लालच देकर किया आदिवासियों का धर्मपरिवर्तन,50 को बनाया क्रिश्चियन
गरीब और भोले आदिवासियों का धर्मपरिवर्तन कराने वाले दो आरोपी गिरफ्तार.धुलकोट,नेपानगर,चिड़ियापानी सहित अन्य क्षत्रो को किया टारगेट. अभी तक 50 आदिवासियों को बनाया क्रिश्चियन .मुख्य आरोपी ने भोपाल में ली थी पास्टर बनने की ट्रेनिंग. भोपाल में करी पास्टर बनने की ट्रेनिंग धूलकोट का रहने वाला युवक भाऊलाल सिंह दो साल पहले भोपाल आया.भोपाल में भाऊलाल ने पास्टर बनने की ट्रेनिंग ली.पास्टर अपने सहियोगी भाया उर्फ़ भैयालाल पिता थान सिंह के साथ मिलकर करता था धर्मपरिवर्तन. ऐसा करता था आदिवासियों का धर्मपरिवर्तन आरोपियों ने धुलकोट,नेपानगर,चिड़ियापानी समेत कई आदिवासी क्षेत्रों में लोगों को लालच देकर उनका धर्म परिवर्तित कर वाया. आरोपी आदिवासियों को पैसों का लालच देकर, या बीमारियों और विपदाओं के नाम पर डरा कर क्रिश्चियन धर्म क़ुबूल करवाते थे. एसपी ने बताया कि भाया उर्फ़ भैयालाल व भाऊलाल पिता टेमरलाल सिंह लालच देते थे. दोनों एक माह से गावों में घूम घूमकर धर्म बदलने के लिए लोगों को तंग करते थे.धर्मसभाएं लेकर 50 लोगों को चर्च में प्रार्थना करने को ले जाते थे. पुलिस ने आदिवासियों का धर्मपरिवर्तन कराने वाले आरोपियों से पूछ ताछ की.जिसके बाद दोनों ने ही अपना अपराध क़ुबूल कर लिया है. पुलिस को आरोपियों के पास से धार्मिक किताबें,प्रवचन के पत्र मिले.बेंजामिन ने किया धर्म परिवर्तन
ट्रेन से यात्रा करने वाले जान लें ,रेलवे बोर्ड का नया नियम
अगर आप भी ट्रेन से सफ़र करते हैं तो आपको रेलवे बोर्ड का नया नियम जानना ज़रूरी है .रेलवे बोर्ड द्वारा आदेश जारी किया गया कि ट्रेन चलने के 10 मिनट बाद तक यदि यात्री अपनी सीट पर नहीं पहुँचता तो टिकेट की मान्यता नही रहेगी. साथ ही उसकी सीट अन्य यात्री को आवंटित कर दी जाएगी.उसमे बदलाव भी नहीं होगा और न ही सुनवाई की जाएगी.क्योंकि ये पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की होगी. 10 मिनट में पहुँचना होगा सीट पर अभी तक ऐसा हुआ करता था कि ट्रेन में आरक्षित कोच में सफ़र करने वाले व्यक्ति कई बार जल्दबाजी में या फिर सहूलियत के लिए अन्य कोच में बैठ जाया करते थे. वह दो या तीन स्टेशन निकलने के बाद अपनी आरक्षित सीट पर जाते थे.पर अब ऐसा नहीं होगा. पहले टीटीई दो या तीन स्टेशन तक यात्री का इंतज़ार करते थे पर अब ऐसा नहीं होगा.रेलवे ने अब लगभग हर ट्रेन में टिकट चेकर स्टाफ हैण्ड हेल्ड टर्मिनल (HHT) उपलब्ध करा दी है. रेलवे बोर्ड का नया नियम जिसके द्वारा टीटीई यात्रियों की उपस्तिथि दर्ज कर देते हैं.अब यदि ट्रेन के चलने के दस मिनट तक यात्री अपनी सीट पर मौजूद नहीं मिलता तो वह सीट वेटिंग में चल रहे यात्री को दे दी जाएगी. एक टीटीई ने बताया कि मशीन देने से पहले मैन्युअल चार्ट बनता था जिसमे 15 मिनट या एक स्टेशन निकलने तक का इंतज़ार करते थे और अब महज़ दस मिनट ही रह गए है.हालाँकि भीड़ भाड़ में टीटीई स्टाफ को यात्रिओं तक पहुँचने में ज्यादा समय लग सकता है.
