पीएम मोदी ने 10 सालों में किस तरह मनाया अपना जन्मदिन,जानिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना 73वां जन्मदिन मना रहे हैं. इस खास मौके पर देश और दुनिया भर के तमाम नेता उन्हें बधाई दे रहे हैं. पीएम मोदी के जन्मदिन के अवसर पर बीजेपी सेवा पखवाड़ा मना रही है. कई जगहों पर बीजेपी द्वारा आज रक्तदान शिविरों का आयोजन भी किया गया है. जन्मदिन पर पीएम देंगे ये सौगात अपने जन्मदिन पर, मोदी नई दिल्ली के द्वारका में ‘यशोभूमि’ के नाम से मशहूर इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (IICC) के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। इसके अतिरिक्त, वह द्वारका सेक्टर 21 को द्वारका सेक्टर-25 में नवनिर्मित मेट्रो स्टेशन से जोड़ने वाली दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन से जोड़ने वाली दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस लाइन के विस्तार को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. पीएम के जन्मदिन पर ये कार्यक्रम हैं प्रस्तावित आज विश्वकर्मा जयंती भी है. ऐसे में आज सरकार विश्वकर्मा योजना की शुरुआत करने जा रही है जिसका ऐलान 2023-24 के केंद्रीय बजट में किया गया था। सरकार इस योजना में 13,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी जिसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय नोडल मंत्रालय के रूप में कार्यरत है. स्वाथ्य मंत्रालय पीएम मोदी के जन्मदिन पर आयुष्मान भव: कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है. इसके अलावा, भाजपा एक ‘सेवा पखवाड़ा’ कार्यक्रम शुरू करेगी जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचना और देश भर में विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन करना शामिल है. कई जगह पार्टी कार्यकर्ताओं ने रक्तदान शिविरों का भी आयोजन किया है. पिछले 10 सालों के जन्म दिवसों की बात करें तो उन्होंने जनता के साथ एक आम आदमी की तरह अपना बर्थडे मनाया तो है ही साथ में वे हर साल कुछ ऐसा भी ज़रूर करते हैं जो देश जनता के हित में होता है । आइये इसी क्रम में हम जानेंगे पिछले 9 सालों में उनके द्वारा कार्य साथ ही हम जानेंगे उन्होंने कैसे अपना बर्थडे सेलिब्रेट किया। साल 2022 1.साल 2022 में प्रधानमंत्री मोदी मध्य ने प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में में विदेश से लाए गए आठ चीतों को छोड़ा पीएम मोदी ने गुजरात के अहमदाबाद में मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ 72 किलो का केक काटकर जन्म दिवस मनाया था। उस दौरान सैकड़ों लोग मौजूद थे। ये भी पढ़ें- मध्य प्रदेश के ककनमठ मंदिर के पत्थर आज भी हवा में लटके हुए दिखाई देते हैं .साल 2021 2.साल 2021 में प्रधानमंत्री का 71वां जन्म दिवस था। उस दौरान देश और दुनिया में कोरोना चल रहा था। ऐसे में पीएम मोदी ने जन्मदिन के अवसर पर जनता को 2.26 करोड़ टीकाकरण किए। इसके अतिरिक्त, मोदी को उपहार में दिए गए स्मृति चिन्हों के लिए एक ई-नीलामी आयोजित की गई. वहीं, इस अवसर पर भाजपा ने स्वच्छता अभियान और स्वास्थ्य कैंप कई कार्यक्रमों की योजना बनाई थी। बता दें, स्वच्छता अभियान की विपक्ष के कई नेता तारीफ भी कर चुके। .साल 2020 3.साल 2020 में भी देश कोरोना की लहर से जूझ रहा था। ऐसे में भाजपा ने इस अवसर को सेवा सप्ताह के रूप में मनाया, जिसमें पीएम मोदी ने जनता की मूल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हए कई योजनाओं को प्रारंभ किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में जरूरतमंदों को राशन वितरित किया और रक्तदान शिविर आयोजित किए. .