BCCI ने किया एशिया कप की टीम का ऐलान,इनको नहीं मिली टीम में जगह
सोमवार को बीसीसीआई ने एशिया कप के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है .जिसमें रोहित शर्मा बतौर कप्तान खेलेंगे साथ ही टाम में 20 साल के तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव भी शामिल हैं. इस 17 सदस्यीय टीम में संजू सैमसन रिजर्व प्लेयर के रूप में टीम का साथ देंगे.इसके अलावा कई मशहूर प्लेयर्स को टीम में जगह नहीं मिल पाई है. इन प्लेयर्स की हुई वापसी बीसीसीआई ने 21 अगस्त को एशिया कप में खेलने वाली टीम की लिस्ट जारी कर दी है. इस टीम में कई प्लेयर्स की वापसी हुई है जिनमें बैटर श्रेयस अय्यर, विकेट कीपर के एल राहुल,प्रसिद्ध कृष्णा और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की वापसी हुई है। इन प्लेयर्स को नहीं मिली जगह एशिया कप 2023 की टीम इंडिया में जहां कई प्लेयर्स की वापसी हुई है तो वहीं ऐसे भी प्लेयर्स हैं जिन्हे इस बार टीम का हिस्सा नहीं बनाया गया है .इनके नाम है युजवेंद्र चाहल,अर्शदीप सिंह , उमरान मलिक और रवि चंद्रन अश्विन. ये खिलाड़ी एशिया कप में होंगे शामिल रोहित शर्मा (कप्तान),श्रेयस अय्यर ,विराट कोहली,शुभमन गिल,सूर्यकुमार यादव ,तिलक वर्मा,विकेटकीपर के तौर पर नजर आँएगे केएल राहुल,ईशान किशन,संजू सैमसन,ऑलराउंडर होंगे हार्दिक पांड्या,रवेंद्र जडेजा,अक्षर पटेल.टीम के बॉलर हैं जसप्रीत बुमराह,शार्दूल ठाकुर,मोहम्मद सिराज,मोहम्मद शमी,कुलदीप यादव,प्रसिद्ध कृष्णा. ये भी पढ़ें-पवित्र प्रेम का सूचक है हरियाली तीज https://aayudh.org/hariyali-teej-is-a-sign-of-pure-love/
इंटरनेशनल रेसलर रानी राणा ने ससुराल वालों पर किया दहेज प्रताड़ना का केस
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर की महिला पहलवान रानी राणा ने थाने में ससुराल वालों पर प्रकरण दर्ज कराया.उन्होंने अपने सास,ससुर और पति पर दहेज प्रताड़ना का केस किया है.उनका यह भी आरोप है कि उनके ससुराल वाले उन्हें खेलने से रोकते हैं. पूरा मामला कुश्ती में इंटरनेशनल लेवल पर मध्य प्रदेश का नाम रोशन करने वाली, प्रदेश और देश को कई स्वर्ण पदक दिलाने वाली रानी राणा को अब अपने ससुराल से लड़ना पड़ रहा है.रानी ने अपने सास ससुर और पति पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया है. यह फैसला उन्होंने थक हारकर लिया है.रानी ने सुलह के हर संभव प्रयास कर लिए थे लेकिन उनके ससुराल वालों ने उनके प्रति अपना रवैया नहीं बदला जिसके बाद उन्होंने पुलिस की मदद लेनी पड़ी. रानी राणा से माँगते थे दहेज इंटरनेशनल रेसलर रानी राणा ग्वालियर के सुरिया पुरा मुरार की रहने वाली हैं.रानी की शादी के बाद कुछ समय तक तो सब ठीक चला पर धीरे धीर ससुराल वालों ने उनसे दहेज मांगना शुरू कर दिया.रानी बहुत फिर ससुराल वालों ने उन पर घरेलू हिंसा करना भी शुरू कर दिया. रानी ने पुलिस को बताया कि उनके ससुराल पक्ष के लोग उन्हें खेलने से रोकते हैं.वह उनको प्रतियोगिताओं में भाग नहीं लेने देते.उन्हें प्रैक्टिस पर नहीं जाने देते.आपको बता दें कि महिला रेसलर का पति एक जिम ट्रेनर है जिस पर अब प्रताड़ना करने का भी आरोप लगा है. एडिशनल एसपी ने की समाज से अपील जब रानी पुलिस के पास गई तो पुलिस ने परिवार वालों के साथ काउंसलिंग करने की कोशिश की पर कोई नतीजा नहीं निकला.जिसके बाद फिर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है. एडिशनल एसपी ऋषिकेश राणा ने केस दर्ज करने के बाद समाज से अपील करी कि जो खिलाड़ी हमारे शहर का ,प्रदेश का और राष्ट्र का नाम रोशन कर रहे है हमें उनका साथ देना चाहिए.उनके संबंधियों और समाज के बुद्धिजीवियों को ऐसे मामले में आगे आकर ऐसी मानसिकता वाले लोगों को समझाना चाहिए.
