इश्क में छोड़ा कट्टरता का मज़हब,सनातनी बना फाजिल..
नरसिंहपुर के एक मुस्लिम युवक फाजिल खान ने एक हिन्दू लड़की से शादी के लिए घर वापसी का फैसला लिया .फाजिल खान के पिता ने करीब 25 साल पहले इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था लेकिन जब फाजिल को सोनाली से प्यार हुआ तो उसने दोबारा हिन्दू धर्म अपना लिया और दोनों ने करेली के राम मंदिर से शादी कर लिया . क्या है दोनों की प्रेम कहानी नरसिंहपुर के रहने वाले फाजिल खान और सोनाली राय की मुलाकात गाडरवारा के डमरू घाटी शिव मंदिर में हुई थी .शिव मंदिर में दोनों ने एक दूसरे को पहली बार देखा था तब दोनों ने एक दूसरे को पसंद भी कर लिया था. दोनों के बीच बातें होना शुरू हो गयी और पांच साल बाद दोनों ने कोर्ट मैरिज कर लिया जिसमे दोनों के दोस्त और कुछ सम्बन्धी गवाह बन गये थे . अंत में अपने प्यार को बचाने के लिए फाजिल घर वापसी कर अमन राय बन गया . लोगों ने किया विरोध फाजिल खान ने सोनाली से विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी की .इसमें जब फाजिल और सोनाली से अपनी शादी का आवेदन दिया था और 23 जनवरी को इसका नोटिस जरी हुआ जिसमे दोनों ने अपनी मर्ज़ी से शादी करने की बात लिखी . ये नोटिस जब लोगों के सामने आया तो लोग शादी के गवाहों का बहिष्कार करने लगे और सोनाली और दोनों गवाहों की शोक सभा रखने की भी बात की गयी . जिसके बाद फाजिल ने हिन्दू धर्म में वापसी करने का फैसला किया .कल रात करेली के राम मंदिर में धर्म वापसी के बाद फाजिल का नामकरण किया गया जहां उसको अमन राय नाम दिया गया . धर्म वापसी के बाद अमन ने सोनाली के साथ पूरे सनातन रीति रिवाजों के साथ शादी की . पिता ने किया था इस्लाम क़ुबूल अमन राय उर्फ़ फाजिल खान के पिता ने करीब 25 साल पहले इस्लाम धर्म को क़ुबूल कर लिया था पर फाजिल को बचपन से ही हिन्दू धर्म में दिलचस्पी थी ,वो हिन्दू देवी देवताओं को भी मानता था मंदिरों में भी जाता था और अक्सर माता पिता से धर्म में वापसी की बात भी कहता था .फिर सोनाली से प्यार होने के बाद फैज़ल ने घर वापसी कर ली .
मुस्लिम लड़की से प्रेमप्रसंग के चलते,मनोहर के किये टुकड़े-टुकड़े…
हिमांचलप्रदेश से एक प्रेमप्रसंग के अंत की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ चंबा में मनोहर नाम के लड़के का प्रेमप्रसंग एक मुस्लिम लड़की से चल रहा था जिसकी वजह से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई आशंका ये जताई जा रही है कि लड़की के परिजनों ने ही मनोहर की हत्या की है.। मनोहर की हत्या बिल्कुल उसी तरह से करी गई जैसे मुंबई में सरस्वती और दिल्ली मे श्रद्धा की की गई थी यानि पहले मनोहर को जान से मार दिया और उसके बाद उसके टुकड़े टुकड़े कर दिए और उन्हें बोरी मे भरकर नाले मे फेंक दिया । बताया जा रहा है की मुस्लिम लड़की के भाइयों ने ही मनोहर को मारा है। क्या है पूरा मामलाहिमांचलप्रदेश के चंबा के किहार मे भांदल गाँव के रहने वाले मनोहर नाम के युवक का एक मुस्लिम लड़की से अफेयर चल रहा था । इनके रिश्ते के बारे मे जब लड़की के परिवार को पता चला तो उनने लड़की को मनोहर से दूर रहने को कहा । लड़की के घरवाले मनोहर को बिल्कुल पसंद नहीं करते थे । बताया जा रहा है की लड़की के भाइयों ने ही मनोहर का कत्ल किया है और फिर मनोहर के शव के 8 टुकड़े करके उनको बोरी मे भरकर नाले मे फेंक दिया। कैसे हुआ मामले का खुलासामामले का खुलासा तब हुआ जब नाले के पास से कुछ लोग गुज़र रहे थे तो उन्हें नाले के पास से अजीब सी बदबू आई जिसके बाद उन लोगों ने पुलिस को कॉल किया । सूचना मिलने बाद जब पुलिस वहाँ आई तो नाले से बोरी को निकाला उसमे मनोहर के शव के तुड़के मिले । मनोहर 6 जून से लापता था जिसके बाद उसके घर वालों ने गुमशुदगी की शिकायत भी दर्ज कराई थी और 9 जून को मनोहर के शव के टुकड़े पुलिस को मिले । पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया फिर उसे परिजनों को सौंप दिया । चंबा एसपी ने की पुष्टिचंबा एसपी अभिषेक यादव ने मनोहर की हत्या की पुष्टि की । उनने बताया की मे 21 साल के युवक मनोहर की हत्या कर उसके शव के टुकड़े कीये गए ,टुकड़ों को बोरी मे बंद करके नाले मे फेंक दिया । एसपी ने आगे बताया की युवक कुछ दिनों से लापता था ।पुलिस ने मामले में अभी तक 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे जांच जारी है।