MP में सीधी के बाद सामने आया मंडला पेशाब कांड
मध्य प्रदेश में जहाँ सीधी पेशाब कांड अभी शांत नहीं हुआ है वहीं प्रदेश में एक और पेशाब कांड सामने आ गया.मामला मंडला जिले के बिछिया के लफरा गांव का है.यहाँ हायर सेकेंडरी में पड़ने वाली छात्राओं की पानी की बोतल में पेशाब मिलाया गया. पीड़ितों ने स्कूल के ही पांच छात्रों पर आरोप लगाया है. अधिकारियों के संज्ञान में मामला पहुंचा दिया है. मंडला पेशाब कांड का पूरा मामला सोमवार को स्कूल में 11वी कक्षा में पढ़ने वाली तीन छत्राओं का आरोप है.कि जब वह इंग्लिश का पीरियड अटेंड करने के लिए दूसरी क्लास में गयी तो बैग और बोतल अपनी ही क्लास में छोड़कर गयी.जब दोबारा वह क्लास में वापस आई तो एक छात्रा ने बोतल से पानी पिया. छत्रा को पानी काफी अजीब लगा तब दूसरी छात्रा ने बोतल के पानी को सूंघा तो पता चला की पानी से पेशाब जैसी गंध आरही है.जिसपर छात्राएं शिक्षक के पास गयी.शिक्षक को मामले की जानकारी देने के बाद लड़कियों ने स्कूल के ही पांच छात्रों पर शक जताया है. स्कूल में हुआ हंगामा जिसके बाद स्कूल में अगले दिन पीड़ित और आरोपी दोनों को परिजन सहित आने की जानकारी दी.अगले दिन पीड़ित के परिजन और ग्रामीण स्कूल पहुंचे.बेहद हंगामा हुआ जिसके कारण मामले ने तूल पकड़ लिया. मामला बड़ने के बाद स्कूल प्रबंधन ने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी.जानकारी मिलने पर सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग विजय तेकाम और अंजनिया नायब तहसीलदार साक्षी शुक्ला सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए. जांच के बाद होगी करवाई बाद में अधिकारियों ने छात्रों, परिजनों और ग्रामीणों से बात कर उन्हें शांत किया.छात्राओं की बात सुनकर बम्हनी बंजर थाने में शिकायत की.नायब तहसीलदार साक्षी शुक्ला ने जांच के बाद करवाई करने की बात कही. जनजाति कार्य विभाग विजय तेकाम का कहना है कि मामले की जांच चल रही है.उन्होंने शिक्षकों और छात्रों दोनों से बात की है.जांच में जो भी जानकारी सामने आएगी उसके अवगत कराया जायेगा.जांच के बाद ही करवाई की जाएगी. क्या होगा मुख्यमंत्री का कदम सीधी पेशाब कांड के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ित के पैर धोए थे पर अब देखना ये होगा कि मंडला में स्कूल में पढ़ने वाली लड़कियों की बोतल में पेशाब मिलाने पर क्या रहेगा प्रदेश के मुखिया का कदम
“एक कोटा ,एक क्षेत्र, एक नाम” पैटर्न पर पटवारी परीक्षा का परिणाम
मध्य प्रदेश में पटवारी परीक्षा का परिणाम घोटाला मामले में एक के बाद एक परत हटती नज़र आ रही है.एक ओर जहाँ परीक्षा में असफल रहे विद्धयार्थी परीक्षा निरस्त करने की मांग कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर परीक्षा में उत्तीर्ण रहे छात्र नियुक्ति की मांग उठा रहे हैं. साथ ही अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है जिसमे अकेले विकलांग कोटे में ,त्यागी उपनाम वाले मुरैना क्षेत्र के कई लोग उत्तीर्ण हुए हैं. इस पैटर्न पर पटवारी परीक्षा का परिणाम कोटा “विकलांग और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग”, क्षेत्र “मुरैना जिला” नाम “त्यागी उपनाम” इसी पैटर्न पर है पटवारी परीक्षा का परिणाम . इन 23 लोगों