घर वापसी को लेकर दैनिक भास्कर ने फैलाया झूठ ! ये है हकीकत ….
जब भी देश के भरोसेमंद अख़बारों की बात आती है तो सबसे ऊपर नाम आता है दैनिक भास्कर का, पर क्या होगा अगर दैनिक भास्कर जैसे अख़बार भी झूठी और बे बुनियाद खबरें बताने लगें. दरअसल ऐसा ही एक मामला MP के नरसिंहपुर से सामने आया है.बीते दिनों नरसिंहपुर में फाजिल नाम के मुस्लिम युवक की घर वापसी हुई जिसने अपनी प्रेमिका सोनाली के लिए हिन्दू धर्म अपनाया. इस घटना को लेकर दैनिक भास्कर ने ग्राउंड रिपोर्ट छापी जिसमें लिखा की फाजिल ने बजरंग दल के दवाब में आकर हिन्दू धर्म क़ुबूल किया पर जब आयुध मीडिया की टीम ने नरसिंहपुर जाकर जांच पड़ताल की तो सबसे विश्वसनीय अखबार का सच सबके सामने आगया. आइये जानते है दैनिक भास्कर के झूठी रिपोर्ट की सच्ची कहानी … क्या था पूरा मामला मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की रहने वाले फाजिल खान को हिन्दू लड़की सोनाली से प्यार हो जाता है, दोनों शादी करने का फैसला करते हैं , दोनों कुछ परिचितों की गवाही से कोर्ट मैरिज कर लेते है. जब समाज में सभी को इनके रिश्ते के बारे में पता चला तो इनका और इनके गवाहों का विरोध होना शुरू हो गया जिससे परेशान होकर फाजिल ने सोनाली और अपने रिश्ते को बचाने के लिए हिन्दू धर्म में वापसी करने का फैसला किया .फैज़ल को पहले से ही हिन्दू धर्म में दिलचस्पी थी वो अक्सर हिन्दू किताबों को पढ़ा करता था और जब सोनाली के प्यार की बात आई तो वो बिना देरी के करेली के राममंदिर में घरवापसी कर फाजिल से अमन राय बन गया फिर सोनाली से पूरे रीति रिवाजों के साथ सात फेरे ले लिए, और दोनों हसी ख़ुशी साथ रहने लगे. झूठ NO-1 दैनिक भास्कर के रिपोर्टर फाजिल उर्फ़ अमन और सोनाली की शादी के कुछ दिन बाद ही नरसिंहपुर जाते है और वहां झूठी रिपोर्ट तैयार कर उसे छाप देते हैं .दैनिक भास्कर ने अपने E-PAPER में 20 जून को लिखा की फाजिल का हिन्दू धर्म में आने का कोई इरादा नहीं था पर उसने हिन्दू संगठन के दवाब में आकर हिन्दू धर्म अपनाया है .हिन्दू संगठनो ने मिलकर करेली के राममंदिर में दोनों का विवाह करा दिया था . सच जब आयुध मीडिया की टीम ने नरसिंहपुर जाकर अमन राय से बात की तो उसने साफ़ शब्दों में ये कहा की मुझपर किसी ने कोई दवाब नहीं डाला था .मैंने अपनी मर्ज़ी से सोनाली से शादी करने के लिए हिन्दू धर्म अपनाया .लेकिन दैनिक भास्कार ने एक अलग तरह का माहोल बनाने के लिए सच को झूठ की परत से छुपाया . झूठ NO-2 दैनिक भास्कर ने लिखा है कि फाजिल के घरवालों ने कहा है कि हम फाजिल को अमन राय नहीं मानते अगर उसे हमसे किसी प्रकार का संबंध रखना है तो मुसलमान ही रहना होगा . सच जब आयुध मीडिया की टीम फाजिल के पिता के पास पहुंची तो पता चला कि उनका नाम आज से 20 साल पहले पूरन मेहरा था वो हिन्दू थे पर मुस्लिम महिला से शादी करने के बाद उसने इस्लाम अपना लिया था और उन्हें अपने बेटे की घर वापसी से कोई शिकायत नहीं है . झूठ NO-3 दैनिक भास्कर ने जनता को ये कहकर भ्रमित किया है कि सोनाली राय के घर वालों ने उसका पिंडदान कर दिया है . सच जब आयुध की टीम ने सोनाली की माँ से बात करी तो उनने साफ़ कहा की हमने सोनाली का किसी प्रकार से कोई पिंडदान नहीं किया है ,जबसे फाजिल ने घरवापसी की है तबसे उन्हें दोनों के रिश्ते से कोई दिक्कत नहीं है . उन्होंने ये भी कहा की अगर वो घर आते है तो हम उन्हें आने भी देंगे . पूरा विडियो या देखें –