ज़ाकिर कर रहा था प्रताड़ित ,परेशान होकर रीना ने पिया एसिड…
देवास के क्षिप्रा में मुस्लिम युवक जाकिर ,रीना नाम की शादीशुदा युवती को प्रताड़ित करता था जिससे परेशान होकर रीना खुदखुशी करने को मजबूर हो गयी .दरहसल देवास के क्षिप्रा गाँव में दो बच्चों की माँ को ज़ाकिर ने इतना परेशान कर दिया कि महिला ने ऐसिड पीकर खुद खुशी कर ली । जाकिर रीना पर अवैध संबंध बनाने का दवाब डाल रहा था और उससे शादी करने के बाद धर्म परिवर्तन करवाने की बात भी कहता था जिसके बाद समाज मे बदनामी के डर से और जाकिर की धमकियों से परेशान होकर रीना ने ऐसिड पीकर अपनी जान देदी । आरोपी जाकिर को लेकर गांव के लोगों में गुस्सा भरा हुआ था जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। क्यों हुई रीना एसिड पीने को मजबूररीना देवास के क्षिप्रा गाँव मे अपने पति सुंदर जोशी ,सास- ससुर और दो बच्चों के साथ रहती थी । रीना अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहती थी 5 महीने पहले ही परिवार किराये के नए मकान में रहने आया था । पिछला मकान जाकिर के घर के पास था और पड़ोसियों ने आशंका जताई है कि रीना ने पिछला घर भी जाकिर से परेशान हो कर ही छोड़ा होगा । बताया जा रहा है कि तभी से जाकिर की बुरी नजर रीना पर पड़ गई थी । रीना ने मरने के 8 दिन पहले ही अपने भाई दीपक जोशी को बताया था कि मोहल्ले का रहने वाला जाकिर मुझे बहुत परेशान करता है, आते जाते मेरा पीछा करता है सुबह दोपहर शाम हर वक्त घर के आस पास घूमता रहता है और कहता है कि मैं तुझे पसंद करता हूँ ,तेरे साथ शादी करके तेरा धर्म परिवर्तन करवा दूंगा । भाई ने जब ये बात अपने जीजा सुंदर को बताई तो उसने कहा कि इसे आपस में समझ लेंगे पर इसके पहले वो कुछ फैसला लेते रीना ने एसिड पीकर अपनी जान देदी । ऐसिड पीने के बाद रीना ने किया था भाई को कॉलरीना के भाई दीपक ने बताया कि सुबह करीब पोने 10 बजे रीना का कॉल आया उसने कहा कि मैंने ऐसिड पी लिया है ,मैं मर रही हूँ भाई मुझे बचा लो । दीपक आधे घंटे के भीतर क्षिप्रा गाँव पहुँच गया जहाँ उसने देखा कि बहन रीना उल्टियाँ कर रही है और बेहद तड़प रही है जिसके बाद दीपक ने जमाई सुंदर को कॉल किया और रीना को अस्पताल ने गए बादमे रात 10 बजे शनिवार को देवास के निजी अस्पताल मे उसकी मृत्यु हो गई । दीपक का कहना है कि रीना को दो दिन पहले ही जाकिर ने चाकू दिखाकर धमकी दी थी और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने कि कोशिश करी थी, रीना घर पर अकेली रहती थी तो जाकिर ने ही रीना को ऐसिड पिलाया होगा ,उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए । मरने के पहले ननद से कहा कि- ‘मैं मजबूर हो गई थी’रीना कि नन्द जया जोशी ने बताया कि भाभी ने मरते वक्त कहा कि वो मजबूर हो गईं थी । जया ने बताया कि जाकिर पिछले कई दिनों से उसे ब्लैकमेल कर रहा था साथ ही शारीरिक संबंध बनाने का दबाव भी डाल रहा था। रीना परिवार कि बहु थी और दो बच्चों की माँ भी थी और मान मर्यादा के कारण उसने ये बात किसी को नहीं बताई थी । परिवार की इज्जत के खातिर वो सब कुछ सहती रही और मजबूर होकर उसने खुदकुशी करली। आरोपी का घर हुआ सीलरविवार को रीना के अंतिम संस्कार के बाद भीड़ आरोपी के घर को तोड़ने की मांग पर अड़ गई जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी मे राजस्व विभाग की टीम ने घर को सील कर दिया । क्षेत्र के थाना प्रभारी ने बताया की आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है ,आरोपी जाकिर हम्माल का काम करता था । साथ ही ये भी कहा की धर्म परिवर्तन के संबंध में अभी हमारे पास कोई सबूत नहीं है पर यदि ऐसा हुआ होगा तो हम सख्त कारवाई करेंगे ।