में दर्जन भर से अधिक को सुनने में परेशानी आती है और ये सभी मेरिट लिस्ट में हैं. पैटर्न को फ़ॉलो करने वाले मेरिट लिस्ट के ये हैं 23 नाम – बैजनाथ त्यागी,रामअवतार त्यागी, आकाश त्यागी, प्रवीण त्यागी, रेनू त्यागी, मनोज त्यागी, शकुंतला त्यागी, योगेन्द्र त्यागी, चंद्रकांत त्यागी, रश्मि त्यागी, आशीष त्यागी, रमाकांत त्यागी, राहुल त्यागी, अमित त्यागी, रोहित त्यागी, जयंत त्यागी, धीरेन्द्र त्यागी, अभिषेक त्यागी, कीर्तिनंदन त्यागी,योगेश कुमार, शीलेष त्यागी,विजय त्यागी और अरविन्द कुमार त्यागी हैं. “एक कोटा ,एक क्षेत्र एक नाम”
पटवारी परीक्षा घोटाले का हुआ पर्दाफाश,MP में बिहार जैसा हाल
मध्य प्रदेश में पटवारी परीक्षा में घोटाले के आरोपों पर पक्ष और विपक्ष सामने आ रहे हैं.एक ओर जहाँ परीक्षा में असफल युवा दोबारा परीक्षा करने की मांग कर रहे हैं. वहीं अब परीक्षा में चुने गए छात्र भी अपनी नियुक्ति करने की मांग कर रहे हैं. इसी बीच परीक्षा को लेकर कई बड़े खुलासे हुए हैं.परीक्षा में उत्तीर्ण हुई दो छात्राओं से हुई पूछ ताछ में घोटाले का दूध का दूध पानी का पानी होने लगा है. दरअसल पटवारी परीक्षा के परिणाम में टॉप-10 में आने वाले 7 विद्धार्थी ग्वालियर के एनआरआई कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट से हैं.जिसको लेकर सारा विवाद छिड़ा हुआ है.लेकिन जब टॉप-10 में आने वाली 2 छात्राओं ने मीडिया से बात की तो अलग ली कहानी सामने आई. पटवारी परीक्षा में तीसरा स्थान जब देश के जाने माने मीडिया दी लल्लनटॉप ने परीक्षा में तीसरा स्थान पाने वाली पूनम राजावत से बात करी तो वह सामान्य प्रश्नों के उतार भी नहीं दे सकीं.आपको बतादें कि पूनम की आंसर शीट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.जिसे देख हर कोई दांग है. नहीं पता प्रदेश में कितने जिले जब रिपोर्टर ने पूनम से एक सामान्य सा प्रश्न किया कि नर्मदापुरम संभाग में कौन सा जिला आता है.ओप्शन हैं रायसेन, हरदा, कटनी या सेहोर. टॉपर पूनम इसका उत्तर नहीं दे पातीं.फिर उनसे एक और साधारण सा प्रश्न पुछा गया कि प्रदेश में कितने जिले हैं और पूनम इसका जवाब भी नही दे पायीं. जब पूनम से पुछा की प्रदेश की राजधानी क्या है. उनका उत्तर था दिल्ली.रिपोर्टर के भोपाल उत्तर बताने पर टॉपर अपने आप को सही करती हैं.साथ ही जब उनसे पटवारी परीक्षा के कुल विषयों के नाम पूछे गए तो भी वह 8 में से 7 के ही नाम बता पायीं. बताया डिप्रेशन में हूँ पटवारी परीक्षा में हुए घोटाले पर प्रश्न किया तो पूनम ने कहा कि मैंने मेहनत से परीक्षा दी.परीक्षा निरस्त नहीं होने चाहिए.जब से पैसे देखर पास होने भी खबर आई तबसे डिप्रेशन में हूँ. “पिता किसान कहाँ से लायेंगे 15 लाख” -पूजा रावत परीक्षा में टॉप-10 में आने वाली पूजा रावत ने मिडिया को बताया कि मैंने परीक्षा अपनी मेहनत के दम पर दी. परीक्षा की जांच की जाए और यदि में दोषी पाई गयी तो मुझे सज़ा मिले . पर अगर में निर्दोष साबित हुई तो आरोप लगाने वालों पर करवाई हो. पूजा ने ये भी बताया कि वह पहली बार एनआरआई कॉलेज गयी थी. वह टॉप में आने वाले किसी को नहीं पहचानती. साथ ही पूजा बताती हैं की उनके पिता सिक्योरिटी गार्ड है .और किसानी करते हैं उनके पास 15 लाख जितनी रकम कहा से आएगी.
