Aayudh

पृथ्वी पर कुछ ऐसे भी देश है जहां महिनों तक नहीं होती रात

नहीं होती रात

हम सभी ये जानते हैं कि पृथ्वी गोल है और चंद्रमा इसका उपग्रह हो जो इसके चक्कर लगाता रहता है। वहीं पृथ्वी सूर्य के चक्कर लगाती है इसी क्रम में पृथ्वी को जो हिस्सा सूर्य की ओर होता है वहां दिन होता है और जो उसके विपरीत में हो वहां रात होती है। दिन और रात को क्रम इसी तरह चलता रहता है लेकिन पृथ्वी पर ऐसे भी देश हैं जहां महीनों तक रात नहीं होती है। यहां केवल 50 मिनट के लिए होता है सूर्यास्त अलास्का अमेरिका की सबसे बड़ा राज्य है। पहले तो ये रूस का हिस्सा था लेकिन सन 1959 में अमेरिका ने रूस से इसे खरिद लिया। अलास्का को ग्लेशियरों का राज्य भी कहा जाता है। यहां पर 15 मई से लेकर 15 जुलाई के समय सूर्य पूर्ण रूप से नहीं डूबता है। यहां रात के साढ़े बारह बजे केवल 50 मिनत के लिए सूर्य अस्त होता है। 51 दिन तक नहीं होती रात दुनिया के सबसे बड़े देशों में से एक कनाडा भी है। इस देश का ज्यादातर हिस्सा बर्फ से ढका रहता है। इस बड़े देश में भी दिन और रात का एक अलग ही चक्कर है। कनाडा के उत्तर पश्चिम इलाकों में गरमी के दिनों में लागातार 51 दिन तक सूर्य अस्त नहीं होता है। 80 दिनों तो नहीं होती रात फिनलैंड को झीलों का देश भी कहा जाता है। अगर आपको झील पसंद है तो आप फिनलैंड जाना चाहिए यहां आपको हर तरफ झील ही देखने को मिलेंगी। गर्मी के मौसम में घूमने के लिए फिनलैंड सबसे अच्छी जगह है। यहां गरमी के मौसम में लागातार 80 दिनों तक सूर्य अस्त नहीं होता है। फिनलैंड में रात के समय भी सूर्य की किरणें पड़ती रहती हैं। यह भी पढ़ें- जानवरों का मल होता है उपयोगी, इंसानी मल भी है कीमती