साल 2019 4.साल 2019 में प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी मां हीराबेन का आशीर्वाद लिया और फिर अपने जन्मदिन पर गुजरात के केवड़िया में ‘नमामि नर्मदे’ उत्सव में भाग लिया। उन्होंने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के पास एक सार्वजनिक सभा को भी संबोधित किया और छात्रों से मुलाकात की। .साल 2018 5.साल 2018 में प्रधानमंत्री ने अपना जन्म दिवस आम नागरिकों के बीच अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी का दौरा किया था और काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की, इस दौरान उन्होंने काशी विद्यापीठ ब्लॉक के रोहनिया में नरौर प्राथमिक विद्यालय के छात्रों से भी मुलाकात की और कई उपहार भी भेंट किए। साल 2017 6.साल 2017 में भी प्रधानमंत्री मोदी ने अपना जन्म दिवस गुजरात में छात्रों के साथ मिलकर मनाया। पीएम मोदी ने उस दौरान एक लंबा समय माता हीराबेन के साथ व्यतीत किया था। इसके साथ ही पीएम मोदी मार्शल अर्जन सिंह के घर गए थे, जिनक अवसान 16 सितंबर, 2015 को हुआ था। साल 2016 7.साल 2016 में पीएम मोदी ने अपना 66वां जन्मदिवस दिव्यांग व्यक्तियों के साथ मिलकर मनाया था। उन्होंने उस दौरान छात्रों को स्कूल की मूल जरूरतों का सामान भी सौंपा था, यही कारण है कि 17 सितंबर को सेवा दिवस के रूप में जाना जाता है। साल 2015 8.साल 2015 में प्रधानमंत्री ने अपना 65वां जन्म दिवस सेना सेना स्मारक को विजिट करते हुए मनाया। उन्होंने 1965 के इंडो-पाक युद्ध के योद्धाओं तथा सशस्त्र बल के सैनिकों की वीरता को याद करते हुए सरहाया था। साल 2014 9.साल 2014 में पीएम मोदी को जन्म दिवस के अवसर पर मां ने 5001 रुपए उपहार स्वरूप दिए थे। जिसे प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर बाढ़ राहत कोष में दान दिया था। ये भी पढ़ें- सनातन धर्म शाश्वत कर्तव्यों का समूह है, इसे हानि क्यों पहुंचानी’ मद्रास हाई कोर्ट
मध्य प्रदेश के ककनमठ मंदिर के पत्थर आज भी हवा में लटके हुए दिखाई देते हैं
रहस्यों से भरा एक मंदिर का इतिहास जो सबको हैरान करता है ,एक ऐसा मंदिर जो इंसानों ने नहीं भूतों ने बनाया है? क्या सच में इस मंदिर के निर्माण का आदेश भगवान शिव ने भूतों को दिया था, एक अद्भुत मंदिर ककनमठ मंदिर जो आज भी अधूरा है लेकिन फिर भी कोई आंधी तूफान इसका बाल भी बाका नहीं कर सका…. आखिर क्यों कोई भी रात के समय इस स्थान पर नहीं रुकता? कुछ ऐसे अनसुलझे रहस्य जो आज भी दबे हुए है इन पत्थरों के बीच। ककनमठ मंदिर की प्राचीन कहानी ककनमठ मंदिर के नाम से जाने जाना वाला ये अद्भुत मंदिर ग्वालियर चंबल संभाग में स्थित है.दोस्तों भगवान शिव को सभी प्रिय है इसलिए उनके विवाह में मनुष्य से लेकर भूत-प्रेत सभी शामिल हुए थे। इसी कारण इस मंदिर के बारे में यह भी कहा जाता है कि भूतों ने इस शिव मंदिर का निर्माण भगवान शिव के आदेश से किया था. इस मंदिर से जुड़ी अलग-अलग कहानियां है। कोई कहता है कि ककनमठ मंदिर गुर्जर-प्रतिहार वास्तुकला शैली की उत्कृष्ट कृति है, जो 9वीं और 10वीं शताब्दी में प्रचलित थी। जिसे कछवाहा वंश के राजा कीर्ति ने अपनी पत्नी के लिए बनवाया था। माना जाता है कि रानी ककनावती भगवान शिव की बहुत बड़ी भक्त थी। भूतों द्वारा शापित है ये मंदिर आसपास भगवान शिव का मंदिर न होने से रानी को भगवान शिव की उपासना करने में