MP Board Result: कब आएगा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट

MP Board Result: एमपी बोर्ड परीक्षा 10वीं और 12वीं के रिजल्ट की छात्र बेसब्री से राह देख रहे हैं। माना जा रहा था कि सोमवार 15 अप्रैल को रिजल्ट जारी होगा अब इस तारीख को भी आगे बड़ा दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस हफ्ते के अंत तक 10वीं और 12वीं के परिक्षा परिणाम सामने आ जाएंगे। कब आएगा MP Board Exam Result एमपी बोर्ड (MP Board Result) के दसवी और बारहवी की परिक्षाएं 5 फरवरी से 28 फरवरी और 6 फरवरी से 5 मार्च तक हुई। परीक्षा होने के बाद से ही छात्रों को उसके परिणाम की चिंता सताने लगती है कुछ ऐसा ही हाल इन दिनों एमपी बोर्ड के छात्रों का भी है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि बोर्ड परीक्षा का परिणाम 20 अप्रैल तक आ जाएगा लेकिन बोर्ड द्वारा इसे लेकर कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दी गई है। बतादें कि रिजल्ट जारी करने के एक दिन पहले ही एमपी बोर्ड नोटिफिकेशन जारी करता है। एमपी बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट mpresults.nic.in पर जाकर छात्र नोटिफिकेशन चैक कर सकते हैं साथ ही जब तक कोई तारीख घोषित नहीं की जाती है तब तक खुद से इस वेबसाइट पर जाकर रिजल्ट की अपडेट छात्रों को लेते रहना चाहिए। यह भी पढ़ें- जाने हर रोज गर्मी में गर्म पानी पीने के कई फायदे
राजनीति ने घर में कराया क्लेष, पत्नी से परेशान कंकर मुंजारे झोपड़ी में रहेंगे

लोकसभा चुनाव में राजनैतिक दलों के बीच घमासान तो मचा ही हुआ है इसी बीच एक शादीशुदा जोड़े के बीच भी राजनीति ने दूरियां बना दी हैं,जो शायद इस बात का एक अच्छा उदाहरण है कि राजनीति या सत्ता मजबूत से मजबूत रिश्तों में भी दरार पैदा कर देती है। दरअसल हम जिस शादिशुदा जोड़े की बात कर रहे हैं वो है मध्य प्रदेश के बालाघाट से जहां एक ही घर में रहने वाले पति कंकर मुंजारे और पत्नी अनुभा मुंजारे अलग अलग राजनैतिक दलों से ताल्लुक रखते हैं। जिस कारण जोड़े के आपसी रिश्तों में मनमुटाव आ गया है जिसके बाद पति नेता घर छोड़कर इस लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण की वोटिंग तक झोपड़ी में रहने का मन बना लिया है। पत्नी कांग्रेस विधायक, पति सपा से लोकसभा प्रत्याशी दरअसल बालागाट के कंकर मुंजारे पूर्व सांसद और बसपा के लोकसभा प्रत्याशी है वहीं उनकी पत्नी अनुभा मुंजारे बालाघाट से कांग्रेस पार्टी की विधायक हैं पत्नी अनुभा को राजनीति में लाने का श्रेय इनके पति को जाता है वह कुल सात बार लोकसभा चुनाव लड़ी लेकिन हर बार हार का सामना करना पड़ा। पहले निदर्लीय , फिर बसपा के साथ मिलकर उन्होंने चुनाव लड़ा लेकिन जीत हासिल नहीं हुई। जिसके बाद उनके पास कमलनाथ का ऑफर आया जिसे उन्होंने स्वाकार किया और जीत भी हासिल की। लेकिन पत्नी के कांग्रेस ज्वाईन करने के फैसले से पति कंकर मुंजारे नाराज़ थे वह कांग्रेस की विचारधारा से सहमत नहीं थे लेकिन पत्नी की जीत के बाद वह उनकी खुशी में जटरूर शामिल हुए। कंकर मुंजारे घर छोड़ रहेंगे झोपड़ी में अब लोकसभा चुनाव आने के साथ ही एक बार फिर पति और पत्नी मने सामने हैं। बता दें कि पूर्व सांसद कई दिनों से पत्नी द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में किए जा रहे चुनावी प्रचार से नाराज थे. इसके चलते उन्होंने कहा था कि लोकसभा चुनाव में वे भी प्रत्याशी हैं. ऐसे में एक ही घर में दो अलग-अलग पार्टियों के चुनावी कार्यक्रम तय नहीं हो सकते.