क्या है भोजशाला का पूरा इतिहास, जानिए पूरा विवाद

भोजशाला का पूरा इतिहास,

सोमवार को मध्य प्रदेश के इंदौर हाईकोर्ट की पीठ ने भोजशाला के एएसआई सर्वे की इजाजत दे दी है। जिसकी रिपोर्ट 29 अप्रेल से पहले जमा होनी है। ये फैसला ज्ञानवापी के सर्वे के तर्ज पर लिया गया है आप सभी ज्ञानवापी के मामले को तो अच्छे से जानते होंगे लेकिन भोजशाला का इतिहास क्या है और क्यों यहां सर्वे की मांग उठी ये भी आज हम आपको अपनी इस रिपोर्ट में बताएंगे। हाईकोर्ट ने दी एएसआई सर्वे को मंजूरी आज इंदौर हाईकोर्ट में जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और देवनारायण मिश्रा की पीठ ने भोजशाला के एएसआई सर्वे करने की मंजूरी दे दी है उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों की उपस्थिती में ये सर्वे होगा। यह सर्वे वैज्ञानिक तरीकों से मस्जिद परिसर के 50 मीटर के दायरे में होगा जिसमें अगर ज़रूरत लगी तो खुदाई भी कराई जाएगी। सबसे पहला सवाल उठता है कि क्यों होगा सर्वे तो आपको बतादें कि मध्य प्रदेश के धार में स्थित कमाल मौलाना मस्जिद को लेकर हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। भोजशाला मंदिर या कमाल मौलाना मस्जिद हिंदू पक्ष का कहना है कि मस्जिद के स्थान पर पहले मां सरस्वती का मंदिर भोजशाला था जिसका निर्माण साल 1034 में परमार शासक राजा भोज ने कराया था जहां मां शारदा की अराधना होती थी। माना जाता है कि भोजशाला का निर्माण राजा भोज ने संस्कृत की पढ़ाई के लिए बनवाया था इसे हम बिल्कुल तक्षशिला जैसा ही एक विद्धयालय मान सकते हैं। वहीं मुस्लिम पक्ष इसे मौलाना कमालुद्दीन का मस्जिद मानते हैं और सालों से दोनों पक्षों के बीच इस ेलेकर विवाद चल रहा है। जिसके बाद में अब जाकर इसके सर्वे को मंजूरी मिली है। भोजशाला का पूरा इतिहास अब हम आपको लेकर के चलते हैं भोजशाला के इतिहास में जिससे इस मामले का सच आपके सामने खुद आजाएगा। शुरूआत करते हैं भोजशाला के निर्माण से साल 1034 में भोजशाला का निर्माण राजा भोज ने कराया था। यह एक संस्कृत विश्वविध्यालय था। साल 1269 में अरब मूल के कमाल मौलाना धार में आकर बसे। 1305 में अलाउद्दीन खिलजी ने परमारों को हराकर अपना इस्लामी शासन जमा लिया और भोजशाला समेत कई धार्मिक स्थलों को ध्वस्त कर दिया और सन् 1514 में मेहमूद शाह खिलजी द्वितीय ने भोजशाला को तब से 204 साल पहले मृत्यु को प्राप्त हुए कमाल मौलाना की याद में यहां मस्जिद बना दी। जब शुक्रवार को पढ़ी बसंत पंचमी जिसके बार साल 1995 में पहले हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच में विवाद हुआ फिर सुलह हुई कि मंगलवार को हिंदू पत्र पूजा करेगा और शुक्रवार को मुस्लिम नमाज पढ़ेंगे। लेकिन मई 1997 में प्रवेश पर प्रतिबंध लग गया जो कि जुलाई में ही खुल वा दिया गया और पहले जैसा ही कर दिया। कि मंगलवार और बसंत पंचमी पर यहां हिंदू लोग पूजा पाठ करते हैं और शुक्रवार को नुस्लिम पक्ष नमाज। लेकिन जब साल 2003, 2006, 2012,और 2016 में तब साम्प्रदायिक हिंसा फैस गई जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पढ़ी और प्रशासन द्वारा किसी तरह ऐसी स्थिती को संभाला गया और अब ऐसी स्थिती साल 2026 में एक बार फिर आने वाली है जिसके पहले ही ये याचिका दायर कर दी। इंदौर की पीठ ने भोजशाला की कार्बन डेटिंग करने और उसका वैज्ञानिक परिक्षण करने की मंजूरी दी जिससे जमीन के नीचे और उपर की संरचना कितनी पुरानी है ये पता चल सके। इस मामले को लेकर अगली सुनवाई 29 अप्रेल को होगी जिसके पहले एएसआई टीम को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके अलावा सर्वे की वीडियोग्राफी भी कोर्ट को सौंपनी होगी। ब्रिटिश म्यूजियम में है भोजशाला की प्रतिमा आपको एक और चौंकाने वाली बात बता देते हैं कि मुगलों के आक्रमण के बाद जब अंग्रेजों का शासन हुआ तो साल 1875 में खुदाई के दौरान उस स्थान से मां वाग्देवी की प्रतिमा मिली और आप शायद विश्वास ना करें कि यह मां सरस्वती की यानी की वाग्देवी की प्रतिमा 114 सालों से ब्रिटिश म्यूजियम ग्रेट रसल में रखी हुई है और 1952 से कई बार इसे लाने के प्रयास किए पर कोई फायदा नहीं हुआ। यह भी पढ़ें- दीपक जोशी को अपनाना भाजपा के लिए मुश्किल

मध्य प्रदेश के भोजशाला में भी होगा एएसआई सर्वे

मध्य प्रदेश के भोजशाला

सोमवार को मध्य प्रदेश के इंदौर हाईकोर्ट की पीठ ने भोजशाला के एएसआई सर्वे को इजाजत दे दी है। जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और देवनारायण मिश्रा की पीठ ने कहा कि दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों की उपस्थिती में सर्वे होगा। यह सर्वे वैज्ञानिक तरीकों से मस्जिद परिसर के 50 मीटर के दायरे में होगा जिसमें अगर ज़रूरत लगी तो खुदाई भी कराई जाएगी। भोजशाला में हिंदू पक्ष की याचिका मध्य प्रदेश के धार में स्थित कमाल मौलाना मस्जिद को लेकर हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हिंदू पक्ष का कहना है कि मस्जिद के स्थान पर पहले मां सरस्वती का मंदिर भोजशाला था जिसका निर्माण साल 1034 में राजा भोज ने कराया था। माना जाता है कि भोजशाला का निर्माण राजा भोज ने संस्कृत की पढ़ाई के लिए बनवाया था। हाईकोर्ट ने दी एएसआई सर्वे की मंजूरी इंदौर की पीठ ने भोजशाला की कार्बन डेटिंग करने और उसका वैज्ञानिक परिक्षण करने की मंजूरी दी जिससे जमीन के नीचे और उपर की संरचना कितनी पुरानी है ये पता चल सके। इस मामले को लेकर अगली सुनवाई 29 अप्रेल को होगी जिसके पहले एएसआई टीम को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके अलावा सर्वे की वीडियोग्राफी भी कोर्ट को सौंपनी होगी। यह भी पढ़ें- दीपक जोशी को अपनाना भाजपा के लिए मुश्किल