मध्यप्रदेश की वो विधानसभा सीट जहाँ जनता ने किसी को दोबारा विधायक नहीं बनाया…
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों की उलटी गिनती शुरू हो चुकी हैं तमाम राजनैतिक दल चुनावों को लेकर तूफानी दौरे भी कर रहे हैं . हर चुनावों की तरह मध्यप्रदेश के चुनाव भी अपने आप में रोचक होते हैं और यहाँ की कई सीटें हॉट सीट के तौर पर जानी जाती हैं आज की स्टोरी में हम आपको बताएँगे एक ऐसी ही विधानसभा सीट के बारे में जहाँ एक बार के बाद कभी कोई नेता दुवारा विधायक नहीं बन पाया . ऐसे हुई राजनीति में एंट्री रामबाई पहले घरेलु महिला हुआ करती थी पर साल 2010 में रामबाई के पति ने उन्हें जिला पंचायत सदस्य के चुनाव लड़ने की बात कही तो रामबाई ने मना कर दिया .बाद में उनके प्रतिद्वंदी द्वारा उन्हें पैसे देने की कोशिश की गयी तो रामबाई ने गुस्से में चुनाव लड़ने का फैसला किया . रामबाई उस चुनाव में जीत गयी बाद में साल 2015 में भी वो जिला पंचायत सदस्य बनी . साल 2018 में उन्हें बहुजन समाज पार्टी ने विधानसभा टिकट दिया तो रामबाई ने चुनाव में मेहनत कर जीत हासिल की .सब कुछ अच्छा चल रहा था तभी मोदी सरकार ने CAA और NRC लाने की बात कही और रामबाई ने इसका समर्थन किया . जैसे ही ये बात BSP तक पहुंची तो रामबाई को पार्टी से निकाल दिया गया . पति को हुई उम्रकैद रामबाई फिलहाल किसी पार्टी की सदस्य नहीं है पर उनके दबंग अंदाज़ के किस्से आज भी दमोह में दिखाई देते है. अक्सर रामबाई अफसरों को डांटती फटकारती हुई नजर आती है . रामबाई के पति गोविन्द सिंह और उनके छोटे भाई पर कांग्रेस पार्टी के नेता देवेन्द्र चौरसिया की हत्या का आरोप है .कोर्ट ने दोनों भाईयों को उम्र कैद की सजा सुनाई है जिस पर रामबाई आज भी CBI जांच की मांग करती है. दोबारा करी पढ़ाई कंटिन्यू रामबाई ने जब दोबारा अपनी पढ़ाई कंटिन्यू करने की बात कही तो उनकी बेटी ने उनकी सहायता की .रामबाई ने दोबारा 10 वीं की परीक्षा दी जिसके लिए बेटी ने पढ़ाया था .जब रामबाई की परीक्षा का परिणाम आया तो वो विज्ञान में 2 नंबर से फ़ैल हो गयी .इस घटना पर रामबाई को काफी ट्रोल किया गया था साथ ही कुछ लोगों ने उनकी सराहना भी की थी . मशहूर है विधायक के प्रेम के किस्से कई इंटरव्यूज में रामबाई ने बताया की उनकी और गोविन्द सिंह का प्रेम विवाह हुआ था . दोनों दमोह में एक ही मकान में रहा करते थे ,ऊपर के माले में रामबाई और नीचे गोविन्द रहते थे . दोनों को जब भी एक दूसरे से मिलना होता दोनों ट्रेन की पटरी के पास मिलते थे . कभी रामबाई उनके लिए गाना गया करती और कभी गोविन्द रामबाई के लिए . रामबाई का कहना है की उनके पति को झूठे केस में फसाया गया है वो निर्दोष हैं.
