पीएम मोदी पर 24 घंटे के अंदर हुई दो शिकायतें

लोकसभा की तारीखों का एलान हुए अभी दो ही दिन हुए हैं, इन दो दिनों में आचार संहिता उलंघन की शिकयतें सामने आ गई हैं। ये शिकायतें किसी आम नेता के खिलाफ नहीं हुई हैं बल्कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हुई हैं। पीएम के खिलाफ ये शिकायतें दो अलग अलग मामलों को लेकर की गई हैं। शिकायतें तो अलग हैं पर शिकायतकर्ता में एक समानता है कि वह दोनों ही टीएमसी के नेता हैं। जानिए पीएम पर क्यों लगे आचार संहिता का उलंघन करने के आरोप। मोदी ने किया आचार संहिता का उलंघन सोमवार को पीएम पर टीएमसी नेता डेराक ओब्रायन ने आचार संहिता उलंघन करने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आचार संहिता लगने के बाद भी विकसित भारत संकल्प यात्रा के मैसेज जनता को भेजे जा रहे हैं। उन्होंने ये भी आरोप लगाए है कि पीएम लोगों को पत्र भी भेज रहे हैं।उनका कहना है कि इस पत्र में पिचले 10 सालों में देशवासियों का जिन योजनाओं का लाभ हुआ उनका जिक्र है इस तरह से वह भाजपा का प्रचार कर रहे हैं। टीएमसी नेता ने इस मामले में मोदी के खिलाफ चुनाव आयोग को शिकायत पत्र लिखा है। टीएमसी नेता ने की चुनाव आयोग से शिकायत इसके 24 घंटे पहले ही टीएमसी के सांसद साकेत दखोल ने मोदी के खिलाफ चुनाव आयोग को शिकायत दी थी। इस शिकायत में कहा गया है कि पीएम ने आचार संहिता लगने के बाद भी अपनी चुनावी रैली के लिए वायुसेना के हैलीकॉप्टर का प्रयोग किया है। बता दें कि रविवार को पीएम आंध्र प्रदेश के पलनाडू में जनसभा को सम्बोधित करने गए थे जहां से उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पीएम वायुसेना के हैलीकॉप्टर से उतरते नज़र आ रहे हैं। टीएमसी नेता ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की और उसकी कॉपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की। यह भी पढ़ें- कर्नाटक में पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी को जमकर घेरा
जानिए रंगभरी एकादशी की कथा और पूजा का शुभ मुहुर्त

फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी को रंगभरी एकादशी या रंगभरी ग्यारस कहा जाता है। इसी तिथी कई जगह अमालकी ग्यारस भी कहा जाता है। जिस तरह होलाष्टक के दिन से बृज में होली का शुरूआत होती है उसी प्रकार इस ग्यारस से काशी में होली की शुरूआत होती है। इस दिन भगवान काशी विश्वनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाता है। क्यों विशेष है रंगभरी एकादशी पौराणिरक कथाओं के अनुसार कहा जाता है कि इस दिन पहली बार भगवान शिव अपनी अर्धांग्नी माता पार्वती के साथ काशी पहुँचे थे इसलिए इस दिन भगवान शिव को रंग लगाकर और उनके साथ अभीर गुलाल से होली खेली जाती है। रंगभरी ग्यारस से लेकर लगातार छह दिन तक यहां होली का पर्व मनाया जाता है। क्या है शुभ मुहुर्त इस वर्ष रंगभरी एकादशी 20 मार्च को मनाई जाएगी। 20 मार्च को रात 12 बजकर 21 मिनट पर तिथी आरम्भ हो जाएगी जिसकी समाप्ती 21 मार्च को सुबह 2 बजकर 20 मिनट पर होगी। इस दिन पूजा का शुभ मुहुर्त सुबह 6 बजकर 25 मिनट से लेकर ,सुबह 9 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा की जाती है जिससे साधक को स्वास्थ और अर्थ की प्राप्ती होती है इसीलिए इस तिथी का एक नाम आमलकी एकादशी भी है। यह भी पढ़ें- कर्नाटक में पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी को जमकर घेरा
