सीएम मोहन यादव ने गुना RTO अधिकारी और सीएमओ को किया सस्पेंड
मध्य प्रदेश के गुना में हुए बड़े हादसे से प्रदेश भर में एक शोक की लहर फैल गई है। गुना हादसे में 13 लोग जिंदा जल गए । एक तेज रफ्तार में आते डंपर और यात्रियों से भरी बस में भिडंत हो गई जिसके बाद तुरंत आग लग गई इसी आग की चपेट में आकर 13 लोगों की मौत हो गई और करीब 14 लोग घायल भी बताए जा रहे हैं। बतादें कि हादसा इतना भयंकर था कि शव पहचानना तो दूर उनको पकड़ने में भी उनके अंग टूट रहे थे। ऐसे हुआ बड़ा हादसा बड़ा हादसा बीती रात करीब 8 बजे हुआ , दरअसल बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र की सेमरी घाटी पर ये हादसा हुआ है मौके पर मौजूद लोगो का दावा है कि डंपर चालक न्यूट्रल में घटी पर से डंपर उतार रहा था जिसके कारण ब्रेक और स्टीयरिंग जाम हो गया और डंपर सीधे जाकर सामने से आरही बस में भीड़ गया। यह भी पढ़ें- शादीशुदा जिन्दगी में नहीं चाहते दरार तो घर बैठे करें ये उपाय भिडंत के कारण बस रोड से उतर कर पलट गई और आग का गोला बन गई मौका रहते कुछ लोग बस से निकलने में सफल रहे और वही कुछ लोग हादसे की चपेट में आ गए। साथ ही पता चला है कि बस की योग्यता से ज्यादा उसमे यात्री मौजूद थे और बस के अंदर कोई ज्वलनशील पदार्थ भी मौजूद था शायद इसी वजह से भी बस की आग समय रहते काबू में नहीं आ पाई सीएम मोहन यादव ने की मुआवज़ा देने की बात हादसे पर प्रदेश के मुख्य मंत्री सहित कई बड़े नेताओं ने भी शोक जताया है। बतादें कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने आज के सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर के गुना के लिए रवाना हुए , उन्होंने हादसे की जांच के भी निर्देश दिए और मृतकों के परिजनों को 4- 4लाख रुपए मुआवजा और घायलों को 50 हजार रुपए देने की बात कही हैं। सीएम मोहन यादव ने लिया एक्शन सीएम मोहन यादव ने एक्शन लेते हुए गुना आरटीओ अधिकारी रवि बरेलिया और नगरपालिका गुना के मुख्य नगरपालिका अधिकारी सीएमओ बी डी कतरोलिया को हादसे के दौरान लापरवाही करने पर सस्पेंड कर दिया है । यह भी पढ़ें- नए साल (NEW YEAR) पर अब लोग नहीं कर सकेंगे आवारा गर्दी
मशहूर अभिनेता और राजनेता विजयकांत ने कोरोना के कारण तोड़ा दम
अभिनेता से राजनेता बने विजयकांत को कोरोना ने हमसे दूर कर दिया है। डीएमडीके प्रमुख विजयकांत कोरोना की चपेट में आ गए थे पहले उनका इलाज चैन्नई के मियोट अस्पताल में हुआ और उसके बाद आज उन्होंने तमिलनाडू में दम तोड़ दिया। बतादें कि वह एक अच्छे अभिनेता के साथ ही एक बड़े राजनेता भी थे। ऐसा रहा विजयकांत का फिल्मी सफर अभिनेता और राजनेता का पूरा नाम नारायणन विजयराज अलगारस्वामि था। विजयकांत साल 1980 औक 1990 के दशक के मशहूर उन्होंने करीब 150 फिल्मों में काम किया है विजयकांत एक मशहूर अभिनेता के साथ साथ एक अच्छे निर्माता और निर्देशक भी रहे।