एमपी में पहली बार कोर्ट ने दी लव जिहाद और धर्म परिवर्तन करने वाले को सजा
मध्य प्रदेश में आय दिन लव जिहाद और धर्म परिवर्तन के मामले सुनने को मिलते हैं पर आज तक इसको लेकर किसी कोर्ट ने आरोपी को सजा नहीं सुनाई थी पर आज पहली बार प्रदेश में लव जिहाद और धर्म परिवर्तन करने वाले आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई. इंदौर जिला न्यायालय ने आज मोहम्मद साबिर को नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने उसपर शादी और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने के मामले में आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई इसके साथ ही साबिर को जुर्माना और पीड़िता को प्रतिकार राशि देने को कहा. पॉस्को एक्ट और लव जिहाद मामले में हुई सज़ा साल 2020 में इंदौर के हातोद थाना क्षेत्र में मोहम्मद साबिर पिता सेहवान खान ने एक नाबालिग लड़की को घर में अकेला देखा जिसके बाद आरोपी ने पीड़िता से पानी माँगा जैसे सी पीड़िता पानी लाने गई जिसके बाद साबिर ने उसके साथ दुष्कर्म किया. आरोपी ने पीड़िता के दुष्कर्म करते हुए वीडियो बना ली थी जिसको दिखाकर वह पीड़िता को ब्लैकमेल करने लगा.उसे धमकी देने लगा कि यदि तुमने किसी से कुछ कहा तो तुम्हारा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दूँगा. ऐसा कहकर उसने कई बार पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया फिर उसपर शादी का और परिवर्तन का दबाव भी बनाने लगा.जिसके बाद साबिर की प्रताड़ना से परेशान नाबालिग ने अपने परिवार को सब बताया.और हातोद थाने में आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया. एक साल बाद हुई सुनवाई पीड़िता के प्रकरण दर्ज कराने के करीब 1 साल बाद मामले की सुनवाई जिला कोर्ट में हुई.आरोपी पर पीड़िता पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने,जान से मारने की धमकी देने और दुष्कर्म करने पर थाने में धारा 376,450,506 के अलावा पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ. साबिर के आरोप साबित होने के बाद उसे 20 साल की सजा और जुर्माना देने को कहा गया.इसके अलावा कोर्ट ने साबिर से पीड़िता को 50 हजार प्रतिकार राशि देने को भी कहा. श्रीमती सुरेखा मिश्रा ने लिया फैसला जिला लोक अभियोजना सुशीला राठौर का कहना है कि “आरोपी ने नाबलिक लड़की के साथ दुष्कर्म किया था. उसे धर्म परिवर्तन की धमकी दी जा रही थी. उसका वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल कर उसका शोषण किया था. आरोपी को कोर्ट ने 2 मामले में 20 साल की सजा सुनाई है.यह ऐसा पहला मामला है जिसमें आरोपी को लव जिहाद,धर्म परिवर्तन और पॉस्को एक्ट के तहत सजा सुनाई गई है.यह फैसला स्पेशल कोर्ट न्यायाधीश श्रीमती सुरेखा मिश्रा द्वारा लिया गया– ये भी पढ़ें- खुली 1990 की कश्मीर में हुए नरसंहार की फाईल,अब हिंदुओं को मिलेगा न्याय https://aayudh.org/file-of-1990-massacre-in-kashmir-opened-now-hindus-will-get-justice/
स्टार क्रिकेटर स्टोइनिस को नहीं पहचान पाया फोटोग्राफर