नशीली दवा पिला कर फैजान ने किया युवती से रेप, वायरल कर दीं तस्वीरें…
एमपी के दमोह में युवती को नशे की दवाई पिला कर रेप करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है यहाँ फैजान नामक युवक ने शारीरिक शोषण करने के बाद महिला की अश्लील तस्वीरें खींच कर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं . मामले का खुलासा तब हुआ जब युवती ने एसपी से घटना की शिकायत की. क्या है पूरा मामला दरअसल MP के दमोह में रहने वाली एक युवती डॉ संगतानी के क्लीनिक पर इलाज कराने जाती है . वापस लौटने पर जब वह बस स्टैंड पर बस का इंतज़ार कर रही थी तभी वहां फैजान खान आगया . फैजान महिला के पति का दोस्त है उसने महिला को ज़बरदस्ती चाय पिलवायी . चाय में आरोपी ने कुछ नशीला पदार्थ डाला था जिस वजह से महिला बेहोश हो गयी . जब महिला की आंख खुली तो उसने अपने आप को एक होटल में पाया . फैजान ही महिला को होटल लाया था जहां उसने महिला के साथ दुष्कर्म किया . फैजान ने पीड़िता की अश्लील फोटो भी लेली थी बाद में जिसे दिखाकर वो महिला को धमकाने लगा . फोटो को वायरल करने की धमकी देकर आरोपी महिला को धमकाने लगा. धमकी के बहाने उसने 8 महीनों तक युवती का शारीरिक शोषण किया .जब महिला आरोपी की धमकियों से परेशान हो गयी तो उसने फैजान से बात करना बंद कर दिया जिस बात पर गुस्सा होकर आरोपी ने पीड़िता के फोटो वायरल कर दिए.
मध्यप्रदेश के मंदिर में छोटे कपड़े पहनकर नहीं जा सकेंगी लडकियाँ…
जहाँ एक ओर बिहार ,उत्तरप्रदेश ,उत्तराखंड और झारखंड के कुछ मंदिरों में मर्यादित कपडे ना पहनने पर मंदिर में एंट्री बंद है तो वहीं अब ये कानून मध्यप्रदेश के मंदिरों में भी लागू होने लगा है .दरह्सल मध्यप्रदेश की राजधानी से कुछ तस्वीरें सामने आरही है जिनमे बोर्ड पर मंदिर का ड्रेस कोड दिया हुआ है .ये पोस्टर मंदिरों के मुख्य द्वार पर लगाये गए है जिनपर लिखा है कि “यह धर्मस्थल है पर्यटन स्थल नहीं कृपया मंदिर परिसर में मर्यादित वस्त्र पहनकर ही आये”. साथ ही कुछ वस्त्र जैसे छोटे कपडे ,हाफ पेंट ,मिनी स्कर्ट ,नाईट सूट,पहनने पर मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जायेगा . यह पोस्टर संकृति बचाओ मंच द्वारा लगाये गए हैं .खेडापति हनुमान मंदिर ,प्राचीन माता मंदिर ,वैष्णो धाम आदर्श नवदुर्गा मंदिर ,जैन मंदिर आदि स्थान पर ये लागू कर दिया है. आयुध मीडिया की टीम ने वैष्णो धाम आदर्श नवदुर्गा मंदिर में जाकर, मंदिर के व्यवस्थापक चन्द्र शेखर तिवारी से बात की प्रश्न क्र.1 आपको ऐसे बोर्ड लगाने की ज़रूरत क्यों पड़ी ,आपने ये निर्णय क्यों लिया ? उत्तर –धर्मस्थल से संस्कार ,संस्कृति और सभ्यता उत्पन्न होते है ,जिस मंदिर में आकर मन पवित्र होता है .ये कोई पर्यटन स्थल नहीं है जहाँ शॉर्ट्स पहनकर आजायेंगे ,अन्तरंग वस्त्र पहनकर आजायेंगे, या अर्धनग्न आजायेंगे. मंदिर में लोग अनुष्ठान करते है और अगर कोई महिला या पुरुष अर्धनग्न होकर आता है तो पूजा करने वाले 500 लोग उस एक तो देखने लगते है और उनकी पूजा से मन भटक जाता है.कभी आपने किसी महिला को पब या डिस्को में सदी पहनकर जाते देखा है नहीं ना, क्योकि उस जगह का ड्रेस अलग है .लेकिन मंदिर एक आस्था का केंद्र है यहाँ से हमे पोसिटीवीटी मिलती है . जब हम ऑफिस जाते है उसका अलग ड्रेस है ,जब हम डॉक्टर के बारे में सोचते है तो अलग छवि याद आती है ,वकील की अलग ,देवी माँ की अलग और शिवजी की अलग, वैसे ही ये भारतीय सभ्यता की पारंपरिक वेश भूषा है नाकि ड्रेस कोड.