एक मैगज़ीन जिसके सहारे चल रहा था देश तोड़ने का प्रयास…
जबलपुर मे NTA और ATS की टीम ने छापा डाला जिसमे तीन लोगों को पकड़ा गया ,और जब इनसे पूछताछ हुई तो आरोपियों ने बताया की उनकी ये कट्टरपंथी सोच का कारण कोई धर्म ग्रंथ या कोई इंसान नहीं है वल्की एक मैगजीन है ।इस मैगजीन से युवकों ने सीखा की हिंदुओं और हिंदुस्तान को मिटा दो । इस मैगज़ीन का नाम सवात अल हिन्द है जिसे अंग्रेजी मे वॉयस ऑफ हिन्द कहा जाता है । इस मैगजीन के जरिए आईएसआईएस अपने नापाक मंसूबों को पूरा करना चाहता था । क्या है वॉयस ऑफ हिन्द का पूरा सचमध्यप्रदेश के जबलपुर से जांच एजेंसी ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया जो की ISIS के चक्कर मे पड़े हुए थे । मुख्य आरोपी आदिल खान, उसके दोस्त मोहम्मद शाहिद और सैयद मामुर आली तीनों को आतंकी बनाने के पीछा एक कश्मीरी आतंकी आमिर उमर निसार उर्फ कासिम खुरासानी का हाथ था । यही कश्मीरी आतंकी वॉयस ऑफ हिन्द नाम की मैगज़ीन चल रहा था जो अफ़ग़ानिस्तान से तैयार होकर भारत छिपकर लाई जाती थी। इसे प्रकाशित करने की जिम्मेदारी अल किताल मीडिया सेंटर ने ली थी जो की आइएसआइएस का ही ऑनलाईन ग्रुप है । इस मैगज़ीन मे बिना किसी सेंसर के सर तन से जुदा की फोटोस लगाई गई थी । इस मैगजीन के लक्ष्य थे कि इससे भारत को तोड़ा जाए ,भारत के मुसलमानों को मोदी सरकार के खिलाफ भड़काना ,युवाओं को संगठन मे जुड़ने का आमंत्रण देना । पहले भी करी है कई नापाक कोशिशें ऐसा नहीं है कि आतंकवादी संगठन द्वारा ये पहली बार कोशिश कि गई हो इसके पहले भी कई बार ऐसे नापाक साजिश रची जा चुकी है दरहसल बिहार मे पुलिस को छान बीन मे pfi के कुछ दस्तावेज मिले जिनमे इंडिया विज़न 2047 लिखा हुआ था साथ ही मध्यप्रदेश के जबलपुर मे तीन आतंकी मिले जो कि isis का प्रचार सोशल मीडिया के माध्यम से कर रहे थे । इन सभी घटनाओं का सीधा उद्देश्य है भारत को इस्लामिक देश बनाना और हिंदुओं को खत्म करना। PFI इंडिया विज़न 2047 PFI इंडिया विज़न 2047 मे भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने के लिए प्रगति को चार चरण मे विभाजित किया है। पहले चरण के अनुसार सभी मुसलमानों को एक जुट करना , ज्यादा से ज्यादा नए लोगों को संगठन से जोड़ना और उन्हे हर प्रकार के हथियार चलना सिखाना शामिल है। दूसरे चरण मे हिंदुओं पर हिंसा करने की बात कही है और संविधान ,अंबेडकर जैसी पंच लाइन का इस्तेमाल बताया है । तीसरा चरण है की हिंदुओं के पिछड़े वर्गों मे विभाजन पैदा करना और नगरपालिका और न्यायपालिका मे घुसपेठ करना । चौथा चरण है की जब हिंदुओं के पिछड़े वर्गों मे विभाजन हो जाए तो आसानी से हिंदुस्तान को जीतना और अगर कोई मुसलमान के खिलाफ जाए तो उसे रास्ते से हट देना । सोशल मीडिया से कर रहे थे ISIS का प्रचार मध्यप्रदेश के जबलपुर मे तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया ,मुख्य आरोपी आदिल खान सोशल मीडिया पर कई माध्यमों जैसे यूट्यूब चैनल्स ,इंस्टाग्राम और व्हाट्सप्प ग्रुप के माध्यम से ISIS का प्रचार कर रहे थे । ये आरोपी मस्जिदों मे बैठक लगाया करते थे साथ ही लोगों के घरों मे भी बैठक लगते थे । इनका उद्देश्य नए लोगों को ISIS मे जोड़ना था ।
गंगा जमुना स्कूल पर बुलडोजर चलाने की तैयारी,गृहमंत्री ने दिए संकेत…
