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Pooja Khedkar: पूर्व IAS ट्रेनी पूजा खेड़कर की मां पर अपहरण का आरोप; पुलिस को डराने के लिए छोड़े कुत्ते, आरोपियों को फरार होने में की मदद 

Pooja Khedkar

Pooja Khedkar: पूर्व IAS ट्रेनी पूजा खेड़कर की मां मनोरमा खेड़कर पर आरोप है कि उन्होंने दो अपहरणकर्ताओं को अपने घर से भागने में मदद की और पुलिस टीम को डराने के लिए कुत्ते छोड़ दिए। नवी मुंबई पुलिस के अनुसार, आरोपियों में पूजा के पिता दिलीप खेड़कर और उनके बॉडीगार्ड प्रफुल सलुंखे शामिल है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। किडनैपिंग की घटना कैसे हुई? यह घटना 13 सितंबर की शाम नवी मुंबई के मुलुंड-ऐरोली रोड पर हुई। वहां एक कंक्रीट मिक्सर ट्रक (चालक प्रहलाद कुमार, 22 वर्ष) की टक्कर एक लैंड क्रूजर SUV से हो गई। इसके बाद ट्रक चालक और SUV में सवार दो लोगों के बीच विवाद हुआ। पुलिस के अनुसार, दिलीप खेड़कर और प्रफुल सलुंखे ने प्रहलाद को SUV में बैठाकर पुणे के बानेर इलाके में पूजा खेड़कर के बंगले ले गए। पुलिस ने ढूंढा प्रहलाद का ठिकाना पुलिस को शिकायत मिलने पर नवी मुंबई की टीम ने पुणे के बंगले तक खोजबीन की। वहां पहुंचने पर पूजा की मां मनोरमा ने पुलिस को गेट खोलने से मना कर दिया। जब पुलिस ने कारण बताया तो मनोरमा ने FIR की फोटो खींची और भरोसा दिलाया कि वह आरोपी को थाने लेकर आएंगी, लेकिन बाद में उन्होंने 3 बजे आने से इनकार कर दिया। पुलिस को कुत्तों से डराने की कोशिश पुलिस वापस आई तो देखा कि आरोपियों की कार गायब थी। मनोरमा ने आरोपियों की मदद से कार हटा दी और पुलिस को डराने के लिए दो खतरनाक कुत्ते गेट पर छोड़ दिए थे। पुलिस ने फिर बंगले पर छापा मारा, लेकिन मनोरमा नहीं मिली पुणे और नवी मुंबई पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार को फिर बंगले पर छापा मारा, लेकिन मनोरमा वहां नहीं मिली। पुलिस गेट फांद कर अंदर घुसी। दिलीप और प्रफुल पर लगे गंभीर आरोप दिलीप खेड़कर, उनकी पत्नी मनोरमा और बॉडीगार्ड प्रफुल सलुंखे पर ट्रक चालक प्रहलाद कुमार को अपहरण और मारपीट करने का आरोप है। प्रहलाद को जबरदस्ती SUV में बैठाया गया और पुणे ले जाकर बंदी बनाया गया। पूजा खेड़कर पर नकली विकलांगता प्रमाण पत्र का उपयोग करके UPSC के विकलांग कोटे से IAS बनने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत दी थी। कोर्ट ने कहा था कि पूजा ने कोई बड़ा अपराध नहीं किया है और वह न माफिया है और न आतंकवादी।  READ MORE: इंदौर के MY अस्पताल में चूहों के काटने से नहीं हुई थी नवजातों की मौत; मध्यप्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में पेश की रिपोर्ट

Indore MY Hospital: MY अस्पताल में चूहों के काटने से नहीं हुई थी नवजातों की मौत; मध्यप्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में पेश की रिपोर्ट