जिस तरह अब गुरुद्वारा में बिना सर ढके नहीं जा सकते वैसे ही हर जगह के नियमका आपको पालन करना होगा .अगर कोई भक्त इन नियमों का पालन नहीं करता है तो हमे ऐसे भक्तो की आवश्यकता नहीं है . प्रश्न क्र.2 सबकी आस्था अलग होती है ऐसे में आपको नही लगता की कुछ लोगों को ये फैसला खटकेगा ? उत्तर – जब संस्कृति बचाओ मंच ने ये मुहीम प्रदेश में प्रारंभ की ऐसे में देश के सभी तीर्थ स्थल ,उनके संस्थापक ,व्यवस्थापक ,यहाँ तक की जहाँ सरकार का हस्तक्षेप है वहां भी हमे समर्थन मिल रहा है .हमारा कार्य है की हम मंदिर के हित में नियम बनाये कोण क्या सोच रहा है इससे हमे फर्क नहीं पड़ता ,जिसको परेशानी हो वो ना आये लेकिन प्रवेश के लिए मर्यादित वस्त्र पहनना आवश्यक है. प्रश्न क्र.3 ड्रेस कॉड लागू करने पर लोगों का क्या नजरिया रहा ? उत्तर – हमारे इस फैसले को सोशल मीडिया पर जैसे वाट्सेप, ट्विटर , यूट्यूब द्वारा हमे सभी का समर्थन मिल रहा है . किसी भी प्रकार का कोई विरोध देखने को नहीं मिला है . सभी स्थानों के धर्माचार्य भी हमारे फैसले से खुश है .हम चाहते है की पूरे भारत में यह नियम लागू होना चाहिए . पूरा वीडियो यहाँ देखें
जल्द लागू हो सकती है समान नागरिक संहिता.. क्या होंगे बदलाव …
समान नागरिक संहिता को लेकर देश में तैयारी तेज हो गई है . भारत की 21वी विधि आयोग ने नोटिस जारी किया है जिसमे UCC को लेकर टिप्पणियां और सुझाव मांगे है.इसके पहले साल 2018 में भी कुछ सवाल किए गए थे .पूर्व कानून मंत्री बोल चुके है कि ये मुद्दा 1998 और 2019 के भाजपा के घोषणा पत्र में शामिल रहा .साल 2019 में जब इसे संसद में पेश किया तो विपक्ष के विरोध के कारण इसे वापस लेना पड़ा था .UCC में विवाह, तलाक, गोद लेना, और संपत्ति के समान अधिकार शामिल है. कब होगा लागू विधि आयोग जब अपनी रिपोर्ट जमा करेगा तब ही केंद्र में UCC की ओर कदम बढ़ेंगे . रिपोर्ट सौंपने के लिए विधि आयोग को अगले महीने के दूसरे हफ्ते तक का समय दिया है .समय के अन्दर ही विधि आयोग द्वारा लोगों के सुझाव एकत्रित करके उसकी समीक्षा की जाएगी . रिपोर्ट तैयार होने के बाद कानून मंत्री को रिपोर्ट सौंपी जाएगी साथ ही सार्वजनिक करके उसे आगे बढ़ाया जायेगा. समान नागरिक संहिता लागू होने पर बदलाव – * विवाह के लिए सभी धर्मो की समान व्यवस्था होगी. * विवाह की संख्या 1 होगी. * दंपत्तियों को वैवाहिक पंजीयन ज़रूरी रहेगा . * पर्सनल लॉ पर रोक लगेगी * तलाक के लिए सभी धर्मों की एक प्रक्रिया होगी. *पर्सनल लॉ के तलाक जैसे तीन तलाक बंद हुए. * तलाक के लिए दोनों ही पक्ष के लिए समान होगा फैसला. * विवाहित महिलाओं के भरण पोषण और अधिकार पर समान व्यवस्था * सभी धर्मों की लड़कियों के लिए विवाह की समान न्यूनतम उम्र 18 होगी .इस्लाम में लड़कियों की पुबर्टी प्रकट होने पर ही उनकी शादी हो जाती है . * सभी धर्मों में विरासत और संपत्ति पर लड़के और लड़कियों का समान अधिकार होगा . इस्लाम में लड़कियों को संपत्ति का हिस्सा नहीं दिया जाता है .पति की मृत्यु के बाद संपत्ति विधवा पत्नी के नाम होगी. * वसीयत की मौजूदगी में उत्तराधिकारी कानून नहीं लागू होगा . * सभी धर्मों के लिए बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया
भोपाल में हिन्दू लड़के को कुत्ता बनाकर पीटा, आरोपियों के घर पर चला बुलडोजर..