दमोह के गंगा जमुना स्कूल के हिजाब मामले में लगातार नए मोड़ आ रहे हैं ,एक ओर गंगा जमुना स्कूल के प्रबंधन कमिटी के सदस्य पुलिस के हत्थे चड़ रहे हैं वहीं दूसरी ओर दोषियों के ठिकानों पर बुलडोजर चलने के आसार भी नजर आ रहे हैं । बीते दिनों ये मामले तब सामने आया था जब एक पोस्टर वायरल हुआ जिसमें हिन्दू लड़की हिजाब पहने नजर आ रहीं थी जिसे स्कूल के लोग स्कार्फ बात रहे थे . गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कही बड़ी बात नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि दमोह के गंगा जमुना स्कूल के मामले की जांच सही दिशा में चल रही है, प्याज के छिलकों की तरह एक के बाद एक परत छिलके की तरह उघड़ती जा रही हैं,जो फरार हैं और इस तरह की फिरका परस्त ताकतें हैं माफिया हैं उन पर तो बुलडोजर चलता ही है।नरोत्तम मिश्रा के इस बयान से साफ जाहीर हो रहा है कि अब गंगा जमुना स्कूल के खिलाफ कोई सख्त कारवाई होने जा रही है । आय दिन केस से जुड़ी परतें खुलती जा रही है और गंगा जमुना स्कूल की असली कहानी बयां करती जा रही है । इन लोगों को भेजा जेल गंगा जमुना स्कूल विवाद में तीन बच्चों को बताई बातों के मुताबिक पुलिस ने स्कूल की प्रबंधन कमेटी के 10 सदस्यों पर धारा 295 ,506 और जेजे एक्ट के अनुसार केस किया । जांच के बाद जब आरोपियों को सही माना गया तब पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी की । स्कूल के प्राचार्य और दो अन्य लोगों की कोर्ट में पेशी की और फिर तीनों को जेल भेज दिया गया क्या था पूरा मामला कुछ दिन पहले दमोह का एक पोस्टर काफी वायरल हुआ था जिसमें हिन्दू लड़कियाँ हिजाब पहने नजर आ रही थी लेकिन स्कूल का कहना था की ये स्कार्फ है हिजाब नहीं ,इस पर स्कूल शिक्षा विभाग ने पहले तो उसे क्लीन चिट दे दी पर बाद मे गंगा जमुना स्कूल की मान्यता को ही खारिज कर दिया । जांच मे ये भी सामने आया कि स्कूल मे पढ़ाने वाली महिला शिक्षक का भी धर्म परिवर्तन कराया गया था । बच्चों का कहना है कि स्कूल मे उन्हे नमाज़ पड़ने को मजबूर किया जाता था और आयात भी रटवायी जाती थी ।
इंदौर में RSS की छवि बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ FIR…
मध्यप्रदेश के इंदौर मे सामाजिक संगठन आरएसएस की छवि बिगाड़ने एक फेक वीडियो वायरल किया गया मामले का खुलासा होने पर वीडियो को वायरल करने वाले मीडिया संस्थानों और कुछ अन्य लोगों पर सख्त एक्शन लिया गया। इंदौर मे ये पहली बार नहीं है जब आरएसएस या बजरंगदल के खिलाफ ऐसा कुछ हुआ हो इसके पहले भी कई बार इन सामाजिक संगठनों पर कुछ असामाजिक तत्वों ने झूठे इल्जाम लगाए हैं. कर्नाटक मे जहाँ बजरंगदल पर सवाल उठे तो वहीं अब मध्यप्रदेश के इंदौर मे कई बार दोनों ही संगठनों से जुड़ी झूठी खबरे फैलाकर उनकी छवि बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। इंदौर मे कुछ मीडिया संस्थानों और ट्विटर, फेसबुक हैन्डल द्वारा एक वीडियो वायरल किया जा रहा था जिस पर दावा किया जा रहा था कि आरएसएस का पदाधिकारी स्पा चला रहा है जिसमे गलत काम भी किए जा रहे हैं । वीडियो फेक निकला तो वीडियो को वायरल करने वालों के खिलाफ FIR कराई गई । क्या है वायरल वीडियो का पूरा सचमध्यप्रदेश के इंदौर में कुछ मीडिया संस्थानों ने एक फेक वीडियो वायरल किया जिसमे ये दिखाया गया कि सामाजिक संगठन आरएसएस के पदाधिकारी एक स्पा चलाते हैं जिसमे गलत काम किया जाता है । वीडियो कि जांच में पता चला कि वीडियो मे जिस शख्स का नाम बताया गया इस नाम का आरएसएस पदाधिकारी मध्यप्रदेश में कहीं भी नहीं है । वीडियो के सच के सामने आने के बाद पता चला कि वीडियो कहीं और का है और इसका आरएसएस से कोई संबंध नहीं है । वायरल वीडियो को देख कई आरएसएस समर्थकों और स्वयंसेवकों की भावनाओं को ठेस पहुंचा जिसके बाद शासकीय अधिवक्ता राजेश जोशी ने केस किया । FIR में कुछ मीडिया संस्थानों ,उनके संचालकों के साथ ट्विटर और फेसबुक हैन्डल के भी नाम हैं. इन मीडिया संस्थानों पर हुई FIRFIR में कुछ मीडिया संस्थानों ,उनके संचालकों के साथ ट्विटर और फेसबुक हैंडल के भी नाम हैं. ये नाम हैं न्यूज नशा (वेब पोर्टल ),एनकाउंटर (वेब पोर्टल ), जनविचार संवाद (फेसबुक समूह ) , भाविका कपूर और अनुज यादव (ट्विटर हैंडल ) ,पीयूष अहीर (फेसबुक