Aayudh

राजधानी भोपाल में फिर शुरू हुआ पोस्टर वॉर

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के नज़दीक आते ही राजनैतिक दलों के बीच कहीं ज़ु़वानी जंग छिड़ी हुई है,कहीं सोशल मीडिया पर बयानबाजी चल रही है तो कहीं पोस्टर वॉर जारी है.अलग अलग तरह से पार्टियाँ एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रही हैं .इसी के चलते आज भी प्रदेश की राजधानी भोपाल में “झूठी कांग्रेस के झूठे वादे” के पोस्टर्स लगाए गए. फिर शुरु हुआ राजधानी में पोस्टर वॉर चुनावी मौसम में एक बार फिर से राजधानी में पोस्टर वॉर का दौर शुरू हो गया है.कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र के जारी होने के बाद आज राजधानी में , झूठी कांग्रेस के झूठे वादे, के पोस्टर्स लगाए गए.पोस्टर में पीसीसी चीफ कमलनाथ ,पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और राहुल गांधी के फोटो लगाए गए हैं. पोस्टर में कथित तौर पर कांग्रेस पार्टी के झूठे वादों के बारे में बताया गया है.साथ ही पोस्टर में कमलनाथ को करप्शननाथ के तौर पर सम्बोधित किया है.इसमें एक ओर लिखा हुआ है कि (वादा – आन्दोलनकारी किसानों के प्रकरण वापस लेंगे) ,आगे लिखा हुआ है कि (सच्चाई – कांग्रेस द्वारा मुलताई में आंदोलनकारी किसानों की गोली मारकर हत्या). पोस्टर्स राजधानी में कई जगह देखने को मिल रहे हैं जैसे मेट्रो स्टेशन,रानी कमलापति रेलवे स्टेशन,बेतवा अपार्टमेंट ,बीएसएस कॉलेज, ऐम्स आदी.आपको बतादें कि पोस्टर्स में कमलनाथ को मध्य प्रदेश से दूर रखने की भी बात कही गई है. यह भी पढ़ें- 17 नवस्बर को एैसा क्या है, जो जयवर्धन सिंह की पत्नी की खुशी का ठिकाना नही

इन जगहों पर कांग्रेस ने की परिवारवाद की राजनीति

नवरात्रि के पहले दिन कांग्रेस पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है.पार्टी की इस पहली सूची में कुल 144 प्रत्याशियों के नाम हैं. सूची जारी होने के बाद अब कांग्रेस पार्टी पर एक बार फिर परिवारवाद करने के आरोप लगाए जा रहे हैं. परिवारवाद के चलते किसको मिला टिकट प्रदेश के गुना जिले के बमोरी विधानसभा से कांग्रेस पार्टी ने ऋषि अग्रवाल को टिकट दिया है. ऋषि बमोरी से दो बार हारे हुए विधायक कन्हैयालाल अग्रवाल के बेटे हैं साथ ही झाबुआ से कांतिलाल भूरिया की जगह उनके बेटे डॉक्टर विक्रांत भूरिया को प्रत्याशी बनाया गया है. जिसके कारण पार्टी में अब विरोध के सुर गूँज रहे हैं. इसके अलावा दिग्विजय सिंह के बेटे और छोटे भाई को भी मैदान में उतारा है. ये हैं ऋषि अग्रवाल ऋषि अग्रवाल अपने पिता की तरह ही इंजीनियरिंग के छात्र रह चुके हैं. इन्होंने पढ़ाई के बाद फिर ठेकेदारी का काम भी किया पर फिर सब छोड़कर पिता के साथ राजनीति में आ गए. हाल ही में पार्टी की जन आक्रोश यात्रा में ऋषि ने बाइक रैली निकाली थी. नेता अपने क्षेत्र बमोरी में काफी सक्रिय कहे जाते हैं. जिसका फायदा भी उन्हें मिलता दिखाई दे रहा है. यहाँ उठ रहे विरोध के सुर लेकिन सूची को देख खुद पार्टी के नेता इसे गलत बता रहे हैं और पार्टी की फूट भी साफ दिखाई दे रही है. बमोरी विधानसभा सीट को देखने पर कांग्रेस नेता मुरारीलाल धाकड़ के समर्थकों ने इसे धोखा बताया. यह भी पढ़ें- एमपी विधानसभा चुनाव में भी दिखा कांग्रेस का परिवारवाद