उनकी साल 1991 में आई एक फिल्म कैप्टन प्रभाकरण के बाद से उनके फैंस में काफी उछाल आया था साथ ही इस फिल्म के क्रेज़ से ही उनके फैंस ने उन्हें कैप्टन नाम दिया था। राजनीति में भी निभाई बड़ी भूमिका अभिनेता साल 2011 से 2016 तक तमिलनाडू विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे थे। साथ ही वह फिलहाल तमिलनाडू विधानसभा में डीएमडीके के अध्यक्ष भी थे।बतादें कि नेता ने इस पार्टी का गठन साल 2005 में किया था और साल 2011 में उन्होंने जयललिता के साथ गठबंधन कर प्रदेश में 29 सीटें हासिल की बतादें कि इसके बाद राजनेता की पार्टी डीएमडीके प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी। यह भी पढ़ें- शादीशुदा जिन्दगी में नहीं चाहते दरार तो घर बैठे करें ये उपाय राजनेता और अभिनेता ने अपने दोनों ही किरदारों को बखूबी निभाया था लेकिन आज वह कोरोना से जंग में नहीं जीत पाए और सांस लेने में तकलीफ होने का कारण उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया और आज वह हमारे बीज नहीं रहे। यह भी पढ़ें- आदिपुरूष के बाद अब हनुमान फिल्म पर हो सकता है विवाद
शादीशुदा जिन्दगी में नहीं चाहते दरार तो घर बैठे करें ये उपाय
पति और पत्नी का रिश्ता सात जन्मों का माना जाता है पर अगर वह सात मिनट भी एक दूसरे से प्यार से बात नहीं कर पाते और छोटी-छोटी बातों पर झगड़ने लगते हैं। यदि ऐसा ही कुछ हाल आपकी शादीशुदा जिंदगी का है तो इन उपायों को ज़रूर पढ़ें जिनके करने पर ना केवल आपका दांपत्य जीवन सुखद हो जाएगा बल्कि लड़ाई होने की संभावना भी कम होंगी। भगवान शिव और माता पार्वती की करें पूजा हिंदू धर्म में सुखी दांपत्य जीवन जीने के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है साथ ही भगवान शिव के समक्ष शिव चालिसा का पाठ करते हुए, मन में अपनी इच्छा बोलनी चाहिए। माना जाता है कि जिस तरह शिव और शक्ति हमेशा प्रेम से साथ रहते हैं वैसे ही उनकी अराधना करने वाले मनुष्यों की भी शादीशुदा जिन्दगी खुशनुमा बन जाती है। कुंडली में इस दोष के कारण होती है समस्या ऐसे जोड़ों को अपने घर में उत्तर दिशा की ओर लक्ष्मीनारायण की तस्वीर लगानी चाहिए क्योंकि वह प्रेम का प्रतीक माने जाते हैं। बतादें कि दांपत्य जीवन में समस्या आने का कारण कुंडली में मौजूद अशुभ बृहस्पति को माना जाता है ऐसा होने पर आपकी अपने जीवनसाथी के समबंध मधुर नहीं होते। श्री लक्ष्मीनारायण को समर्पित करें हल्दी गाँठ अपने सम्बंध में मिठास घोलने के लिए पहले हल्दी की सात गांठ लें और उन गाठों को एक पीले धागे में बाँधे जिसके बाद उसे भगवान श्रीलक्ष्मीनारायण के सामने अपने दाँए हाथ से रखे और 7 या इक्कीस बार ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नमः इस मंत्र को पढ़े। इस विधि के बाद उन गाठों को भगवान श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर में ले जाकर रख दें। यह भी पढ़ें- नए साल (NEW YEAR) पर अब लोग नहीं कर सकेंगे आवारा गर्दी
नए साल (NEW YEAR) पर अब लोग नहीं कर सकेंगे आवारा गर्दी