कर्नाटक में पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी को जमकर घेरा

पीएम मोदी ने आज कर्नाटक के शिवमोगा में एक जनसभा को सम्बोधित किया। भाषण देते हुए उन्होंने कांग्रेस और इंडी अलायंस पर जमकर निशाना साधा है साथ ही एक बार फिर 400 पार के नारे से पंडाल गूंज उठा। मोदी के इस भाषण को सुनने बड़ी तादाद में लोग आए जानिए पीएम के इस भाषण की प्रमुख बातें। कांग्रेस ने मचाई कर्नाटक में लूट पीएम मोदी अपने भाषण में कहते हैं कि कांग्रेस ने राज्य में इतनी लूट मचा कर रखी है कि अब उनके पास सरकार चलाने तक के पैसे नहीं बचे हैं। वह आगे कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहते हैं कि यहां तो कोई सुपर सीएम है, शोडो सीएम है, सीएम इन वेटिंग, फ्यूचर सीएम है और इनके बीच दिल्ली के कनेक्शन मंत्री भी हैं। पीएम मौदान में बड़ी तादाद में भीड़ को देखकर कहते हैं कि यह मौदान अपार उर्जा से भरा दिखाई दे रहा है। प्यार, आशीर्वाद और खुशी का यह मंजर कर्नाटक में बीजेपी के लिए आपको समर्थन को साफ दिखा रहा है। यह नज़ारा निश्चित ही भ्रष्ट इंडी अलायंस की रातों को नींद उड़ा देने वाला है। पीएम मोदी ने कर्नाटक में लगाया 400 पार का नारा पीएम ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस का पहला हथकंडा है कि झूठ बोलो , बड़े बड़े झूठ बोलो फिर दूसरा हथकंडा है कि पहले झूठ को छुपाने के लिए दूसरा झूठ बोलो और तीसरा हथकंडा है अपने आप को बचाने के लिए झूठ का ठेकरा किसी और पर फोड़ दो। इसी के साथ पीएम ने सभा में 400 पार का नारा दोहराया। यह भी पढ़ें- एमपी में बीजेपी को इन सीटों पर कांग्रेस से बड़ा खतरा
12th fail वाले IPS मनोज शर्मा को मिली बड़ी खुशखबरी

IPS मनोज शर्मा को अब हर कोई जानता है अब इस अवसर की पूंछ केवल उसके राष्ट्र सावा के कारण नहीं हाती है बल्कि आज उनकी पहचान किया सैलिब्रटि से कम नहीं है। उनकी असल जिंदगी के संघर्ष पर बनी फिल्म 12th fail ने उनकी एक नई पहचान दी है और अब उनके जीवन में एक और खुशखबरी आ गई है क्योंकि अब उनका प्रमोशन हो गया है। IPS मनोज शर्मा का हुआ प्रमोशन IPS मनोज शर्मा अभी तक महाराष्ट्र पुलिस में DIG के पद पर थे जिसके बाद अब उनका प्रमोशन हो गया है और वह महाराष्ट्र पुलिस में IG गए हैं। इस बात की जानकारी उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर दी है। इस पोस्ट में वह लिखते हैं कि इस लम्बे सफर में साथ देने के लिए वह सभी का धन्यवाद करते हैं। ऐसे इसलिए क्योंकि उनकी शुरूआत दिल्ली पुलिस में एएसपी के पद से हुई थी और आज वह आईजी के पद पर पदस्थ हो गए हैं। जीवन से प्रभावित होते हैं युवा IPS मनोज शर्मा और उनकी पत्ना श्रृद्धा जोशी की असल जिंदगी पर बनी फिल्म 12th fail अनुराग ठाकुर की पुस्तक से लेकर बनाई गई है। इस फिल्म को देख कर बड़ी संख्या में युवा प्रभावित होते हैं खास कर के जो लोग UPSC की तैयारी कर रहें उनके लिए ये फिल्म एक मोटिवेशन का काम करती है। यह भी पढ़ें- कैसी गुज़री जेल में एल्विश यादव की पहली रात