जिसके बाद नेता ने पत्नीअनुभा मुंजारे को घर छोड़ने के लिए कहा था. लेकिन इसपर अनुभा मुंजारे ने यह कहकर घर छोड़ने से इंकार कर दिया था कि ‘ बेटी मायके से विदा होती है, लेकिन उसकी अर्थी ससुराल से ही निकलती है’. जिसके बाद कंकर मुंजारे ने खुद अपना घर छोड़ दिया.ने 5 अप्रैल की रात अपना घर छोड़ दिया। वे लोकसभा चुनाव तक से अलग एक झोपड़ी में रहेंगे। पहले उन्होंने अनुभा से घर छोड़कर जाने को कहा था। अनुभा ने ये कहते हुए घर छोड़ने से मना कर दिया कि उनका 7 जन्मों का साथ है। कंकर मुंजारे ने जवाब में कहा- एक ही जन्म में उनके साथ मुश्किल हो रहा है, तो 7 जन्मों में क्या होगा। यह भी पढ़ें- खजराहो से सपा प्रत्याशी का नामांकन रद्द, बीजेपी का रास्ता साफ
खजराहो से सपा प्रत्याशी का नामांकन रद्द, बीजेपी का रास्ता साफ

इन दिनों लोकसभा चुनाव 2024 के लिए सभी प्रत्याशी अपना नामांकन भर रहे हैं। इसी बीच मध्य प्रदेश की खजराहो लोकसभा सीट से सपा प्रत्याशी मीरा दीपनारायण यादव भी नामांकन फॉर्म भरने गई लेकिन उनका नामांकन रिजेक्ट हो गया है। जी हैं सपा प्रत्याशी का नामांकन रद्द हो गया है जिसके बाद अब खजराहो से बीजेपी का रास्ता लगभग क्लिअर हो गया है। सपा प्रत्याशी का नामांकन नहीं हुआ तो बीजेपी को बड़ा फायदा होगा। खजराहो से सपा प्रत्याशी का नामांकन रिजेक्ट मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में लोकसभा चुनाव 2024 के लिए प्रत्याशी अपना अपना नामांकन दाखिल कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में दूसरे चरण का नामांकन चल रहा है जिसके अंदर 7 सीट आएगी इनमें से एक है खजराहो लोकसभा सीट। यहां से सपा ने पहले मनोज यादव को अपना प्रत्याशी बनाया था। इसके दो दिन बाद ही मनोज यादव का टिकट काटकर मीरा यादव को उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने दूसरे चरण के नामांकन के आखिरी दिन यानी 4 अप्रैल को नामांकन दाखिल किया लेकिन नामांकन फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं करने और पुरानी नामावली लगाने के चलते पन्ना जिला निर्वाचन अधिकारी ने उनका नामांकन रिजेक्ट कर दिया है। बीजेपी का रास्ता क्लिअर नामांकन रद्द होने के खिलाफ सपा प्रत्याशी मीरा यादव हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रही हैं। उनके पति दीपनारायण यादव ने कहा कि हम इस मामले को लेकर आज ही हाईकोर्ट की शरण में जा रहे हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि यदि मीरा यादव को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलती है तो,आपको बतादें कि खजराहो सीट कांग्रेस ने गठबंधन के तहत सपा के लिए छोड़ी थी।यानी की इस सीट से कांग्रेस ने तो कोई उम्मीदवार उतारा ही नहीं है और अगर ऐसे में सपा उम्मीदवार का भी नामांकन नहीं होता है तो बीजेपी के लिए बाकी प्रत्याशियों को हराना बड़ी बात नहीं होगी। एक तरह से मीरा यादव के नामांकन रिजेक्ट होने का फायदा सीधे सीदे भाजपा को होगा। खजुराहो सीट से बीजेपी ने मौजूदा सांसद और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को प्रत्याशी बनाया है जिन्हें मीरा यादव के नामांकन ना भरने का फायदा मिल सकता है। यह भी पढ़ें- कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र की कुछ खास बातें,जानिए आसान भाषा में
कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र की कुछ खास बातें,जानिए आसान भाषा में

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए तैयारियां तेज़ हो गई है। प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी बीच अब कांग्रेस पार्टी ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। कांग्रेस के घोषणा पत्र की खास बातें- 1.एक राष्ट्र एक चुनाव का विरोध लेकिन लोकसभा और विधानसभा चुनाव निर्धारित समय पर ही करवाएंगे। 2.मतदान EVM के द्वारा ही होंगे, लेकिन VVPAT पर्ची से दोनों का मिलान किया जाएगा। 3.10वीं अनुसूची का संसोधन करना । इसके तहत दलबदल करने पर विधानसभा या संसद की सदस्यता स्वत: समाप्त हो जाएगी। 4.पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां सख्ती से कानून के अनुसार काम करेंगी। हर मामले को संसद या राज्य विधानमंडलों की निगरानी में लाया जाएगा। 5.उच्च पदों जैसे, न्यायाधीशों, सरकार के सचिवों, उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारियों, कानून अधिकारियों और बोर्ड के निदेशकों पर महिलाओं की नियुक्ति अधिक हो। 6.कांग्रेस मानहानि के जुर्म को अपराधमुक्त करने और कानून द्वारा, नागरिक क्षति के माध्यम से त्वरित उपाय प्रदान करने का वादा करती हैं। 7.जाति जनगणना होगी, MSP पर कानून बनेगा। घोषणापत्र में मनरेगा मजदूरी 400 रुपए, जांच एजेंसियों का दुरुपयोग रोकने और PMLA कानून में बदलाव का ऐलान किया गया है। योजनाएं- यह भी पढ़ें- संबोधन के दौरान नाथ परिवार की बहु प्रियानाथ का झलका दर्द
बड़ी फिल्मों के ऑडिशन में रिजेक्ट हो चुके हैं ये बॉलीवुड स्टार्स

बॉलीवुड में ऐसे कई सितारे हैं जिन्हें कई बड़ी फिल्मों के ऑडिशन में रिजेक्ट कर दिया गया था। फिल्मी जगत के सितारे ऐसे ही सिनेमा घरों में नहीं चमकते उनकी सफलता के पीछे बॉलीवुड की कढ़ी काट- छाट रहती है। इस प्रक्रिया में कई बड़े सितारों को रिजेक्शन का सामना भी करना पड़ा है। इन बॉलीवुड स्टार्स को करना पड़ा है रिजेक्शन का सामना नंबर एक-एक्टर वरुण धवन फिल्म ‘धोबी घाट’ के ऑडिशन में रिजेक्ट हो गए थे जिसके बाद उनकी जगह यह फिल्म प्रतीक बब्बर को ऑफर हुई थी. नंबर दो- माधुरी दीक्षित ने दूरदर्शन के एक टीवी सीरियल ‘बॉम्बे मेरी है’ के पहले एपिसोड में काम किया था लेकिन ये एपिसोड कभी टीवी पर टेलीकास्ट नहीं हुआ.बताया जाता है कि शो के मेकर्स को माधुरी की एक्टिंग स्किल्स कुछ खास पसंद नहीं आई थी. नंबर तीन- रणवीर सिंह एक्टर रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर स्टारर फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ के लिए ऑडिशन दिया था लेकिन उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया था. नंबर चार- अक्षय कुमार – बॉलीवुड की दुनिया के खिलाड़ी कहे जाने वाले अक्षय ने फिल्म ‘जो जीता वही सिकंदर’के लिए ऑडिशन दिया था लेकिन बात कुछ जम नहीं पाई . नंबर पांच- विक्की कौशल – एक्टर ने भी मशहूर फिल्म भाग मिल्खा भाग के लिए ऑडिशन दिया था पर उनके हाथ निराशा लगी. यह भी पढ़ें- फिल्म क्रू ने बॉलीवुड में किया धमाका, कमाई मे इन बड़ी फिल्मों को छोड़ा पिछे