युवाओं में नए साल (NEW YEAR) को लेकर बड़ा क्रेज होता है। नए साल पर सभी लोग और खास कर के युवा वर्ग के लोग पार्टियाँ मनाते हैं। इस दिन लोग खाने पीने से लेकर नाच गाने तक हर चीज़ दिल खोलकर करते हैं। ऐसे में साल के पहले दिन ही अखबारों में एक्सीडेंट, लड़ाई झगड़े, छेड़छाड़ जैसी कई खबरों के बीच नए साल की खुशी खो जाती है पर इस साल ऐसा नहीं होगा। क्योंकि इस साल कोई अपनी मन मर्जी नहीं चला पाएगा। ये भी पढ़ें- क्रिसमस के दिन लोग कैसे मांगते है सांता से उपहार नए साल (NEW YEAR) के लिए जारी हुआ निर्देश दरअसल न्यूईयर को लेकर प्रशासन ने पहले ही कुछ निर्देश जारी कर दिए हैं। इस निर्देश में कहा गया है कि रात को 12 बजे तक शहर को सभी पब और बार बंद कर दिए जाएंगे। नए साल पर 12 बजे के बाद कोई पब या बार खुले नहीं रह सकेंगे। 12:15 तक पार्किंग स्थल को भी खाली कर देना होगा।पुलिस प्रशासन को भी सख्ती रखने की जिम्मेदारी दी है । यदि कोई भी शराब के नशे में वाहन चलाता पाया गया या नियमों का उलंघन करता पकड़ा गया तो उसपर पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई की जाएगी।साथ ही पब और बार में रात 11:30 बजे के बाद एंट्री नहीं मिल सकेगी। यदि वहाँ किसी भी प्रकार का कोई झगड़ा होता है तो पब और बार के मालिकों द्वारा तुरंत पुलिस को सूचना दी जाएगी। ये भी पढ़ें- गीता जयंती के महत्व के साथ जानिए क्या है श्रीमद्भगवतगीता का सार
गीता जयंती के महत्व के साथ जानिए क्या है श्रीमद्भगवतगीता का सार
सनातन धर्म के सभी ग्रन्थों और पुराणों में सबसे श्रेष्ठ श्रीमद्भगवतगीता को माना जाता है। श्रीमद्भगवतगीता को ना केवल भारत में बल्कि सम्पूर्ण विश्व में एक मार्गदर्शक के तौर पर देखा जाता है। बतादें कि गीता का प्राकट्य मार्गशीर्ष मास की शुक्लपक्ष की एकादशी तिथि को हुआ था जिसे आज के दौर में लोग गीता जयंती के तौर पर मनाते हैं। क्यों मनाई जाती है गीता जयंती सनातन धर्म के सभी वेदों और पुराणों की रचना महार्षी वेद्व्यास ने की है। पर श्रीमद्भगवतगीता का रचना किसी के द्वारा नहीं की गई थी बल्कि यह एक प्रकार की श्रुति है यानि जो सुनी गई था। दरअसल गीता का जन्म स्वयं श्रीकृष्ण के मुख से हुआ है। गीता वही ज्ञान है जिसे कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को दिया था और उसी दिन को गीता जयंती का नाम दिया गया। ये भी पढ़ें- क्रिसमस के दिन लोग कैसे मांगते है सांता से उपहार गीता का महत्व भगवतगीता में कुल 18 अध्याय हैं । इन अठारह अध्यायों में वह ज्ञान व्याप्त है जिसे अर्जुन से भगवान के श्रीमुख से सुना। माना जाता है कि यदि मनुष्य को जीवन में कोई भी दुविधा आती है तो वह उसका फल गीता से ले सकता है। भगवतगीता में बताती है कि हम क्या हैं और हमारा जीवन लक्ष्य क्या है। साथ ही श्रीमद्भगवतगीता हमें जीवन जीने का और कर्म करने का सही सलीका भी सिखाती है। श्रीमद्भगवतगीता के मुख्य उपदेश गीता में श्रीकृष्ण अर्जुन को अपना कर्तव्य पूरा करने की सलाह देते हैं। वह अर्जुन के अंदर आए वैराग्य को हटाकर उन्हें कर्म निष्ठ बनाते हैं। गीता के सार के तौर पर भगवान कहते हैं कि मनुष्य के हाथ में केवल कर्म है उसे फल की चिंता नहीं करनी चाहिए और अपने कर्म को पूर्ण निष्ठा से करना चाहिए। ये भी पढ़ें- शाहरुख खान की नई फिल्म ‘डंकी’ हो रही है बड़ी हिट!
