Aayudh

सिद्धू मूसेवाला का होने वाला है पुनर्जन्म, क्या है सच

सिद्धू मूसेवाला

म्यूजिक इंडस्ट्री में सिद्धू मूसेवाला का नाम किस ने नहीं सुना है। सिंगर की साल 2022 में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी पर उनके गाए हुए गानों ने उन्हें हर फैंन के दिल में अमर कर दिया है। मूसेवाला की मौत से उनके घर वालों को सदमा लगा था लेकिन अब ऐसी खबरें सामने आई है कि मूसेवाला का पुनर्जन्म होने वाला है। मूसेवाला की मां सुनाएंगी खुशखबरी मूसेवाला ने अपने गानों से ना केवल भारत में अपनी पहचान बनाई बल्कि विदेशों में भी उनके गानों को उतना ही प्यार दिया जाता था। मूसेवाला के जाने के बाद भी उनके फैंस उन्हें नहीं भुला पाए हैं और अब उनके फैंस के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल मूसेवाला परिवार में जल्द ही किलकारी गूंजने वाली है। सिद्धू मूसेवाला की मां प्रेगनेंट हैं और मार्च में वह बच्चे को जन्म देंगी। सिद्धू मूसेवाला का होगा पुनर्जन्म सिद्धू मूसेवाला अपने माता पिता की एकलौती संतान थे जिस के कारण उनकी मौत के बाद उनके परिवार का चिराग बुझ गया था और माता पिता अकेले पड़ गए थे। अब खबरें सामने आ रही हैं कि IVF की मदद से उनकी मां प्रेगनेंट हुई है। मूसेवाला के फैंस का मानना है कि उनके घर में अब मूसेवाला का पुनर्जन्म होने वाला है। यह भी पढ़ें- खाड़ी देशों में क्यों बैन हुई फिल्म आर्टिकल 370

देखिए इस महाशिवरात्री पर क्या है खास, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त

महाशिवरात्री

मार्च के महीने में पहले सप्ताह के भीतर ही महाशिवरात्री का पर्व रहने वाला है। इस साल महाशिवरात्री 8 मार्च को मनाई जाएगी। इस दिन ऐसे कई योग बन रहे हैं जिस के कारण ये शिवरात्री महा फलदायी साबित होगी। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की निशिता काल में पूजन की जाती है। इस लेख के माध्यम से जानिए कि इस साल शिवरात्री पर कौन से विशेष संयोग हैं और पूजा करने का शुभ मुहूर्त क्या है। इस साल है ये संयोग इस दिन शनि अपनी मूल राशि कुंभ में विराजमान होंगे और शनि के पिता सूर्य भी चंद्रमा सहित कुंभ राशी में प्रवेश करेंगे। इन तीन राशियों का साथ में योग फलदायी साबित होगा। इसे ज्योतिष की भाषा में त्रिग्रहि योग कहा गया है। इस के साथ ही महाशिवरात्री पर सर्वार्थ सिद्धी योग बन रहा है जो इस दिन को और भी विशेष बनाता है। महाशिवरात्री की पूजा का शुभ मुहूर्त फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्री कहा जाता है। 8 मार्च को रात 9 बजकर 58 मिनट पर चतुर्दशी की शुरूआत हो रही है जो अगले दिन 9 मार्च को शाम 6 बजकर 18 मिनट पर खत्म होगी। शिवरात्री की पूजा हमेशा निशिता काल में ही की जाती है इसलिए 8 मार्च को ही पूजा की जाएगी। इस दिन राज 9 बजकर 58 मिनट से निशिता काल प्रारम्भ होगा और 12 बजकर 31 मिनट तक होगा। यह भी पढ़ें- महाभारत कथा: क्यों हवन करते समय स्वाहा शब्द का जाप किया जाता है?