एमपी में बीजेपी को इन सीटों पर कांग्रेस से बड़ा खतरा

बीजेपी मध्य प्रदेश में लोकसभा की सभी 29 सीटे जीतने का दावा कर जमकर मेहनत कर रही है लेकिन कांग्रेस से जीतना इतना आसान नहीं हैं। इस बार मध्यप्रदेश की कई ऐसी सीटें हैं जहां भाजपा को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। बीजेपी को मिलेगी कांग्रेस से तगड़ी टक्कर हालांकि एमपी में पिछले 2 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। जहां 2014 में पार्टी ने मप्र की मात्र 2 सीटें जीती थीं, वहीं 2019 के चुनाव में कांग्रेस मात्र 1 सीट पर सिमट कर रह गई थी। लेकिन हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में कई जिलों की सीटों पर ऐसे परिणाम आए जिससे कांग्रेस का मनोबल बड़ा है और यही कारण है कि इस बार कांग्रेस भाजपा को इन्हीं जिलो में तगड़ी चुनौती दे सकती है। इन सीटों से हार सकती है बीजेपी जनजाति बाहुल्य मंडला लोकसभा सीट से भाजपा ने दिग्गज आदिवासी नेता फ़ग्गन सिंह कुलसते को अपना कैंडिडेट बनाया है कुलस्ते इस सीट से लगातार दो बार के सांसद है और पार्टी ने उन्हें तीसरी बार फिर मौक़ा दिया है। लेकिन इस बार भाजपा के लिए मंडला सीट खतरें की घंटी साबित हो सकती है क्योंकि साल 2019 के चुनाव में ही कुलस्ते अपने प्रतिद्वंदी कमल सिंह मराबी को मात्र 6 % वोटो के अंतर से हरा पाए थे जो की अन्य सीटों पर जीत की तुलना में काफ़ी कम अंतर था। वहीं इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कुलसते को मण्डला ज़िले की निवास सीट से चुनाव लड़ाया था जिसमें वे कांग्रेस के कैंडिडेट चैन सिंह बरकदे से विधानाभ चुनाव हार गए। इस ज़िले की तीन सीटों में से कांग्रेस ने 2 पर जीत दर्ज की तो वहीं भाजपा के खाते में महज एक ही सीट आई जिसका प्रभाव भी लोकसभा चुनाव में पड़ सकता है। धार में भी कांग्रेस का दबदबा धार सीट पर भी भाजपा के लिए बड़ा ख़तरा मंडरा रहा है क्योंकि ज़िले की 7 सीटो में से भाजपा केवल 2 सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई और कांग्रेस के खाते में ज़िले की पाँच सीटेआई हैं। इस सीट से भाजपा ने मौजूदा सांसद छत्तर सिंह दरबार का टिकट काटकर 2014 से 2019 तक लोकसभा सदस्य रहीं सावित्री ठाकुर को मैदान में उतारा है। यहाँ 2019 के चुनाव में छतर सिंह दरबार ने कांग्रेस के गिरबाल दिनेश को डेढ़ लाख वोटों से हराया था। रतलाम में बीजेपी कांग्रेस की वॉर रतलाम में 2019 के चुनाव में भाजपा महज 6 प्रतिशत के अंतर से जीती थी इसीलिए भाजपा ने वर्तमान सांसद गुमान सिंह डामोर का टिकिट काट कर एमपी के वन मंत्री नागर सिंह चौहान की पत्नी अनीता चौहान को अपना उम्मीदवार बनाया है ।इसके अलावा रतलाम ज़िले में भाजपा के लिए कांग्रेस के अलावा जयस और भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार भी बड़ी चुनौती बनेंगे। यह भी पढ़ें- कैसी गुज़री जेल में एल्विश यादव की पहली रात