मुश्किल होती थी इसलिए राजा ने इस शिव मंदिर का निर्माण करवाया था। इसलिए ककनमठ मंदिर का नाम रानी ककनावती के नाम से पड़ा। वहीं कुछ लोग इस मंदिर को भूतों द्वारा शापित मानते है। हज़ार साल पुराने मंदिर के बारे में माना जाता है कि इस रहस्यमयी मंदिर का निर्माण भूतों ने केवल एक ही रात में किया था,। इसके बाद सुबह होते ही भूत इस मंदिर का निर्माण आधा अधूरा छोड़कर भाग गए। इसलिए यह मंदिर बिना चूने, गारे से बना हुआ है, जिसके पत्थर आज भी हवा में लटके हुए दिखाई देते हैं। साथ ही इस मंदिर को देखते ही ऐसा लगता है जैसे कि यह अभी गिर जाएगा। लेकिन हैरानी की बात ये है कि बड़े से बड़े आंधी तूफ़ान भी इस मंदिर को हिला नहीं पाए। ऐसा करने पर मंदिर हिलने लगता है साथ ही मंदिर के आस पास गिरे पत्थरों को जब कोई पर्यटक या कोई भी व्यक्ति अपने साथ ले जाने का प्रयास करता है तो ये मंदिर हिलने लगता है, यह देख पत्थर उठाने वाला व्यक्ति भय से पत्थर को वहीं पर छोड़ देता है। चौंका देने वाली बात ये है कि इस तरह के पत्थर आस पास के क्षेत्रों में कहीं नहीं मिलते। मंदिर देख वैज्ञानिक भी हो गए हैरान जब वैज्ञानिकों ने इस मंदिर का निरीक्षण किया तो वे भी हैरान थे कि आखिर बिना गारे और चूने से इस पत्थर का निर्माण कैसे किया गया होगा साथ ही ये मंदिर हज़ारों साल से जस का तस अपने स्थान पर खड़ा है। हालांकि इस मंदिर को दुनिया के सात अजूबों में शामिल नहीं किया गया लेकिन इस मंदिर का निर्माण अपने आप में ही एक रहस्य बना हुआ है। यहाँ आने वाले पर्यटक भी इस मंदिर को देखते ही दंग रह जाते हैं। ये भी पढ़ें- क्या है आदि शंकराचार्य की मूर्ति को ओंकारेश्वर में बनाने की बड़ी वजह
सीहोर के बाद अब छतरपुर में धर्मपरिवर्तन,वही कहानी वही पैटर्न
मध्य प्रदेश में लगातार ईसाई मिश्नरी द्वारा गरीब हिंदु परिवारों को लालच देकर धर्मपरिवर्तन करने के मामले आ रहे हैं.ताज़ा मामला छतरपुर क्षेत्र का है जहां ईसाई धर्म के प्रचारकों द्वारा गाँव के गरीब हिंदू परिवारों को लालच देकर उनपर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव डाला जा रहा था. धर्मपरिवर्तन का पैटर्न छत्ररपुर के बमीठा थाना श्रेत्र में आने वाले पाटन गांव में करीब 20 से 25 दिनों से कुछ ईसाई धर्म के प्रचारकों की आवाजाही हो रही थी.यह लोग गांव के गरीब हिंदू परिवारों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उनको लालच देकर धर्मपरिवर्तन का दबाव डाल रहे थे. येशु मसी की कराई प्रार्थना इन लोगों ने गांव वालों को बहला फुसलाकर येशु मसी की प्रार्थना करवाना और भजन गाना भी शुरू करवा दिया था.पर गरीमत यह रही की समय रहते गांव के जागरुक लोगों ने इसकी सूचना पुलिस और हिंदू संगठनों को दे दी. खबर मिलते ही पुलिस गांव पहुँच गई और आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया.धर्मपरिवर्तन कराने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया जिनमें दो महिलाँए भी शामिल थी.इनपर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 और 5 के तहत मामला दर्ज कराया गया. ईसाई धर्म के ग्रन्थों को किया बरामद जिस समय पुलिस पहुँची उस वक्त भी आरोपि बकायदा लखन सिंह कुशवाह के घर 50 महिलाओं और पुरुषों को येशु मसी की प्रार्थना और भजन करा रहे थे.फिर पुलिस ने आरोपियों समेत ईसाई धर्म के ग्रन्थों और धर्म से जुड़ी सामग्री बरामद कर ली. धर्मपरिवर्तन का सेम पैटर्न बीते दिन प्रदेश के सीहोर जिले से भी ऐसी ही घटना सामने आई थी जहां ईसाई मिश्नरियों द्वारा क्षेत्र के आदिवासियों का धर्मपरिवर्तन का मामला सामने आया था.इस मामले में आरोपियों द्वारा 20,000 रुपए और अनाज का लालच दिया गया था. ये भी पढ़ें- आदिवासियों की गरीबी का उठाया फायदा,लालच देकर किया धर्मपरिवर्तन