पद्मश्री पंकज उधास ने दुनिया को कहा अलविदा

पंकज उधास

संगीत जगत के सरताज और पद्मश्री पंकज उधास ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। लेजेंडरी सिंगर ने 72 साल की उम्र में अंतिम सांसे ली उनके निधन की खबर सुन कर बॉलीवुड दुनिया में मातम पसरा हुआ है। सिंगर के निधन की खबर खुद उनकी बेटी नायाब उधास ने शेयर की है। उधास की मौत की यह है वजह पंकज लंबे समय से बीमार थे वह कई उम्र संबंधी बीमारियों से ग्रसित थे जिसके कारण पिछले 10 दिन से इनकी हालत गंभीर थी। बेटी नायाब ने उनके निधन की खबर शेयर करते हुए लिखा कि बहुत दुख के साथ ये बताना पड़ रहा है कि पद्मश्री पंकज उधास का 26 फरवरी 2024 को निधन हो गया है।उन्हें 10 दिन पहले ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां आज सुबह 11 बजे उन्होंने अंतिम सांसे ली। कल मंगलवार को उधास का अंतिम संस्कार किया जाएगा। पंकज उधास ने ऐसे की गाने की शुरूआत पंकज उधास ने अपने गाने की शुरुआत अपने स्कूल की प्रार्थना से की थी वैसे तो उनके घर में गायन के प्रति सबका रुझान था जिसके कारण वह भी म्यूजिक से दूर नही रह सके और संगीत की दुनिया के सरताज बन गए।उनका पहला एल्बम सॉन्ग आहट था जो सन 1980 में रिलीज हुआ। जिसके बाद वह गजल गायक के रूप में मशहूर हुए और उन्होंने जिए तो जिए कैसे बिन आपके, चांदी जैसा रंग है तेरा,सोने जैसे बाल, न कजरे की धार, जैसे सुपरहिट और हमेशा के लिए अमर रहने वाले गाने गाए ,जिनकी वजह से पंकज और उनकी आवाज हमेशा हमेशा के लिए अमर हो गई। यह भी पढ़ें- खाड़ी देशों में क्यों बैन हुई फिल्म आर्टिकल 370

खाड़ी देशों में क्यों बैन हुई फिल्म आर्टिकल 370

आर्टिकल 370

हालही में एक फिल्म बॉक्स ऑफिस पर छाई हुई है जिसका बजट काफी कम है और कमाई पहले दिन से ही ताबड़तोड़ है। हम बात कर रहें हैं भारत के इतिहास में यादगार रहने वाली एक सच्चा घटना पर आधारित फिल्म आर्टिकल 370 की। ये फिल्म जितनी ज्यादा भारत में पसंद की जा रही है उतनी ही ज्यादा बाहरी देशों में भी तारीफ बटोर रही है लेकिन ऐसे भी कुछ देश है जो इस फिल्म के द्वारा दिखाई जा रही सच्चाई को लोगों के सामने नहीं आने देना चाहते। आर्टिकल 370 इन दोशों में हुई बैन फिल्म आर्टिकल 370 को खाड़ी देश कुवैत, ओमान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और बहरीन में बैन कर दिया गया है, इन देशों में अब ये फिल्म नहीं दिखाई जाएंगी। हालांकि ये देश उन देशों में आते हैं जहाँ की आवाम भारतीय सिनेमा के काफी पसंद करती है। लेकिन साल 2024 के इन दो महिनों में इन खाड़ी देशों में दो भारतीय फिल्म बैन हो चुकी हैं दरअसल दूसरी फिल्म फाईटर है जो पिछले ही महीने रिलीज हुई थी लेकिन गल्फ देशों में रिलीजिंग की परमिशन नहीं मिली। ऐसी है फिल्म की कहानी आपको बता दें कि फिल्म आर्टिकल 370 संविधान की धारा 370 पर आधारित है। जिसे कश्मीर से हटाने और इस फैसले को शांती पूर्ण अमल किया जाए इन सभी मुद्दों पर आधारित है। इस फिल्म को उरी द सर्जिकल स्ट्राईक जैसी ब्लॉकबस्टर मूवी देने वाले यामी गौतम को पति आदित्य धर ने बनाया है। जिसमें यामी मुख्य किरदार में नज़र आती है। इसके साथ ही प्रियमणि और अरूण गोवेल भी फिल्म के किरदारों में नज़र आते हैं। फिल्म को देश भक्ति की फिल्मों में शामिल किया गया है यह फिल्म उस समय की घटनाओं को बताती है जिसके बारे में आज तलक लोग नहीं जानते हैं उन्हें बखूबी दिखाय़ा गया है। आर्टिकल 370 को इसलिए किया बैन इस फिल्म को लेकर कुछ ही दिन पहले पीएम मोदी ने भी बात की थी, उन्होंने जम्मू कश्मीर में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि मैने सुना है आर्टिकल 370 पर एक फिल्म आ रही है, अच्छा है लोगों तक सही सच पहुंचेगा। लेकिन सच्चाई बताते वाली फिल्म तो आई पर ये सच सबके सामने नहीं आ सकेगा क्योंकि कुछ देशों में इस सच पर पर्दा डाला जा रहा है और लोगों को जम्मू कश्मीर के इस सच से दूर रखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस्लामिक देश होने के कारण उनहेंनो इस फिल्म का विरोध किया है क्योंकि इसमें कश्मीर से जुड़े मुदेदों का जिक्र है शायद इसीलिए ही  फिल्म को वहां बैन कर दिया है। इसके अलावा फाईटर फिल्म में भी मुस्लिम मुल्कों को जिक्र मिलता है जिसके कारण ये फिल्म भी वहाँ रिलीज. नहीं हो सकी थी। यह भी पढ़ें- कम बजट में बनी फिल्म ‘आर्टिकल 370’ की 26 करोड़ की कमाई