अक्सर जब कोई क्रिकेटर और खास कर के स्टार क्रिकेटर आम सड़कों पर भीड़ से घिरे नजर आते हैं लेकिन अगर कभी ऐसा हो की स्टार प्लेयर आपके सामने आए और आप उसे पहचान ही न पाएं तो ,दरअसल ऐसा ही कुछ हुआ जब ऑस्ट्रेलिया के स्टार ऑलराउंडर स्टोइनिस न्यूयॉर्क की सड़कों पर उतरे. स्टोइनिस गर्लफ्रेंड के साथ गए थे न्यूयार्क ऑस्ट्रेलिया के मशहूर क्रिकेटर और स्टार ऑलराउंडर स्टोईनिस की एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रही है.इस वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक स्ट्रीट फोटोग्राफर स्टोईनिस को नहीं पहचान पाता है. स्टोईनिस इन दिनों यूएसए में हैं.वह अपनी गर्लफ्रेंड सारा के साथ घूमने के लिए वहाँ गए हैं.जब वह न्यूयार्क में थे तब उनको और उनकी गर्लफ्रेंड को देखकर एक स्ट्रीट फोटोग्राफर उनके पास आया. आप कहाँ के रहने वाले है- फोटोग्राफ फोटोग्राफर ने कहा हैलो, सॉरी दोस्तों, आपको परेशान करने के लिए खेद है। मेरा नाम डेविड है, मैं एक फोटोग्राफर हूं। आप लोग प्यारे लग रहे हो, मैं आपकी फ्री में फोटो खींच सकता हूं?‘उसने आगे कहा आप चाहें तो मेरी फोटोस देख भी सकते हैं जिसके बाद सारा ने उसकी खीची हुई फोटो दखी और फोटो खिचवाने तैयार हो गए. इसके बाद फोटोग्राफर डेविड स्टोईनिस से पूछता है कि वह कहाँ के रहने वाले है.जिसके बाद स्टोईनिस कहते हैं कि वह ऑस्ट्रेलिया के हैं. डेविड ने ये वीडियो अपने ट्विटर और इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। डेविड ने पोस्ट करते हुए लिखा, ‘स्ट्रीट फोटोग्राफी विद दिस ब्यूटीफुल ऑस्ट्रेलियन कपल।’ डेविड ने उन्हें एक आम इंसान के जैसे ट्रीट किया. ऑस्ट्रेलिया के ये प्लेयर होंगे शामिल पैट कमिंस (कप्तान), सीन एबॉट, एश्टन एगर, एलेक्स कैरी, नाथन एलिस, कैमरून ग्रीन, एरोन हार्डी, जोश हेजलवुड वनडे वर्ल्ड कप के खिलाड़ी , ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, मिचेल मार्श, ग्लेन मैक्सवेल, तनवीर संघा, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क, मार्कस स्टोइनिस, डेविड वार्नर, एडम जाम्पा ये भी पढ़ें- खुली 1990 की कश्मीर में हुए नरसंहार की फाईल,अब हिंदुओं को मिलेगा न्याय https://aayudh.org/file-of-1990-massacre-in-kashmir-opened-now-hindus-will-get-justice/
खुली 1990 की कश्मीर में हुए नरसंहार की फाईल,अब हिंदुओं को मिलेगा न्याय
अब जम्मू कश्मीर पुलिस खोलेगी 1989-1990 के बीच कश्मीर में हुए नरसंहार की फाईल्स.JK पुलिस ने रिटायर्ड जज नीलकंठ गंजू की फाईल को रीओपन किया.पुलिस ने देशवासियों से मदद मांगी है कि यदि किसी के पास भी केस से जुड़ी कोई जानकारी है तो उनसे संपर्क करें.इस फैसले के बाद आगे चलकर संभवतः कश्मीरी नरसंहार से पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सकता है. कौन हैं नीलकंठ गंजू जस्टिस नीलकंठ ने JKLF के फाउंडर आतंकवादी मकबूल भट्ट को 1968 में फांसी की सजा सुनाई थी.जिसके बाद बदला लेने के लिए JKLF के लोगों ने 1989 में रिटायर्ड जस्टिस नीलकंठ गंजू को दिन दहाड़े मार डाला. एसआईए इस केस की तह तक पहुंचना चाहती है जिसके लिए उसने देश की जनता से मदद माँगी है.