प्रोफाइल)। ये सभी लोग फेक वीडियो को वायरल करने मे शामिल हैं । इनका सीधा उद्देश्य बताया जा रहा है कि ये आरएसएस और बजरंगदल जैसे सामाजिक संगठानों कि छवि समाज के बिगाड़ना चाह रहे थे । पहले भी की गईं कई कोशिशेंइंदौर में ये पहली बार नहीं हुआ कि जब हिंदूवादी संगठन जैसे आरएसएस और बजरंग दल की छवि खराब करने की कोशिश की गई है, इसके पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है । जहाँ एक ओर राजनीतिक पार्टियां बजरंगदल पर सियासत कर रही थी वही दूसरी ओर कई असामाजिक तत्व आरएसएस पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं । इंदौर मे बीते दिन कुछ मुस्लिम युवकों द्वारा ऐसे पर्चे बाटे गाए थे जिसमे राष्ट्रीय स्वयं सेवक पर आरोप लगा कि वो हिन्दू लड़कों को मुस्लिम लड़कियों को फ़साने कि बात कहते हैं इतना ही नहीं बल्कि उन्हे ट्रैनिंग भी देते हैं इसका नाम उन्होंने हैशटैग भगवा ट्रैप रखा । इंदौर मे ही एक घटना और हुई जिसमे जब एक ऑटो के पीछे आरएसएस लिखा हुआ था तो उसके मालिक को बेरहमी से पीटा गया और अब आरएसएस के कार्यकर्ताओं के नाम पर फेक वीडियो वायरल किया जा रहा था ।
वार्डन ने छात्राओं को पूजा करने से रोका ,बेटे को बनाया कंप्यूटर ऑपरेटर माँ की आड़ में छेड़ता था लड़कियां…
मध्यप्रदेश मे लगातार ऐसे मामले सामने आरहे हैं जिनमे हिन्दू बच्चों पर इस्लामिक बातों को मानने का दवाब डाला रहा है .दमोह का गंगा -जमुना हिजाब मामला अभी भी सुर्खियों मे है वहीं अब नर्मदापुरम से भी ऐसा ही मामला सामने आरहा है जहाँ छात्रावास की लड़कियों पर वॉर्डन द्वारा ज़बरदस्ती इस्लामिक बातें बताने और लड़कियों को पूजा पाठ करने से रोकने का मामला सामने आया है . क्या है पूरा मामलामध्यप्रदेश के नर्मदापुरम के सेमरी चंद्र मे कस्तूरबा गांधी कन्या छात्रावास स्थित है जिसमे करीब 250 लड़कियां रहती हैं । छात्रावास की संरक्षक शमीमा बानो पर आरोप हैं की वो छात्रावास मे रहने वाली हिन्दू लड़कियों से ज़बरदस्ती इस्लाम की बातें करती थी साथ ही वो उन्हे पूजा करने से भी रोकती थी अपनी धार्मिक बातों को लड़कियों पर थोपती थी ।शमीमा पर ये भी आरोप हैं की उसने अपने लड़के शफीक खान को अवैध तरीके से छात्रावास मे कंप्युटर ऑपरेटर के तौर पर रखा हुआ था जिसकी जानकारी उसने किसी भी अधिकारी को नहीं दी थी । शफीक हिन्दू लड़कियों को करता था टारगेटशफीक खान अपनी माँ शमीमा बानो के आड़ मे छुपकर छात्रावास मे मौजूद हिन्दू लड़कियों को छेड़ता था ,उनपर बुरी नजर डालता था और उन्हे टारगेट किया करता था । शमीमा तो अक्सर बाहर जाया करती थी और अपने बेटे को छात्रावास मे रहने देती थी । मामले का खुलासा तब हुआ जब गर्मियों की छुट्टियाँ लग गई और शफीक खान ने छात्रावास मे छुट्टी वाले दिन लड़कियों को छात्रावास बुलाया तभी उसके खिलाफ कई शिकायतें आई । वार्डन को किया निलंबितजिला शिक्षा अधिकारी को जब मामले की जानकारी मिली तब छात्रावास की वार्डन शमीमा बानो को निलंबित कर दिया साथ ही उसके बेटे शफीक खान को भी हटाया गया । खबर जैसे ही राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग तक पहुंची तो उन्होंने छात्रावास के खुलने के बाद जांच करने की बात कही साथ ही आयुध मीडिया से बात करते हुए बताया की उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दे दिए हैं जैसे ही रिपोर्ट आती है आगे की कारवाई शुरू कर दी जाएगी । ABVP ने सख्त कारवाई की मांग उठाईABVP ने एसडीएम सौपा ज्ञापन जिसमें उन्होंने लिखा है कि छात्रावास प्रभारी छात्राओं पर अन्य धर्म की बातें थोपती थी । परिषद की ये भी मांग है कि छात्रावास की वार्डन शमीमा बानो और उसके बेटे दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करी जानी चाहिए।
बेसबॉल की नेशनल प्लेयर संजना ने किया सुसाइड, लव जिहाद और धर्मान्तरण से सीधा कनेक्शन…