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. वीडियो में एक युवक के गले पर बेल्ट बांधकर उसे कुत्ता बनाकर भौकने को कहा जा रहा है .जैसे ही वीडियो वायरल हुआ तो गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तत्काल जांच का आदेश देते हुए 24 घंटो में रिपोर्ट देने को कहा था .पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर उन पर NSA की कार्यवाही की और मुख्यमंत्री के निर्देश पर उनके घरों पर बुलडोजर चलाया गया . क्या है पूरा मामला दरअसल पूरा मामला भोपाल के टीला जमालपुर क्षेत्र का है जहां देर रात विजय नामक युवक को कुछ लोगों ने गले में बेल्ट पहन कर कुत्ता बनाया ,उससे भौकने को कहा गया . युवक माफ़ी मांगता है और कहता है -“मै मिया बनने को तैयार हूँ.”जिसके बाद पुलिस ने युवक की शिकायत पर 6 आरोपियों पर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया . तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है . अब मामले में NSA भी लगाया गया.लापरवाही करने के लिए टीला जमालपुरा के TI अनुराग लाल को लाइन अटैच कर दिया और उनकी जगह ट्रेनर IPS को टीला जमालपुर का नया TI बना दिया घटना को लेकर बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया और मांग की ,कि आरोपियों को कुत्ता बनाकर उनका जुलूस निकाला जाये .जहाँ गृहमंत्री द्वारा 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी थी वहीँ अब पुलिस ने समय से पहले आरोपियों का पता कर उन पर बुलडोज़र एक्शन लिया . गृहमंत्री ने मांगी 24 घंटो में रिपोर्ट गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने वीडियो को लेकर जांच करने का आदेश दिया .मिश्रा ने कमिश्नर से मामले को लेकर 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी है . नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि-“ मैंने वीडियो देखा ,मुझे बहुत गंभीर लगा. मानव होकर किसी मानव के साथ ऐसा व्यवहार निंदनीय है मैंने पुलिस कमिश्नर को तत्काल निर्देश दिए ,इसकी जांच करके सत्यता पर जाए और कानूनी कारवाही कर 24 घंटो के अन्दर रिपोर्ट लाये .” शिवराज सरकार का बुलडोजर एक्शन वायरल वीडियो देख गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने जहाँ कमिश्नर से मामले की रिपोर्ट 24 घंटो में मांगी थी वहीँ पुलिस ने समय सीमा से पहले ही आरोपियों को पकड़ लिया .आरोपियों पर NSA लगाया गया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर आरोपियों के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया .
सनातन की प्रचारक गीता प्रेस को मिला सम्मान,कांग्रेस ने की गोडसे से तुलना…
उत्तर प्रदेश के गीता प्रेस ,गोरखपुर को साल 2021 का गाँधी शांति पुरस्कार दिया जायेगा .यह पुरस्कार संस्कृति मंत्रालय द्वारा दिया जायेगा, इस बारे में 18 जून को केंद्र सरकार की तरफ से एक आधिकारिक जानकारी में बताया गया .यह पुरस्कार गीता प्रेस को अहिंसा और और अन्य गांधीवादी तरीके से सामाजिक, आर्थिक, और राजनीतिक परिवर्तन में सहायता करने के लिए दिया जायेगा . इस मुद्दे पर भी अब राजनीतिक घमासान की शुरुआत हो गयी है .