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मुख्य मंत्री फेस का हो गया खुलासा, ये बनेंगे प्रदेश के मुखिया

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद से ही हर किसी के मन में लगातार एक ही सवाल उठ रहा है कि कौन बनेगा मध्य प्रदेश का अगला मुखिया। वहीं मौजूदा मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लेकर लम्बे समय से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार शिवराज मुख्य मंत्री पद के हकदार नहीं होंगे। फूलों से सज गया बीजेपी कार्यालय बड़ी खबर ये है कि आज प्रदेश की राजधानी भोपाल में पर्यवेक्षकों की बैठक होने वाली है। इस खास बैठक की लगभग सारी तैयारियाँ हो गई हैं।बतादें कि यह परिवेक्षक ही तय करने वाले हैं कि प्रदेश का मुखिया कौन होगा।बीजेपी प्रदेश कार्यालय को फूलों से सजा दिया गया है और परिवेक्षकों को स्वागत के भी सारे इंतज़ाम हो गए हैं। मुख्य मंत्री शिवराज नहीं तो कौन है कार्यालय के अंदर बनाए गए एक मंच पर एक पोस्टर मौजूद है जिसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा की तस्वीरें थी। लेकिन पोस्टर में कहीं भी सीएम शिवराज सिंह चौहान का जिक्र भी नहीं था ऐसे में यह साफ होता दिखाई दे रहा है कि इस बार सीएम पद की बागडोर शिवराज सिंह नहीं सम्भालेंगे। आज हो जाएगा सीएम फेस का खुलासा बताया जा रहा है कि पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल, पूर्व केनंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर , इंदौर-1 से विधायक बने कैलाश विजयवर्गीय सहित केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम फेस के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं आज ठीक साड़े तीन बजे नवनिर्वाचित विधायकों के साथ पर्यवेक्षों का फोटो शूट होगा और विधायक दल की बैठक करीब शाम 4 बजे से शुरू हो जाएगी जिसमें आज अंतिम फैसला होगा कि किसके सर सजेगा मध्य प्रदेश के मुखिया का ताज। यह भी पढ़ें- शिवराज ने जनता को कह दिया राम राम …

पर्यवेक्षक मनोहर लाल खट्टर ने कर डाला सीएम फेस का खुलासा

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनती पार्टी ने 163 सीटों के साथ प्रदेश में सरकार बनाई। पर सरकार बनने के 6 दिन बाद भी प्रदेश के सीएम का फेस सामने नहीं आया है। जिसको लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं। पार्टी ने सीएम फेस तय करने के लिए पर्यवेक्षक की बैठक बुलाई है। इनमें छत्तिसगढ़ के मुख्य मंत्री भी शामिल हैं। खट्टर ने बताया कि कौन बन सकता प्रदेश का मुखिया। पर्यवेक्षक लेंगे सीएम फेस का निर्णय भारतीय जनता पार्टी ने सीएम फेस का निर्णय अब पर्यवेक्षकों पर छोड़ दिया है। इनमें तीन नाम शामिल हैं। मध्यप्रदेश में श्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री हरियाणा ,डा. के. लक्ष्मण, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ओबीसी मोर्चा, सुश्री आशा लाकड़ा, राष्ट्रीय सचिव को केन्द्रीय पर्यवेक्षक चुना गया हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्य मंत्री ने कर डाला खुलासा जिसमें से छत्तीसगढ़ के मुख्य मंत्री और पर्यवेक्षक मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि ”सोमवार की शाम को भाजपा विधायक दल की बैठक रखी गई है। मुझे आशा है कि सभी फैसले सर्वसम्मति से होंगे। फैसले के बाद जो भी नया मुख्यमंत्री सामने आएंगे वो हमारे अगले 5 साल के मुख्यमंत्री होंगे।” यह भी पढ़ें- शिवराज ने जनता को कह दिया राम राम …