Kamalnath 2.0, लौट आए पार्टी में नाथ के अच्छे दिन

Kamalnath

कमलनाथ (Kamalnath)अब कांग्रेस में वापिस आ गए हैं अब आप कहेंगे कि वो तो कही गए ही नहीं थे लेकिन ऐसा नहीं है कमलनाथ चले गए थे, पार्टी से कमलनाथ को पूरी तरह से साईड कर दिया गया था लेकिन अब दोबारा पार्टी में उनकी पूछ शुरू हो गई है और इस बार कमलनाथ उसी उर्जा से भरे नज़र आ रहे हैं जो विधानसभी चुनाव में उनके अंदर देखी जा रही थी। दरअसल ऐसी कई बातें हैं जो ये साफ करती है कि कमलनाथ (Kamalnath) के पार्टी छोड़ने वाली अफवाह से पहले उनको पार्टी ने साईड लाईन कर दिया था। नाथ को पार्टी ने किया दर किनार हम सभी ने देखा कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के समय कमलनाथ ने ही पार्टी को पूरी तरह से संभाला था उन पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां थी लेकिन चुनाव हार जाने के बाद पार्टी के नेताओं और आलाकमान ने भी हार का ठीकरा कमलनाथ पर फोड़ा था, यहां तक की उनके भाई ने भी कांग्रेस की हार का जिम्मेदार बड़े भाई कमलनाथ को माना था। इतना ही नहीं जो पार्टी कभी कमलनाथ के बताए नक्शे कदम पर चलती थी उसी पार्टी ने उनकी गैर हाज़री में उनको सूचित किए बिना उन्हें पीसीसी चीफ के पद से हटा दिया गया था और उनके स्थान पर राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाने वाले जीतू पटवारी को बैठाया गया। जिस के बाद एक बार फिर पार्टी ने उन्हें नज़रंदाज कर दिया। kamalnath के लौटे अच्छे दिन इतना सब होने के बाद भी जब कमलनाथ (Kamalnath) ने राज्यसभा सीट के लिए सोनिया गांधी से बात की तो भी उनके स्थान पर वह सीट पार्टी ने अशोक सिंह को दे दी। ऐसा लग रहा था जैसे पार्टी उन्हें कोई जिम्मेदारी देना ही नही चाहती जिसके बाद से ही उनके पार्टी छोड़ने की अटकलें तोज़ हो गई लेकिन ऐसी खबरों पर विराम लगाते हुए उनहोंने ये साफ किया कि वह कहीं नहीं जा रहे हैं। लेकिन इन सभी अटकलों के कारण एक बार फिर ने पार्टी में उनकी पूछ शुरू हो गई है हालही में रविवार को हुई कांग्रेस पार्टी की मीटिंग में शामिल हुए थे जहां उन्होमने अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं के हौंसलें बढ़ाने की बात कही साथ ही कहा वह लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए तैयार है वह राहुल गांधी की बारत जोड़ो न्याय यात्रा में भी शामिल होंगें। ये सभी बातें इस ओर इशारा कर रही हैं कि एक बार फिर कमलनाथ की पार्टा में पहले जैसी पूछ शुरू हो गई है। यह भी पढ़ें- कमलेश्वर डोडियार पर लगे घूस लेने के आरोप,पहले रेप केस में जा चुके हैं जेल