जयपुर को दहलाने वाले सूफा संगठन का रतलाम कनेक्शन
मध्य प्रदेश के रतलाम में राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA का छापा पड़ा.यह छापा देशद्रोही सूफा संगठन के सदस्य और जयपुर को दहलाने की साजिश करने वाले मास्टरमाइंड इमरान के फार्म हाउस पर पड़ा.टीम ने इमरान की संपत्ति अटेच करने का आर्डर चस्पा दिया है.फार्म हाउस पर इमरान IED बम बनाने की ट्रेनिंग दिया करता था. जयपुर को दहलाने का था प्लान साल 2022 के मार्च में राजस्थान के निम्बाहेड़ा से बिस्फोटक के साथ संगठन के सदस्य पुलिस की हत्थे चढ़ गए.इमरान भी जेल की हवा खा रहा है.ऐसे में आतंकवादियों का कनेक्शन रतलाम से सामने आया.मध्य प्रदेश और राजस्थान की STF टीम ने रतलाम में करीब 12 लोगों को और गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी ने जयपुर की स्पेशल NIA कोर्ट में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्ज शीत दाखिल की है. 30 मार्च को आरोपी आतंकी जुबेर, अल्तमस और सैफुल्ला को पुलिस ने बिस्फोटक पदार्थों के साथ गिरफ्तार कर लिया.ATS की टीम को इमरान के घर और फार्म हाउस पर संदिग्ध चीज़े मिली.फिर बाद में NIA की टीम ने पकडे गए आतंकिओं के नेटवर्क की जांच की थी. ये है सूफा संगठन की टीम देता था IED बम बनाने की ट्रेनिंग NIA ने स्पेशल कोर्ट में 10 रतलाम के और 1 महाराष्ट्र के आरोपी के खिलाफ चार्ज शीट बनायीं. जिसमे बताया गया कि निम्बाहेड़ा में बिस्फोटक के साथ आरोपी पकड़ाए गए.जांच में कुल 11 आतंकी सामने आये. आरोपी इमरान ने अपने साथियों के साथ मिलकर आतंकी गतिविधिओं पर काम किया.इमरान अपने फार्म हाउस पर IED बम बनाना और आतंक फैलाना सिखाया करता था.वो बम बनाने के लिए मार्किट की चीजों का इस्तेमाल करता था.
भोपाल-दिल्ली वन्दे भारत एक्सप्रेस में लगी आग,बैठे थे कई VVIP

भोपाल से दिल्ली के बीच चलने वाली वन्दे भारत एक्सप्रेस की बोगी में आग लगने का मामला सामने आया है.ट्रेन की C-14 बोगी के नीचे लगी बैटरी में शोर्ट सर्किट हुआ जिसके कारण आग लगी.जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड और दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझा दी.सभी यात्री सुरक्षित हैं किसी को क्षति नहीं पहुंची. बैटरी में शोर्ट सर्किट से हुआ हादसा आज सुबह 5 बजकर 40 मिनिट पर वन्दे भारत एक्सप्रेस र्भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से हज़रात निज़ामुद्दीन के लिए रवाना हुई.विदिशा और बिना के बीच आने वाले कल्हार स्टेशन से होकर गुज़र रही थी.तभी स्टेशन प्रबंधक को रेलगाड़ी के C-14 कोच में धुआं निकलता दिखाई दिया. प्रबंधक ने इसकी सूचना शीग्रता से अधिकारिओं को और कंट्रोल को दी. गाड़ी को कुरवाई केथोरा स्टेशन पर रोक कर जांच की गई। बैटरी बॉक्स यात्री क्षेत्र से अपेक्षाकृत दूर अंडरगियर में स्थित है। जैसे ही घटना घटी, विद्युत सुरक्षा प्रणालियों ने बैटरियों को अलग कर दिया। आग बुझा दी गई और खराब बैटरियों को हटा दिया गया। गाड़ी के सभी यात्री सुरक्षित हैं। ट्रेन सुपरिंटेंडेंट द्वारा गाड़ी के सभी यात्रियों को बड़े ही सौजन्य रूप अटेंड किया गया। गाड़ी के विलंबित होने के कारण यात्रियों के लिए अतिरिक्त खानपान की व्यवस्था की जा रही है। दो माह पहले भी हुई क्षतिग्रस्त वन्दे भारत एक्सप्रेस आग लगने से पहली भी हमले का शिकार हो चुकी है.28 अप्रैल को वन्दे भारत के सामने एक गाय आ गई थी.गाय के टकराने से रेल गाड़ी के आगे के बोनट को क्षति पहुंची थी.हादसे के 15 मिनिट बात तक गाड़ी को डबरा स्टेशन पर रोका गया था.