कांग्रेस विधायक विपिन वानखेड़े को हुई 1 साल की सज़ा…

मध्य प्रदेश के विधान सभा चुनाव सर पर है ऐसे में एमपी कांग्रेस को बड़ा झटका मिला है.आगर मालवा से कांग्रेस पार्टी के विधायक विपिन वानखेड़े को कोर्ट ने 1 साल की सजा सुनाई है साथ ही उन पर 3 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है. ये भी पढ़ें- कांग्रेस की सूची के इंतज़ार में सपा -बसपा, बुआ-बबुआ बदल सकते है रणनीति मामला कुछ सालों पुराना है जब विधायक विपिन वानखेड़े ने भोपाल के जहांगीराबाद क्षेत्र में धरना प्रदर्शन किया था.धरना प्रदर्शन के दौरान विधायक ने पुलिस पर पत्थर फेंके,पुलिस के वाहन को नुकसान पहुंचाया.ऐसे आरोपों के चलते ही कोर्ट द्वारा विधायक को सजा सुनाई गई है.इस मामले में कांग्रेस विधायक सहित कुल 6 लोगों पर ऐसे संगीन आरोप है.

जबलपुर दौरे में प्रधानमंत्री मोदी ने कहीं ये महत्वपूर्ण बातें

वीरांगना रानी दुर्गावती की 500 वी जयंती के मौके पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जबलपुर पहुंचे.यहां उन्होंने स्मारक और संग्रहालय का भी शिलान्यास किया इसी दौरान प्रधानमंत्री ने देश के अलग अलग शहरों में होने वाले 12 हज़ार 600 करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का लोकार्पण भी किया. मोदी ने भाषण में कहीं ये बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जबलपुर दौरे पर हैं जहां उन्होंने कई महत्पूर्ण बातें कहीं वह कहते हैं कि भाजपा गरीबों के लिए काम करती है ,मोदी बताते हैं कि भाजपा की डबल इंजन को सरकार ने नारी सम्मान अधिनियम के तहत नारियों को उनका हक दिलाया,और साथ ही ये भी बताया कि किस तरह से कांग्रेस पार्टी केवल एक ही परिवार के पोषण के बारे में सोचती है. जबलपुर में कांग्रेस पार्टी पर मोदी ने साधा निशाना वह कहते हैं कि भारत को केवल एक परिवार ने आजाद नही कराया और न ही केवल परिवार ने भारत का विकास किया और जब तक वह लोग सत्ता में रहे तब तक सिर्फ एक परिवार की चरण वंदना की.आज पूरी दुनिया भारत का गुणगान गा रही है पर वह राजनीतिक दल जिनका सब कुछ लुट गया उन्हे अपनी कुर्सी के अलावा कुछ दिखाई नहीं देता. बीजेपी ने ही भारत को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति दी है .साथ ही आदिवासियों को सम्मान भी दिया है पर जिस पार्टी ने इतने सालों तक सरकार चलाई उन्होंने क्यों कभी आदिवासियों के योगदान को पहचान नहीं दी. और यही लोग भारत में निर्मित कोरोना वैक्सीन पर भी सवाल उठा रहे थे. ये भी पढ़ें- मध्य प्रदेश की आखिरी कैबिनेट बैठक में मिली 100 से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी

बसपा और गोंडवाना गणतंत्र पार्टि के गठबंधन का है ये बड़ा मकसद

जल्द ही मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीख घोषित होने वाली हैं.इसी बीच चुनावी साल का पहला गठबंधन भी हो गया है.यह गठबंधन हुआ है बसपा और गोंडवाना गणतंत्र पार्टि के बीच.गठबंधन के फैसले के साथ ही दोनों पार्टि ने अपनी सीट भी सुनिश्चित करली हैं.बतादें कि एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बसपा के राज्यसभा सांसद और गोंडवाना गणतंत्र पार्टि के महासचिव ने इस बारे में घोषणा की. बसपा और गोंडवाना गणतंत्र पार्टि का गठबंधन कांफ्रेंस के दौरान बसपा के राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और जीजीपी के महासचिव बलभद्र सिंह तोमर ने बताया कि सीट शेयरिंग के बाद बसपा 178 और जीजीपी 52 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.इस गठबंधन के जरिए 22 प्रतिशत आदिवासी और 4 प्रतिशत वोटों पर सेंध लगाने की कोशिश है. आपको बता दें बसपा अब तक 16 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर चुकी है. क्या है गठबंधन का मकसद राजनैतिक पंडितों की मानें तो बसपा और जीजीपी के इस गठबंधन का मकसद है प्रदेश के दलित और आदिवासी समुदाय को साधना साथ ही वह प्रदेश की महिलाओं को साधने का भी प्रयास करना चाहते हैं. एक साझा बयान में पार्टि के नेताओं ने कहा कि “इससे राज्य में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस की तानाशाह और पूंजीवादी सरकार का भी अंत होगा और ग़रीबों को भी इंसाफ़ मिलेगा.” आपको बतादें कि साल 2018 के विधानसभा चुनाव में बसपा को दो सीट मिली थी जिनमें से एक नेता बीजेपी में शामिल हो गया था. ये भी पढ़ें- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मासूम के प्यार ने किया जनता को भावुक

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मासूम के प्यार ने किया जनता को भावुक

मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव करीब हैं ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रोज़ाना कई जिलों के दौरे रप रहे हैं.सभी जानते हैं कि सीएम अपने आप को प्रदेश के सभी बच्चों का मामा बताते हैं. जब मंत्री इंदौर के राऊ क्षेत्र में पहुँचे तो वहाँ एक 3-4 साल की बच्ची का उनके प्रति प्यार देखकर हर कोई इमोश्नल हो गया.मुख्यमंत्री ने अपना संबोधन छोड़कर उसे गोद में उठा लिया और खूब दुलार किया. मुख्यमंत्री और भाँजी का प्यार देख जनता हुई भावुक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कल इंदौर दौरे पर थे.जब वह इंदौर के राऊ क्षेत्र में पहुँचे तब उन्होंने जनता को संबोधित किया.जात करीब साढ़े ग्यारह बजे सीएम सीएम महिलाओं को संबोधित कर रहे थे अचानक से भीड़ में से आवाज़ आई मामा…मामा… तो शिवराज सिंह चौहान की नज़र एक छोटी सी बच्ची पर पढ़ी जो अपने शिवराज मामा को पुकार रही थी. शिवराज मामा ने अपनी नन्ही भाँजी की आवाज़ सुनकर अपना भाषण तुरंत रोक दिया और बच्ची को अपनी गोद में उठा लिया.मुख्य मंत्री ने 3-4 साल की बच्ची को खूब दुलार किया जिसे देखकर वहाँ मौजूद हर किसी की आँखे नम हो गई. सीएम:”हम सरकार नहीं ,परिवार चलाते हैं” मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इसलिए कहता हूँ कि हम सरकार नहीं बल्कि परिवार चलाते हैं.शिवराज सिंह चौहान और मासूम को साथ देखकर लोग भाव विभोर हो गए थे.मुख्यमंत्री अकसर बच्चों को खिलाते हुए नज़र आते हैं साथ ही वह अपने कार्यक्रम के दौरान भी अचानक ही जनता के बीच उनसे बात करने लगते हैं.उनका ये ही अंदाज़ लोकप्रिय भी है. ये भी पढ़ें- फिर नजर आई कांग्रेस पार्टी की गुटबाजी,अपनी ही कार्यकर्ता से की मारपीट