कि यदि किसी को भी केस से जुड़ी कोई बात याद है तो वो तुरंत बताएं.बताने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान किसी को नहीं बताई जाएगी. सुनकर काँप जाएगी रूह कश्मीर में 1990 के समय में हुए नरसंहार की बात करी जाए तो वहां रहने वाले हर हिंदू परिवार ने मुस्लिम जिहादियों द्वारा की गई क्रूरता को अपनी आँखों से देखा है,अपने परिवार को,अपनों को नजरों के सामने तड़पते हुए देखा है. अपनी पत्नी, बहन ,बेटी ,माँ की इज्जत तो सरे बाजार में बिकते देखा है.अपने पड़ोसियों को मजहब का साथ देने के लिए इंसानियत को बिकते देखा है.इन कट्टरपंथियों द्वारा मंदिरों को तोड़ते देखा है. इतना हुआ था कश्मीर में नरसंहार कश्मीर फाईल्स तो कुछ कहानियों पर बनाई थी पर यदि सबकी कहानियों पर कोई फिल्म बनाए तो ऐसी और इससे भी भयानक 7 लाख से भी ज्यादा फिल्म बन जाएगी. इतिहास में पहली बार अब जाकर जम्मू कश्मीर की पुलिस और एसआईऐ की टीम सबको न्याय दिलाना चाहती है.जिसमें उनको हमारी ज़रूरत है.यदि आपके पास ऐसे केसों से जुड़ी कोई भी बात हो तो उन्हें ज़रूर बताए. ये भी पढ़ें- मालवा क्षेत्र में फिर हुआ हिंदू देवी देवताओं का अपमान https://aayudh.org/insult-of-hindu-deities-again-in-malwa-%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a4%b7%e0%a4%a4%e0%a4%b0/
कमलनाथ की सॉफ्ट हिंदूत्व की राजनीति पर शिवराज और ओवेसी का हमला
बागेश्वर प्रमुख धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री से कथा कराने के बाद से ही पूर्व मुख्य मंत्री कमलनाथ की सॉफ्ट हिंदूत्व की राजनीति पर तरह तरह से सवाल उठाए जा रहे हैं. मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ पर हमला करते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आ रहे हैं इसलिए वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं साथ ही उनने कहा कि कांग्रेस की चुनावी भक्ती है. इसपर कमलनाथ ने चौहान पर पलटवार करते हुए कहा कि जो इंसान जैसा होता है वो वैसी ही दृष्टी से दुनिया को देखता है.इतना ही नहीं कमलनाथ के हिंदूत्व को देखकर एआईआईएम प्रमुख ओवेसी ने भी तंज कसते हुए बयान दिया. शिवराज सिंह का कहना ये कहना है मुख्य मंत्री ने कमलनाथ की भक्ति पर कहा कि ‘अब यह करने के लिए मजबूर है क्योंकि चुनाव आ रहे हैं. यह कांग्रेस की चुनावी भक्ति है. उनके अंदर ही अंदर अंतर्द्वंद मचा हुआ है.कमलनाथ जी सोच रहे हैं, मैं इधर जाऊं या उधर जाऊं; बड़ी मुश्किल है किधर जाऊं..? अब तो उनके एक नेता ने ही कह दिया है, कि मुख्यमंत्री कौन बनना चाहिए? उनके तो नेता होने पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं. अब मुझे लग रहा है कि वह नेता का दावा पुख्ता करने के लिए कथाओं के आयोजन में भी लग गए हैं. ‘वह यह भी कहते हैं कि जो कांग्रेस और जो कमलनाथ राम को काल्पनिक मानते थे अब वही लोग कथा करा रहे हैं,हुनमान चालीसा पढ़ रहे हैं. कमलनाथ ने ट्वीट कर ये कहा कमलनाथ ने ट्वीट