शिवराज ने जनता को कह दिया राम राम …

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे तो आ गए हैं पर प्रदेश का मुखिया कौन होगा यह अब तक सामने नहीं आया है। एमपी के अगले मुख्य मंत्री को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।वहीं शिवराज सिंह चौहान द्वारा राम राम वाला पोस्ट शेयर किया गया है। इस पोस्ट को सीएम का इशारा बताया जा रहा है कि अबकी बार मुख्य मंत्री का ताज उनके सर नहीं सजेगा। शिवराज ने जनता से कह दिया गुडवॉय मध्य प्रदेश में सीएम फेस को लेकर घमासान जारी है कि कौन बनेगा प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री । देश भर में सभी की निगाहें राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश पर टिकी हुई है। इसी बीच मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान के एक ट्वीट ने सियासत में तहलका मचा दिया है। गोगामेड़ी हत्या कांड में आया अपडेट,पत्नी ने दी बड़ी चेतावनी उन्होंने अपने सोशल मीडीया प्लेटफार्म पर जनता का राम राम लिखा है। इस पोस्ट को लेकर कई तरह के मायने निकाले जा रहे हैं।कई लोगों का मानना है कि शायद शिवराज इशारा मिल गया है कि इस बार वह मुख्य मंत्री की रेस से बाहर हो गए हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने दी प्रतिक्रिया सीएम शिवराज के राम राम वाले पोस्ट पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि गांव में सुबह उठते ही राम राम ही कहा जाता है। वह कहते हैं यह तो प्राकृतिक है। साथ ही जब सीएम फेस को लेकर उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने जवाब दिया कि सीएम फेस तो विधायक दल ही तय करेगा। यह भी पढ़ें- “विकसित भारत संकल्प यात्रा” में क्या है मोदी की गारंटी

“विकसित भारत संकल्प यात्रा” में क्या है मोदी की गारंटी

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लाभार्थियों से बात की।वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मोदी ने महिलाओं और युवाओं दोनों से बात का। “विकसित भारत संकल्प यात्रा” में क्या है खास महिलाओं से बात करते वक्त मोदी ने उनको जाति में ना बटने की बात कही. मोदी ने कहा कि आपकी कोवल एक ही जाति है महिला जाति। कुछ लोग आपको जाति में बांटने की कोशिश करेंगे पर तुन्हें उनकी बात नहीं सुननी है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से बात करते हुए कहा कि यदि इच्छाशक्ति हो तो कोई भी काम किया जा सकता है । हमारे द्वारा दी गई योजनाओं का लाभ भी हम अधिकारियों को चुनकर दे रहे हैं। मोदी कहते हैं कि हमें खुशी है कि इतने कम समय में ” विकसित भारत संकल्प यात्रा ” में सवा करोड़ से अधिक लोग जुड़ गए हैं । मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरी होने की गारंटी गावों में भी यात्रा के स्वागत के लिए स्वागत समितियाँ बनाई हैं। मोदी कहते हैं कि हम लाभार्थियों को चुन चुनकर उनका लाभ दे रहे हैं इसलिए ही तो आज लोग कहते हैं कि मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरी होने की गारंटी । यह भी पढ़ें- गोगामेड़ी हत्या कांड में आया अपडेट,पत्नी ने दी बड़ी चेतावनी

गोगामेड़ी हत्या कांड में आया अपडेट,पत्नी ने दी बड़ी चेतावनी

श्री राष्ट्रीय करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के मामला ने पकड़ा नया मोड़। गोगामेड़ी के समर्थकों के प्रदर्शन के बाद अब उनकी पत्नी ने भी बड़ा बयान दिया है। गोगामेड़ी की पत्नी ने दी ये चेतावनी गोगामेड़ी की पत्नी शीला शेखावत ने राजस्थान पुलिस से कहा कि ,अगर उनके पति के हत्यारों का 72 घंटे के अंदर ही एनकाउंटर नहीं किया गया तो उनकी एक आवाज़ पर देश भर में उग्र आंदोलन होने लगेंगे। गोगामेड़ी की पत्नी ने पहले हुई बातचीत में कहा था कि, एक शेर को धोखे से मारा है । हमें इसका इंसाफ चाहिए। साथ ही वह कहती हैं कि उनकी पहली और आखिरी मांग केवल और केवल एनकाउंटर ही है। यदि प्रशासन उनकी बात मानता है तो ठीक वरना उनका कहना है कि वह अपने तरीके से समझाना जानती हैं। वह कहती हैं कि पहले उनके पति ने समझाया था अब वह समझांएगी। सरकार पर लगाया आरोप शीला ने सरकार पर भी सवाल खड़े किए हैं उनका कहना है कि कई बार सरकार को कहा गया कि उनके पति को सुरक्षा कि ज़रूरत है साल 2016 में भी सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलन किए गए पर सरकार ने एक ना सुनी। यदि सरकार ने सुरक्षा दे दी होती तो यह हादसा कभी ना होता। बतादें कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की उनके घर में घुस कर हत्या करदी गई थी जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्दे रोहित गोदारा ने ली है। हत्या के आरोपी रोहित राठौर और नितिन फौजी हैं। यह भी पढ़ें- 10 तारीख को होगा ऐलान कि किसके हाथ होगी किस प्रदेश की कमान : सीएम फेस