50 साल पुरानी अनोखी परंपरा , साड़ी चढ़ाने से शांत होती नदी

भारत विविधताओं का देश है यहाँ कई जाति और बोलियां बोली जाती है। सभी समाज की अलग- अलग परम्पराएं हैं और कई ऐसी परम्पराएं है जो बस चली आ रही ही। कई जगह ऐसी है जहां बड़ी अजीबोगरीब और अनोखी परंपरा देखने को मिलती है। कई मान्यताएं भी है जो कई सालों से चलती आ रही है। हम आपको बताते है 50 साल पुराणी एक ऐसी ही मान्यता। इस मान्यता के अनुसार ताप्ती नदी जब रौद्र रूप में होती है तो माँ ताप्ती की विधिवत पूजा करने से वो शांत होने लगती है। दरअसल ,जिले में ताप्ती नदी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ताप्ती नदी के किनारे बसे आधा दर्जन से अधिक घाट जलमग्न हो गए हैं। अब ऐसे रौद्र रूप को शांत करने के लिए 50 साल पुरानी मान्यता के अनुसार आज भी जिले के जनप्रतिनिधि और क्षेत्र वासियों द्वारा मां ताप्ती की विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर साड़ी चढ़ा कर पानी कम हो इसकी प्रार्थना की गई। साड़ी चढ़ाने से कम होता है पानी जिले के समाजसेवी अतुल पटेल और हीरालाल बडगुजर ने जानकारी दी कि “50 साल पुरानी यह परंपरा है। जब भी मां ताप्ती अपना रौद्र रूप धारण करती है, तो शांत करने के लिए पूजा अर्चना कर साड़ी चढ़ाई जाती है जिससे ताप्ती नदी का जलस्तर कम होता है। ” बता दें , ताप्ती नदी खतरे के निशान से 10 मीटर ऊपर बह रही है। ऐसे में कई घर जलमग्न हो गए है। यह खतरा भी साबित हो सकता है। ताप्ती नदी खतरे के निशान के नीचे आ जाए इसके लिए महाजनपेठ क्षेत्र वासियों द्वारा मां ताप्ती की पूजा अर्चना कर साड़ी चढ़ाई गई। 50 साल पहले शुरू हुई थी अनोखी परंपरा समाजसेवी माधुरी अतुल पटेल और अर्चना चिटनीस ने जानकारी देते हुए कहा कि करीब 50 साल पहले भुस्कुटे सरकार द्वारा ताप्ती नदी ने अपना रौद्र रूप दिखाया था। तो उनके द्वारा पूजा अर्चना कर साड़ी चढ़ाई गई थी जिसे ताप्ती नदी का जल कम हो गया था. तब से यह परंपरा चली आ रही है। खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदी ताप्ती नदी खतरे के निशान से 10 मीटर ऊपर बह रही है। ताप्ती नदी के आधा दर्जन घाट जलमग्न हो गए हैं जिसमें राजघाट, सतियारा घाट, खातू घाट, पीपल घाट, नागझिरी घाट, खलखली घाट जलमग्न हो गए हैं। ये भी पढ़ें- मध्य प्रदेश के ककनमठ मंदिर के पत्थर आज भी हवा में लटके हुए दिखाई देते हैं .

बारिश से मध्य प्रदेश हुआ पानी-पानी,इन जगहों पर रेड अलर्ट जारी..

