Aayudh

मोहन यादव के मुख्य मंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान का क्या होगा

मध्य प्रदेश में मुख्य मंत्री के तौर पर मोहन यादव का चयन हो चुका है। लेकिन अब हर किसी का एक सवाल है कि अब शिवराज सिंह चौहान का क्या काम होगा,उनके द्वारा चलाई गई योजना का क्या होगा। इन सभी सवालों को जवाब देने के लिए सीएम हाऊस में शिवराज ने एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाई। जिसमें वह कहते हैं कि अपने लिए कुछ मांगने से पहले मरना पसंद करेंगे। शिवराज सिंह चौहान ने रखी प्रेस कांफ्रेंस प्रदेश में मुख्य मंत्री के पद पर अब मोहन यादव का नाम तय हुआ है। जिसके बाद कल देर रात को शिवराज सिंह चौहान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और आज उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस रखा था। जब शिवराज से पूछा गया कि अब उनकी क्या जिम्मेदारी होने वाली है इस पर वह कहते हैं कि मेरी अब एक कार्यकर्ता की भूमिका रहेगी। जो आत्मकेंद्रित होता है वह सोचता है कि मैं कहां हूँ पर हमारी पार्टी एक मिशन है।हमारी पार्टी में हर कार्यकर्ता के लिए काम है। साथ ही वह कहते हैं कि अब नहीं बनाया गया तो क्या रोऊं गाऊ ,पार्टी ने मुझे 18 साल तक प्रदेश का मुखिया बनाया है। लाडली बहना योजना का क्या होगा जब उनसे लाडली बहना योजना को लेकर प्रश्न किया गया तो उन्होंने कहा कि लाडली बहना योजना की केस स्टडी होनी चाहिए। मैं पार्टी का कार्यकर्ता हूँ जो भी जिम्मेदारी देगी पार्टी मैं उसे करूंगा।वह कहते हैं कि आज उनमें एक संतोष का भाव है। यह भी पढ़ें- भजनलाल शर्मा हैं राजस्थान के नए मुख्य मंत्री

भजनलाल शर्मा हैं राजस्थान के नए मुख्य मंत्री

मध्य प्रदेश के बाद अब राजस्थान के सीएम फेस का ऐलान हो गया है। प्रदेश के अगले मुखिया के तौर पर  भजनलाल शर्मा को चुन लिया गया है। जी हाँ भजनलाल शर्मा हैं प्रदेश के नए मुख्य मंत्री। बतादें कि भजनलाल को पहली बार के विधायक हैं लेकिन पार्टी उनपर भरोसा जताते हुए उन्हें ताज पहनाया है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की तरह राजस्थान में भी भारतीय जनता पार्टी ने सभी को चौका कर रख दिया है। इस बार भजनलाल शर्मा को मुख्य मंत्री बनने का मौका मिला है। भाजपा ने इस बार अपने जीते तीनों राज्यों में पुराने और अनुभवी नेताओं को साईड कर नए चेहरों को मौका दिया हैं। लगातार दो बार सीएम रही बसुंधरा राजे सिंधिया के हात से कमान अब शर्मा के हाथ दे दी गई हैं। इस तरह भाजपा ने प्रदेश के सामान्य वर्ग के लोगों को साधने की कोशिश की है। यह भी पढ़ें- कैसे रहेंगे बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में दो राजा

कैसे रहेंगे बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में दो राजा

मध्य प्रदेश में सीएम के नाम का ऐलान हो गया है प्रदेश में डॉ मोहन यादव को मुख्य मंत्री चुना गया है। बतादें कि सीएम मोहन यादव तीसरी बार उज्जैन की दक्षिण सीट ने विधायक बने हैं। जहाँ इस समय हर कोई उन्हें बधाई दे रहा है वहीं कांग्रेस ने एक बड़ा मुद्दा उठा दिया है। कांग्रेस मीडीया विंग ने प्रश्न किया है कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में दो राजा कैसे हो सकते हैं। कांग्रेस ने उठाया सवाल मध्य प्रदेश की कांग्रेस मीडीया विंग के अध्यक्ष के के मिश्रा ने मोहन यादव को सीएम पद के लिए चुने जाने की बधाई दी और साथ ही सोशल मीडीया पर लिखा कि कोई सनातनी मुझे बताए कि बाबा महाकाल की नगरी में दो राजा कैसे रह सकते हैं। ये है उज्जैन की मान्यता धार्मिक नगरी उज्जैन से जुड़ी एक मान्यता है कि यहाँ कोई भी राजा रात नहीं ठहरता। बताया जाता है कि यह मान्यता राजा विक्रमादित्य के समय से चली आ रही है। इसकी धार्मिक मान्यता के अनुसार उज्जैन के राजा बाबा महाकाल हैं जिस कारण यदि कोई भी राजा यहाँ रात भर भी अगर ठहर जाता है तो उसका राज्य उससे छिन जाता है। बाबा महाकाल ने इन्हें दिया था दण्ड भारत के चौथे प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई एक बार उज्जैन में रात रुके थे जिसके दूसरे दिन ही उनकी सरकार गिर गई थी । इसके अलावा जब एक बार कर्नाटक के सीएम येदियुरप्पा भी उज्जैन में रात रुके थे जिसके ठीक 20 दिन बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। बतादें कि आज तक ज्योतिरादित्य सिंधिया हों या शिवराज सिंह चौहान कोई भी महाकाल की नगरी में रात नहीं रुकता।ऐसे में देखना ये होगा कि मोहन यादव का इस पर क्या रुख रहता है। यह भी पड़ें- क्या राजस्थान में भी चलेगा बीजेपी का MP और CG वाला पैटर्न