जहां प्रधानमंत्री ने गीता प्रेस गोरखपुर को बधाई दी वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के नेता इसका विरोध कर रहे हैं . क्या है गीता प्रेस ,गोरखपुर गीता प्रेस की स्थापना 1923 में ब्रह्मलीन श्रीजयदयालजी गोयन्दका द्वारा हुई . यह कोलकाता के गोविन्द भवन कार्यालय की टुकड़ी है .श्रीजयदयालजी एक भक्त थे. ये सनातन धर्म के प्रचार और इसकी अच्छाई को लोगों तक पहुंचाने के लिए किताबों का प्रकाशन करते थे .गीता प्रेस का उद्देश्य सनातन धर्म के सिद्धांतों का प्रचार प्रसार करना है . ये अपने द्वारा प्रकाशित गीता ,रामायण ,वेद ,उपनिषद और पुराण से आम लोगों के बीच हिन्दू धर्म और ग्रंथ का प्रचार करते है .प्रेस द्वारा कई काव्य ,कहानी और चरित्र की कथा का प्रकाशन भी होता है ताकि लोग जीवन जीने का सही तरीका सीख पाएं . प्रेस में काम की शुरुआत प्रार्थना से होती है .इस साल गीता प्रेस गोरखपुर को सेवाएँ देते हुए 100 साल पूरे हो जायेंगे. इनकी मानवता के प्रति अहिंसा सेवा भाव को देखते हुए, साथ ही उनका भारत के सामाजिक, आर्थिक, और राजनीतिक परिवर्तन में सहभागिता को देखकर साल 2021 का गाँधी शांति पुरस्कार दिया जायेगा . “ये सावरकर और गोडसे को पुरस्कार देने जैसा है”- कांग्रेस कांग्रेस पार्टी ने गीता प्रेस गोरखपुर को गांधी शांति पुरस्कार देने का विरोध किया है . कांग्रेस पार्टी के सांसद जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा कि साल 2021 का गाँधी शांति पुरस्कार गीता प्रेस को दिया जा रहा है जो इस साल अपने 100 साल पूरे कर रहा है .2015 में आई अक्षय मुकुल की एक बहुत अच्छी जीवनी में उन्होंने इस संगठन के महात्मा गांधी के साथ तकरार भरे रिश्तों और उनके साथ सामाजिक, राजनीतिक,धार्मिक बातों को लेकर झगड़े का भी खुलासा किया है .यह फैसला वास्तव में एक उपहास है और ये सावरकर और गोडसे को पुरस्कार देने जैसा है. इसके पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी ट्वीट कर कहा कि ‘ मैं गीता प्रेस , गोरखपुर को गांधी शांति पुरस्कार 2021 से सम्मानित किए जाने पर बधाई देता हूँ. उन्होंने पिछले 100 सालों में लोगों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन को आगे बढ़ाने की दिशा में काफी सराहनीय कार्य किया ‘ क्या है गाँधी शांति पुरस्कार गांधी शांति पुरस्कार की शुरुआत 1995 से हुई .महात्मा गांधी की 125 वीं जयंती पर उनके आदर्शों को श्रद्धांजलि समर्पित करने हर साल गाँधी शांति पुरस्कार दिया जाता है . यह पुरस्कार किसी भी जाती ,धर्म के लोगो को दिया जा सकता है . इस पुरस्कार को देते वक्त एक करोड़ नकद रुपये ,एक पट्टिका ,एक प्रशस्ति पत्र और एक पारंपरिक हस्तशिल्प दिया जाता है . यह पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जो अहिंसा के माध्यम से सामाजिक ,आर्थिक और राजनीतिक तौर पर परिवर्तन लाते हैं. विजेता का चुनाव करने वाली समिति में प्रधानमंत्री, देश का मुख्य न्यायाधीश , लोकसभा का अध्यक्ष ,लोकसभा में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी का नेता और सुलभ इंटरनेशनल का संस्थापक शामिल होते हैं . प्रधानमंत्री इसकी अध्यक्षता करता है .
शुरू हुआ मासूमों की आड़ में माफिया को बचाने का खेल…