Indore MY Hospital

Indore MY Hospital: इंदौर के एमवाय अस्पताल के चूहा काडं में अब बड़ा खुलासा हुआ है। सोमवार को इंदौर हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान मध्यप्रदेश सरकार ने विस्तृत रिपोर्ट पेश की। जिसके अनुसार दोनों नवजातों की मौत चुहों के काटने की वजह से नहीं हुई है।  धार के दंपत्ती के बच्चे की पोस्टमॉर्टम का हवाला देते हुए बताया गया कि, नवजात के कुछ अंग पूरी तरह से विकसित नहीं थे। जिसके साथ-साथ नवजात को अन्य बीमारियां भी थी। सरकार ने रिपोर्ट में बताया कि पहली घटना 30 अगस्त की सुबह 4 बजे की है और दूसरी घटना 31 अगस्त की रात 10:30 बजे की है।  सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक घटना की जानकारी समय पर न देने वाले और जिनकी उपस्थिति में यह लापरवाही हुई, वे सभी इसके जिम्मेदार है। हाई कोर्ट में सरकार ने इस बात का भी जिक्र किया है कि, एमवाय अस्पताल में पेस्ट कंट्रोल का काम कर रही ‘एजाइल कंपनी’ को ब्लैकलिस्ट करने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। यह कार्रवाई कंपनी के खिलाफ काम में लापरवाही के चलते की गई है। कोर्ट की टीम एमवाय अस्पताल का दौरा भी कर चुकी है।  सरकार ने हाईकोर्ट इस बात बात का भरोसा दिलाया कि आगे चलकर इस तरह की कोई भी घटना दोबारा नहीं होगी, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएगें। इसी के तहत एमवाय अस्पताल के PICU और NICU यूनिट्स को तत्काल प्रभाव से बेहतर सुविधाओं के साथ सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार ने कहा कि कुछ ऐसे उपाय होने चाहिए, जिनसे शासन द्वारा जारी पैरामीटर्स और गाइडलाइन का पूरा पालन किया जाए। इसके लिए यदि कोर्ट को अलग से कोई अथॉरिटी गठित करनी पड़े, तो वह भी की जा सकती है।  जानकारी के लिए बता दें कि हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए सरकार को 15 सितंबर तक रिपोर्ट पेश करने को कहा था।  READ MORE:  नो-एंट्री में घुसे बेकाबू ट्रक ने रौंदी भीड़, 2 की मौत, 15 लोग घायल; बाइक में विस्फोट के बाद लगी आग

Indore Truck Accident: नो-एंट्री में घुसे बेकाबू ट्रक ने रौंदी भीड़, 2 की मौत, 15 लोग घायल; बाइक में विस्फोट के बाद लगी आग

Indore Truck Accident

Indore Truck Accident: सोमवार शाम एयरपोर्ट रोड पर एक बेकाबू ट्रक ने मौत का तांडव मचाया। तेज रफ्तार ट्रक करीब एक किलोमीटर तक लोगों और वाहनों को कुचलता चला गया। इस दर्दनाक हादसे में 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिसमें 2 साल का बच्चा भी शामिल था। करीब 15 लोग हादसे की चपेट में आए है, जिनमें से 13 घायल हुए है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक नो-एंट्री जोन में घुस गया और लगातार लोगों को टक्कर मारता रहा। पुलिस ने बताया कि ट्रक में आग बाइक के घिसटते रहने से लगी, जिससे विस्फोट हुआ।  घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी 13 घायलों में से 6 को गीतांजलि अस्पताल, 2 को वर्मा यूनियन, 2 को बंथिया, 2 को ऑरोबिंदो और 1 को भंडारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से 2 की हालत नाजुक बताई जा रही है। गलत रास्ते में घुसा ट्रक, ड्राइवर शराब के नशे में था शाम के वक्त शहर में भारी वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित है, लेकिन ड्राइवर रास्ता भटक गया और एयरपोर्ट रोड की ओर आ गया।  पुलिस ने कलानी नगर में ट्रक को रोकने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर ने स्पीड बढ़ाकर ट्रक भगाया। डीसीपी कृष्णा लालचंदानी ने बताया कि ड्राइवर शराब के नशे में था और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। ट्रक को जब्त कर लिया गया है। मुख्यमंत्री ने जताया दुख, एसीएस को भेजा इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला को इंदौर भेजने के निर्देश दिए है। साथ ही शहर में रात 11 बजे से पहले भारी वाहनों की एंट्री की जांच के भी आदेश दिए है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई खौफनाक तस्वीर शिक्षक नगर के पास सबसे पहले ट्रक ने दो बाइक सवारों को टक्कर मारी, जो ट्रक में फंस गए और काफी दूर तक घिसटते रहे। लोग चिल्लाते रहे, लेकिन ड्राइवर नहीं रुका। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि ट्रक के ब्रेक फेल हो गए थे और ड्राइवर नशे में था। READ MORE: बिहार SIR पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी; कहा – गड़बड़ पाई गई तो पूरी प्रक्रिया हो जाएगी रद्द