अब स्कूल अपनी मर्जी से नहीं बना सकेंगे छात्रों को सांता क्लॉज
दिसम्बर का महीना है और क्रिसमस का त्योहार भी करीब है। ऐसे में हम अकसर देखते आए हैं कि इस ईसाई पर्व के समय प्राईवेट स्कूलों द्वारा बच्चों को सांता क्लॉज जैसी वेशभूषा पहना दी जाती है। ये कभी बच्चों की सहमति से होता था तो कभी जबरदस्ती और जिसमें उनके माता- पिता की सहमति की बात तो आती ही नहीं थी पर अब ऐसा नहीं होगा। जी हाँ अब मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में कोई प्राईवेट सांस्था ऐसा नहीं कर सकेगी। यानि की अब स्कूल्स अपनी इच्छा से बच्चों को सांता क्लॉज नहीं बना पाएंगे। शाजापुर जिले में फरमान जारी मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में शिक्षा विभाग द्वारा क्रिसमस के इस ईसाई त्योहार से पहले एक फरमान जारी किया है। इस फरमान के मुताबिक अब कोई भी निजी संस्था अभिभावकों की लिखित अनुमति के बिना छात्रों को सांता क्लॉज की वेशभूषा नहीं पहना सकती। ये भी पढ़ें- जिस पत्थर की कर रहे थे सदियों से पूजा वो निकला डायनासोर का अण्डा छात्रों को सांता क्लॉज बनाने पर होगी कारवाई जिला शिक्षा विभाग अधिकारी विवेक दुबे के नाम से जारी किए गए पत्र में लिखा है कि यदि कोई भी अशासकीय स्कूल बिना माता- पिता की लिखित अनुमति के बच्चों को सांता क्लॉज की वेशभूषा पहनाकर उन्हें पर्व स् जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा दिलाता है तो उस स्कूल पर अनुशासनात्मक कार्यवाई की जाएगी।बतादें कि यह पत्र जिले के सभी अशासकीय स्कूलों के लिए जारी किया गया है इसपर जिला शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूलों में जबरदस्ती छात्रों को विशेष त्योहार की वेशभूषा पहनाई जाती थी जिसके कारण एक अप्रिय सी स्थिति पैदा हो जाती थी इसलिए ही विभाग द्वारा यह पत्र जारी किया गया है। सामने आए थे कई धर्मपरिवर्तन के मामले दरअसल आप को बतादें कि मध्य प्रदेश में ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्म परिवर्तन करने के भी कई मामले सामने आए थे जिनमें कहीं बच्चों को बाइबल पढ़ाई जा रही थी तो कभी ईसाई तौर तरीके सिखाए जा रहे थे। वहीं ऐसे भी कई मामले सामने आए थे जब ईसाई धर्म के लोगो द्वारा गरीब परिवारों को धन का लालच लेकर उनका धर्म परिवर्तन कराया गया था। इन सभी मामलों को देखते हुए अब बच्चों के अभिभावकों को भी चिंता रहने लगी है जिसपर अब ये फैसला उनको राहत दिलाने वाला साबित हो सकता है। ये भी पढ़ें- आदिपुरूष के बाद अब हनुमान फिल्म पर हो सकता है विवाद
आदिपुरूष के बाद अब हनुमान फिल्म पर हो सकता है विवाद
हम अकसर देखते हैं कि जब भी सिनेमा जगत में धार्मिक पुराणों और कथाओं से जुड़ी फिल्में बनाई जाती हैं तो उनका विरोध काफी ज्यादा देखा जाता है। हालही में रामायण पर बनी अदिपुरुष इसका बड़ा उदाहरण है। जब हिंदुओं के भगवान श्री राम की कथा पर फिल्म बनी तो उसने हर किसी के दिल को चोट पहुँचाई। अदिपुरूष से नाराज हिंदुओं ने omg 2 का भी विरोध किया लेकिन उसको स्वीकार करने के बाद अब एक और ऐसे मूवी सामने आ गई है जिसे हिंदुओं के भगवान हनुमान पर आधारित या संबंधित बताया जा रहा है। ये भी पढ़ें- एक दिन के अंदर देश भर में कोरोना से हुई 500 मौत बतादें कि अभी तक तो इससे जुड़ा कोई विवाद सामने नहीं आया पर अब जब मूवी का ट्रेलर रिलीज हो गया है तो ये देखना होगा कि कहीं आदिपुरुष की तरह ये मूवी भी हिंदुओं की धार्मिक आस्थाओं को ठेस तो नहीं पहुंचाने वाली है। फिल्म में कौन