कैसी गुज़री जेल में एल्विश यादव की पहली रात

मशहूर सोशल मीडिया स्टार और बिगबॉस ओटीटी-2 के विनर रहे एल्विश यादव ने पहली रीत जेल में काटी है। यादव ने अब ये भी कबूल लिया है कि वह सांपों के जहर की सप्लाई करने वाले आरोपी से पहले भी मिल चुके हैं। सोशल मीडिया स्टार पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। उन्हें अभी 14 दिन में हिरासत में रखा जा रहा है। क्या है एनडीपीएस एक्ट नारकोटिक्स ड्रग्स एन्ड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट 1985 यह संसद का एक अधिनियम है। यदि कोई भी व्यक्ति किसी नशीले पदार्थ का उत्पादन,खेती, सप्लाई या सेवन करता है तो उस पर यह अधिनियम लगाया जाता है। इसी अधिनियम के तहत एल्विश पर कारवाई चल रही है। कैसी गुज़री एल्विश की पहली रात एल्विश यादव को कल पुलिस ने पकड़ कर जेल भेज दिया था। बाताया जा रहा है कि रात भर वह जागता रहा इसके अलावा उन्हें बिल्कुल वैसा ही ट्रीटमेंट दिया जा रहा है जैसा किसी सामान्य कैदी को दिया जाता है। सोशल मीडिया स्टार ने कल रात जेल के ही मेन्यु का खाना खाया था उन्हें ओड़ने बिछाने के लिए तीन कब्बल भी दिए गए थे। बता दें कि उन्हें अभी 14 दिनों की हिरासत में रखा जा रहा है। यह भी पढ़ें- जानिए जय मां संतोषी फिल्म में संतोषी मां बनने वाली अभिनेत्री से जुड़ी बातें
भारत के ऐसे मंदिर जहां मिलता है सबसे अनोखा प्रसाद

हम सभी जब भी मंदिर जाते हैं तो कुछ ना कुछ प्रसाद लेकर जाते हैं जिनमें अक्सर नारियल, चने, मिठाई आदी लेकर जाते हैं लेकिन ऐसे भी कई मंदिर हैं जहां चॉकलेट , नूडल्स, चाऊमीन, बर्गर जैसा अनोखा मिलता है। जी हां इस लेख में भारत के ऐसे ही मंदिरों के बारे में बताया है। इन मंदिरों में मिलता है अनोखा प्रसाद चाईनीज काली मंदिर चाईनीज काली मंदिर कोलकाता, इस मंदिर में देवी मां को नूडल्स, चौप्सी, चावल और सब्जियों से बनी चीजों का भोग लगाया जाता है और वही चाईनीज प्रसाद लोगों को दिया जाता है। इस मंदिर में ज्यादातर लोग चीन से आते हैं। श्रीबालासुब्रमण्यम मंदिर श्रीबालासुब्रमण्यम मंदिर केरल, इस मंदिर में भगवान मुरुगन और शंकर जी के पुत्र कार्तिकेय जी की पूजा की जाती है। माना जाता है कि यहां भगवान का बाल स्वरूप है जिसके कारण यहां मंच चॉकलेट का भोग लगाया जाता है। अलागार मंदिर अलागार मंदिर तमिलनाडू इस मंदिर में भगवान विष्णु को डोसे का भोग लगाया जाता है पहले डोसे का भोग भगवान को लगाया जाता है फिर वही प्रसाद भक्तों को वितरित होता है। मां लक्ष्मी मंदिर मां लक्ष्मी मंदिर मध्य प्रदेश इस मंदिर में देवी मां को जो भी सोना चांदी चढ़ाता है उस सोने और चांदी को प्रसाद के रूप में धनतेरस से भाई दूज तक बांटा जाता है। जय दुर्गा पीठम मंदिर जय दुर्गा पीठम मंदिर तमिलनाडू,इस मंदिर में भक्तों को बर्गर, सैंडविच और केक जैसे प्रसाद दिए जाते हैं। जन्म दिन पर जाने पर भक्त को केक दिया जाता है। यह भी पढ़ें- क्या है भोजशाला का पूरा इतिहास, जानिए पूरा विवाद