जबलपुर की रहने वाली बेसबॉल की नेशनल प्लेयर संजना बरकड़े ने सुसाइड कर लिया जिसका सीधा कनेक्शन लव जिहाद और धर्मान्तरण से बताया जा रहा है। संजना पर अब्दुल उर्फ़ राजन खान धर्म परिवर्तन का दवाब डाल रहा था जिससे तंग आकर उसने ये कदम उठाया। संजना की माँ का कहना है कि आरोपी ने अननोन नंबर से फ़ोन किया था और धमकी भी दी थी। संजना के पिता का कहना है की आरोपी ने अपना नाम राजन बताया था और अपने मुस्लिम होने की बात छुपाई थी लेकिन जब संजना को ये पता चला तो उसने राजन से बात करना बंद कर दिया। संजना की माँ को दी थी धमकी संजना की माँ गीताबाई का कहना है कि बेटी की मौत के 9 दिन पहले अननोन नंबर से आरोपी ने बेटी को कॉल किया और कहा – अच्छा, मां से बात करवाओ मेरी…। बेटी ने मुझे फोन दे दिया। आरोपी ने पूछा- कौन, तुम लड़की की मां हो। अच्छा हुआ कि तुमसे बात हो गई। तुमसे से ही बात करना चाहता था। तुम बच्ची को समझा दो। हमारा धर्म कबूल करे। मैं उससे शादी करना चाहता हूं। अगर हमारे धर्म को कबूल नहीं करते, तो हम समझ चुके हैं कि कहां तुम्हारा परिवार है, कहां तुम रहते हो। हम मार डालेंगे। अगर कबूल कर लोगे, तो कुछ नहीं होगा। इसके बाद कॉल कर रहे लड़के ने फोन काट दिया। तब गीता बाई ने संजना से पूछा की तुम जानती हो की ये कौन है उसने मना कर दिया। पिता ने करी पूरे न्याय की मांग संजना के पिता हरिनाम बरकड़े ने बताया की जब संजना को पता चला की वो जिससे बात करती है वो राजन नहीं है वल्कि उसका असली नाम अब्दुल मंसूरी है तभी से उसने अब्दुल से बात करना बंद कर दिया था और जिसके कारण ही उसने बेटी पर दवाब डालना शुरु कर दिया। बेटी बेसबॉल की नेशनल प्लेयर थी उसके पास ढेर सारे मेडल्स थे पर आरोपी ने उन्हें चुरा लिया था और जब भी संजना उससे मेडल्स वापस माँगती तो वो दवाब डालने लगता था। साथ ही हरिनाम ये भी बताते है कि अब्दुल ने बेटी के डाक्यूमेंट्स भी चोरी कर लिए थे। अब्दुल उसे धमकी दे रहा था कि अगर वो उसकी बात नहीं मानती तो वो उसके फोटोज और वीडियोस सोशल मीडिया पर डाल देगा और इसी प्रेशर में आकर संजना ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। संजना के पिता का कहना है कि उसका असली प्लान ये नहीं था वो तो मेरी बेटी का धर्मांतरण करवाना चाहता था। हरिनाम बरकड़े ने कहा कि उन्हें ये तो शांति है कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है पर उसका तुरंत अन्कॉउंटर कर देना चाहिए था या उसे फांसी दे देनी चाहिए और अगर ये भी ना हो पाए तो उसे मेरे सामने लाया जाए और मैं उसे सज़ा दूंगा ,अभी भी मुझे पूरा न्याय नहीं मिला है मुझे पूरा न्याय चाहिए है. खुद को 11 कक्षा का छात्र बताया आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया है , पुलिस का कहना है कि संजना और अब्दुल की 1 साल से बात चल रही थी और इनके बीच क्या विवाद हुआ इसकी जांच जारी है। संजना का शव 5 जून को सुबह उसके घर में मिला उसने कमरे में पंखे पर फंदा डालकर खुद ख़ुशी करी थी उस वक्त उसके माता पिता शादी में हर्रई सिवनी गए हुए थी और जब लौटे तो बेटी का शव मिला। शुरूआती जांच में अब्दुल अपने आपको 11 कक्षा का छात्र बता रहा है ,उसने संजना से मिलने तीन बार जबलपुर आने की बात भी कबूल ली है . संजना ने कुछ दिन से राजन से बात करना बंद कर दिया था बताया जा रहा है कि वो राजन से दूरियां बनाना चाहती थी और आगे रिलेशनशिप बढ़ाना नहीं चाहती थी . क्या है ASP का कहना ASP संजय अग्रवाल का कहना है कि दोनों की दोस्ती इंस्टाग्राम पर हुई थी ,दोनों लगातार 1 साल से संपर्क में थे . दोनों के बीच धर्म परिवर्तन जैसे कोई बात सामने नहीं आई . ASP का कहना है कि नाही ये सामने आया कि राजन ने अपनी पहचान छुपायी है . दोनों के बीच दोस्ती में क्या बात हुई जिसके कारण संजना उससे दूरी बना रही थी इसकी जांच जारी है . माता पिता और सहेलियों के बयान को सच मानकर ही अब्दुल पर सख्त चार्ज लगाया गए हैं ,और वो जेल के अन्दर है , पुलिस अपनी पूरी कोशिश कर रही है .