करके कहा कि “मेरी हनुमान भक्ति पर विचार करने के स्थान पर आप मध्यप्रदेश की “जन–भक्ति” पर विचार कीजिए, जो आपका संवैधानिक उत्तरदायित्व है और जन उपयोगी है. मध्यप्रदेश की जनता को “जन–भक्त” सरकार चाहिए, भाजपा की “घोटाला–भक्त, घोषणा–भक्त, भ्रष्टाचार–भक्त, अत्याचार–भक्त और नौटंकी–भक्त सरकार नहीं”. मध्यप्रदेश की जनता भाजपा सरकार को अंदर और बाहर से अच्छे से देख–समझ चुकी है, पलट जवाब देने के लिए केवल समय आने का इंतजार कर रही है.”साथ ही मुख्य मंत्री के चुनावी भक्ति वाले बयान पर ट्वीट किया कि “जीवन में जो इंसान जैसा होता है, वो वैसी ही दृष्टि से बाहरी दुनिया को देख पाता है. निश्चित ही आप “चुनावी भक्त” होंगे, इसीलिए आप दूसरों में भी चुनावी भक्ति खोज रहे हैं, जीवन के हर पहलू को चुनाव के रंग से ही देख पा रहें हैं. आस्था और विश्वास, व्यक्ति की आंतरिक अनुभूति होती है, स्थाई होती है मेरी आस्था आंतरिक है.” ओवैसी ने कह दी बड़ी बात कमलनाथ के 80 प्रतिशत हिंदू और भारत के हिंदू राष्ट्र होने वाले बयान पर ओवैसी ने कहा, ‘मध्य प्रदेश के “दिग्गज” नेता साफ़-साफ़ वही कह रहे हैं जो मोहन भागवत कहते हैं: कि भारत हिंदू राष्ट्र है. भारत सिर्फ़ एक समुदाय का देश नहीं है. भारत कभी हिंदू राष्ट्रा ना था, ना है और ना कभी होगा इंशा’अल्लाह. “मोहब्बत की दुकान” में नफ़रत की तस्करी हो रही है. दूसरों पर B-Team का ठप्पा लगाने का अधिकार इन्हें कहां से मिला? कल के दिन अगर भाजपा हार भी जाये, तो इस नफ़रत में क्या कोई कमी आएगी?’ ये भी पढ़ें- भोपाल जामा मस्जिद को लेकर होगी पिटीशन दायर https://aayudh.org/petition-will-be-filed-regarding-bhopal-jama-masjid/
मालवा क्षेत्र में फिर हुआ हिंदू देवी देवताओं का अपमान
मध्य प्रदेश के आगर मालवा क्षेत्र में कुछ मुस्लिम युवकों ने हिंदू देवी देवताओं पर आपत्तिजनक वीडियो बनाया.जिसके वायरल होने के बाद हिंदू संगठन ने आरोपियों के घर तोड़ने की मांग की है. धार्मिक भावना को पहुँचाया ठेस दरअसल आगर मालवा क्षेत्र के नलखेड़ा में जावेद ,असलम, बंटी और उनके साथियों ने हिंदुओं की धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाने के लिए सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक वीडियो डाला.जब वीडियो वायरल हुआ तो हिंदू संगठन ने इसका विरोध किया और पुलिस थाने का घिराव किया.जिसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुँच गया. मालवा क्षेत्र में टूटेंगे मकान हिंदू जागरण मंच ने नलखेड़ा थाना प्रभारी को आरोपियों पर कारवाही को लेकर आवेदन किया.जिसके बाद पुलिस द्वारा आरोपी जावेद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया.क्षेत्र की एसडीएम किरण बरबड़े के पहुँचने पर संगठन के सदस्यों ने उनको भी आवेदन दिया.इस आवेदन में आरोपी युवक के मकान को तोड़ने की माँग की गई है.जिसके बाद एसडीएम ने विधिवत सीमांकन के निर्देश दिए हैं. ये भी पढ़ें- मुस्लिम और ईसाई व्यापारियों की ‘No Entry’ आधार कार्ड से गांव में प्रवेश https://aayudh.org/muslim-and-christian-traders-enter-village-with-no-entry-aadhaar-card/