मध्य प्रदेश में बारिश का कहर जारी है. हर तरफ बुरा हाल है. लोगों के घरों तक पानी आ पहुंचा है साथ ही जगह-जगह भारी तबाही देखने को मिल रही है. कई शहरों और इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है. नदियां उफान पर है वहीं कई डैम के गेट को खोल दिए है. मध्यप्रदेश में बारिश से कई स्थानों पर जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इन स्थानों पर अभी 48 घंटे और ऐसी ही स्थिति बनी रहने की संभावना है। दरअसल, पश्चिम मध्यप्रदेश से गुजर रही मानसून टर्फ लाइन और एक अन्य टर्फ लाइन के मिल जाने से अति बारिश देखने को मिल रही है। आगामी दो दिन और ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है, जिसके चलते रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार और इंदौर जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है।वहीं, खरगोन, बड़वानी, उज्जैन और मंदसौर जिले में मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट है। इसके साथ ही बुरहानपुर, खंडवा, आगर-मालवा, देवास और नीमच जिले में येलो अलर्ट किया गया है। आगे 18 सितंबर तक यह सिस्टम गुजरात की तरफ बढ़ जाएगा, जिसके बाद बारिश में राहत की उम्मीद की जा सकती है। मध्य प्रदेश में भारी बारिश से कई जिलों के हालात खराब मौसम विभाग ने सूबे में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण हालात खराब हो गए हैं। विभाग का कहना है कि सूबे में 18 सितंबर तक मौसम खराब रहेगा। इंदौर में शुक्रवार शाम से रुक-रुक कर बारिश हो रही जिसके कारण कई इलाकों में पानी भर गया है। ये भी पढ़ें- जिन कामों को करने का किसी ने सोचा भी नहीं वो पीएम मोदी ने कर दिखाए सूबे के अन्य हिस्सों में भी बीते 48 घंटों से रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। धार का खरगौन से संपर्क कट गया है। धार के रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है। छिंदवाड़ा जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। आठ जिलों में रेड अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान सूबे के इंदौर और देवास समेत 8 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इंदौर, देवास, खरगोन, धार, झाबुआ, बुरहानपुर, बडवानी और अलीराजपुर में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया। चिंता की बात यह कि अगले 48 घंटे के दौरान राहत के कोई आसार नहीं हैं। मौसम विभाग की ओर से 16 और 17 तारीख को रेड अलर्ट जारी किए गए हैं। लोगों का कहना है कि इंदौर शहर में सितंबर महीने में 61 साल में कभी ऐसी बारिश नहीं देखी गई। इंदौर में बिगड़े हालात इंदौर में शुक्रवार शाम से लगातार हो रही बारिश के कारण हालात बिगड़ गए हैं। कई इलाके जलमग्न हैं। स्थानीय पुलिस और एनडीआरएफ के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। जलमग्न इलाकों से लोगों को निकाला जा रहा है। इंदौर शहर के कबूतर खाना निचली बस्ती इलाके में नावें चल रही हैं। ये भी पढ़ें- पीएम मोदी ने 10 सालों में किस तरह मनाया अपना जन्मदिन,जानिए एनडीआरएफ के जवान नावों से लोगों को निकाल रहे है। नगर निगम, जिला और पुलिस प्रशासन अलर्ट पर हैं। नगर निगम की ओर से जलमग्न इलाकों में फंसे लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। जलमग्न इलाकों में लोगों को फूड पैकेट तैयार कर पहुंचाए जा रहे हैं। छिंदवाड़ा में हाई अलर्ट छिंदवाड़ा जिले में पिछले 72 घंटे से भारी बारिश हो रही है।