आदिवासियों की गरीबी का उठाया फायदा,लालच देकर किया धर्मपरिवर्तन
मध्य प्रदेश में सीहोर जिले के अंतर्गत आने वाले बुधनी क्षेत्र से धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है.जहां गरीब आदिवासियों को कुछ पैसा और अनाज देकर उनका धर्म परिवर्तन कराकर ईसाई धर्म कुबूल कर वाया जा रहा था. आदिवासियों की गरीबी का फायदा उठाया बुधनी क्षेत्र के एक आदिवासी गांव खांडावड़ से खबर सामने आई कि वहां ईसाई समाज के कुछ लोगों द्वारा भोले भाले और गरीब आदिवासियों को बहलाकर और उनको कुछ पैसे और अनाज का लालच देकर धर्म परिवर्तन कर वाया जा रहा था. 20 हजार रुपए में खरीदा ईसाई समाज के लोगों ने अशिक्षित और गरीब आदिवासियों को 20 हजार रुपए और आधा क्विंटल गेहूं ,आधा क्विंटल चावल का लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन कर अपने धर्म में जोड़ा. जिसके बाद खबर मिलते ही हिन्दूवादी संगठनों ने इसका विरोध किया और आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया.फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. Read more- दमोह की आधारशिला संस्थान को किया नीलंबित, धर्मांतरण से जुड़े तार
दमोह की आधारशिला संस्थान को किया नीलंबित, धर्मांतरण से जुड़े तार
मध्य प्रदेश के दमोह स्थित ईसाई मिश्नरी अजय लाल द्वारा संचालित आधारशिला संस्थान के बालगृह की मान्यता अब नीलंबित कर दी गई है.यह बड़ा फैसला प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया.संस्थान पर धर्मांतरण का मामला दर्ज था जिसके बाद यह फैसला लिया गया. आधारशिला का पूरा मामला मामला बीते जून महीने का है.जब आधारशिला संस्थान के देवेंद्र डोनियल नामक एक कर्मचारी ने नाबालिग बच्ची को अश्लील मैसिज किए और यौन शोषण भी किया. जिसकी खबर मिलने पर तुरन्त ऐक्शन लेते हुए बाल आयोग ने मौके पर पहुंच कर मामले की जांच की.साथ ही बाकी बच्चियों से भी पूछताछ की,जहां उनके हाथ कई सबूत लगे. धर्मांतरण से जुड़े तार जाँच के दौरान बाल आयोग के हाथ धर्मांतरण से जुड़े हुए कई सबूत मिले.संस्थान में पढ़ने वाली कक्षा पहली से लेकर के पाँचवी तक की बच्चियों को बाईबल दी गई थी साथ ही उनको ईसाई धर्म के प्रति आकर्षित किया जा रहा था.जिसके बाद सभी बाईबल की पुस्तकों को जब्त कर लिया गया. अवैध रूप से चलाने का लगा आरोप बाल आयोग के एक सदस्य ने बताया कि उन्हें जब मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत ऐक्शन लेते हुए जाँच की जिसके बाद सामने ये आया कि आधारशिला संस्थान धर्मांतरण का कार्य तो करती ही थी साथ ही संस्थान के बालगृह की कोई परमिशन नहीं है वह अवैध रूप से चलाया जा रहा था. Read more- राजनीति के बाद अब बॉलीवुड और क्रिकेट में भी इंडिया vs भारत की चर्चा
राजनीति के बाद अब बॉलीवुड और क्रिकेट में भी इंडिया vs भारत की चर्चा