क्या राजस्थान में भी चलेगा बीजेपी का MP और CG वाला पैटर्न

कल मध्य प्रदेश में मुख्य मंत्री के नाम के ऐलान के बाद आज बारी है राजस्थान के सीएम फेस का ऐलान करने की। आज ये साफ हो जाएगा कि क्या पार्टी एक बार फिर वसुंधरा राजे सिंधिया पर विश्वास करेगी या फिर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की तरह यहां भी एक नया चेहरा सामने आएगा। राजस्थान में सीएम फेस की रेस में कौन है शामिल राजस्थान में जहां वसुंधरा सीएम की रेस में सबसे आगे हैं वहीं हिंदुत्व की बात करने वाले पोस्टर बॉय बाबा बालकनाथ भी बड़ा चेहरा साबित हो सकते हैं। इनके अलावा गजेंद्र शेखावत, सीपी जोशी, दीया कुमारी , राजवर्धन राठौड़ जैसे नाम भी सीएम फेस की रेस में शामिल है । ये है MP और CG वाला पैटर्न मध्य प्रदेश में कल एक लंबे इंतजार के बाद मुख्य मंत्री पद के लिए नाम का ऐलान हुआ था । प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के तौर पर डॉ मोहन सिंह यादव के नाम का चयन किया गया है बतादें कि प्रदेश में कई दिग्गज नेता सीएम की कुर्सी के दावेदार थे पर ताज उसके सिर सजा है जिसके बारे किसे ने नही सोचा था।मध्य प्रदेश की तरह ही छत्तीसगढ़ के मुख्य मंत्री चयन ने भी सभी को चौका दिया था यहां विष्णुदेव राय को प्रदेश की बागडोर सौंपी गई है। आज लगेगी सीएम के नाम पर मौहर माना जा रहा है कि इस बार भाजपा अपने जीते हुए प्रदेशों में नए चेहरों को मौका दे रही है। तो क्या इसी तर्ज पर राजस्थान के मुख्यमंत्री का चुनाव भी हो सकता है। राजस्थान में आज विधायक दल की बैठक है केंद्र ने प्रदेश में पर्यवेक्षक के तौर पर राजनाथ सिंह, विनोद तावड़े और सरोज पांडेय को भेजा है और आज ये ही पर्यवेक्षक राजस्थान के नए सीएम के नाम पर मौहर लगाएंगे यह भी पढ़ें- कौन हैं प्रदेश के नए उप मुख्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा

कौन हैं प्रदेश के नए उप मुख्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा

मध्य प्रदेश में लम्बे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म हो गया है । प्रदेश में प्रचण्ड बहुमत के साथ सरकार बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी ने आज प्रदेश के मुख्य मंत्री के नाम का ऐलान कर दिया है। जीत के 9 बाद राय मशवरा कर पार्टी ने तीन पर्यवेक्षकों की मदद से प्रदेश के मुखिया के तौर पर डॉ मोहन सिंह यादव को चुना है। उप मुख्य मंत्री के तौर पर जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला का नाम चुना गया है। मोहन यादव हैं प्रदेश के नए मुखिया प्रदेश की कुल 230 सीटों में से 163 सीटें अकेले भाजपा के खाते में आई जिससे भाजपा ने प्रदेश में अपनी सरकार बनाई थी ।लेकिन 9 दिन के लम्बे इंतज़ार के बाद आज पार्टी द्वारा मुख्य मंत्री के नाम का ऐलान किया गया। प्रदेश के नए उप मुख्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा प्रदेश में मोहन यादव को मुखिया बनाया गया और साथ ही दो उप मुख्य मंत्री के नामों की भी घोषणा की गई है। उप मुख्य मंत्री के लिए राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा का नाम सामने आया है। मोहन यादव की बात की जाए तो वह उच्च शिक्षा मंत्री चुने जा चुके हैं वहीं उप मुख्यमंत्री शुक्ला विंध्य क्षेत्र के बड़े नेता हैं जिन्हें जनसम्पर्क मंत्री बनाया गया था और जगदीश देवड़ा शिवराज सरकार में वित्त मंत्री के पद पर थे। यह भी पढ़ें- शिवराज सिंह ने दे दिया अपने सीएम पद से इस्तीफा