Supreme Court On Bihar SIR: बिहार SIR पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी; कहा – गड़बड़ पाई गई तो पूरी प्रक्रिया होगी रद्द

Supreme Court On Bihar SIR

Supreme Court On Bihar SIR: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार 15 सितंबर को देशभर में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कहा कि अगर इसकी कार्यप्रणाली में किसी भी तरह की गड़बड़ पाई गई तो इसे रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये साफ किया कि फैसला एक बार में सुनाएगा, जो पूरे देश में लागू होगा। अब इस मामले में अगली सुवाई 7 अक्टूबर में होगी। इस दिन आखरी दलील पेश की जाएगी।  जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच इस मामले पर सुनवाई कर रही है। कोर्ट का कहना है कि, चुनाव आयोग बिहार में SIR प्रक्रिया में कानून का पालन कर रहा है। लेकिन, अगर किसी भी चरण में हमे निवार्चन आयोग द्वारा अपनाई गई कार्यप्रणाली में अवैधता मिलती है तो हम पूरी प्रक्रिया को रद्द कर देंगे।  बेंच ने याचिकाकर्ताओं से कहा है कि वे बिहार एसआईआर और देश भर में चल रहे एसआईआर से जुड़े मुद्दों पर 7 अक्टूबर की सुनवाई में अपनी दलीलें रख सकते है।   इसके अलावा जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने 8 सितंबर के अपने आदेश को वापस लेने की मांग वाली याचिका पर भी नोटिस जारी किया, जिसमें चुनाव आयोग को बिहार एसआईआर में आधार को 12वें जरूरी दस्तावेज के तौर पर शामिल करने का निर्देश दिया था।  कोर्ट का कहना है कि आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है। लेकिन, वोटर लिस्ट में जुड़ने के लिए प्रस्तुत किए जाने पर चुनाव आयोग इसकी पुष्टि कर सकता है। इस मामले की सुनवाही के दौरान न्यायमूर्ति सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि वह यह मानकर चल रही है कि एक संवैधानिक प्राधिकारी होने के नाते चुनाव आयोग ने एसआईआर में कानून और सभी जरूरी नियमों का पालन किया है। READ MORE: मध्यप्रदेश में बनेगा इंजीनियरिंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट; सीएम मोहन यादव ने इंजीनियर डे पर किया ऐलान

MP News: मध्यप्रदेश में बनेगा इंजीनियरिंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट; सीएम मोहन यादव ने इंजीनियर डे पर किया ऐलान

MP News

MP News: इंजीनियरिंग जे के अवसर पर मध्यप्रदेश की राजधानी भापाल के कुशाभऊ ठाकरे सभागार में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस खास मौके पर सीएम मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में इंजीनियरिंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट बनाने का ऐलान किया।  साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण सर्वेक्षण ऐप, न्यूज लेटर और लोक परियोजना प्रबंधन प्रणाली का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि यह तकनीकी नवाचार विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाएंगे साथ ही पारदर्शिता इससे काम में पारदर्शिता भी आएगी।  मुख्यमंत्री ने इंजीनियरों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें भगवान हनुमान जैसा बताया और कहा कि, “इंजीनियर वही होते है जो हर असंभव कार्य को संभव बना देते है।” उन्होंने कहा कि जैसे भगवान विश्वकर्मा ने पुष्पक विमान बनाया था, वैसे ही आज हमारे इंजीनियर तकनीक के सहारे ताजमहल जैसे अद्भुत निर्माण कर रहे है। ईश्वर सबसे बड़े अभियंता– मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि “अभियंता” शब्द का अर्थ होता है आरंभ और शुभारंभ करने वाला। उन्होंने बताया कि जैसे ईश्वर ने इस संसार की रचना की, वैसे ही इंजीनियर समाज और देश के विकास की नींव रखते है। उन्होंने सर मोक्षगुंडम विश्वैश्वरैया को याद करते हुए कहा कि 20वीं सदी में उन्होंने इंजीनियरिंग में नए आयाम स्थापित किए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अब वह जमाना चला गया जब ताजमहल बनाने के बाद कारीगरों के हाथ काट दिए जाते थे। आज स्थिति यह है कि ताजमहल जैसे प्रोजेक्ट्स का टेंडर लेने के लिए लाइन लग जाती है। उन्होंने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेता तकनीकी विकास और इंजीनियरों को ‘गति शक्ति योजना’ जैसे प्रोजेक्ट्स से लगातार प्रेरित कर रहे है। यही राष्ट्र निर्माण का असली मार्ग है। इंजीनियरों को किया सम्मानित इस अवसर पर कई उत्कृष्ट अभियंताओं और ठेकेदारों को सम्मानित भी किया गया: READ MORE: वनतारा को मिली क्लीन चिट, कानून का हो रहा पालन; SIT की रिपोर्ट नहीं की जाएगी सार्वजनिक