अभी तक देंश का नाम इंडिया से भारत रखने की खबरें राजनीति तक सीमित थी पर अब देश का नाम बदलने की चर्चा बॉलीवुड और क्रिकेट जगत में भी शुरू हो गई हैं.फिल्मी जगत में अमिताभ बच्चन, जैकी श्राफ, कंगना रनौत और क्रिकेट की दुनिया में वीरेंद्र सहवाग ने ट्वीट करते हुए अपनी राय रखी है. इंडिया से भारत का पूरा मामला दिल्ली के प्रगति मैदान में 9 और 10 सितंबर को जी 20 की बैठक का आयोजन किया जा रहा है.इस बैठक में होने वाले डिनर में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति भवन ने एक आमंत्रण पत्र जारी किया जिसमे प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया की जगह प्रेसिडेंट ऑफ भारत लिखा हुआ था तभी से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही देश का नाम इंडिया से बदलकर भारत रखा जायेगा. अमिताभ बच्चन अमिताभ बच्चन ने x पर ट्वीट करते हुए लिखा कि भारत माता की जय.उनके इस ट्वीट को उनका देश के भरत नाम को साइलेंट सपोर्ट माना जा रहा है. जैकी श्राफ इसके बाद जग्गू दादा यानी जैकी श्राफ से भी जब इस विषय को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि ‘भारत बोलना कोई बुरी बात तो नहीं है। इंडिया है तो इंडिया है, भारत है तो इंडिया है। मेरा नाम जैकी है, मुझे कोई जॉकी बोलता है, कोई जैकी बोलता है। मेरे नाम को इतना तोड़ देते हैं पर मैं नहीं बदलूंगा। हम कैसे बदलेंगे? नाम बदलेंगे हम थोड़ी बदलेंगे। भारत भारत है’। कंगना रनौत इस पर हाल ही में कंगना रनौत का भी ट्वीट आया है जहां उन्होंने अपने दो साल पहले किए ट्वीट को re share करते हुए लिखा की उन्होंने इसकी मांग दो साल पहले उठाई थी .उन्होंने आगे एक और ट्वीट किया कि हमें इंडिया नाम अंग्रेजों ने मिला है, इसलिए देश का नाम भारत होना चाहिए।’ अपना पुराना ट्वीट शेयर करते हुए कंगना ने सभी को बधाई दी। उन्होंने लिखा- ‘ सभी को बधाइयां, हम सभी गुलामी के नाम से आजाद हो गए…जय भारत।’इसके अलावा भी कई तरह से उन्होंने भारत नाम का सपोर्ट किया. वीरेंद्र सहवाग पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने बीसीसीआई सचिव जय शाह से गुजारिश करी कि वनडे वर्ल्ड कप में भारत की जर्सी पर इंडिया की जगह भारत लिखा जाना चाहिए.जिसको लेकर की कुछ लोग उनका समर्थन कर रहे हैं तो कुछ उन्हें ट्रोल करते नजर आ रहे हैं.इस पर सहवाग ने ट्वीट करते हुए कहा कि उनके इस विचार का राजनीतिक दलों से कोई ताल्लुक नहीं हैं.
हाईकोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप पर कह दी यह बड़ी बात
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर के एक टिप्पणी की है.उनका कहना है कि हर जानवरों की तरह मौसम में पार्टनर बदलने का कॉन्सेप्ट एक सभ्य और स्वस्थ समाज की निशानी नहीं हो सकता.साथ ही उन्होंने कहा कि जो सुरक्षा,सामाजिक स्वीकृति,और ठहराव शादी से मिलता है वह कभी भी लिव-इन रिलेशनशिप से नहीं मिल सकता. लिव-इन रिलेशनशिप में भी है हताशा नाबालिग लिव इन पार्टनर के साथ रेप करने के आरोपी को सशर्त जमानत देते हुए जस्टिस सिद्धार्थ ने कहा कि युवाओं को लिव इन का रिश्ता शुरुआत में खूब लुभाता है पर जैसे जैसे समय निकलता है तो उन्हें ये समझ आ जाता है कि इस रिश्ते की कोई सामाजिक स्वीकृति नहीं है जिसके बाद युवा हताश हो जाते हैं. इसके साथ ही जस्टिस ने कहा कि जब तक शादी के इंस्टीट्यूशन खत्म नहीं हो जाते तब तक लिव इन को कभी स्वीकृति नहीं मिल सकती.तथाकथित विकसित देशों में अब शादी की कोई मान्यता नहीं रह गई है और अपनी पत्नी या पति से बेवफाई कर किसी के साथ आजादी से लिव इन में रहना प्रोग्रेसिव सोसायटी की निशानी है. फिल्मों और टीवी सीरियल से होते है प्रभावित युवाओं को यह काफी आकर्षक लगता है पर आगे जाकर इसके क्या नतीजे होंगे वह नहीं जान पाते.जो इंसान अपने परिवार के साथ अच्छे संबंध नहीं बना पाया फिर वह देश की उन्नति के बारे में कैसे सोच सकते हैं.