जानिए जय मां संतोषी फिल्म में संतोषी मां बनने वाली अभिनेत्री से जुड़ी बातें

आप सभी ने जय मां संतोषी फिल्म के बारे में तो सुना ही होगा इस फिल्म से जुड़ी कई ऐसी बाते हैं जो आपको विस्मित कर देंगी। इस फिल्म में देवी का किरदार निभाने वाली अनीता गुहा के जीवन में फिल्म करने के बाद में बेहद बदलाव आ गए थे। मां संतोषी का किरदार निभाते वक्त करती थी व्रत जय मां संतोषी फिल्म में माता का किरदार अनीता गुहा ने निभाया था। जिस दिन इस फिल्म की शूटिंग होती थी उस दिन वह व्रत रखती थी। देवी का किरदार निभाने के बाद उनका घर से निकलना तक लोगों ने मुश्किल कर दिया था लोग उन्हें ही मां संतोषी मान बैठे थे। जैसे ही लोग उन्हें देखते थे तो पैरों में गिर जाते थे। संतोषी मां अभिनेत्री से थी नाराज़ माना जाता है कि संतोषी मां का किरदार निभाने के बाद देवी उनसे रुष्ठ हो गई थी जिसके कारण उनकी जिंदगी में उथल पुथल मच गई थी। फिल्म करने के बाद उन्होंने जितनी फिल्में की वह कोई भी प्रभाव नहीं डाल सकीं। क्योंकि दर्शक तो उन्हें केवल देवी बना देखना पसंद करते थे। इसके बाद से ही वह फिल्मी दुनिया से धारे धीरे दूर होती गई। अंतिम संस्कार से पहले मेरा मेकप कर देना बताया जाता है कि उनको ल्यूकोडर्मा नाम की बीमारी हो गई थी जिसमें उनके शरीर पर सफेद दाग होने लगे थे। यही वो समय था जब अनीता ने कैमरे के सामने आना पूरी तरह से बंद कर दिया था।अभिनेत्री के रिश्तेदारों का कहना था कि अनीता को बचपन से ही मेकप का काफी शौक था। यहां तक की वह स्कूल भी मेकप कर के जाती थी। लेकिन बीमारी के बाद उनके मेकप के मायने बदल चुके थे। वह कहती थी कि मेरे अंतिम संस्कार से पहले मेरे चेहरे पर मेकप कर देना। यह भी पढ़ें- बॉलीवुड की ऐसी फिल्में जो असर क्रिमिनल्स और क्राइम पर आधारित है
फिल्मी जगत में इन देवी देवताओं के बारे में बताई गई बातें हैं पूरी तरह गलत

फिल्मी जगत में या फिर टीवी शोज़ में हिंदू देवी देवताओं से जुड़े कई प्रोग्राम बनाए जाते हैं। अपने शो को और ज्यादा मसालेदार बनाने के लिए शो के निर्माता कथाओं के किरदारों को तोड़ मरोड़ कर बताने लगते हैं। इसी तरह से कई हिंदू देवी देवताओं की अलग ही छवि तोड़ मरोड़ कर लोगों के दिमागों में बैठ दी गई है। इन देवी देवताओं की बताई गलत छवि नारद मुनी को बताया मजाकिया फिल्मी जगत में नारदजी के किरदार को बेहद मज़ाकिया बताया जाता है साथ ही उनकी छवि चुगलखोर या आग लगाने वाले जैसी बना दी है। लेकिन शास्त्रों ने नारदजी को भक्त शिरोमणि की उपाधी दी है उन्होंने ही ध्रुव और प्रहलाद जैसे भक्तों को भक्ती दी है। संतोषी मां मानी जाती है काल्पनिक माना जाता है कि सन् 1975 में आई एक फिल्म जय मां संतोषी के आने बाद से ही इस नाम की देवी के बारे में लोग जान पाए हैं। वहीं विद्वानों का कहना ऐसा भी है कि हिंदू धर्म ग्रंथों में भी इनका कोई वर्णन नहीं हैं इसलिए