मनोज बाजपेयी ने बताया क्या होगा AI का फिल्मी दुनिया पर असर

मनोज बाजपेयी , AI

हम सभी जानते हैं कि आज के दौर में एआई (AI) के कदम हर क्षेत्र में पसर रहें हैं जिससे एक ओर लोग इसके फायदे देख रहे हैं तो दूसरी ओर इस से होने वाले नुकसानों को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। द फेबल फिल्म के लिए जर्मनी पहुँचे मनोज बाजपेयी ने एक इंटरव्यू के दौरान फिल्म इंडस्ट्री पर एआई का क्या प्रभाव होगा ये बताया है जिसे सुन कर हर कोई हैरान है। मनोज बाजपेयी ने बताए AI के नुकसान इंटरव्यू में मनोज बाजपेयी से प्रश्न किया गया कि आने वाले समय में एआई (AI) का एक्टर्स पर क्या प्रभाव पड़ सकता है ?  इस पर मनोज ने बताया कि शेखर कपूर साहब हमेशा एक बात कहते हैं कि एआई आपके दरवाज़े पर खट खटा रहा है वो आपको काफी फायदा पहुँचाएगा यदि आप उससे डरें ना। एक्टर आगे कहते हैं कि एआई कभी भी एक एक्टर की जगह नहीं ले सकता। एक हार्ड मास आदमी की जगह कोई भी कम्प्यूटर या मशीन नहीं ले सकती है। फिल्ममेकिंग पर होगा ऐसा प्रभाव मनोज बाजपेयी कहते हैं कि एआई से फिल्ममेकिंग में ज़रूर बड़ा बदलाव हो सकता है। एआई की तकनीक की मदद से फिल्ममेकर्स को आसानी होगी और इसकी मदद से समय भी बच सकेगा। आगे अभिनेता कहते हैं कि एआई भले ही कितना ही आगे हो जाए लेकिन इंसान हमेशा उससे एक कदम आगे ही रहेगा। यह भी पढ़ें- फिल्म ‘शैतान’ में आर माधवन का ये रूप देख डरी उनकी पत्नी

Criminal law: 1 जुलाई से लागू होंगे नए क्रिमिनल लॉ

Criminal law

आज केंद्र सरकार ने ब्रिटिश कालीन भारतीय दंड संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और आपराधिक प्रक्रिया संहिता की जगह लेने वाले भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को लेकर अधिसूचना जारी की है। इस में बताया गया है कि यह तीन नए क्रिमिनल लॉ (Criminal law) 1 जुलाई से लागू कर दिए जाएंगे। नए क्रिमिनल लॉ (Criminal law) के होंगे ये फायदे इन तीन क्रिमिनल लॉ (Criminal law) के लिए बिल शीतकालीन सत्र के दौरान पास किए गए है। तीनों बिलों पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की सहमति मिलने के बाद इन बिलों को कानून बना दिया गया था जिसे अब जुलाई महीने में लागू कर दिया जाएगा। माना जा रहा है कि इन नए कानूनों के कारण मॉब लिंचिंग, आतंकवादी साजिश, दंगे जैसे मामलों में बेहद सख्ती हो जाएगी। कानून में हुए ये बड़े बदलाव नए कानून भारतीय न्याय संहिता में 20 अपरोधों को बड़ा दिया गया है तो वहीं आपीसी से 19 प्रावधानों को हटाया है। इस के साथ ही 83 अपराधों में जुर्माना बढ़ाया गया है और 23 अपराधों में न्यूनतम सज़ा बढ़ाई गई है। वहीं ऐसे 6 अपराध हैं जिनमें सज़ा के तौर पर सामाजिक सेवा का दंड दिया जाएगा। यह भी पढ़ें- हल्द्वानी में हैदराबाद के एक शख्स ने बांटी नोटों की गड्डियां,वीडियो वायरल