कोर्ट का कहना है कि इसमें सबसे बड़ा हाथ फिल्मों और टीवी सीरियल का है जिससे युवा प्रभावित हो जाते हैं. पूरा मामला सहारनपुर के अदनान नाम के एक युवक पर उसकी लिव इन पार्टनर ने रेप करने के आरोप लगाए हैं.आरोपी अदनान के साथ लड़की एक साल से लिव इन में रह रही थी.नाबालिग इस दौरान गर्भवती हो गई .नाबालिग का आरोप है कि अदनान ने उसे शादी के झाँसे में फसाया फिर पलट गया.फिलहाल कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ आरोपी को जमानत दे दी है ये भी पढ़ें- जन आशीर्वाद यात्रा को दिखाई हरी झंडी,इन नेताओं की लगी रथ पर तस्वीर
जन आशीर्वाद यात्रा को दिखाई हरी झंडी,इन नेताओं की लगी रथ पर तस्वीर
मध्य प्रदेश में आज भारतीय जनता पार्टी की जन आशीर्वाद यात्रा को हरी झंडी दिखाई जाएगी.यह यात्रा 10,643 किमी की दूरी तय करेगी.यात्रा के लिए सजाए गए आकर्षक रथों पर पार्टी के 12 दिग्गज नेताओं की तस्वीर लगाई गई हैं.प्रदेश में पाँच यात्रा निकाली जाएगी जो की पूरे अठारह दिनों तक भ्रमण करेंगी. कब और कहाँ से प्रारंभ होगी जन आशीर्वाद यात्रा बीजेपी की पहली जन आशीर्वाद यात्रा 3 सितंबर को रवाना होगी. यात्रा रीवा संभाग के चित्रकूट से प्रारंभ होगी.इस यात्रा को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के द्वारा हरी झंडी दिखाई जाएगी.अगली यात्रा 4 सितंबर को उज्जैन संभाग के नीमच से प्रारंभ होगी इस यात्रा को रक्षा मंत्री रामनाथ कोविंद द्वारा हरी झंडी दिखाई जाएगी. 5 सितंबर को जबलपुर संभाग के मंडला और चंबल संभाग के श्योपुर से यात्रा शुरू होगी इसे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह हरी झंडी दिखाएंगे.तीसरी यात्रा 6 सितंबर को इंदौर संभाग के खंडवा से शुरू होगी इसे केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी हरी झंडी दिखाएंगे. इन बारह दिग्गजों की तस्वीरें हैं रथ पर बीजेपी की जन आशीर्वाद यात्रा में कई आकर्षक रथ सजाए गए हैं इन रथों पर पार्टी के 12 नेताओं की तस्वीर लगाई गई हैं.इन तस्वीरों में मुख्य रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की तस्वीर लगी है.इसके अलावा प्रदेश के 10 नेता भी शामिल हैं. ‘चंद्रयान-3’ के बाद ‘आदित्य एल-1’ पर टिकी दुनिया की नज़रें प्रदेश के नेताओं में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा,केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, वीरेंद्र कुमार, ज्योतिरादित्य सिंधिया, फग्गन सिंह कुलस्ते, कैलाश विजयवर्गीय, नरोत्तम मिश्रा और कविता पाटीदार की तस्वीर लगी है. 25 को होगा कार्यकर्ता महाकुंभ 25 सितंबर यानी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जन्म तिथि पर सभी पाँचों जन आशीर्वाद यात्रा का भोपाल में समागम होगा साथ ही इस दिन सभी कार्यकर्ताओं का महाकुंभ भी होगा.इस समागम में लाखों की संख्या में कार्यकर्ता भाग लेंगे.इस कार्यकर्ता महाकुंभ को स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे. मध्य प्रदेश के हनुमान मंदिर के चमत्कार देखकर आप भी रह जायेंगे दंग…
‘चंद्रयान-3’ के बाद ‘आदित्य एल-1’ पर टिकी दुनिया की नज़रें
चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव के अध्ययन के बाद अब भारत ने सूर्य की ओर अपने कदम बढ़ाए हैं.आज सूर्य के अध्ययन के लिए भारत का पहला मिशन आदित्य एल-1 रवाना हुआ.इस मिशन के कारण पूरी दुनिया की नज़रें भारत पर टिकी हुई हैं. आज का दिन भारत के लिए एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि आज सूर्य का अध्ययन करने वाला भारत का पहला मिशन आदित्य एल-1 रवाना हो गया है.भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा (PSLV-XL) रॉकेट की मदद से आदित्य को आज 11 बजकर 50 मिनट पर श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से लांच किया. एल-1 करीब 127 दिन में अपने लैंग्रेज प्वाइंट यानी एल-1 पर पहुँचेगा.आदित्य एल-1 को पृथ्वी से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर स्थापित किया जाएगा.इस सौर मिशन के द्वारा पहली बार ISRO सूर्य का अध्ययन करने में सफल हो पाएगा.आदित्य एल-1 24 घंटे तक सूर्य का अध्ययन करेगा और उससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी देना शुरू कर देगा. एयरक्राफ्ट सूर्य के परिमंडल का दूर से अवलोकन करने और एल-1 यानी सूर्य और पृथ्वी के लैंग्रेज प्वाइंट पर सौर हवा का वास्तविक अध्ययन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है.एयरक्राफ्ट को सूर्य और पृथ्वी के पार्किंग प्वाइंट यानी एल-1 पर स्थापित किया जाएगा.एल-1 वह प्वाइंट है जहाँ पृथ्वी और सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बेअसर रहता है इस कारण से यहाँ एयरक्राफ्ट स्थापित किया जा सकता है. भारत ने चंद्रयान 3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने के 10 दिन बाद ही सूर्य के अध्ययन के लिए आदित्य एल-1 को रवाना कर दिया.भारत दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसने चाँद के दक्षिणी ध्रुव का अध्ययन किया. ये भी पढ़ें- अगस्त महिने में फिल्में और वेब सीरीज कर रही जबरदस्त कमाई
जानिए एशिया कप 2023 से जुड़ी ये रोचक बातें,क्यों हुए टीम में बदलाव
बीसीसीआई ने एशिया कप 2023 में खेलने वाली टीम इंडिया की घोषणा कर दी है. इस बार टीम में रोहित शर्मा बतौर कप्तान हैं और उपकप्तान हार्दिक पंड्या है. ये है एशिया कप 2023 की टीम टीम में शुभमन गिल,विराट कोहली,श्रेयस अय्यर,ईशान किशन,सूर्यकुमार यादव,तिलक वर्मा केएल राहुल,जसप्रीत बुमराह,रवेंद्र जडेजा,शार्दूल ठाकुर,अक्षर पटेल,कुलदीप यादव,मोहम्मद शमी,मोहम्मद सिराज ,प्रसिद्ध कृष्णा,संजू सैमसन,शामिल हैं. राहुल की फिटनेस पर उठे सवाल चयन समिति के अध्यक्ष अजीत आगरकर ने श्रेयस को पूरी तरह से फिट बता दिया है.लेकिन राहुल की फिटनेस को लेकर अभी कुछ साफ नहीं हुआ है.राहुल की जगह पर बैकअप के लिए बल्लेबाज संजू सैमसन को रखा गया है. सिर्फ सात टी-20 खेले आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए खेलने वाले बल्लेबाज तिलक वर्मा ने वेस्टइंडीज दौरे पर अपने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से खुदको साबित कर दिया.अब तिलक आयरलैंड दौरे पर अपना कमाल दिखा रहे हैं . तिलक को केवल सात t 20 खेलने के बाद ही एशिया कप का हिस्सा बना लिया गया साथ ही अगर तिलक एशिया कप में अच्छा प्रदर्शन करते है तो उन्हें वर्ल्डकप खेलने का मौका भी मिल सकता है. एशिया कप में शामिल ना होने का कारण चहल को टीम में ना रखने की बात करे तो एक टीम में दो कलाई के स्पिनर्स का रखना सही नहीं बताया गया है .साथ ही टीम में शामिल अक्षर पटेल और कुलदीप इंडिया टीम की जरूरत हैं. अक्षर पटेल गेंदबाजी के साथ साथ बल्लेबाजी भी करते है जिसमे फायदा ये होता है की मौका पड़ने पर उन्हें बैटिंग पर भी उतरा जा सकता है.कुलदीप में एक अलग तरह की काबिलियत है जिसके कारण उन्हें भी टीम में रखना जरूरी है. ये भी पढ़ें- BCCI ने किया एशिया कप की टीम का ऐलान,इनको नहीं मिली टीम में जगह https://aayudh.org/bcci-announced-the-team-for-asia-cup-they-did-not-get-place-in-the-team/