Nepal Cabinet: नेपाल की अंतरिम सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार, तीन मंत्रीयों ने ली शपथ; जाने किसे मिला कौना सा मंत्रालय

Nepal Cabinet

Nepal Cabinet: प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के नेतृत्व में नेपाल की अंतरिम सरकार का मंत्रीमंडल विस्तार हुआ। रामेश्वर खनाल, ओमप्रकाश अर्याल और कुलमान घीसिंग को समोवार को मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शीतल निवास में एक कार्यक्रम में नवनियुक्त मंत्रियों को शपथ दिलाई गई।  जानकारी के लिए बता दें कि खनाल को वित्त मंत्री, अर्याल को गृह मंत्री और कुलमान घीसिंग को ऊर्जा मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा अर्याल के पास कानून मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी रहेगी। घीसिंग के पास ऊर्जा मंत्रालय के अलावा भौतिक पूर्वाधार, यातायात व शहरी विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी सौपी गई है।  इससे पहले राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने बीते शुक्रवार देर रात सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया था। अब उनके पास 5 मार्च तक नए चुनाव कराने और प्रधानमंत्री के लिए पद को खाली करने का समय है। नेपाल में भ्रष्ट सरकार और सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध को लेकर Gen-Z ने विरोध प्रदर्शन किया था। जिसके चलते नेपाल के प्रधानमंत्री को इस्तीफा देकर देश छोड़कर भागना पड़ा। उनके इस्तीफे के बाद नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ गई थी। लेकिन अब नेपाल धीरे-धीरे शांति के रास्ते पर बढ़ रहा है।  READ MORE: ऑनलाइन बेटिंग केस में ED ने एक्ट्रेस उर्वशी और मिली को भेजा समन; मनी लॉन्ड्रिंग मामले में होगी पूछताछ 

Vantara: वनतारा को मिली क्लीन चिट, कानून का हो रहा पालन; SIT की रिपोर्ट नहीं की जाएगी सार्वजनिक