बारिश से नदी नाले उफान पर है। प्रशासन ने जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों को नदी नालों के करीब जाने से मना किया जा रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि छिंदवाड़ा में भारी बारिश का सिलसिला अगले 24 घंटे तक जारी रह सकता है। सोंसर में सबसे ज्यादा आठ इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। झाबुआ जिले में स्कूल कॉलेज बंद, अलर्ट जारी समाचार एजेंसी वार्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में बीते 24 घंटों से भारी बारिश हो रही है। इसकी वजह से माही, अनार, पम्पावती पदमावती, नौगांवा सुनार आदि नदियां उफान पर हैं। नालों पर बने रपटों के ऊपर से पानी बह रहा है। भारी बारिश से रेल यातायात भी बाधित हुआ है। भारी बारिश को देखते हुए जिला कलेक्टर तन्दी हुडा ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर ने जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। धार का कटा संपर्क सूबे के कई हिस्सों में भारी बारिश ने पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। भारी बारिश के कारण मध्य प्रदेश के धार जिले का खरगोन से संपर्क कट गया है। आलम यह है कि खरगोन के ग्राम दहिवर में कारम नदी के पुल पानी में डूब गया है। नदी का पानी पुल से करीब चार फीट ऊपर से बह रहा है। रास्ता बंद हो चुका है जिससे पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। धार में भी भारी बारिश से हालात खराब हैं। रिहायशी इलाकों में डेढ़ फुट से ज्यादा पानी भर गया है।आलम यह है जिले के धारेश्वर मंदिर के गर्भगृह तक पानी भर गया है। उज्जैन में उफान पर क्षिप्रा उज्जैन जिले में भारी बारिश से क्षिप्रा नदी उफान पर है। शहर के रामघाट पर मंदिर डूब गया है। शहर की निचली बस्तियों में पानी भर गया है। उज्जैन बड़नगर मार्ग बन्द हो गया है। शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है। एनडीआरएफ के जवान नावों के जरिए लोगों को निचले इलाकों से निकाल रहे हैं। सूबे के मंत्री मोहन यादव ने भी निचले इलाकों का जायजा लिया और लोगों से घरों को खाली करने की अपील की। वहीं लोग कमर तक पानी में खड़े नजर आए। बैतूल के भीमपुर में एक दिन में 17 इंच बारिश बैतूल जिले में दो दिन लगातार बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। बारिश ने जिले में बीते कई साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। जिले के भीमपुर में एक दिन में 445 मिमी (17.8 इंच) बारिश दर्ज की गई है। वहीं जिला मुख्यालय बैतूल में बीते 24 घंटे में 197.2 मिमी (8 इंच)