दीपक जोशी को अपनाना भाजपा के लिए मुश्किल

दीपक जोशी

लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है और कभी भी आचार संहिता लग सकती है। इसके पहले एमपी कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगने वाला है। पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे दीपक जोशी भाजपा का दामन थामने वाले हैं और उनके पहले ही आज कांग्रेस पार्टी के दो विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ले ली है। दो विधायकों ने ली भाजपा की सदस्यता सोमवार को पन्ना गुनार से कांग्रेस विधायक रहे शिवदयाल बागरी और सागर जले की खुरई सीट से विधायक रहे अरुणोदय चौबे भाजपा में शामिल हो गए हैं। अरुणोदय चौबे कमलनाथ के बेहद करीबी माने जाते हैं। उन्होंने साल 2022 में भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था पर कमलनाथ ने उन्हें मना लिया था पर अब वह बीजेपी में शामिल हो गए हैं। वहीं अगर बात की जाए शिवदयाल बागरी की तो वह साल 2018 में गुनौर से विधायक रहे लेकिन साल 2023 में टिकट काय लिया गया जिसके बाद से ही कांग्रेस पार्टी से नाराज़ चल रहे थे। क्या दीपक जोशी को अपनाएगी भाजपा दीपक जोशी भाजपा से तीन बार विधायक रह चुके हैं लेकिन 6 मई 2023 में उन्होंने पार्टी का साथ छोड़ दिया था और कांग्रेस के पाले में आ गए थे पर साल भर के भीतर फिर नेता के मन में भाजपा के प्रति प्यार जग गया है। अब वह एक बार फिर से भाजपा में शामिल होने की बातें कर रहे हैं लेकिन हमारे सूत्रों के हवाले से सबसे बड़ी खबर ये सामने आ रही है कि भाजपा कुनबे के बड़े नेता जोशी को पार्टी में शामिल नहीं करना चाहते ऐसे में ये देखना होगा कि दीपक जोशी को पार्टी स्वीकारती है या नहीं। यह भी पढ़ें- जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने की लोकसभा चुनाव को लेकर भविष्यवाणी

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने की लोकसभा चुनाव को लेकर भविष्यवाणी

रामभद्राचार्य

लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियां अपने अतिम दौर में चल रही हैं ऐसे में सभी राजनेतिक दलों ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज़ कर ली हैं। इसी बीच तुलसी पीठाधाश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने आगामी चुनावों को लेकर बड़ा भविष्यवाणी कर दी है। इस के पहले भी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में जगद्गुरु ने भविष्यवाणी की थी जो एक दम सही साबित हुई तो इस बार भी जगद्गुरू की भविष्यवाणी सही साबित हो जाएगी। जगद्गुरू रामभद्राचार्य ने की भविष्यवाणी पद्मभूषण तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य अक्सर राजनीति को लेकर और हिंदूत्व को लोकर बयान देते रहते हैं। हालही में वह मध्य प्रदेश स्थित मैहर धाम में माता रानी के दर्शन करने के लिए पहुँचे थे जहां उन्होंने शारदा ज्ञान पीठ पुरुस्कार मां के चरणों में समर्पित किया। इसी दौरान उन्होंने लोकसभा चुनाव किस के नाम होने वाला है इसे लेकर बड़ी भविष्यवाणी कर दी है। वह कहते हैं कि मैं आज व्यक्तिगत रूप से बहुत प्रसन्न हूँ, क्योंकि पहली बार किसी मां शारदा के उपासक को ज्ञान पीठ पुरस्कार मिला है इस लिए इसे मां के चरणों में समर्पित कर रहा हूँ। वह आगे लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा के 370 पार होने की भविष्यवाणी करते हैं साथ ही कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के लिए कहते हैं कि उसका कोई प्रभाव नहीं होगा। पहले भी सही निकली है भविष्यवाणी यह पहली बार नहीं है जब रांभद्राचार्य चुनावी भविष्यवाणी कर रहे हैं इसके पहले भी उन्होंने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के समय पर भविष्यवाणी की थी। उन्होंने मध्यप्रदेश में बीजेपी की सरकार आने की भविष्यवाणी की थी जो की सही निकली। प्रदेश में बीजेपी ने प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई लेकिन क्या विधानसभा चुनाव की ही तरह उनकी लोकसभा चुनाव को लेकर की गई भविष्यवाणी भी सच साबित होगी। यह भी पढ़ें- GDA के अधिकारियों को मिली एक बड़ी सौगात देखिए पूरी लिस्ट