Vantara

Vantara: सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित SIT ने वनतारा को क्लीन चिट दे दी है। कोर्ट ने SIT रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए कहा कि वे केवल सारांश को ही आदेश का हिस्सा बनाएंगे।  जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लिया और कहा कि एसआईटी के अधिकारियों ने वंतारा में अनुपालन और नियामक उपायों के मुद्दे पर संतुष्टि व्यक्त की है। SIT की रिपोर्ट बीते शुक्रवार को पेश की गई और एससी ने सोमवार को इसका अवलोकन किया। जानकारी के लिए बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने हाथियों के अधिग्रहण के कानूनों का पालन न करने के आरोपों पर वनतारा के खिलाफ जांच करने के लिए एसआईटी को गठित किया था। जिसका नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस जे. चेलामेश्वर ने किया। इस टीम में उत्तराखंड और तेलंगाना हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस राघवेंद्र चौहान, मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त हेमंत नागराले और वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी अनिश गुप्ता भी शामिल रहे।  सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस पंकज मितल और जस्टिस प्रसन्ना वराले की बेंच ने कम समय में इस रिपोर्ट को पेश करने के लिए एसआईटी की सराहना की। वनतारा के एडवोकेट हरीश साल्वे ने आदालत से अपील की और कहा कि हम नहीं चाहते कि पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।  हरीश साल्वे का कहना है कि दुनिया में बहुत से लोग हमसे व्यावसायिक प्रतिद्वंदिता रखते है। जो इस जानकारी का दुरुपयोग कर सकते है। जिस पर जस्टिस मिथल ने सवाब देते हुए कहा कि कोर्ट ऐसा नहीं होने देगा। हम इसआईटी रिपोर्ट आपको देंगे ताकि आप जरूरत के हिसाब से सुधार कर सकें। याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा था कि वंतारा में कानूनों का पालन नहीं किया जा रहा है साथ ही मंदिर के हाथियों को वनतारा में अच्छे से नहीं रखा जा रहा, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने बोला कि ‘आप कैसे जानते है कि वहां मंदिर के हाथी को अच्छे से नहीं रखा जा रहा?’  आगे कोर्ट ने कहा कि हमारे देश में कई चीजें है, जिन पर हम गर्व कर सकते है। उन्हें व्यर्थ के विवादों में नहीं उलझाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई हाथी को रखना चाहता है और पूरे नियमों का पालन कर ऐसा करता है तो क्या गलत है। READ MORE: ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म केस में ED ने एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला और मिली चक्रवर्ती को भेजा समन; मनी लॉन्ड्रिंग मामले में होगी पूछताछ 

ED: ऑनलाइन बेटिंग केस में ED ने एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला और मिमी चक्रवर्ती को भेजा समन; मनी लॉन्ड्रिंग मामले में होगी पूछताछ 

उर्वशी रौतेला

ED: ईडी ने बॉलीवु़ एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला और मिमी चक्रवर्ती को ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म 1xBet से जुड़ी जांच में समन भेजा। ED की जानकारी के अनुसार दोनों एक्ट्रेस 1xBet के प्रमोशनल एंडोर्समेंट से जुड़ी है। 1xBet नाम का प्लेटफार्म ईडी के शक के दायरे में है। पूछताछ के लिए ईडी ने  उर्वशी रौतेला को दिल्ली के ED मुख्यालय में 16 सितंबर को हाजिर होने के लिए कहा है। साथ ही एक्ट्रेस मिमी चक्रवर्ती आज ईडी के सामने हाजिर हुई।  पूर्व सांसद और अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक अवैध सट्टेबाजी एप 1xBet से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ की है। 36 साल की मिमी पर आरोप है कि उन्होंने इस एप से जुड़े कुछ विज्ञापनों और वित्तीय लेन-देन में भाग लिया था।  ईडी यह पता लगाना चाहती है कि उनका इस एप से क्या संबंध है। यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज किया गया है। एजेंसी कई ऐसे मामलों की जांच कर रही है, जिनमें 1xBet जैसे अवैध सट्टेबाजी एप्स के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी और टैक्स चोरी के आरोप लगे है।  इससे पहले ईडी ने पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना और शिखर धवन से भी पूछताछ की थी। इसके अलावा, अभिनेत्री उर्वशी रौतेला, जो इस एप की भारतीय ब्रांड एंबेसडर हैं, को भी बयान देने के लिए बुलाया गया है। एजेंसी सभी से पूछताछ कर यह समझना चाहती है कि उनकी भूमिका क्या रही और एप के जरिए कैसे वित्तीय गड़बड़ी हुई। READ MORE: बिग बॉस के घर में शहबाज और अभिषेक के बीच हुई हाथापाई; कुनिका और अमाल में भी छिड़ी बहस

Bigg Boss 19: बिग बॉस के घर में शहबाज और अभिषेक के बीच हुई हाथापाई; कुनिका और अमाल में भी छिड़ी बहस