मुस्लिम और ईसाई व्यापारियों की ‘No Entry’ आधार कार्ड से गांव में प्रवेश
मध्य प्रदेश में आय दिन लव जिहाद और धर्मांतरण के मामले बढ़ते जा रहे हैं जिससे बचने के लिए अशोकनगर जिले की धौरा ग्राम पंचायत ने एक अनूठा प्रयास किया. धौरा पंचायत के लोगों ने पोस्टर और बैनर लगाए जिसमें मुस्लिम और ईसाई व्यापारियों की गाँव में नो ऐन्ट्री की बात लिखी हुई थी.साथ ही आधार कार्ड दिखाकर ही गाँव में प्रवेश करने की बात थी ताकी इस तरह से वह अपनी बहन बेटियों को जिहादियों से बचा सकें मुस्लिम और ईसाई की नो ऐन्ट्री अशोकनगर की धौरा ग्राम पंचायत में पोस्टर और बैनर लगाकर गाँव में मुस्लिम और ईसाई व्यापारियों का प्रवेश निषेध कर दिया.दरअसल कुछ दिन पहले गांव में एक पंचायत बैठक हुई जिसमें सरपंच ने धर्मांतरण और लवजिहाद से बचने के लिए यह सुझाव दिया. सभी लोग सुझाव से सहमत हो गए और पूरे गाँव में पोस्टर और बैनर लगा दिए.जैसे ही प्रशासन को जानकारी मिली तो एक्शन लेते हुए उनने दीवारों से सभी पोस्टर और बैनर निकलवाकर उन्हें जब्त कर लिया. क्या है सरपंच का कहना गाँव के सरपंच और भाजपा के किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष बाबूलाल यादव का कहना है कि जिस तरह से हम देश का माहौल देख रहे हैं.ईसाई मिशिनरी और मुस्लिमों द्वारा लगातार लव जिहाद और धर्मपरिवर्तन जैसे मामले देश भर से सामने आ रहे हैं.जिसके कारण हम सभी हिंदुओं को जागरुक होना चाहिए. लगातार किस तरह धर्मांतरण और लव जिहाद कर हमारी बहन-बेटियों के साथ ज्यादती की जा रही है. इन सभी मामलों को देखते हुए प्रस्ताव लाया गया.जिस पर ग्रामीणों की सहमति पर यह निर्णय लिया गया कि धर्म विशेष के लोगों को गाँव में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. ग्रामीणों का क्या कहना है ग्रामीणों का कहना है कि गांव में ढोलक बजाकर जन जागरण का अभियान चलाया जाएगा.ताकी सभी लोग जागरुक हो जाए कि किस तरह से बहला फुसलाकर यह लोग धर्मपरिवर्तन और लव जिहाद जैसी घटनाओं को अंजाम देते है.उनका कहना है कि गाँव की बेटियों और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी हमारी है इसलिए हमने यह फैसला लिया. ये भी पढ़ें- भोपाल जामा मस्जिद को लेकर होगी पिटीशन दायर https://aayudh.org/petition-will-be-filed-regarding-bhopal-jama-masjid/
भोपाल जामा मस्जिद को लेकर होगी पिटीशन दायर
उत्तर प्रदेश की तरह अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी ज्ञानवापी मामले की तर्ज पर जामा मस्जिद की पिटीशन दायर होगी.संस्कृति बचाओ मंच सबूत और कागजी तैयारी पूरी कर अब पिटीशन दायर करेगा.मामले की पैरवी ज्ञानवापी मस्जिद मामले के वकील हरिशंकर जैन करेंगे.न जामा मस्जिद नहीं मंदिर है संस्कृत बचाओ मंच के संयोजक चंद्रशेखर तिवारी का कहना है कि भोपाल के चौक बाजार में स्थित जामा मस्जिद,मस्जिद नहीं बल्कि एक शिव मंदिर है.