माना जाता है कि यह फिल्म निर्माताओं केवल एक कल्पना मात्र हैं। राधा कौन थी बताने में रहे असमर्थ फिल्मों और टीवी शोज़ में श्रीराधा का किरदार कोफी बड़ा चढ़ाकर दिखाया जाता है। शास्त्रों में वर्णन है कि राधा कृष्ण की प्रेमिका नहीं बल्कि कृष्ण की स्वामिनी है जिनके चरणों की सेवा में स्वयं त्रिलोकाधिपति श्रीकृष्ण रहते हैं, राधा उनकी ही अह्लादिनी शक्ति है। कृष्ण की छवी को बताया गलत फिल्म और टीवी शोज़ ने भगवान श्रीकृष्ण के किरदार को भी गलत ढंग से लोगों के सामने प्रस्तुत किया है। भगवान श्री कृष्ण की माखन चोरी लीला, वस्त्र हरण लीला, रास क्रीडा इन सभी को गलत तरह से लोगों को परोसा गया है। शिव के रंग के बारे में बनाया भ्रम फिल्मों और टीवी शोज़ ने भगवान शंकर के वर्ण यानी की रंग के आप सभी के समक्ष गलत प्रस्तुत किया है। अक्सर उनको सांवले या नीले रंग में दिखाया जाता है लेकिन शास्त्र कहते हैं कि भगवान शंकर का रूप कपूर के समान गौर यानी गोरा है। यह भी पढ़ें- बॉलीवुड की ऐसी फिल्में जो असर क्रिमिनल्स और क्राइम पर आधारित है
क्या है नायब सिंह सैनी को हरियाणा का नया सीएम बनाने के पीछे की रणनीति

लोकसभा चुनाव से पहले हरियाणा की राजनीति में बड़े बदलाव हुए हैं। कल पीएम मोदी हरियाणा दौरे पर थे और आज मनोहर लाल खट्टर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। खट्टर के इस्तीफा देने के बाद नायब सिंह सैनी को प्रदेश का नया मुख्यमंत्री बना दिया गया है। लेकिन कौन हैं नायब सिंह जिन्हें बीजेपी ने मुख्यमंत्री बना दिया और क्या है इसके पीछे की रणनीति जानिए इस लेख में। कौन हैं हरियाणा के नए सीएम नायब सिंह सैनी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को अपने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है। खट्टर के इस्तीफे के बाद नए सीएम के नाम का ऐलान भई हो गया है। नए मुख्यमंत्री के रूप में नायब सिंह सैनी को चुना गया है। सैनी मौजूदा वक्त में कुरुक्षेत्र से सांसद हैं। इन्हें मनोहर लाल खट्टर का बेहद करीबी भी माना जाता है। सैनी साल 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले से विधायक रहे हैं। उन्हें चुनावों के वक्त भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी और अंबाला जिले की नारायणगढ़ सीट से टिकट दिया जिसमें वह जीत कर आए और मंत्री पद पर बैठे। सैनी प्रदेशाध्यक्ष के तौर पर साल 2023 में ही चुने गए थे और ठीक पांच महीने बाद ही उन्हें सीएम की सीट पर बैठा दिया है। क्या है बीजेपी की रणनीति बीजेपी की हरियाणा में नायब को मुख्यमंत्री बनाने के पीछे की वजह ओबीसी वोटर्स को साधना माना जा रहा है। सैनी ओबीसी समाज से आते हैं जिस कारण उन्हें सीएम बनाया गया। इसके अलावा हरियाणा में बीजेपी जाटलेंड को साधना चाह रही है जिस के लिए नायब से अच्छा उम्मीदवार कोई नहीं हो सकता क्योंकि नायब उसी क्षेत्र से सांसद हैं जहां जाट समुदाय के वोटर्स ज्यादा हैं। यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश के भोजशाला में भी होगा एएसआई सर्वे