हल्द्वानी में हैदराबाद के एक शख्स ने बांटी नोटों की गड्डियां,वीडियो वायरल

हल्द्वानी

उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई हिंसा के दौरान कुछ लोगों की मौत हुई औक कई लोग घयल हुए थे। इस क्षेत्र में 8 फरवरी को हुई इस हिंसा के बाद से कर्फ्यू लगा दिया गया था। अब इस क्षेत्र से एक वीडियो वायरल हो रही है जिस में एक शख्स लोगों को घर घर जाकर नोटों की गड्डी बांट रहा है। हल्द्वानी में बांटी नोटों की गड्डियां उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा में बीते कुछ दिन पहले हुई हिंसा में कई लोग प्रभावित हुए थे। क्षेत्र के ऐसे लोगों की मदद के लिए अचानक से हैदराबाद का एक मसीहा आ गया। ये मसीहा हाथों में पैसों से भरा बैग लेकर चलता है और लोगों के घर जा जाकर उन्हें नोटों की गड्डी बांटने लगता है। लेकिन आखिर कौन है ये युवक और इस के पास कहां से आए इतने पैसे। नोट बांटने वालों का वीडियो वायरल नोट बांटने वाली इस वायरल वीडियो की नैनीताल पुलिस जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि ये वायरल वीडियो सलमान खान एचवायसी नामक एक इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किया गया है। माना जा रहा है कि वीडियो में नोट बांटने वाले युवक का नाम ही सलमान है याथ ही यह युवक हैदराबाद का रहने वाला है। नैनीताल एसएसपी प्रहलाद नारायण का कहना है कि क्षेत्र के लोगों ने बताया कि हैदराबाद के किसी एनजीओ ने लोगों को पैसे बांटे फिल्हाल पुलिस जांच कर रही है कि ये पैसे कहां से आए और कौन लाया। यह भी पढ़ें- कमलेश्वर डोडियार पर लगे घूस लेने के आरोप,पहले रेप केस में जा चुके हैं जेल