10 तारीख को होगा ऐलान कि किसके हाथ होगी किस प्रदेश की कमान : सीएम फेस

आपको बता दें कि भाजपा की आज हुई बैठक में पार्टी के आलाकमान मोदी जी और अमित शाह के साथ- साथ बीजेपी के एैसे नेता शामिल हुए जो मध्य प्रदेश में सीएम फेस की रेस में शामिल है.जिसमें दो घंटे तक मोदी जी ने अमित शाह से बात की.अब देखना ये है कि दिल्ली में हो रही इस बड़ी बैठक के बाद सीएम का चेहरा सामने आएगा या नहीं. शिवराज नहीं तो कौन बनेगा मध्य प्रदेश का मुखिया वर्तमान सीएम शिवराज बिल्कुल निश्चिंत है. शिवराज सिंह चौहान लोकसभा के चुनाव की तैयारी में लगे हुए है. गुरूवार को शिवराज कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में अपनी लाड़ली बहनो से मिलने भी गए थे. शिवराज के सीएम बनने में सबसे बड़ी अरचन प्रह्लाद पटेल ला रहे है प्रह्लाद ने अपने केंद्रिय पद से इस्तिफा दे दिया है. इसके बाद नरेंद्र  सिंह तोंमर ने भी अपने कृषी मंत्री के पद से इस्तिफा दे दिया है. अगर बात करें ज्योतिरादित्य सिंधिया की तो वैसे तो उन्होंने खुद को सीएम की रेस से बाहर बताया है लेकिन आज की बैठक के बाद पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिले. इस मुलाकात के बाद सिंधिया को लेकर भी सस्पेंस बढ़ गया है. भाजपा के जीते राज्यों में कौन तय करेगा सीएम फेस भाजपा ने तीनों राज्यों में एक बड़ी जीत हासिल की है. अब देखना ये है, कि इन तीनों राज्यो में किसके नाम का कमल खिलेगा.इसी बीच एक बड़ी रिपोर्ट सामने आई है कि भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ तीनों राज्यों के पार्टी के विधायक दल के नेता के चुनाव हेतु केन्द्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है. पार्टी के आलाकमान का कहना है कि अब आने वाली 10 तारिख को केन्द्रीय पर्यवेक्षक ही तय करेंगे की मध्यप्रदेश, राजस्थान,  छत्तीसगढ़ के अगले सीएम कौन होंगे. यह भी पढ़ें- मां सीता ने पहली बार इस घाट पर किया था छठ का व्रत , तबसे शुरू हुआ यह महापर्व

क्या एमपी में दोहराया जाएगा साल 2020 का इतिहास

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो चुका है और अब हर किसी को इंतज़ार है तो बस वोट की गिनती का। 3 दिसंबर को वोट की गिनती की जाएगी जिससे पता चलेगा कि एमपी में किसकी सरकार बनने वाली है। सभी राजनैतिक दलों के प्रत्याशियों और बड़े नेताओं कि धड़कने बड़ी हुई है । इसी बीच पीसीसी चीफ कमलनाथ भी परेशान हैं। पूर्व मुख्यमंत्री के चिंता की बजह केवल वोटों की गिनती नहीं है बल्कि अपने खुदके विधायक भी हैं। जिस प्रकार से साल 2020 में कांग्रेसी विधायकों ने पार्टी को दगा दे दिया था कहीं इस बार भी ऐसा ही ना हो। पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने इस डर के कारण आज अपने सभा 230 विधायकों की एक मीटिंग बुलाई है जिसमें विधायकों को वोटों की गिनती की ट्रेनिंग दी जाएगी साथ ही प्रत्याशियों से शपथ भी दिलवाई जाएगी और उन्हें अपनी पार्टी के साथ होने का अपील भी कर सकते हैं। एमपी कांग्रेस के नेताओं से प्रत्याशियों पर कड़ी नज़र गढ़ाई रखी है। कांग्रेसी नेताओं ने जिला प्रभारियों को जिम्मेदारी सौंपी है । जिला प्रभारी इन दिनों अपने अपने जिलों में डेरा डाल सकते हैं और प्रत्याशियों को हर हरकत पर नज़र रख सकते हैं। खास कर के ऐसे प्रत्याशी जिनकी जीत की सम्भावना ज्यादा है। बतादें कि साल 2018 में में कांग्रेस पार्टी 114 वोटों से जीती थी पर साल 2020 में पार्टी के बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 22 विधायकों ने भी इस्तिफा दे दिया था। इसी कारण से कांग्रेस पार्टी की महज़ 15 महीनों में ही सरकार गिर गई थी और अब एक बार कमलनाथ यह गलती नहीं दोहराना चाहते जिसके कारण उन्होंने पूरा बंदोबस्त कर रखा है। ये भी पढ़े – कब है तुलसी विवाह ? जानें शुभ मुहूर्त और पूजन विधि ….