यह है वह 7 मौके जब प्रधान मंत्री मोदी हुए भावुक

17 सितंबर 1950 को उत्तरी गुजरात के मेहसाणा जिले के छोटे-से शहर वडनगर में पैदा हुए प्रधान मंत्री मोदी आज 72 साल के हो गये हैं. जन्मदिन के शुभ अवसर पर उन्हें भारत देश से ही नहीं बल्कि विदेश से भी शुभकामनाएं मिल रही हैं. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं से लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं तक बड़े ही जोर शोर से पीएम मोदी के जन्मदिन का जश्न मना रहे है. बीजेपी पार्टी पीएम मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक ‘सेवा पखवाड़ा’ मना रही हाल ही में एक सर्वे के मुताबित यह पता चला है कि पॉपुलेरिटी में मैक्सिको के राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज और इटली के पीएम मारियो ड्रैगी भी पीएम मोदी से पीछे हैं. नरेंद्र मोदी एकमात्र ऐसे नेता हैं, जो अपने जन्मदिन के मौके पर भी काम करना पसंद करते हैं. नरेंद्र मेदी प्रधानमंत्री होने के साथ ही बेहद भावुक एवं दयालु इंसान है, जिसे देश ने कई मौकों पर देखा भी है. ऐसे कई मौके आए जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावनाओं ज्वार को संभाल नहीं पाए और उनकी आंखे नम हो गई. यह पहला मौका जब प्रधान मंत्री मोदी भावुक हुए साल 2014 की बात है. जब मोदी जी ने बीजेपी को लोकसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत दिलाया था. फिर 20 मई 2014 को नरेंद्र मोदी बीजेपी संसदीय दल के नेता चुने गये. यह वो पहला मौका था. जब देश ने पीएम नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक तौर पर भावुक होते हुए. मोदी जी ने बोलते-बोलते सिर झुका लिया और उनकी आंखें भर आई. फिर पानी पिया और अपनी बात आगे जारी रखी. उस वक्त उनका गला भरा हुआ था. दूसरा मौका जब ‘मां’ को लेके अमेरिका में भावुक हुए पीएम मोदी यह 2015 का साल था जब अमेरिका में फेसबुक टाउन हॉल में बैठक चल रही थी. इस दौरान अपनी माता को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावुक हो गये और वहा बैठे सभी लोगों ने उनका यह रूप देखा. यह बात 28 सितंबर 2015 की है. मोदी जी बताने लगे की उनकी माता जी कि उम्र 90साल है. आज भी अपने सारे काम खुद करती हैं. जब हम छोटे थे वो हमारा गुजारा करने के लिए अड़ोस-परोस के घरों में बर्तन साफ करना, पानी भरना और मजदूरी करना आप कल्पना कर सकते हैं कि एक मां ने अपने बच्चों को बड़ा करने के लिए कितना कष्ट उठाया.’ इस दौरान उनका गला भार आया था. तीसरा मौका जब गोवा में भावुक हुए प्रधान मंत्री मोदी. साल 2016 में गोवा में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी कि आंख भर आइ. मोदी जी बोले- मैं जानता हूं कैसे-कैसे लोग मेरे खिलाफ हो जाएंगे. मुझे जिंदा नहीं छोड़ेंगे. मुझे बर्बाद करके रहेंगे उनको जो करना है करें में अपना कर्तव्य करता रहुंगा. ये भी पढ़ें- जिन कामों को करने का किसी ने सोचा भी नहीं वो पीएम मोदी ने कर दिखाए यह चौथा मौका जब दिल्ली में पुलिसवालों की शहादत पर भावुक हुए 21 अक्टूबर 2018 को दिल्ली में 35 हजार पुलिसकर्मियों की शहादत को याद करते हुए पीएम मोदी भावुक हो गये. इस दौरान पीएम मोदी कि जुबान लड़खड़ा उठी और गला रुंध आया. पांचवां मौका जब एक महिला ने भगवान से की पीएम मोदी की तुलना हाल ही कि बात है जब एक महिला ने पीएम मोदी की तुलना भगवान से की तो वो भावुक हो गये. महिला ने कहा- मोदी जी मैंने आज तक भगवान को तो नहीं देखा लेकिन आपको ईश्वर के रूप में देखा है. और यह कहते ही वह महिला भी रो उठीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भावुकता से सिर नीचे कर लिया. छठवा मौका 2021 में कोरोना वायरस वैक्सीनेशन के दौरान भावुक हुए पीएम मोदी पीएम मोदी इस दौरान कोरोना महामारी से हुई मौतों और नुकसान की बात कर रहे थे. तब वह भावुक हो उठे. यह 16 जनवरी 2021 बात है. यह सातवा मौका गुजरात में दिव्यांग से बात चित के दौरान भावुक हुए मोदी इसी साल हाल ही में एक दिव्यांग बेटी की बात सुनकर भावुक हो गए. उनकी आंखें नम हो गईं. यह बात है जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुजरात के भरूच में उत्कर्ष समारोह में हिस्सा ले रहे थे. सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों में से एक अयूब पटेल से पीएम मोदी बात कर रहे थे. तभी अयूब पटेल की ने भी बात किया मोदी जी से पीएम मोदी ने लड़की से पूछा कि बेटी आपका क्या सपना है? लड़की ने कहा कि मैं डॉक्टर बनना चाहती हु. इतना कहते ही वो रोने लग गई. लड़की को रोता देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भावुक हो उठे. ये भी पढ़ें- पीएम मोदी ने 10 सालों में किस तरह मनाया अपना जन्मदिन,जानिए