गंगा -जमुना स्कूल विवाद पर असदुद्दीन ओवेसी ने दिया बयान, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किया पलटवार…
दमोह के गंगा जमुना स्कूल हिजाब मामले को लेकर मध्यप्रदेश में राजनीतिक जंग छिड़ी हुई है. एक ओर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दमोह के डीएसपी को विवाद की जांच का जिम्मा सौंपा वही अब इस विवाद में AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी शामिल हो चुके है . गंगा-जमुना स्कूल के हिजाब विवाद पर AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवेसी ने बड़ा बयान दिया।असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि गंगा-जमुना स्कूल पर किया जा रहा एक्शन गलत है.ओवैसी का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी को हिजाब और मुसलमान दोनों से नफरत है. असदुद्दीन ओवैसी ने दिया ये बयान हैदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि स्कूल ने अपनी बच्चियों के अच्छे नंबर का पोस्टर लगाया था जिसमें वह स्कार्फ पहनी हुई थी , लेकिन शिवराज ने उसे हिजाब बताया है. जब इस विवाद पर स्थान के कलेक्टर और एसपी ने रिपोर्ट दी तो शिवराज ने उसे भी मानने से इंकार कर दिया साथ ही रिपोर्ट को गलत बताया। क्यूंकि यह स्कूल एक विशेष समुदाय से जुड़ा है इसलिए इसे निशाना बनाया जा रहा है। ओवैसी कहते है कि शिवराज को हिजाब से और मुसलमानों से नफरत है. बाद में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शिक्षा अधिकारी के मुँह पर काली इंक भी डाल दी। क्या है पूरा मामला दरअसल दमोह के गंगा-जमुना नामक स्कूल की दीवार पर एक पोस्टर लगा हुआ था, जिसमे हिन्दू बच्चियाँ भी हिजाब पहने नज़र आरही थी। इस पर पोस्टर को देख जहाँ स्कूल के प्रिंसिपल का कहना है कि बच्चियाँ हिजाब नहीं वल्कि स्कार्फ पहनी हुई है वहीं दूसरी ओर स्कूल के खिलाफ कारवाही शुरू हुई जिसमें रोज़ाना कई चौकाने वाली बाते सामने आरही है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने पुलिस और कलेक्टर को पत्र लिखा जिसमे उन्होंने स्कूल में मस्जिद तक जाने वाले गुप्त रास्ते का ज़िक्र किया ,स्कूल में भारत का गलत भौगोलिक नक्शा पढ़ाया जाता है और इतना ही नहीं स्कूल के केजी सेक्शन के बच्चों को इस्लाम धर्म से जुडी बातें पढ़ाई जा रही थी ,बच्चों पर इस्लाम की बातें को पड़ने का दवाब भी डाला जा रहा था।स्कूल के कई बच्चों ने भी बड़े खुलासे किये है बच्चों ने बताया की उन्हें कलमा पढाया जाता है ,हिन्दू विधयार्थियों को भी मुस्लिम धर्म की प्रार्थना पढ़ने का दवाब डाला जाता है . गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किया ओवैसी पर पलटवार नरोत्तम मिश्रा कहते है कि अगर प्रदेश में धर्मान्तरण जैसे कुचक्र होंगे भी तो हम उसे चलने नहीं देंगे। नरोत्तम ने ओवेसी के बयान पर कहा कि असदुद्दीन ओवेसी कभी श्रद्धा और साक्षी पर कुछ नहीं कहते है ,क्यूंकि वो जातिगत राजनीती कर रहे है। नरोत्तम मिश्रा कहते है कि एक और एक मिलकर दो बनते है पर जिहाद में तो एक और एक मिलते है तो एक ही बचता है और दूसरे के तो 35 टुकड़े मिलते है। नरोत्तम ने कहा कि ओवैसी की मानसिकता देख लो प्रेम जैसे शब्द में ये कबाब लाये हैं. साथ ही नरोत्तम मिश्रा ने कहा की ओवेसी जैसे जिहादी मानसिकता के लोग अगर आईएएस नियाज खान जैसे पढ़े लिखे लोगों की बातें सुने तो इनके दिमाग के जाले भी साफ़ हो जायेंगे।
कैसे आया प्रधानमंत्री को सेंगोल देने का विचार,क्यों दिया जाता है सेंगोल…