शिवराज सिंह ने दे दिया अपने सीएम पद से इस्तीफा

मध्य प्रदेश में लम्बे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म हो गया है । जीत के 9 दिन बात भाजपा ने मोहन यादव को प्रदेस का मुख्य मंत्री बनाया । वहीं लगातार शिवराज सिंह चौहान को लेकर जो कयास लगाए जा रहे थे वह बिल्कुल सही साबित हुए। मोहन यादव की शपथ से पहले अब शिवराज सिंह चौहान ने अपने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है। शिवराज सिंह ने दे दिया इस्तीफा बड़ी खबर ये सामने आ रही है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान अब पूर्व सीएम कहलाएंगे जी हां शिवराज सिंह चौहान ने अपने सीएम पद से इस्तीफा दा दिया है।लगातार चार बार मुख्य मंत्री बनने का बाद अब शिवराज सिंह चौहान ने अपने पद को अल्विदा कह दिया है।उनकी जगह अब मोहन सिंह यादव को सीएम की शपथ दिलाई जाएगी। मोहन यादव लेंगे सीएम पद की शपथ प्रदेश में प्रचण्ड बहुमत के साथ सरकार बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी ने आज प्रदेश के मुख्य मंत्री के नाम का ऐलान कर दिया है। जीत के 9 बाद राय मशवरा कर पार्टी ने तीन पर्यवेक्षकों की मदद से प्रदेश के मुखिया के तौर पर डॉ मोहन सिंह यादव को चुना है। उप मुख्य मंत्री के तौर पर जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला का नाम चुना गया है। यह भी पढ़ें- जानिए कौन हैं मध्य प्रदेश के नए मुख्य मंत्री डॉ मोहन यादव

मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री का हुआ ऐलान..

मध्य प्रदेश में हर किसी को जिस घड़ी का बेसब्री से इंतजार था वो पल आ गया। अब नए मुख्य मंत्री का नाम सामने आ ही गया है। जी हां अब प्रदेश की कमान शिवराज सिंह चौहान के हाथ रहेगी या नहीं इसका फैसला जल्द ही आ जाएगा। शिवराज या कोई और है प्रदेश के मुख्य मंत्री का चेहरा प्रदेश की कुल 230 सीटों में से भाजपा ने 163 सीटें अपने नाम की थी । भाजपा ने प्रचण्ड बहुमत के साथ प्रदेश में सरकार बनाई थी लेकिन मुख्य मंत्री का नाम का ऐलान लम्बे समय के इंतजार के बाद आज होने जा रहा है। प्रदेश के नए मुख्य मंत्री के तौर पर आज कौन सा बड़ा नेता लेगा शपथ बस कुछ ही देर में यह भी साफ हो जाएगा। बतादें कि पार्टी और पर्यवेक्षकों द्वारा मुख्य मंत्री के नाम का चयन हो गया है। मंच भी सजा दिया गया है , कुर्सियां भी जम गई हैं और शपथ की तैयारियां भी पूरी है । पर अब भी सवाल यही है कि शपथ लोगा कौन नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कैलाश विजयवर्गीय या वीडी शर्मा। यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश के नए मुख्य मंत्री के लिए काउंटडाउन शुरू

मध्य प्रदेश के नए मुख्य मंत्री के लिए काउंटडाउन शुरू

मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में से 163 पर बहुमत हासिल कर भाजपा ने प्रदेश अपने नाम कर लिया है पर अब तक यह साफ नहीं हुआ है कि पार्टी किसे बनाएगी मध्य प्रदेश का मुख्य मंत्री। जिसे लेकर आज आखिरी फैसला होने वाला है। आज पार्टी द्वारा चुने गए पर्यवेक्षक ही मध्य प्रदेश के मुखिया का नाम चुनेंगे। मध्य प्रदेश का नया मुख्य मंत्री कौन बतादें कि तीनों परिवेक्षक मध्य प्रदेश की राजधानि भोपाल पहुँच गए हैं। भोपाल पहुँच कर पर्यवेक्षकों ने पहले सीएम हाऊस जाकर मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। साएम ने उनका स्वागत गुलदस्ता देकर किया था।सीएम हाऊस से रवाना होकर पर्यवेक्षक की अब कोर ग्रुप के साथ बैठक चल रही है। कोर ग्रुप की बैठक में मौजूद रहे ये नेता कोर ग्रुप की इस खास बैठक के बाद ही पर्यवेक्षक विधायकों के साथ बैठक करेंगे। कोर ग्रुप की इस बैठक में सीएम शिवराज सिंह चौहान, प्रहलाद पटेल, नरेंद्र तोमर, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, पर्यवेक्षक मनोहरलाल खट्टर, आशा लाकड़ा और के लक्ष्मण मौजूद हैं। यह भी पढ़ें- सीएम शिवराज को पांचवी बार मुख्य मंत्री बनाने को लेकर चल रहा अनुष्ठान