जिन कामों को करने का किसी ने सोचा भी नहीं वो पीएम मोदी ने कर दिखाए

नरेंद्र मोदी। …. एक ऐसा नाम…. .जो आज हर किसी की ज़बान पर है और अपने कार्यों से हमेशा चर्चा में बना रहता है। ख़ास बात तो ये है की सर्फ समर्थक ही नहीं विरोधी भी मोदी नाम की माला जपते है। नरेंद्र मोदी को 2024 में प्रधानमंत्री बने 10 साल पुरे हो जाएंगे। इन 10 सालों में मोदी ने कई ऐसे महत्पूर्ण और ऐतिहासिक फैसले लिए जिनसे भारत को एक नई दिशा मिली । सबका साथ का नारा देने वाले पीएम दिखा चुके है की वह किसी भी परिस्तिथि में कड़े से कड़ा फैसला ले सकते है। आइये आपको।।।। प्रधानमंत्री के कुछ ऐसे फैसलों की बात करते है जिन्होंने भारत की दिशा और दशा बदल दी . सर्जिकल स्ट्राइक 2016 18 सितंबर 2016 को जम्मू-कश्मीर के उरी कैंप में सुबह 5.30 बजे जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकवादियों ने भारतीय सेना के ब्रिगेड हेडक्वॉटर्स पर हमला कर दिया था. इस हमले में भारत के 18 जवान शहीद हुए थे. इस हमले के ठीक 10 दिन बाद पाकिस्‍तान से बदला लिया गया था. इसके लिए एक सीक्रेट ऑपरेशन चलाया गया जिसे सर्जिकल स्‍ट्राइक का नाम दिया गया. 28-29 सितंबर 2016 की रात पहली बार देश ने सर्जिकल स्ट्राइक की. भारत के पैरा कमांडो का एक दल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में दाखिल हुआ. करीब 3 किलोमीटर अंदर घुसने के बाद पीओके में मौजूद तमाम आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया. इस पूरे हमले में करीब 50 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। बालाकोट एयर स्ट्राइक 14 फरवरी 2019 को जम्मू और कश्मीर के पुलवामा में पाकिस्तान समर्थित जैश-ए-मोहम्मद के हमलावरों द्वारा सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया गया था. उस समय CRPF के 78 वाहनों का काफिला जम्‍मू से श्रीनगर का सफर तय कर रहा था. इस काफिले में करीब 2500 जवान थे. उस समय एक आतंकी ने CPRF के काफिले में विस्फोटक लेकर जा रहे एक वाहन को टक्कर मार दी थी. इस विस्फोट में 40 जवान शहीद हो गए थे. दो सप्ताह बाद 26 फरवरी 2019 को भारत ने बालाकोट एयरस्ट्राइक करके जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को ढेर कर दिया था. आर्टिकल 370 आर्टिकल 370 के फैसले को सरकार की बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है. 5 अगस्त 2019 को संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर खंडों को समाप्त कर दिया था जो जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करते थे. इसी के साथ जम्मू-कश्मीर में देश के वो सभी कानून लागू हो गए, जिन्हें 70 साल तक लागू नहीं किया जा सका. वहां के लोगों को केंद्र सरकार की योजनाओं का फायदा मिलने लगा. साथ ही जम्मू-कश्मीर का अलग झंडा हटाकर अब वहां के सरकारी दफ्तरों में तिरंगा लहराने लगा. CAA-NRC नागरिकता संशोधन कानून यानी CAAअल्पसंख्यकों के लिए भारतीय नागरिकता देने का रास्ता खोलता है, जो भारत के तीन पड़ोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से उत्पीड़न या किसी और कारण से अपना देश छोड़कर यहां आए हों. वहीं NRC नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर है, जो भारत से अवैध घुसपैठियों को निकालने के उद्देश्य से लाया गया. NRC के तहत, एक शरणार्थी भारत का नागरिक होने के योग्य है अगर वाे ये साबित कर दे कि वो या उनके पूर्वज 24 मार्च 1971 को या उससे पहले भारत में थे. तीन तलाक मोदी सरकार ने 30 जुलाई 2019 में तीन तलाक विधेयक पारित किया था, जिसके बाद मुस्लिम समाज में तीन तलाक देना अपराध की श्रेणी में आ गया है.इस विधेयक को मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019 के नाम से जाना जाता है. भारत के मुस्लिम समाज में प्रचलित तीन तलाक की प्रथा पति को एक बार में एक साथ तीन बार तलाक बोलकर पत्नी से निकाह खत्‍म करने का अधिकार देती है।2016 में तीन तलाक पीड़‍ित पाँच महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुनवाई के लिये 5 सदस्यीय विशेष बेंच का गठन किया गया। सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने लैंगिक समानता और धर्मनिरपेक्षता के आधार पर तीन तलाक का विरोध किया। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्‍त 2017 में फैसला सुनाते हुए तीन तलाक को असंवैधानिक और कुरान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ बताया। शीर्ष अदालत ने इसे भारतीय संविधान के अनुच्‍छेद 14 और 21 का उल्‍लंघन बताया, जो सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है। इस अध्यादेश में तीन तलाक को अपराध घोषित करते हुए पति को तीन साल तक की जेल और जुर्माना लगाने का प्रावधान है। जीएसटी 30 जून और 1 जुलाई की रात को संसद के सेंट्रल हाल में आयोजित समारोह में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने GST लॉन्‍च किया था और 1 जुलाई 2017 से इसे देशभर में लागू कर दिया गया. जीएसटी लागू करने का मकसद देश में ‘एक देश-एक मार्केट-एक टैक्‍स’ विचार को मूर्तरूप देना था. जीएसटी लागू होने से… ये भी पढ़ें- पीएम मोदी ने 10 सालों में किस तरह मनाया अपना जन्मदिन,जानिए