28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई संसद भवन का उद्घाटन करने वाले हैं जिसको लेकर विपक्ष की 19 पार्टियाँ नाराज़ है और अब दंड को लेकर भी सियासत शुरू हो गयी है अमित शाह ने बताया की उद्घाटन के दिन ही तमिलनाडु से आए एक महान विद्वान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राजदंड देंगे . यह दंड आजादी के समय 14 अगस्त 1947 रात 12 बजे तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को दिया गया था . क्या है सेंगोल से जुडी 1947 की कहानी 1947 में जब भारत अंग्रेजों की गुलामी से आजाद होने वाला था तब आज़ादी के कुछ ही दिन पहले आखिरी वायसराय माउंटबेटन ने जवाहरलाल नेहरू से पूछा की आप देश की आज़ादी को किसी ख़ास प्रतीक के जरिये मनाना चाहते हैं तो बताइये . नेहरू उस वक्त प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी सी. राजगोपालाचारी के पास गए और उनको बताया ,राजगोपालाचारी को संस्कृति का और परम्पराओं का अच्छा ज्ञान था ,उसने जवाहरलाल नेहरू को तमिलनाडु की दंड प्रथा के बारे में बताया ,तब नेहरू ने भी हाँ कह दी ,उन्होंने ये भी बताया की यह दंड सिर्फ तमिलनाडु के थिरुवदुथुरै अधीनम मठ के गुरु के हाथों दिया जाता है तब तुरंत पंडित नेहरू ने राजगोपालाचारी को दंड तैयार करवाने को कह दिया . तब राजगोपालाचारी ने थिरुवदुथुरै अधीनम मठ से संपर्क किया तो पता चला की वहाँ के 20 वे राजगुरु श्री ला श्री अम्बाला देसिका स्वामीगल बीमार है .पता चलते ही राजगुरु ने उनकी बात स्वीकार कर ली और एक सुनार को सोने की परत वाला चाँदी का दंड बनाने को कह दिया ,इसके बाद उन्होंने उसपर नंदी की आकृति बनाने को भी कहा . तबियत ख़राब होने के बाबजूद भी राजगुरु ने अपनी ज़िम्मेदारी निभाई और अपने प्रतिनिधि श्री ला श्री कुमारस्वामी थम्बिरन को भेजा , पंडित नेहरू ने इनको लेने के लिए एक विशेष विमान की व्यवस्था की . ऐसे दिया गया था नेहरू को सेंगोल थिरुवदुथुरै अधीनम मठ के राजगुरु ने अपने प्रतिनिधि श्री ला श्री कुमारस्वामी थम्बिरन को भेजा ,इनने 14 अगस्त 1947 को रात 11 बजकर 45 मिनट पर राजदंड लार्ड माउंटबेटन के हाथ में दे दिया ,और बैटन से दंड वापस . दंड पर पवित्र जल छिड़का और फिर शैव सम्प्रदाय के महान संत थिरुगनाना सांथल के लिखे भजन गाये और पंडित नेहरू को पीताम्बर कपड़ा उड़ा दिया .माथे पर भस्म का तिलक लगाया और राज दंड उनके हाथों में सौंप दिया .बाद में यह दंड पंडित नेहरू ने संग्रहालय में रखवा दिया ताकी आम जनता भी आजादी के समय हुए सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक इस राजदंड को देख पाएं . कैसे आया सेंगोल देने का विचार 1947 की घटना के बाद सेंगोल को इलाहाबाद के संग्रहालय में रख दिया गया था . एक बार 1978 में कांची मठ के महान ज्ञाता ने ये घटना अपने शिष्य को बताई जिसके बाद शिष्य ने उसे छपवा दिया था . इस घटना को तमिलनाडु में हमेशा याद रखा गया और आज़ादी के अमृत महोत्सव के दौरान लोगों के सामने बताया गया तब प्रधानमंत्री को भी इसमें रूचि आयी उन्होंने तभी इसके जाँच के आदेश देदीये . घटना की पुष्टि के बाद ये निर्णय लिया गया की इस दंड को अब नई संसद में लोकसभा अध्यक्ष के स्थान के बगल में रखा जाएगा .28 मई को यह दंड पूरे रीति रिवाजों के साथ तमिलनाडु के थिरुवदुथुरै अधीनम मठ के गुरु द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया जायेगा . क्या है दंड का पुराना इतिहास सेंगोल एक राजदंड है जो समृद्धि का प्रतीक है ,ये जिसे भी दिया जाता है उससे निष्पक्ष और न्यायपूर्ण शासन की उम्मीद की जाती है . सन 1661 में जब दूसरे चार्ल्स के राज्याभिषेक के लिए तब इंग्लैंड की रानी का ‘सॉवरेन्स ओर्ब’ बनवाया गया था ,जिस पर क्रॉस का निशान था जो राजा को ये याद दिलाता था की उसकी सारी शक्तियां भगवान की दी हुई हैं . ये दंड सोने की धातु से बना होता है .362 साल बाद आज भी यह प्रथा वहाँ चलती आ रही है ,आज भी जब कोई नई रानी या नया राजा राज्य की गद्दी पर बैठता है तो उसे ये दंड दिया जाता है.