilpashetty) शिकायत में दावा किया गया है कि अप्रैल 2016 में खुद शिल्पा शेट्टी ने निवेश की वापसी की पर्सनल गारंटी दी थी। लेकिन कुछ महीनों बाद उन्होंने कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कंपनी दिवालिया हो गई और निवेशक को कोई जानकारी नहीं दी गई। दीपक कोठारी का कहना है कि वे लगातार 9 साल तक अपने पैसे वापस मांगते रहे। लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया गया। क्या है लुकआउट सर्कुलर? लुकआउट सर्कुलर यानी LOC एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी भी व्यक्ति की अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर नजर रखी जाती है। अगर मामला गंभीर हो तो आरोपी को देश छोड़ने से भी रोका जा सकता है। शिल्पा-राज की मुश्किलें बढ़ी EOW अब इस मामले में पैसों के फ्लो और उनके इस्तेमाल की जांच कर रही है। LOC जारी होने के बाद शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा की कानूनी परेशानियां और बढ़ सकती हैं। READ MORE: पंजाब में बाढ़ से तबाही, 3.84 लाख लोग प्रभावित, बांध टूटने से खतरा और बढ़ा
Teachers Day: एमपी के शिक्षकों को चौथे क्रमोन्नति वेतनमान की सौगात, सीएम मोहन यादव ने किया ऐलान

Teachers Day: भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के शिक्षकों को अब चौथा क्रमोन्नति वेतनमान मिलेगा। इसके लिए जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। सीएम ने बताया कि इस फैसले से सरकार पर 117 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा। लेकिन उन्होंने कहा कि यह बोझ नहीं, बल्कि आनंद की अनुभूति है। इससे 1.50 लाख से ज्यादा शिक्षकों को फायदा होगा। खासतौर पर वे शिक्षक जिन्हें 35 साल सेवा पूरी होने के बाद भी पदोन्नति नहीं मिल पाई है। कार्यक्रम में सीएम ने 55 लाख छात्रों को भी बड़ी सौगात दी। उनके खातों में स्कूल यूनिफॉर्म के लिए 330 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। इस दौरान 14 उत्कृष्ट शिक्षकों को 25 हजार रुपये, शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। सीएम यादव ने कहा कि हमारे सरकारी स्कूल अब देशभर के निजी और बड़े बोर्ड को टक्कर दे रहे हैं। बच्चे कठिन परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। यही शिक्षकों की मेहनत का परिणाम है। कार्यक्रम में सीएम ने गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मशीनें ज्ञान दे सकती हैं, लेकिन संस्कार केवल गुरु ही दे सकते हैं। एआई के दौर में भी गुरु की भूमिका अमूल्य है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी समारोह में शिरकत की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के इस समय में बच्चों को अनुशासन और सकारात्मक माहौल देना जरूरी है। शिक्षक और अभिभावक मिलकर बच्चों को मजबूत बनाएं। गौरतलब है कि शिक्षक दिवस के मौके पर सीएम ने शिक्षकों को यह बड़ा तोहफा दिया। अब 2025-26 से शिक्षकों को चौथे क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ मिलना शुरू होगा। READ MORE: पंजाब में बाढ़ से तबाही, 3.84 लाख लोग प्रभावित, बांध टूटने से खतरा और बढ़ा
Punjab Flood: पंजाब में बाढ़ से तबाही, 3.84 लाख लोग प्रभावित, बांध टूटने से खतरा और बढ़ा