संबोधन के दौरान नाथ परिवार की बहु प्रियानाथ का झलका दर्द
हमें तो अपनों ने लूटा गैरों में कहा दम था.. ये लाईन तो आपने सुनी ही होगी बस कुछ इसी तरह का हाल है अभी मध्य प्रदेश की सियासत का। प्रदेश कांग्रेस के खाते में मौजूद एकलौती सीट छिंदवाड़ा से नकुलनाथ लोकसभा की उम्मीदवारी कर रहे हैं पति के चुनाव प्रचार में प्रियानाथ भी पीछे नहीं हैं। ऐसे ही एक प्रचार के दौरान प्रिया, नाथ परिवार का और कांग्रेस का दुख बयां करती भावुक सी दिखाई दी लेकिन वो क्यों भावुक हुई और नाथ परिवार का दुख क्या है जानिए इस खास रिपोर्ट। गढ़ बचाने में जुटा नाथ परिवार लोकसभा चुनाव सर पर हैं ऐसे में मध्य प्रदेश की सियासत गर्माई हुई है। प्रदेश के विधानसभा चुनाव में 29 में से 28 सीट भाजपा के खेमे में थी लेकिन पार्टी कमलनाथ के गढ़ क्षेत्र छिंदवाड़ा को भेदने में हर बार नाकाम रहती है और इस विधानसभा चुनाव में भी ये एकलौती सीट कांग्रेस के हाथ आई। अब लोकसभा चुनाव करीब है ऐसे में जहां भाजपा अपना पूरा बल छिंदवाड़ा भेदने में लगा रही है वहीं नाथ परिवार हर हाल में अपना क्षेत्र बचाने का प्रयास कर रहा है। प्रियानाथ का झलका दर्द इस प्रचार में नाथ परिवार की बहु भी बड़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। इसी दौरान प्रियानाथ छिंदवाड़ा की चौरई सीट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहती हैं कि मैं पिता कमलनाथ को देखती हूं तो बहुत दुख होता है जिन्हें हमने अपना समझा, अपने परिवार की तरह प्यार दिया और उन्हें आशीर्वाद दिया पर अग्नी परीक्षा की घड़ी आने पर उन्होंने धोखा दिया। वह आगे कहती हैं कि इस बात का दुख ज़रूर होता है क्योंकि हमने उन्हें दिलसे माना था, लेकिन हम अब एक नई क्रांति के साथ आगे बढ़ेंगे। हम 44 साल से साथ थे साथ है और वो शक्ति पैदा नहीं हुई जो हमें 44 दिनों में अलग कर सकें। ये शब्द कांग्रेस कार्यालय के अद्धाटन के दौरान प्रियानाथ से कहे। प्रियानाथ का इशारा था साफ प्रियानाथ की बातों में उनका दुछ साफ झलक रहा है। और ये दुख जिस तरह कांग्रेस के कार्यकर्ता भाजपा का दामन थाम रहे हैं उसकी ओर सीधा इसारा करता है जिसमें विशेषकर छिंदवाड़ा से कमलनाथ के बेहद करूबी लोग शामिल हैं। हाल ही का मामला है जब सोमवार को ही छिंदवाडा़ महापौर विक्रम अहाके ने भाजपा ज्वाईन कर ली है । यह भी पढ़ें- छिंदवाड़ा से नकुलनाथ पर भारी पढ़ेगी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी
जेल में केजरीवाल को मिलेंगी ये सुविधाएं, फॉलो करेंगे जेल का रूटीन

अरविंद केजरीवाल को कथित शराब नीति घोटाले के मामले में आज भी राहत नहीं मिली। 21 मार्च से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेल में बंद हैं नेता से जुड़े दो मामलों में आज राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। सोमवार को हुई इस सुनवाई में कोर्ट ने नेता को 15 अप्रैल तक के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया है। जेल में नेता को क्या सुविधाएं दी जा रही हैं और नेता को जेल में किस रूटीन को फॉलो करना होगा जानिए इस लेख में। जेल में केजरीवाल का ऐसा है रूटीन दिल्ली के मुख्यमंत्री इन दिनों जेल में रातें काट रहे हैं जेल में रहते हुए उन्हें जेल के रूटीन को फॉलो करना पड़ रहा है। उन्हें सुबह 6 30 बजे उठना पड़ता है जिसके बाद नाश्ते में उन्हें ब्रेड और चाय दी जाती है। 