सहारा इंडिया परिवार के प्रमुख सुब्रत रॉय सहारा का हुआ निधन

सहारा इंडिया परिवार के संस्थापक, प्रबंध निदेशक, सुब्रत रॉय सहारा का निधन हो गया है। सुब्रत ने कल यानी 14 नवंबर को रात 10:30 बजे दम तोड़ दिया। इस दुखद समाचार ने उद्योग जगत में शोक की लहर फैला दी है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से वह बीमार चल रहे थे। उन्हें मेटास्टैटिक स्‍ट्रोक, डायब‍िटीज ,और हाई ब्‍लड प्रेशर से तकलीफ होने लगी थी इसके बाद कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट के कारण उनका निधन हो गया। सुब्रत ने अंतिम सांसे मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में ली। समाजवादी पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट कर कहा कि सहाराश्री सुब्रत रॉय जी का निधन, अत्यंत दुःखद। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें। शोकाकुल परिजनों को ये असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो। भावभीनी श्रद्धांजलि। सुब्रत रॉय ने सहारा इंडिया परिवार की स्थापना साल 1978 में की थी और दुनिया उन्हें सुब्रत सहारा के साथ ही सहाराश्री के नाम से भी जानती थी। यह भी पढ़ें- आप पर लगा प्रधानमंत्री मोदी का अपमान करने का आरोप

आप पर लगा प्रधानमंत्री मोदी का अपमान करने का आरोप

देश भर में चुनावी मौसम बना हुआ जिसके कारण नेताओं ने विपक्षी दलों पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इसी बीच जब आम आदमी पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। जिसके कारण चुनाव आयोग द्वारा आप के खिलाफ ऐक्शन लिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी और गौतम अडानी की वीडियो की शेयर आम आदमी पार्टी ने 8 नबम्बर को सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी और गौतम अडानी की एक वीडियो पोस्ट की थी। आप ने अगले दिन दोबारा दोनों की तस्वीरों को शेयर करते हुए आरोप लगाए थे कि प्रधानमंत्री मोदी जनता के लिए बल्की उद्धयोगपतियों के लिए काम करते हैं। आप को देनी होगी सफाई आप के द्वरा ऐसी आरोप लगाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने 10 नबम्बर को चुनाव आयोग के पास जाकर इसकी शिकायत की। पार्टी ने आप पर प्रधानमंत्री को निशाना बनाते हुए अपमानजनक और अस्वीकार्य वीडियो पोस्ट करने को लेकर कारवाई की मांग की है। बतादें कि चुनाव आयोग की ओर एक्शन लेते हुए आम आदमी पार्टी को आचार संहिता का उलंघन करने के लिए 16 नबम्बर यानी आज तक का ही समय दिया है। यह भी पढ़ें- किन राशियों के लिए शुभ रहने वाला है साल 2024

किन राशियों के लिए शुभ रहने वाला है साल 2024

हमारी सनातन संस्कृति में हमेशा से ही गृहों नक्षत्रों का विशेष महत्व रहा है, गृहों की चाल से हम आने वाले समय का अंदाज़ा लगा पाते हैं। साल 2023 का अंतिम दौर चल रहा है और 2024 की शुरुआत में बहुत कम समय है। साल 2024 में कौन से गृह अपनी दिशा बदलने वाले हैं और किन राशियों पर प्रभाव डालेंगे यह सारी बातें हम जानेंगे इस आर्टिकल से। साल 2024 में गृहों की दशा बदलने से कई राशियों पर इसका प्रभाव पड़ेगा।बतादें कि नए साल में शनि अपने स्थान पर ही रहेंग। फिल्हाल शनि कुंभ राशि में हैं और आने वाले साल में भी रहेंगे।शनि इस समय मार्गी चल रहे हैं।वहीं साल 2024 में गुरु मेष राशी से वृषभ राशी में प्रवेश करने वाले हैं।साल में मई के महीने में गुरू वृषभ राशी में प्रस्थान करेंगे। साल 2024 में किन राशियों पर पढ़ेगा प्रभाव जैसा की हमने बताया कि साल के मई महीने में गुरू मेष राशी से वृषभ राशी में करेंगे, जिससे इस राशी के जातकों को बेहद फायदा मिलने वाला है। इस राशी के जातकों के सारे रुके हुए कार्य पूरे होने वाले हैं। साथ ही जातकों के लिए नौकरी में भी नए अवसर मिलने वाले हैं। कुंभ राशी के लिए भी यह साल शुभ रहने वाला है। इस राशी के जातकों के लिए शनि शुभ फल देने वाले हैं। शनि की मौजूदगी आपके लिए नए अवसर खोलने वाली है।गुरू और शनि दोनों ही आपके भाग्य और सफलता को बढ़ाने वाले हैं। यह भी पढ़ें- अनोखे मध्य प्रदेश में वर्षों से चलती आ रही है ये अनोखी परंपरा