Bigg Boss 19

Bigg Boss 19: बिग बॉस के घर में नए हफ्ते के साथ नया बवाल भी शुरू हो गया है। शो का नाया प्रोमो जियो हॉटस्टार के पेज में जारी किया गया, जिसमें शहबाज और अभिषेक के बीच हाथापाई दिखाई गई है। अभिषेक और शहबाज के बीच झगड़े की वजह और कोई नहीं बल्कि कुनिका है। शो में शहनाज गिल के भाई शहबाज और अभिषेक बजाज के बीच जमकर बहस हुई जो हाथापाई में तब्दील हो गई। दोनों एक-दूसरे पर हाथ उठाने लगे, जिसके बाद बिग बॉस को हस्तक्षेप करना पड़ा है।  हाल ही में जियो हॉटस्टार रियलिटी द्वारा शो का नया प्रोमो जारी किया गया है।  प्रोमों में बताया गया कि अमाल मलिक, जीशान से कहते है, किचन काम मैं संभाल लूंगा। जिसपर कुनिका बोलती है, बहुत मेहरबानी कर रहे है। तो अमाल कुनिका को कहते है कि, ‘मैं आपका बहुत आदर करता हूं, जब किचन आपकी जिम्मेदारी नहीं है, तो आप क्यों किचन की बात कर रही है?।’ इस बात पर कुनिका ने कहा कि इस तरह वो इज्जत करते हैं। फिर अमाल ने जवाब दिया, ‘इज्जत देने का ये मतलब नहीं कि मैं नौकर बन जाऊं।’ आगे वीडियो में देखा जाता है कि बहस बढ़ने पर सभी घरवाले भी इकट्ठा हो गए। इस दौरान अभिषेक कुनिका के लिए कहते है कि आपका ये तरीका बहुत ही बेकार है। जिसपर शहनाज के भाई शहबाज अभिषेक पर भड़क गए। जिसके बाद दोनों के बीच गहमागहमी इतनी बढ़ जाती है की दोनों हाथापाई करने लगते है। View this post on Instagram A post shared by ColorsTV (@colorstv) शो के नियमों के मुताबिक घर में फिजिकल फाइट करना मना है। जिसके चलते अभिषेक और शहबाज को सजा के तौर पर पूरे सीजन के लिए नॉमिनेट कर दिया गया है।  READ MORE: नेपाल में आज होगा मंत्रिमंडल विस्तार; जानिए कौन-कौन होगा सुशीला कार्की की कैबिनेट का हिस्सा

Nepal Cabinet: नेपाल में आज होगा मंत्रिमंडल विस्तार; जानिए कौन-कौन होगा सुशीला कार्की की टीम का हिस्सा

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Nepal Cabinet: प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के नेतृत्व में नेपाल की राजनीति में बड़ा फेरबदल जारी है। आज प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगी, मीडिया रिपोर्टस की माने तो रामेश्वर खनाल, ओमप्रकाश अर्याल और कुलमान घीसिंग को आज शपथ दिलाई जाएगी।  रामेश्वर खनाल वित्त मंत्री, अर्याल गृह मंत्री और कुलमान घीसिंग ऊर्जा मंत्री होंगे। अर्याल को कानून मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। घीसिंग को भी ऊर्जा के अलावा भौतिक पूर्वाधार, यातायात व शहरी विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जाएगी। इन तीनों मंत्रियों का शपथग्रहण आज दोपहर राष्ट्रपति कार्यालय में होगा। आपको बता दें कि इससे पहले राष्ट्रपति पौडेल ने बीते शुक्रवार को पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार का मुखिया बनाया, जिसके बाद उन्होंने रविवार से अपना पदभार संभाला।  पद ग्रहण करने के बाद सुशीला कार्की ने पहले संबोधन में ये साफ कर दिया कि उनकी टीम को सत्ता का लालच नहीं है। प्रधानमंत्री कर्की बोली, ‘मैं और मेरी टीम यहां सत्ता का स्वाद चखने नहीं आए है। हम छह महीने से ज्यादा नहीं रुकेंगे। हम नई संसद को जिम्मेदारी सौंप देंगे। आपके सहयोग के बिना हमें सफलता नहीं मिलेगी।’ कार्की ने नेपाल की जनता को आश्वासन दिया कि सरकार मृतकों के शवों को उनके जिलों तक पहुंचाने में पूरी तरह से मदद करेगी। आगे उन्होंने कहा कि सरकार इस प्रदर्शन में हुई तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाओं की जांच की जाएगी। READ MORE: वक्फ कानून पर रोक की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने किया इंकार; कहा – पूरे कानून पर रोक लगाने का कोई आधार नहीं