अरुणाचल प्रदेश में लगा कांग्रेस पार्टी को एक और बड़ा झटका

अरुणाचल प्रदेश

लोकसभा चुनाव के पहले देश भर में राजनैतिक फेर बदल शुरू हो गई है। नेताओं के इस्तीफा देने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस रेस में कांग्रेस पार्टी के नेता बड़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। इसी बीच असम के बाद अब अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नबाम तुकी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस पार्टी में एक और इस्तीफा शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी पद से इस्तीफा देने के बाद उनका कहा था कि तीन विधायकों के बीजेपी में शामिल के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि यह सब उस वक्त हो रहा है जब प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं और देश में लोकसभा चुनाव ऐसे में पूर्व मुक्यमंत्री और तीन विधायकों को इस्तीफा देना कुछ और इशारा कर रहा है। अरुणाचल प्रदेश में लगा बड़ा झटका देश में इन दिनों आम चुनाव नज़दीक हैं जिस कारण सभी राजनैतिक दल अपने अपने स्तर पर चुनावी तैयारियों में जुटे हुए हैं। ऐसे में तीन विधायकों के बीजेपी ज्वाईन करने और पूर्व मुख्यमंत्री के इस्तीफा देने पर एपीसीसी के महासचिव का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने नैतिक आधार पर अपना इस्तीफा दिया है जिसके पीछे की वजह बताते हुए वह कहते हैं कि क्योंकि वह विधायकों दूसरे दल में जाने से नहीं रोक सके। यह भी पढ़ें- मोदी के बाद राहुल ने दी युवाओं को ये गारंटी

इंडिया महागठबंधन में शामिल होने को लेकर मायावती ने दिया बयान

मायावती

लोकसभा चुनाव करीब हैं ऐसे में सभी राजनैतिक पार्टियां आने वाले आम चुनावों की तैयारियों में जुटी हुई हैं। इंडिया गठबंधन भी कुछ हद तक बढ़ता नज़ आ रहा है लेकिन अभी भी कई ऐसी पार्टियां हैं जिन्हें मनाने में कांग्रेस सफल नहीं हो पा रही है। इन में सबसे बड़ा नाम है बीएसपी का क्योंकि इन दिनों मायावती गठबंधन के मूड में तो बिल्कुल नहीं हैं। इंडिया गठबंधन से दूर हैं मायावती लोकसभा चुनाव को देखते हुए सभी राजनैतिक दल अपने अपने स्तर पर तैयीरियां करने लगे हैं। लोकसभा चुनाव के लिए बना महाबंधन भी अपने आपको मजबूत करने की तैयारियों में जुटा हुआ है। एक ओर जहां सपा और आप जैसी पार्टियां गठबंधन के लिए राज़ी हो गई हैं वहीं दूसरी ओर बसपा स्वतंत्र चुनाव लड़ने की तैयारी में दिखाई दे रही है। हालही में बसपा प्रमुख मायावती ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर कहा कि बसपा लोकसबा चुनाव में अकेले लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है साथ ही ये भी साफ किया कि वह किसी भी तीसरे राजनैतिक पार्टी क् साथ गठबंधन नहीं कर रही है और इस प्रकार की सभी खबरें गलत हैं। यूपी में मजबूत है माया की छाया मायावती ने एक्स पर लिखा कि यूपी में बएसपी की मजबूती को देख कर विपक्ष के लोग बेचैन हैं इस लिए तरह तरह की अफवाएं फैला रहे हैं। वहीं आपको बता दें साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने सपा के साथ गठबंधन किया था। इस गठबंधन में बसपा के खेमे में 38 सीटें आई थीं जिनमें से उसने 10 पर जीत दर्ज की थी। यह भी पढ़ें- मोदी के बाद राहुल ने दी युवाओं को ये गारंटी