10 30 से 11 00 के बजे खाना आता है। खाने में उन्हें एक दाल, एक सब्जी और रोटी या चावल दिया जाता है। खाने के बाद 3 बजे तक उन्हें अपनी सेल में ही रहना होगा। शाम को चार बजे वह अपने वकील से मिल सकते हैं। रात का खाना 5 30 बजे दे दिया जाता है जिसमें लंच जैसा ही खाना होता है। रात को 7 बजे से पहले उन्हें अपनी सेल में जाना है। जेल में मिल रही ये फेसिलिटी आप नेता को तिहाड़ में जेल में कुछ फैसिलिटी भी दी जाएंगी। नेता जेल में टीवी देख सकेंगे जिसमें खेल, न्यूज, एंटरटेनमेंट सहित 20 चैनल रहेंगे। डायबिटिक होने के कारण उन्हें कुछ घंटों में हल्का फुल्का कुछ खाने को दिया जाएगा साथ ही 24 घंटे एक डॉक्टर उपलब्ध रहेगा जो डेली डायबिटीस चैक करेगा। वह हफ्ते में दो दिन अपने परिवार वालों से मिल सकेंगे जिनके नाम जेल की सुरक्षा के अनुसार तय किए जाएंगे। यह भी पढ़ें- तीन दशक से लोकसभा चुनाव में एमपी कांग्रेस का बुरा हाल
इस योगासन से गायब हो जाएगा आपका मानसिक तनाव

आज के दौर में लोगों को छोटी छोटी बातों की भी चिंता हो जाती है, डिप्रेशन में जाने वाले लोगों की संख्या लगतार बढ़ रही है ऐसे में मनुष्य को चाहिए कि वो चिंताओं से उभरने के लिए योग का उपयोग करें। आज के समय में योगासन ही एकमात्र साधन है जिसके द्वारा व्यक्ति अपने मानसिक तनाव को दूर कर सकता है। इस योगासन के करने से कम होता है मानसिक तनाव भुजंगासन– भुजंगासन के करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। इस आसन के करने से मनुष्य के पेट, मासपेशियों ,कंधे और सीने से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं। इस आसन के प्रभाव से ही मनुष्य तनाव को कम कर सकता है। इस आसन को यदि सही ढंग से किया जाए तो अद्भुत चमत्कार देखने को मिलेगा। भुजंगासन के करने से तनाव कम होगा और शरीर की बाकी समस्याएं जूर होंगी तो आप अपने अन्य कामों में भी मन लगा सकेंगे। शवासन– शवासन करने से आपके शरी्र को कई लाभ होते हैं। शवासन करने से शरीर रिलेक्स हो जाता है और मन शांत हो जाता है। यह आसन उन लोगों के लिए रामबाण है जिन्हें एनजाईटी और बीपी की दिक्कत रहती है। इस आसन के करने से दिमाग को शांती मिलती है और ऊर्जा में बढ़ौतरी होती है। कपालभाती– कपालभाती आसन को करना आमतौर पर सभी लोग जानते हैं। इस आसन के करने से आपको शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और श्वास की प्रक्रिया से आपको ब्लड में पर्याप्त ओक्सीजन पहुँच जाती है जिससे ऐसे मरीज़ जिन्हें सांस की दिक्कत है उन्हें तेज़ी से फायदा होता है। इस आसन से मानसिक शांती भी प्राप्त होती है। यह भी पढ़ें- भारत के ऐसे मंदिर जहां मिलता है सबसे अनोखा प्रसाद
ममता और कंगना पर टिप्पणी करने वालों से चुनाव आयोग ने मांगा जवाब