साथ ही वह बताते हैं कि इसको साबित करने के लिए उनके पास सबूत और कागज़ात भी मौजूद हैं. इसको लेकर उनकी हरिशंकर जैन से भी बात हुई,और उन्हें तमाम सबूत भी दिखाए गए हैं जिसके बाद वकील हरिशंकर जैन ने भी अपनी सहमति दे दी है. भोपाल गजेटियर नवाब शासन काल के दौरान सील और मुहर के साथ भोपाल गजेटियर जारी किया गया था.गजेटियर में मंदिर को हटाकर मस्जिद बनाने का जिक्र मिलता है.यह जिक्र गजेटियर में भोपाल की महिला नवाब कुदसिया बेगम द्वारा किया गया है. गजेटियर के मुताबिक वहाँ सभा मंडप नामक एक शिव मंदिर था जिसमें एक हजार से भी ज्यादा बच्चे धर्म ग्रन्थ और वेदों का ज्ञान लिया करते थे.इसमें सन् 1832 में और 1857 में मंदिर के स्थान पर मस्जिद बनाने का जिक्र मिलता है. ज्ञानवापी वकील हरिशंकर जैन ने दी स्वीकृति चंद्रशेखर बताते हैं कि आज भी मस्जिद की गुम्मद मंदिर के ही शिखर हैं,कथित तौर पर इन मस्जिदों में आज भी शिव मंदिर के कलश जड़े हुए हैं.इससे जुड़े तमाम सबूत केंद्र से लेकर राज्य सभी सरकारों को दिए गए पर कुछ नहीं हुआ पर अब हम न्यायालय से सनातनी हक की माँग करेंगे. साथ ही जब सर्वे की माँग की तो सरकारों ने कोई एक्शन नहीं लिया. इसकी पिटीशन से जुड़ी बात पर वकील हरिशंकर जैन ने भी स्वीकृति दे दी है और इस माह के भीतर ही हम याचिका दर्ज कराँएगे. ये भी पढ़ें- क्या इस विरोध के बाद OMG-2 हो पाएगी रिलीज़ https://aayudh.org/will-omg-2-be-released-after-this-protest/
क्या इस विरोध के बाद OMG-2 हो पाएगी रिलीज़
ओ माय गॉड (OMG-2) फिल्म के रिलीज़ होने से पहले ही उस पर विवाद उठते नज़र आ रहे हैं.फिल्म को दिए ऐ सर्टिफिकेट को लेकर विवीद शुरू हुआ है.जिसके बाद महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी आक्रोश में दिखाई दे रहे हैं. क्या है वजह अक्षय कुमार स्टारर फिल्म ओ माय गॉड (OMG-2) 11 अगस्त को रिलीज़ होने वाली है.पर इसके पहले ही फिल्म का विरोध शुरू हो गया है.दरअसल फिल्म को सेंसर बोर्ड की ओर से ऐ सर्टिफिकेट दिया गया है . जिस पर महाकालेश्वर मंदिर के पुजारियों का कहना है कि यदि फिल्म को ऐ सर्टिफिकेट मिला है तो इसका मतलब है कि उसमें अश्लील दृष्य हैं यदि उनको नहीं हटाया गया तो हम फिल्म को उज्जैन में रिलीज़ नहीं होने देंगे. OMG-2 को लेकर एक और बवाल खड़ा हो गया इधर यह मामला चल ही रहा था कि अब फिल्म को लेकर एक और बवाल खड़ा हो गया.फिल्म के ट्रेलर में दिखाए गए एक सीन में भगवान शिव का किरदार निभाने वाले अक्षय कुमार कचौड़ी लेते दिखाई दे रहे हैं जिसको देख दोबारा फिल्म का विरोध हो रहा है. पुजारियों ने भेजा लीगल नोटिस अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने बीते दिन OMG-2 फिल्म के निर्देशक अमित राय,निर्माता विपुल शाह,चंद्र प्रकाश,अभिनेता अक्षय कुमार,और सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून कुमार जोशी को लीगल नोटिस भेजा है.पुजारियों ने जिनको नोटिस भेजा है उनसे माफी माँगने को कहा गया है. ये भी पढ़ें- कमलनाथ को भारी पढ़ा हिंदूत्व का दाव,कांग्रेसियों ने साधा निशाना https://aayudh.org/claim-of-hindutva-read-kamal-nath-heavily-congressmen-targeted/