Punjab Flood: पंजाब इस समय भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। सतलुज, रावी और ब्यास नदियों के उफान ने राज्य में तबाही मचा दी है। अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है। 23 जिलों के 1902 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। करीब 3.84 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राहत कार्यों को तेज करने के आदेश दिए हैं। हर प्रभावित गांव में एक-एक गजटेड अफसर तैनात किया गया है, ताकि लोग अपनी समस्या सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकें। लुधियाना में बढ़ा खतरा लुधियाना जिले के कई गांव खतरे में हैं। ससराली कॉलोनी के पास बांध कमजोर हो गया है। कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां और डिप्टी कमिश्नर मौके पर पहुंचे और सेना को बुलाया गया। एनडीआरएफ और सेना की टीम बांध को मजबूत करने में जुटी है। लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। किसानों पर सबसे बड़ा असर बाढ़ का सबसे बड़ा असर खेती पर पड़ा है। करीब 4 लाख एकड़ कृषि भूमि डूब चुकी है। धान, मक्का, गन्ना और कपास जैसी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। किसान मुआवजे और आर्थिक मदद की मांग कर रहे हैं। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर मुआवजे की रकम बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का अन्न भंडार है, और बिना केंद्र की मदद के फसल नुकसान की भरपाई संभव नहीं। केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें हालात का जायजा लेने के लिए पंजाब भेजा है। चौहान ने पानी में उतरकर स्थिति का आकलन किया और जल्द राहत पैकेज का भरोसा दिया। पहाड़ी इलाकों में भी संकट पठानकोट में लगातार बारिश से पहाड़ खिसकने लगे हैं। जगह-जगह मलबा गिरने से यातायात रुक गया है। शाहपुरकंडी डैम साइड रोड भी पूरी तरह बंद हो गया है। सरकार ने मांगा राहत पैकेज पंजाब सरकार ने केंद्र से 2000 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज मांगा है। साथ ही 60 हजार करोड़ रुपये का बकाया तुरंत जारी करने की भी मांग की गई है। हालात पर सख्त निगरानी भाखड़ा बांध का जलस्तर खतरे के निशान के करीब है। चार फ्लड गेट खोल दिए गए हैं। इसका असर रूपनगर, लुधियाना और हरिके तक दिख रहा है। सीएम आवास पर कैबिनेट मीटिंग बुलाई गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। READ MORE: त्योहारों से पहले खुशखबरी, PM मोदी बोले- GST 2.0 से हर परिवार को बड़ा फायदा
The Bengal Files: ‘द बंगाल फाइल्स’ विवाद को लेकर पल्लवी ने राष्ट्रपति मुर्मू से लगाई गुहार, कहा- कला को मिले आजादी

The Bengal Files Controversy: विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ रिलीज से पहले ही मुश्किलों से घिर गई है। पश्चिम बंगाल में कुछ सिनेमा घरों ने कथित धमकियों के कारण फिल्म न दिखाने का फैसला लिया है। इसी बीच फिल्म की निर्माता और एक्ट्रेस पल्लवी जोशी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर गुहार लगाई है। उनका कहना है कि “जैसे कला को सुरक्षा चाहिए, वैसे ही सच को भी संरक्षण मिलना जरूरी है।” पल्लवी जोशी का दर्द पल्लवी ने पत्र में लिखा कि फिल्म 5 सितंबर को रिलीज हो रही है। इसमें डायरेक्ट एक्शन डे के हिंदू नरसंहार, नोआखली की घटनाओं और विभाजन के दर्द को दिखाया गया है। लेकिन बंगाल में फिल्म को लेकर माहौल डर का है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने फिल्म बनने से पहले ही इसका मजाक उड़ाया था। इसके बाद बेबुनियाद FIR दर्ज हुईं, ट्रेलर को ब्लॉक किया गया और अखबारों ने विज्ञापन छापने से इनकार कर दिया। पल्लवी ने दावा किया कि उनके परिवार और थिएटर मालिकों को लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि कोई आधिकारिक प्रतिबंध नहीं है, लेकिन एक अनौपचारिक बैन फिल्म को रिलीज होने से रोक रहा है। राष्ट्रपति से उम्मीद इस पत्र में पल्लवी जोशी ने लिखा,“मैं सरकार से किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रही, मैं सिर्फ यही चाहती हूं कि कला और सच्चाई बिना डर के बोल सके। आप मेरी आखरी आशा हैं।” उन्होंने राष्ट्रपति से संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने और फिल्म को बंगाल में शांति से रिलीज कराने की अपील की। द बंगाल फाइल्स के बारे में ‘द बंगाल फाइल्स’ विवेक अग्निहोत्री की फाइल्स ट्रिलॉजी का हिस्सा है। इससे पहले ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘द ताशकंद फाइल्स’ रिलीज हो चुकी हैं। आपको बता दें कि इस फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती, अनुपम खेर, पल्लवी जोशी के साथ-साथ दर्शन कुमार अहम भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्म 5 सितंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। READ MORE: शिल्पा शेट्टी का रेस्टोरेंट नहीं हो रहा है बंद: एक्ट्रेस ने किया दो नए आउटलेट का ऐलान
PM Modi: त्योहारों से पहले खुशखबरी, PM मोदी बोले- GST 2.0 से हर परिवार को बड़ा फायदा