चुनाव आयोग ने आचार संहिता लगने के पहले ही नेताओं को मर्यादित भाषा ता प्रयोग करने और विवादित बयानों ना देने की नसीयत दी थी लेकिन हर बार की तरह इस बार भी नेता उसका उलंघन करते पाए गए। दरअसल हाल ही में टीएमसी नेता ममता बैनर्जी और भाजपा नेता और अभिनेत्री कंगना रनौत के उपर विवादित टिप्पणी करने के मामले में चुनाव आयोग ने कुछ नेताओं को नोटिस भेजा है। आयोग ने नेताओं से इस तरह के बयान देने का कारण मांगा हैं। बुधवार को आयोग ने कहा कि मामले से सम्बंधित नेताओं ने अशोभनीय टिप्पणियां की हैं। ममता और कंगना पर की थी ये टिप्पणी ममता बैनर्जी पर भाजपा नेता देवेंद्र घोष ने टिप्पणी की थी उन्होंने महिला नेत्री के परिवार को लेकर बात कही थी। वह कहते हैं कि ममता गोवा जाकर अपने आप को वहां की बेटी कहती हैं और त्रिपुरा में वहां की बेटी बताती हैं वह एक बार तय कर लें कि उनके पिता कौन हैं ऐसी किसी की भी बेटी बनना ठीक नहीं है। कांग्रेस नेता ने की कंगना पर भद्दी टिप्पणी हिमाचल से लोकसभा के लिए जब कंगना रनौत का नाम सामने आया कांग्रेस पार्टी की एक महिला नेता सुप्रिया श्रीनेत भड़क उठी और उन्होंने सोशल मीडिया पर कंगना को लेकर ऐसी बात कहदी जिसे सुन कर हर कोई हैरान हो गया। कंग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने कंगना की तस्वीर सोशल मीडिया पर शोयर करते हुए लिखा कि क्या भाव चल रहा है मंडी में कोई मुझे बताएगा। आचार संहिता लगने के बाद भी नेताओं के इस तरह के बयान थम नहीं रहे हैं। चुनाव आयोग द्वारा पहले ही ऐसी घटनाओं पर एक्शन लेने की बात कह दी गई थी जिस के बाद अब आयोग से सम्बंधित नेताओं से जवाब मांगा है। यह भी पढ़ें- कंगना का एक पुराना ट्वीट हुआ वायरल, मचा दिया कोहराम
कंगना का एक पुराना ट्वीट हुआ वायरल, मचा दिया कोहराम

बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री कंगना रनौत अब राजनीति में अपनी छाप छोड़ने के लिए आ गई है। अभिनेत्री भाजपा की ओर से हिमाचल प्रदेश के मंडी से चुनावी मैदान में उतरने वाली हैं। एक्ट्रेस का एक पुराना पोस्ट इस समय सोशल मीडिया पर काफी तैरता दिखाई दे रहा है। इस पोस्ट में कंगना हिमाचल के जगह किसी कॉम्प्लेक्स राज्य से चुनाव लड़ने की बात कह रही हैं। कंगना हिमाचल से नहीं लड़ना चाहती थी कंगना की हिमाचल के मंडी से चुनावी मैदान में उतरने की बात सामने आते ही उनका एक पुराना पोस्ट सोशल मीडिया पर धमाका कर दिया। दरअसल एक बार एक सोशल मीडिया यूज़र ने कंगना के हिमाचल प्रदेश की मंडी से लोकसभा चुनाव लड़ने का दावा किया था लेकिन उस वक्त कंगना ने उस यूजर का जवाब देते हुए कहा था कि हिमाचल प्रदेश की जनसंख्या मुश्किल से 60 या 70 लाख है, राज्य में ना तो गरीबी है और ना ही अपराध। वह आगे कहती हैं कि अगर वह चुनाव लड़ती हैं तो उन्हें कोई कॉम्प्लेक्स राज्य चाहिए जहां वह उन पर काम कर सकती हैं और इस क्षेत्र की भी क्वीनबन सकती हैं। पहले भी दे चुकी हैं हिंट कंगना हमेशा से ही देश की राजनीति पर अपने विचार रखती नज़र आती हैं। अभिनेत्री कई बार चुनाव लड़ने को लेकर हिंट भी कर चुकी हैं जिसके बाद अब उन्हें ये मौका मिल गया है। कंगना ने रविवार को एक्स पर पोस्ट में लिखा था कि वह हमेशा भाजपा को बिना किसी शर्त के सपोर्ट करेंगी। आगे वह लिखती हैं कि वह एक योग्य कार्यकर्ता और विश्वासपात्र सेवक बनने की कोशिश करेंगी।’ यह भी पढ़ें- हिमाचल प्रदेश में BJP ने दिया कांग्रेस के सभी बागियों को टिकट