इंदौर में इलियास मासूम का धर्म परिवर्तन कर बनाना चाहता था आतंकवादी

मध्य प्रदेश की मिनी मुंबई कही जाने वाले इंदौर से लगातार धर्म परिवर्तन के मामले सामने आ रहे हैं.अब धर्म परिवर्तन केवल महिलाओं के साथ नहीं बल्कि उनके बच्चों के साथ भी किया जा रहा है. खजराना क्षेत्र के रहने वाले युवक की बीवी और बेटा कई समय से लापता थे . जब तक उनकी खबर मिली तब तक आरोपी बीवी सहित बच्चे का भी धर्म परिवर्तन करा चुका था.जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस में आरोपी इलियास कुरैशी के खिलाफ 420 सहित विभिन्न धाराएं लगाते हुए मामला की जांच शुरू की है. माँ सहित बेटे का धर्म परिवर्तन साल 2014 में मनीष की शादी शाजापुर की रहने वाली एक महिला से हुई थी.शादी के एक साल बाद उनके घर एक बेटे का जन्म हुआ.एक बार परिवार शाजापुर में किसी कार्यक्रम में शामिल होने गया तभी मनीष की पत्नी बेटे सहित लापता हो गयी.मनीष ने रतलाम पुलिस को जानकारी दी पर पत्नी और बच्चे का कुछ पता नहीं चला. अब काफी समय बाद पता चला है कि पत्नी बेटा सहित अपने पहले प्रेमी इलियास कुरैशी के साथ है.पत्नी इस्लाम क़ुबूल कर चुकी है और बेटे का भी धर्म परिवर्तन कर उसके फर्जी दस्तावीज़ बनाये जा रहे हैं. “बेटे को बनाऊंगा आतंकवादी”-इलियास मनीष का कहना है कि इलियास ने बेटे के 8 साल के होने बाद अब स्कूल में दाखिला दिल वाया है. उसने पहले भी धमकी देते हुए कहा कि तेरे बेटे को नहीं पढ़ाऊंगा और उसे आतंकवादी बनाऊंगा. इलियास और उसका पूरा परिवार गैंग चलते हैं. ये हिन्दुओं का ब्रेनवाश कर उनका धर्म परिवर्तन कराते हैं और आतंकवादी बनाते है. PFI से है संबंध बताया जा रहा है कि इलियास के परिवार का आतंकवादी संगठन PFI से ताल्लुक है.आरोपी ने बेटे और पत्नी के फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाये .बेटे का एडमिशन भी फर्जी दस्तावेजों से कराया.उसने माँ और बेटे दोनों का धर्म परिवर्तन करा दिया है.पुलिस ने भी गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने धारा 420,467,468,471, मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 4, मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 3 के तहत किया केस दर्ज कर लिया है ये भी पढ़ें- अब निशाने पर विवाहित हिन्दू महिलाएं
कूनो नेशनल पार्क में चार दिन में दूसरे चीते की मौत,जानिए क्या है वजह

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में शुक्रवार को एक और सूरज नाम के चीते की मौत हुई.तीन दिन पहले भी एक चीते की मौत की खबर आई थी. चीता स्थानांतरण परियोजना के तेहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से कुल 20 चेते लाये गए थे.इनमे से अब तक 8 चीतों की मौत हो चुकी है. तेजस के बाद सूरज की मौत कूनो नेशनल पार्क में लगातार चीतों की मौत की ख़बरें आरही हैं. पार्क में कुछ महीने पहले ही चीता स्थानांतरण परियोजना के तेहत कुल 20 चीते लाये गए थे.इनमे नामीबिया से आठ और दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे.इनमे से 8 चीतों की मौत हो चुकी है. शुक्रवार को सूरज नामक एक चेता मृत मिला जिसके मौत की वजह अभी तक सामने नही आई है. वहीँ तीन दिन पहले ही तेजस नामक चीते की भी मौत हुई.बताया जा रहा है की निगरानी दल ने तीन दिन पहले तेजस की गर्दन पर निशान देखा था.जिसके बाद तेजस को वन्यप्राणी चिकित्सकों को भी दिखाया. चिकित्सकों ने तेजस को बेहोश कर उसका इलाज किया पर कुछ ही घंटो बाद वह मृत मिला. ये है मौत की वजह पार्क के प्रबंधकों के मुताबिक तेजस के करीब ही एक मादा चेते को सहवास के लिए रखा गया था. मादा चेते से ही लड़ते हुए तेजस की गले पर घाव हुआ था और उसकी मौत वजह भी यही हो सकती है. हालाँकि अभी भी साफ़ नही हुआ है की आखिर तेजस और सूरज की मौत की वजह क्या है. भारत के अधिकारीयों के मुताबिक जब जानवरों को किसी देश से लाकर अन्य किसी देश में रखा जाता है तो जानवरों की जीवित रहने की सम्भावना 50% ही रह जाती है. वहीं विदेश के विशेषज्ञों ने इसे जानवरों का सही ढंग से ध्यान ना रखना और उन्हें छोटी जगह में रखने को चेतो की मौत की वजह बताया
कौन है रॉकेट वूमेन जिसे बनाया गया चंद्रयान-3 का मिशन डायरेक्टर

आज चंद्रयान 3 ने ,श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी.चंद्रयान को चन्द्रमा तक पहुँचने के लिए करीब 42 दिन लग सकते हैं. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की मेहनत से चंद्रयान 30,000,00 किमी की दूरी तय करके चन्द्रमा तक पहुचेगा. यदि इस मिशन में ISRO कामयाब हो जाता है तो भारत का नाम भी एलीट लिस्ट में शामिल हो जायेगा.भारत की रॉकेट वूमेन के नाम से प्रसिद्द DR. ऋतु सिंह करिधाल मिशन डायरेक्टर की भूमिका निभा रही हैं. रॉकेट वूमेन ऋतु सिंह आज पूरे विश्व की निगाहें भारत पर टिकी हैं क्योंकि आज भारत ने अपना तीसरा चंद्रयान चन्द्रमा की ओर रवाना कर दिया.चंद्रयान की लैंडिंग में करीब एक महीने से जादा समय लग जायेगा.मिशन की ख़ास बात तो ये है कि इसे फ्रंट से लीड कर रही हैं रॉकेट वूमेन के नाम से मशहूर ISRO साइंटिस्ट DR. ऋतु सिंह करिधाल श्रीवास्तव . ऋतु को मिशन डायरेक्टर की ज़िम्मेदारी दी गयी है. ऋतू ने चंद्रयान 2 के समय डिप्टी ऑपरेशन डायरेक्टर के तौर पर काम किया था और उसे काबिले तारीफ काम के चलते ही उन्हें चंद्रयान 3 में मिशन डायरेक्टर बनाया है.ऋतू ने अपनी काबिलियत के दम से ये कर दिखाया कि महिलाऐं अब विज्ञान में भी आगे हैं. ये हैं उपलब्धियां लखनऊ में पली बड़ी ऋतू ने लखनऊ विश्वविध्यालय से भोतिकी में एमएससी की.इसके बाद विज्ञान और अंतरिक्ष में रूचि होने के कारण बैंगलोर के भारतीय विज्ञान संस्थान में प्रवेश लिया.फिर ऋतू ने ISRO ज्वाइन किया. रोकिट वूमेन ने अपनी जिंदिगी में कई उपलब्धियां प्राप्त की है. इन्हें यंगेस्ट साइंटिस्ट का अवार्ड APJ अबदुलकलाम के हाथ से प्राप्त हुआ था. मार्स ऑर्बिटर मिशन के लिए ISRO टीम पुरूस्कार,ASI टीम पुरूस्कार और महिला उपलब्धि पुरूस्कार से सम्मानित किया जा चूका है . और अब DR. ऋतु सिंह करिधाल के कंधे पर ही चंद्रयान 3 की सुरक्षित लैंडिंग की ज़िम्मेदारी है.