PM Modi: त्योहारों से पहले देशवासियों को खुशियों का तोहफा मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी 2.0 (GST 2.0) का ऐलान किया है। अब टैक्स स्लैब और आसान होंगे और दर्जनों चीजों की कीमत कम हो जाएगी। सिर्फ दो स्लैब- 5% और 18% पीएम मोदी ने कहा कि अब जीएसटी में सिर्फ दो ही दरें रहेंगी- 5% और 18%। नया नियम 22 सितंबर यानी नवरात्रि के पहले दिन से लागू होगा। रोजमर्रा की चीजें होंगी सस्ती मोदी ने कहा कि पनीर, शैम्पू और कई रोजमर्रा की चीजों पर टैक्स घटा दिया गया है। इससे मिडिल क्लास परिवारों का बजट सुधरेगा और त्योहारों की रौनक और बढ़ेगी। कांग्रेस पर हमला पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के समय पर 100 रुपये की चीज पर 20-25 रुपये टैक्स देना पड़ता था। टॉफी पर 21% और साइकिल पर 17% टैक्स लगता था। घर बनाना भी मुश्किल था। लेकिन जीएसटी 2.0 से अब जिंदगी आसान होगी। आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी 2.0 आत्मनिर्भर भारत के लिए बड़ा सुधार है। यह देश के लिए “सपोर्ट और ग्रोथ की डबल डोज” है। इससे हर परिवार को फायदा होगा और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। क्यों चुनी गई 22 सितंबर की तारीख? पीएम मोदी ने कहा कि नया रिफॉर्म नवरात्रि के पहले दिन से लागू होगा क्योंकि ये बदलाव “मातृशक्ति” से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद यह सबसे बड़ा टैक्स सुधार है। क्या होगा फायदा? READ MORE: बंगाल विधानसभा में हंगामा: BJP के 5 विधायक सस्पेंड, ममता ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
GST Reform: GST स्लैब में हुए बदलाव से IPL टिकट होंगे और महंगे; अब देना होगा 40% टैक्स

GST Reform: भारत में जीएसटी काउंसिल ने टैक्स दरों में बड़ा बदलाव किया है। इसका सबसे बड़ा असर क्रिकेट के इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) पर पड़ा है। IPL टिकट पर अब 40% GST पहले आईपीएल टिकट पर 28% जीएसटी लगता था। लेकिन अब 40% टैक्स देना होगा। इसका असर सीधे दर्शकों की जेब पर पड़ेगा। उदाहरण के लिए, अगर टिकट 1,000 रुपये का है तो पहले टैक्स मिलाकर कीमत 1,280 रुपये होती थी। अब यही टिकट 1,400 रुपये का पड़ेगा। किन आयोजनों पर असर? यह टैक्स केवल आईपीएल जैसे प्रीमियम आयोजनों पर लागू होगा। मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट पर पहले जैसी व्यवस्था जारी रहेगी। 500 रुपये तक के टिकट पर कोई टैक्स नहीं है। 500 रुपये से ज्यादा कीमत वाले टिकटों पर 18% जीएसटी ही लगेगा। लग्जरी कैटेगरी में आया IPL जीएसटी परिषद ने आईपीएल जैसे इवेंट्स को लग्जरी कैटेगरी में रखा है। इसे तंबाकू, शराब और कसीनो जैसी सेवाओं की श्रेणी में गिना गया है। इससे IPL 2026 के टिकट और महंगे हो जाएंगे। कौन सी टीम की टिकट होगी सबसे महंगी? आईपीएल में टिकट की कीमतें फ्रेंचाइजी तय करती हैं। आरसीबी (RCB) की टिकटें अब तक सबसे महंगी रही हैं। 2024 में एक टिकट 55,000 रुपये तक बिका। 2026 में यह 60,000 रुपये तक जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव का असर आम दर्शकों की जेब पर तो पड़ेगा, लेकिन फ्रेंचाइजियों पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा।क्योंकि IPL की आमदनी का बड़ा हिस्सा स्पॉन्सरशिप, टीवी राइट्स और स्ट्रीमिंग से आता है। फिर भी दर्शकों के लिए स्टेडियम में जाकर मैच देखना पहले से ज्यादा महंगा हो जाएगा। READ MORE: शिल्पा शेट्टी का रेस्टोरेंट नहीं हो रहा है बंद: एक्ट्रेस ने किया दो नए आउटलेट का ऐलान
बंगाल विधानसभा में हंगामा: BJP के 5 विधायक सस्पेंड, ममता ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