कमलेश्वर डोडियार पर लगे घूस लेने के आरोप,पहले रेप केस में जा चुके हैं जेल

कमलेश्वर डोडियार

मध्यप्रदेश के एक विधायक हमेशा से ही राजनैतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने रहते हैं विधायक प्रदेश के एकमात्र निर्दलीय विधायक होने के साथ साथ सबसे गरीब विधायक भी थे, जिनके अक्सर अधिकारियों को डांटते फटकारते हुए भी विडियो वायरल होते रहते हैं , जी हाँ आप सही समझ रहे हैं हम बात कर रहे हैं भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार की जो विधायक बनने पर पहली बार विधानसभा गाड़ी पर गए थे और तब उन्होंने खूब सुरखियां बटोरी। लेकिन इस बार विधायक पर ऐसे गम्भीर आरोप लगे हैं क्योंकि हमेशा से गरीबों और आदिवासियों के हित की बात करने वाले और अपने आप को उनका मसीहा बताने वाले कमलेश्वर डोडियार पर ही अब घूस लेने का मामला सामने आया है। कमलेश्वर डोडियार पर लगे 1 करोड़ रूपए मांगने के आरोप ये आरोप उनके ही क्षेत्र के एक बंगाली डॉक्टर ने लगाए हैं। दरअसल पूरा मामला कुछ इस प्रकार है कि रतलाम जिले के बाजना में एक मोडिकल स्टार चलाने वाले डॉ तपन राय ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर आरोप लगाए हैं कि विधायक कमलेश्वर डोडियार ने उनसे 1 करोड़ रूपए मांगे हैं। उनका कहना है कि विधायक ने मेडिकल स्टोर चलाने के बदले उनसे ये पैसे मांगे हैं वह लगातार 5 दिन से उन्हें परेशान कर रहे हैं। डॉ को इस तरह कर रहे परेशान डॉ बताते हैं कि 19 फरवरी के शाम 4 बजे विधायक का फोन आया कि तुम अवैध रूप से मेडिकल चलाते हो मुझसे मिलो नहीं तो ठीक नहीं होगा। जिसके बाद डॉ अपने एक अंकल के साथ विधायक के पास गए लेकिन गार्ड ने उनसे फोन लेकर बाहर रख लिया और अंकल को भी अंदर नहीं जाने दिया। फिर विधायक ने पूछा कि क्या क्या डिग्री है मैंने बताया फॉर्मासिस्ट हूँ तो उन्होंने कहा कि मैं अपने क्षेत्र में नहीं रहने दूंगा। फिर वह धीरे से इशारा करते हैं कि कितने दोगे और मुझसे 1 करोड़ रूपए मांगते हैं। जिसके बाद वह शुक्रवार को मेडिकल स्टोर पर आकर तीन घंटे तक बैठे रहे और मुझसे कहा कि मेरा विधायक प्रतिनिधी आया था तुमने उससे बात क्यों नहीं की तुम्हें मौका दिया था लेकिन अब जेल भेज कर ही मानूंगा। वह उस समय अपने साथ स्वास्थ अधिकारी और बीएमओ को भी लोकर आए थे। कमलेश्वर डोडियार ने दी सफाई वहीं आपको बतादें कि इस मामले पर विधायक का कहना है वह डॉ अवैध रूप से मेडिकल चलाता है मैंने उस दिन तीन घंटे उसकी दुकान में धरना दिया था और मेरे पास 20 लाख रूपए लेकर आया तो मैंने कहा कि 1 करोड़ भी दोगे तो नहीं छोड़ूंगा। यह भी पढ़े- किसान आंदोलन मामला पहुँचा सुप्रीम कोर्ट, उठाई ये मांग

किसान आंदोलन मामला पहुँचा सुप्रीम कोर्ट, उठाई ये मांग

किसान आंदोलन , सुप्रीम कोर्ट

किसान आंदोलन का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया है। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है इस याचिका को द सिख चैंबर ऑफ कॉमर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर द्वारा दायर किया गया है जिस में किसान आंदोलन के समर्थन में कई मांगे की गई हैं। किसान आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में यह निर्देश जारी करने की मांग है कि आंदोलन करने वाले किसानों को दिल्ली आने से ना रोका जाए, किसानों की मांग पर विचार किया जाए, उनके साथ प्रशासन द्वारा उचित व्यवहार किया जाए, दिल्ली जाने के रास्तों को खोला जाए। इस के साथ ही याचिका में कहा गया है कि आंदोलन करना किसानों का अधिकार है उन्हें रोका ना जाए। कोर्ट से की ऐसे निर्देश देने की मांग आपको बता दें कि दायर की गई याचिका में कहा गया है कि पुलिस द्वारा जो अवरोध किया जा रहा है उसे हटाया जाना चाहिए। पुलिस प्रशासन किसानों पर बल प्रयोग कर रहा है उसी उचित जांच होनी चाहिए। पुलिस द्वारा बल प्रयोग करने में और आंदोलन में जो किसान घायल हुए हैं और जिनकी मौत हुई उनके परिवारों को उचित मुआवज़ा देना चाहिए। यह भी पढ़ें- दिग्विजय सिंह ने किया महिला समर्थक के साथ दुर्व्यवहार,वीडियो वायरल