सीएम शिवराज को पांचवी बार मुख्य मंत्री बनाने को लेकर चल रहा अनुष्ठान

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद से ही सभी लोगों की नज़र एक ही फैसले पर टिकी हुई हैं कि कौन बनेगा प्रदेश का मुख्य मंत्री (CM FACE) । इसी बीच एक खबर सामने आई है कि प्रदेश के बैतूल जिले में सीएम शिवराज( CM SHIVRAJ) को पांचवी बार मुख्य मंत्री बनाने को लेकर हवन, अनुष्ठान और सुंदरकाण्ठ का आयोजन चल रहा है। सीएम शिवराज फिर बनेंगे मुख्य मंत्री प्रदेश के मुखिया को लेकर सियासी गलियारों में तरह तरह के कयास लगे जा रहे हैं किसी का कहना है सीएम शिवराज इस बार मुख्य मंत्री की रेस से बाहर हैं तो वहीं कई लोग उनके मुख्य मंत्री बनने लेकर धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं। सीएम शिवराज को पांचवी बार मुख्य मंत्री बनाने के लिए उनकी किराड़ समाज के लोगों ने सुंदरकाण्ड के पाठ का आयोजन किया है। बैतूल जिले के 130 स्थानों पर लगातार दो दिन से सुंदरकाण्ड का पाठ चल रहा है। इसके पहले भी यहाँ हवन और अनुष्ठान कराया गया था। बैतूल के अलावा सीहोर और बुधनी में भी लोगों के मन में सीएम शिवराज का नाम ही मौजूद है। मध्य प्रदेश ( MADHYA PRADESH ) की 230 विधानसभा सीटों में से 163 पर बहुमत हासिल कर भाजपा ने प्रदेश अपने नाम कर लिया है पर अब तक यह साफ नहीं हा है कि पार्टी किसके बनाएगी प्रदेश का मुखिया। जिसे लेकर आज आखिरी फैसला होने वाला है। पार्टी द्वारा चुने गए पर्यवेक्षक ही चुनेंगे प्रदेश के मुखिया का नाम। यह भी पढ़ें- शिवराज बन सकते हैं पांचवी बार मध्य प्रदेश के मुखिया, मिले बड़े संकेत

शिवराज बन सकते हैं पांचवी बार मध्य प्रदेश के मुखिया, मिले बड़े संकेत

आज यानी 11 दिसम्बर का दिन मध्य प्रदेश के इतिहास में यादगार साबित होने वाला है। हम ऐसा इसलिए कह रहें क्योंकि आज लम्बे इंतज़ार के बाद प्रदेश को अपना नया मुखिया मिलने वाला है।एक ओर जहाँ ऐसी अटकलें चल रही हैं कि मुख्य मंत्री की रेस से शिवराज बाहर हैं वहीं दूसरी ओर ऐसे भी संकेट मिल रहें कि इस बार भी सत्ता सीएम शिवराज को ही चुनने वाली है। शिवराज फिर बन सकते हैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी ने 230 में से 163 सीटों पर प्रचंड बहुमत हासिल कर अपनी सत्ता बनाली है। लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि प्रदेश का मुख्य मंत्री कौन बनने वाला है। आज पार्टी द्वारा चुने गए पर्यवेक्षक राजधानि भोपाल पहुँच चुके हैं जहाँ हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर , के लक्ष्मण और आशा लाकड़ा ने पहले सीएम हाऊस पहुँच कर शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की । सीएम ने पर्यवेक्षकों का स्वागत किया और एक लम्बे समय तक उनकी मीटींग चली। पर्यवेक्षकों ने भी की सीएम से मुलाकात पर्यवेक्षकों की सीएम के साथ मीटिंग को लेकर हर कोई यह कयास लगा रहा है कि शायद इस बार भी प्रदेश के मुखिया का ताज शिवराज सिंह चैहान के सर ही सजेगा। बतादें कि सीएम शिवराज के अलावा प्रहलाद पटेल, नरेंद्र तोमर, कैलाश विजयवर्गीय सहित ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम सीएम की रेस में सामिल है। यह भी पढ़ें- मुख्य मंत्री फेस का हो गया खुलासा, ये बनेंगे प्रदेश के मुखिया