मोदी के बाद राहुल ने दी युवाओं को ये गारंटी

राहुल ने दी युवाओं को ये गारंटी

मोदी की गारंटी के बाद अब राहुल की गारंटी भी सामने आ गई है। एक ओर आज जहां पीएम मोदी कश्मीर दौरे पर हैं और युवाओं को जॉव लेटर दे रहे हैं तो वहीं कांग्रेस पार्टी ने भी अब युवाओं पर फोकस करना शुरू कर दिया है। आज राहुल गांधी ने युवाओं को अपने पाले में करने के लिए युवाओं पर आधारित घोषणा पत्र जारी किया है। इस में नेता ने पांच गारंटी दी हैं। राहुल गांधी की युवाओं को पांच गारंटी लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों ही युवाओं पर फोकस करते नज़र आ रहे हैं। अभी तक आपने मोदी की गारंटी के बारे में कई बार सुन लिया होगा पर आज राहुल गांधी ने भी अपनी गारंटी जारी कर दी है। बता दें कि यह जानकारी कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर दी गई है। इस में युवाओं को पांच बड़ी सौगात देकर लुभाने की कोशिश की गई है। यह है कांग्रेस की पांच सौगात यह भी पढ़ें- रूद्राक्ष महोत्सव में फिर हुई अनहोनी

जानिए क्या है महाशिवरात्री व्रत कथा

महाशिवरात्री व्रत कथा

महाशिवरात्री 8 मार्च को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान शिव के भक्त अलग अलग उपायों से भगवान शिव को मनाते हैं। इस दिन शिव भक्त अपने प्रभु की रात्रि चार प्रहरों में पूजा करते हैं और शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। ऐसे लोग जो इस दिन व्रत रहते हैं वह पंचामृत से भगवान का अभिषेक कर महाशिवरात्री व्रत कथा को सुनते हैं। महाशिवरात्री व्रत कथा एक बार माता पार्वती ने भगवान से पूछा कि प्रभु आपको पाने का सरल और सुगम उपाय क्या है तो भोलेनाथ से मुस्कुराते हुए कहा कि देवी ध्यान से सुनो जो फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का व्रत करता है उस से मैं शीघ्र ही प्रसन्न हो जाता हूँ। इस के बाद भगवान माता पार्वती को इस व्रत की कथा सुनाते हैं वह कहते हैं कि एक गांव में एक शिकारी रहता था। वह शिकार शिकार कर के ही अपने परिवार को पालता था। शिकारी पर गांव के ही एक साहूकार का कर्ज था जिसे वह लाख महनत कर के भी चुका नहीं पा रहा था। यह भी पढ़ें- महाशिवरात्री के व्रत और पूजा में इन बातों को रखें विशेष ध्यान एक बार साहूकार ने उसे बंदी बना कर शिवमठ में बंद कर दिया। इस दिन शिवरात्री थी और शिकारी ने उस की कथा भी सुनी। जब शाम को शिकारी को साहूकार के पास ले जाया गया तो शिकारी ने उससे वादा किया वह कल अपना उधार ज़रूर चुका देगा। ऐसा कह कर शिकारी घने जंगल की ओर चल दिया। वह शिकार की खोज में एक बील के पेड़ पर जाकर बैठ गया। उस पेड़ के नीचे एक शिवलिंग मौजूद था जो की पत्तों से ठका हुआ था। शिकारी बैठे बैठे बील के पत्ते तोड़ तोड़कर नीचे गिरा रहा था लोकिन अनजाने में वह पत्ते शिवलिंग पर गिर रहे थे। इस तरह से शिकारी की अनजाने में ही सही पर शिलिंग की पूजा हो रही थी। व्रत का ऐसा है प्रभाव शिकारी को लम्बे इंतजार के बाद एक हिरणी दिखाई दी शिकारी उसे मारने ही वाला था कि हिरणी ने उससे प्रार्थना की वह बच्चों को जन्म देने वाली है। जैसे ही वह बच्चों को जन्म दे देदी तो खुद आकर शिकार बन जाएगी। इस बात पर शिकारी ने उसे छोड़ दिया। फिर जब हिरणी अपने बच्चों के साथ वापस आई पर कहने लगी वह इन बच्चों के पिता को ढूढ रही है जैसे ही वह मिलेंगे तो वह खुद आ जाएगी। कुछ देर बाद ही एक हिरण आया शिकारी उसे मारना चाहता था पर वह बोला कि अगर तुमने मेरी पत्नी और बच्चों को मार दिया है तो मुझे भी मार दो पर अगर अभी नहीं मारा है तो मैं उन से एक बार मिल लूं फिर मैं खुद शिकार बन जाऊंगा।  शिकारी उसे भी छोड़ देता है कुछ ही समय में हिरण को पूरा परिवार शिकार बनने के लिए खुद ही आ जाता है पर अनजाने में हुए शिवरात्री के व्रत और पूजा से शिकारी का हृदय पिघल जाता है और वह उन्हें छोड़ देता है। इस के साथ ही उनसे मन में भगवान शिव के प्रति अपार प्रेम आ जाता है। इस के प्रभाव से अंत में उसकी वही गति होती है जो भजन करने वाले साधु की होती है। यह भी पढ़ें- रूद्राक्ष महोत्सव में फिर हुई अनहोनी