पश्चिम बंगाल विधानसभा का विशेष सत्र गुरुवार को भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। बीजेपी और टीएमसी विधायकों के बीच जमकर नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने बीजेपी के पांच विधायकों को निलंबित कर दिया। पांच BJP विधायक सस्पेंड सदन की कार्यवाही बाधित करने के आरोप में बीजेपी चीफ व्हिप शंकर घोष, अग्निमित्रा पाल, मिहिर गोस्वामी, अशोक डिंडा और बंकिम घोष को निलंबित किया गया। मार्शलों ने शंकर घोष को घसीटकर सदन से बाहर निकाला। बाहर निकालते समय वे बेहोश हो गए और उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। ममता बनर्जी का पलटवार हंगामे के बीच सीएम ममता बनर्जी ने बीजेपी को बंगाल विरोधी कहा। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे चर्चा नहीं चाहते और सिर्फ हंगामा कर रहे हैं। ममता ने सदन में मोदी चोर और वोट चोर के नारे भी लगाए। सुवेंदु अधिकारी का हमला विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी पहले से ही निलंबित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता ने सदन में पूरे मोदी समुदाय को गाली दी है। अधिकारी ने कहा कि वे ममता बनर्जी के खिलाफ केस करेंगे। उन्होंने टीएमसी को पाकिस्तान का एजेंट भी कहा था, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड किया गया था। बीजेपी का आरोप बीजेपी ने कहा कि बंगाल विधानसभा में लोकतंत्र की हत्या हुई है। विपक्षी विधायकों को आवाज उठाने से रोका जा रहा है।सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यह घटना बताती है कि टीएमसी सरकार अब बौखला गई है और इसका अंत नजदीक है। READ MORE: खाद पर सियासी घमासान, BJP सांसद के पत्र से गरमाई सियासत, जीतू पटवारी ने सरकार पर साधा निशाना
MP News: खाद पर सियासी घमासान, BJP सांसद के पत्र से गरमाई सियासत, जीतू पटवारी ने सरकार पर साधा निशाना

MP News: मध्यप्रदेश में खाद संकट गहराने लगा है। किसानों को लंबे समय तक लाइन में लगना पड़ रहा है। रीवा और सतना में हालात बिगड़ गए। कई जगह किसानों ने प्रदर्शन किया और रीवा में तो लाठीचार्ज भी हुआ। इसी बीच सतना से बीजेपी सांसद गणेश सिंह ने किसानों की समस्या को लेकर प्रदेश सरकार को पत्र लिखा। उन्होंने लिखा कि खाद वितरण पारदर्शी नहीं है। निजी दुकानों पर ऊंचे दामों पर खाद बिक रही है और छोटे किसान दर-दर भटक रहे हैं। गणेश सिंह का पत्र सांसद ने कहा कि डबल लॉक व्यवस्था में सिर्फ सोसायटी के सदस्य किसानों को ही खाद मिल रही है। जबकि सीमांत और छोटे किसान परेशान हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से व्यवस्था सुधारने की मांग की और कहा कि जरूरत पड़ने पर वे और उनकी पार्टी हर तरह का सहयोग देने को तैयार हैं। जीतू पटवारी का सरकार पर हमला बीजेपी सांसद का पत्र सोशल मीडिया पर आते ही कांग्रेस को सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पोस्ट लिखते हुए कहा, “हम तो पहले ही कहते थे, यह सरकार निकम्मी है। भाजपा का विधायक कहता है निकम्मी, भाजपा सांसद पत्र लिखकर कहता है निकम्मी और किसान लाइन में लगकर कह रहे हैं यह सरकार निकम्मी है।” पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से सवाल किया कि आखिर किसानों को खाद कब मिलेगी। सांसद का पलटवार पटवारी के बयान के बाद सांसद गणेश सिंह ने कहा कि उनका मकसद किसानों को राहत दिलाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी ने मनगढ़ंत और राजनीतिक षड्यंत्र से भरा पोस्ट लिखा है। सांसद ने कहा कि मोहन सरकार किसानों और हर वर्ग के साथ खड़ी है और कांग्रेस बौखलाहट में ओछी राजनीति कर रही है। सरकार का दावा वहीं कृषि विभाग का कहना है कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त खाद उपलब्ध है और वितरण लगातार किया जा रहा है। खाद संकट से किसान परेशान हैं। एक तरफ सरकार कमी से इनकार कर रही है तो दूसरी तरफ मैदान में किसान घंटों कतार में लगकर थक रहे हैं। READ MORE: इंदौर एमवाय अस्पताल के चूहा कांड पर राहुल गांधी ने सरकार पर बोला हमला, कहा- यह हादसा नहीं हत्या है