1 जनवरी साल 2020 ,यानी साल का पहला दिन जब शाहीन बाग में CAA और NRC के खिलाफ प्रदर्शन में एक बच्चे की मौत हो गयी .बच्चे की माँ नाजिया उसे रोज़ प्रदर्शन में लेकर जाती थी , जहाँ एक रात ठण्ड लगने से उसकी मौत हो गयी . इस घटना का जिम्मेदार कौन था ? सरकार ….बच्चे के माँ बाप… या वो लोग जो एक बार नहीं कई बार बच्चों को अपने मंसूबे कामयाब करने का जरिया बना लेते है . हालही में दमोह के गंगा- जमुना स्कूल को बंद करने के फैसले पर गुनहगार दोबारा बच्चों की आड़ ले रहे हैं. नाबालिग बच्चों ने निकाली रैली विवाद की शरुआत तब हुई जब स्कूल के ऐसे पोस्टर सामने आये जिनमे हिन्दू लड़कियां हिजाब पहने नज़र आईं.जिसके बाद जब NCPCR की जांच हुई तो कई बातें सामने आई . दरअसल पूछताछ में पता चला कि स्कूल में बच्चों को इस्लामिक तौर तरीके सिखाये जाते हैं, प्रार्थना में उर्दू कविता गयी जाती है . साथ ही स्कूल में पढ़ाने वाली ऐसी शिक्षिकाएं है जो हिन्दू थी पर मुसलमान से शादी के बाद इस्लाम में आयी. फिलहाल स्कूल की मान्यता को रद्द कर दिया है. स्कूल के प्रिंसिपल इदरीश खान स्कूल की आड़ में कई अवैध काम भी करता था जैसे तेंदूपत्ता का व्यापार . इदरीश बीड़ी की कंपनी , हार्डवेयर का काम ,कपड़े के कारखाने ,रेत खनन का काम, भू माफिया ,टेरर फंडिंग आदि कई काम करता था .आरोपी के पास करोड़ों की संपत्ति और कई बड़े शहरों में मकान और जमीन भी है . दमोह के गंगा जमुना स्कूल के बच्चों ने इसी स्कूल में पढ़ने की बात कही साथ ही स्कूल को बंद न करने की मांग उठाई . ज़ाहिर है कि इन नाबालिग बच्चों ने तो रैली के बारे में नहीं सोचा होगा यानि किसी के कहने पर ही ये बच्चे गंगा जुमना स्कूल में ही पढ़ने की बात कह रहे हैं .आपको बतादे कि राष्ट्रीय बाल अधिकार एवं संरक्षण आयोग के प्रमुख प्रियंक कानूनगो ने पहले ही सचेत कर दिया था कि आरोपी स्कूल के बच्चों का इस्तिमाल कर सकते है . रैली की विडियो के साथ ही एक और विडियो सामने आया है जिसमे एक बच्ची रो रही है.कुछ पत्रकार द्वारा ट्विटर पर डाले गए इस विडियो में बच्ची के चेहरे को ब्लर नहीं किया है जो की एक अपराध है जिसके लिए पत्रकार पर कार्यवाही होनी चाहिए..इस विडियो में बच्ची रोकर कह रही है कि ‘यही पर पढ़ेंगे’ .वीडियो में बच्ची के साथ एक महिला भी दिख रही है जो कह रही है कि बच्चो के भविष्य का क्या होगा स्कूल बंद हुआ तो ‘ . मासूम बच्चे ये नहीं जानते हैं कि जिस स्कूल में वो पढ़ने की मांग कर रहे है उसके शिक्षकों और प्रधानाध्यापक पर कितने संगीन आरोप हैं .स्कूल के प्रिंसिपल इदरीश खान स्कूल की आड़ में कई अवैध काम भी करता था जैसे तेंदू पत्ता का व्यापार . इदरीश बीड़ी की कंपनी , हार्डवेयर का काम ,कपड़े के कारखाने ,रेत खनन का काम, भू माफिया ,टेरर फंडिंग आदि कई काम करता था .आरोपी के पास करोड़ों की संपत्ति और कई बड़े शहरों में मकान और जमीन भी है . पहले भी किया है बच्चों और महिलाओं का इस्तेमाल दमोह मामला पहला ऐसा मामला नहीं है जहाँ आरोपी महिलाओं और बच्चों का इस्तेमाल अपने बचाव में कर रहे है इसके पहले भी कई बार यही नुस्खा अपनाया गया है .CAA और NRC कानून के खिलाफ प्रदर्शन हुआ तब महिलाओं और बच्चों को आगे कर दिया गया ,जब उत्तराखंड के हल्द्वानी में अतिक्रमण हटाने की बात आई तब भी मुस्लिम महिलाओं और बच्चों को आगे रख कर प्रदर्शन किया और आज भी जब दमोह के गंगा जमुना स्कूल के हिजाब विवाद में जिहादी मानसिकता के लोग फंस गए तो फिर महिलाओं और बच्चों की आड़ ली जा रही है .
विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने बनाया ये मास्टर प्लान…
मध्यप्रदेश में चुनाव नज़दीक आते ही बीजेपी ने अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करना शुरू कर दिया है जहाँ एक ओर बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व पार्टी को जीत दिलाने के हर संभव प्रयास कर रहे हैं तो वहीं केंद्रीय नेतृत्व भी बढ़ चड़कर चुनावी प्रचार में हिस्सा ले रहे है ,एक माह के अन्दर मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के तीन बड़े नेता का आगमन होगा इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और कैबिनेट मंत्री राजनाथ सिंह शामिल हैं . सभी नेता अलग अलग तरह से जनता का समर्थन पाने की कोशिश में लगे हुए हैं.आईये जानते हैं किसका दौरा कब और क्यों हैं. केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने मध्य भाग यानि राजगढ़ से चुनावी प्रचार का आगाज़ किया . 13 जून को राजनाथ सिंह, राजगढ़ में (MP राजगढ़ किसान कल्याण महाकुंभ) के आयोजन में आये .महाकुंभ में किसानों को 6 हजार करोड़ रुपये दिए . मुख्यमंत्री कृषक ब्याज माफ़ी योजना के अंतर्गत 11 लाख किसानों को 2123 करोड़ रुपये दिए . मुख्यमंत्री फसल बीमा योजना में 44 लाख 49 हज़ार किसानों को 2900 करोड़ दिए और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में 70 लाख किसानों के खाते में 1400 करोड़ डाले , गृहमंत्री अमित शाह अमित शाह 22 जून को बालाघाट का दौरा करेंगे . शाह लगभग हर दो महीने में मध्यप्रदेश का दौरा कर रहे हैं उन्होंने 24 फरवरी को सतना और 25 मार्च को छिंदवाड़ा दौरा किया था. बताया जा रहा है कि अमित शाह का फोकस मध्यप्रदेश पर है वो प्रदेश की हर घटना पर नज़र डाले हुए हैं . बालाघाट में शाह विशेष जनसंपर्क अभियान में शामिल होने वाले हैं साथ ही MP में बीजेपी संगठन में जो विवाद है उनको खत्म कर संगठन को मजबूती भी दे सकते हैं . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जून को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल आने वाले है . प्रधानमंत्री पहले धार में ‘सिकल सेल एनीमिया’ के जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होंगे .धार से वह भोपाल आकर कार्यक्रम को संबोधित करेंगे . नरेन्द्र मोदी प्रदेश से ही देश के 10 लाख बूथों को डिजिटली संबोधित करेंगे .इस दिन प्रधानमंत्री जबलपुर इंदौर वन्दे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को भी हरी झंडी दिखायेंगे .संभव है कि वन्दे भारत को हरी झंडी भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से ही दिखाई जाएगी . माना जा रहा है कि वन्दे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के पीछे का सबसे बड़ा कारण है संस्कारधानी जबलपुर क्योंकि जबलपुर में भाजपा की पकड़ कमजोर है जिस वजह से जबलपुर इंदौर वन्दे भारत एक्सप्रेस ट्रेन जबलपुर की जनता को लुभाने का काम कर सकती है . भोपाल में प्रधानमंत्री के रोड शो होने के भी आसार नजर आ रहे हैं .
इंदौर में नशे के खिलाफ विरोध कर रहे बजरंगदल कार्यकर्ताओं पर चलायी जमकर लाठी
गुरूवार को इंदौर के पलेशिया थाने के सामने बजरंगदल के कार्यकर्ता नशे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे तब पुलिस ने उनपर लाठी चार्ज करदी जबकि कार्यकर्ताओं का ये प्रदर्शन पूर्व सूचित और शांति पूर्ण था .पुलिस ने करीब 15 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था .हालांकि प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने घटना पर उच्च स्तारिये जाँच की बात कही. क्या है पूरा मामला इंदौर के पलासिया थाने के सामने बजरंगदल के कार्यकर्ताओं ने नशे के खिलाफ प्रदर्शन किया . प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कमिश्नर मकरंद देउस्कर को बुलाने की मांग की कमिश्नर तो नहीं आये पर अफसरों के कहने पर पुलिस ने लाठी चार्ज करना शुरू कर दिया . पुलिस ने करीब 15 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया जिसके बाद प्रदर्शनकारी जेल में भी भूख हड़ताल करने बैठ गए थे . क्या हैं दोनों पक्षों के मत पुलिसकर्मियो का कहना है कि कार्यकर्ताओं ने छप्पन पर जाकर पत्थर बाज़ी की वाहनों के साथ तोड़ फोड़ की जिसमे पुलिस के कुछ लोग भी घायल हो गए परन्तु कार्यकर्ताओं का कहना है कि वो शांति पूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे पर पुलिस ने ही अचानक से लाठी चलाना शुरू कर दिया . गृहमंत्री ने दिया सख्त करवाई का आश्वासन बजरंगदल के प्रदर्शन के दौरान करीब 15 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की गयी जिनपर पुलिस ने दौड़ा दौड़ाकर लाठी चार्ज की ,इस घटना से नाराज़ बजरंगदल और हिन्दू संगठनो को देखकर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने घटना की उच्च स्तारिये जाँच की बात कही . साथ ही आज सुबह हुई प्रेस कांफ्रेंस पलासिया के टीआई संजय बैस को हठाने की बात कही .