रूद्राक्ष महोत्सव में फिर हुई अनहोनी

रूद्राक्ष महोत्सव

कुबरेश्वर धाम में लगातार तीसरे साल रूद्राक्ष महात्सव की शुरूआत आज 7 मार्च को हो गई है लेकिन महात्सव के पहले दिन ही अनहोनी हो गई। जी हां रूद्राक्ष महोत्सव फिर से लोगों का काल बन कर उनकी जान ले रहा है। बतादें कि आज इस महात्सव का पहला दिन है और आज दोपहर में ही यहां एक 65 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई और ड्यूटी पर तैनात एक डिप्टी रेंजर की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। रूद्राक्ष महोत्सव में फिर हुई अनहोनी महाशिवरात्रि 8 मार्च की है और ये महोत्सव उससे एक दिन पहले यानी कि 7 मार्च से पंडित प्रदीप मिश्रा जी के सीहोर स्थित धाम कुब्रेश्व धाम में होने वाला है ये कार्यक्रम 13 मार्च तक चलेगा । इस महोत्सव में शिवमहापुराण का आयोजन रखा गया है और इसके साथ ही रुद्राक्ष वितरण भी किया जाएगा। लेकिन इस महोत्सव में अनुमान से ज्यादा भीड़ आ जाती है जिस के कारण सारी व्यवस्थाएं गड़बड़ा जाती हैं। यह भी पढ़ें- आखिर क्यों धारण करनी चाहिए रुद्राक्ष की माला इस साल पुलिस प्रशासन और मिश्रा जी की टीम ने पहले से ही पूरे इंतजाम कर लिए थे लेकिन फिर भी अनहोनी नहीं टल सकी। लखनऊ से सोमवार को परिवार सहित रामगोपाल कुबरेश्वर धाम आए थे। उनकी बहन का कहना है कि भाई को दिल की बीमारी थी और धाम में काफी गर्मी क कारण उनको घबराहट हुई और हार्ट अटैक आने से उनकी मृत्यु हो गई। वहीं ड्यूटी पर तैनात डिप्टी रैंजर को भी घबराहट की शिकायत हुई वह फिल्हाल स्वस्थ हैं। पिछले साल हुई बड़ी अनहोनी पिछले साल इसी रुद्राक्ष महोत्सव में कुब्रेश्वर धाम में मानो काल आ गया था।  वो समय शायद ही कोई भूल सकता है जब कुब्रेश्वर धाम में श्रद्धालुओं। की इतनी भीड़ लग गई थी जिसे बस में करना न तो प्रदीप मिश्रा जी के बस में था और न पुलिस प्रशासन के। महोत्सव ने काल बन कर महिलाओं। और बच्चों समेत 8 लोगों की जान ले ली थी। भक्तों की इतनी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा जिसका हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते । पिछले साल पंदीप प्रदीप मिश्रा के निमंत्रण पर श्रद्धालुओं का इतना सैलाब धाम पहुंचा था जिसका अनुमान खुद मिश्र जी ने भी नही लगाया था, जिसके बाद स्थिति ऐसी बनी कि लोग पानी के लिए भी तरस रहे थे। उस वक्त 20 लाख से ज्यादा लोग धाम पहुंचे थे, जिसके कारण इंदौर भोपाल हाईवे पूरी तरह से जाम हो गया था। यह भी पढ़ें- महाशिवरात्री के व्रत और पूजा में इन बातों को रखें विशेष ध्यान