आएगा नज़र फिल्म की बात करें तोफैंस को हनुमान मूवी का बेसब्री से इंतजार था और एक लंबे इंतजार के बार अब हनुमान का ट्रेलर रिलीज हो गया है । इस ट्रेलर में एक सिनेमैटिक यूनिवर्स तैयार किया गया है और इस दुनिया को अंजनाद्री नाम दिया है । फिल्म के लीड रोल में तेज सज्जा नजर आराहे हैं और उनके साथ अमृता अय्यर , वारा लक्ष्मी सरतकुमार और विनय राय महत्वपूर्ण किरदार निभाते नजर आएंगे। क्या है हनुमान फिल्म की कहानी मूवी की अनाउंसमेंट साल 2021 में हो गई थी पर अब जाकर पूरी हुई जिसके बाद अब 12 जनवरी को ये रिलीज होने वाली है हनुमान साल 2024 की पहली मूवी रहने वाली है जिसके कारण इसकी कमाई भी कई गुना बड़ने के चांसेज हैं।हनुमान के ट्रेलर में एक पहाड़ के अंदर से भगवान हनुमान जैसे आकृति नजर आती । मूवी में तेज हनुमंत नाम का किरदार निभा रहे हैं जो ट्रेलर में समुद्र के अंदर जाता दिखाई दे रहा है। मूवी में दिखाया जायेगा कि हनुमंत को भगवान हनुमान की कृपा से शक्तियाँ प्राप्त होंगी वहीं ट्रेलर में विलिन को भी दिखाया गया है । विलिन के पास एक जादुई सूट होता है जिससे उसे शक्तियां मिलती हैं पर वह प्राकृतिक शक्तियां चाहता है जिसके लिए वो अंजनिद्रा पर हमला कर देता है। ये भी पढ़ें- हिमालय की खूबसूरत वादियों में पल रहे हैं कई शैतान, लाएंगे बड़ी तबाही
हिमालय की खूबसूरत वादियों में पल रहे हैं कई शैतान, लाएंगे बड़ी तबाही
हिमालय की खूबसूरती के बीच एक कुछ शैतान भी पल रहे हैं जी हां और ये शैतान कभी भी तबाही लेकर आ सकते हैं । भारत का मुकुट कहा जाने वाले हिमालय को धरती का तीसरा ध्रुव भी कहा जाता है । हिमालय पर्वत में तिब्बत हिंदकुश और तियानशान नामक पहाड़ों की श्रृंखलाएं आती हैं। लेकिन इन खूबसूरत वादियों पर बढ़ते तापमान, बदलते जलवायु और बारिश के बदलते पैटर्न का बुरा असर पड़ रहा है जिसके कारण कभी भी बड़ी तबाही हो सकती है। कभी भी टूट सकते हैं ये ग्लेशियर लेक्स बड़ते तापमान ,बदलते बारिश के पैटर्न के कारण हिमालय के 1000 से ज्यादा ग्लेशियर्स पिघल चुके और पिघलकर ग्लेशियर लेक्स में तब्दील हो गए है। ये ही ग्लेशियर लेक्स वो शैतान है तो कभी भी टूट सकते है । इनके टूटने पर केदारनाथ, सिक्किम ,चमोली जैसे हालात दोबारा पैदा हो जायेंगे। ये भी पढ़ें- एक दिन के अंदर देश भर में कोरोना से हुई 500 मौत रिसर्च में सामने आई ये बातें चाइनीज रिसर्च ऑफ तिब्बतन प्लेच्यू रिसर्च के साइंटिस्ट प्रोफेसर वीकाई वांग ने अपने टीम के साथ इस पर एक गंभीर रिसर्च की है । इस स्टडी को नेचर कम्युनिकेशन में भी जगह मिली है। इस रिसर्च के जरिए साइंटिस्ट का कहना है कि इन झीलों को लेकर पाकिस्तान, भारत, चीन, और नेपाल सभी को एक साथ मिलकर काम करना होगा। इतनी तबाही होने की है आशंका इस जांच में साइंटिस्ट द्वारा सेंटेनल 2ए और 2बी का साल 2018 से साल 2022 तक का डाटा लिया गया था। इलाके के सभी ग्लेशियर्स को पड़ने के लिए इनको सोर्स , खतरे और आकार के मुताबिक वर्गीकृत किया गया। जिसके बाद जो आंकड़े सामने आए वो हैरानी वाले थे। बातदें कि साल 1981 से 1990 में GLOF की घटनाएं 1.5 थी जो साल 2011 से 2020 में बढ़कर 2.7 हो गए थी यानी की इनमे हर साल दुगनी बढ़ोतरी हो रही है। तो वो समय दूर नहीं है जब हिमालय के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों पर खतरा टूट पड़ेगा। बतादे कि स्टडी के हिसाब से तबाही में करीब 2 लाख से ज्यादा लोगों की जान खतरे में हैं। ये भी पढ़ें- शुरू हो गया है IPL का मिनी ऑक्शन, लग चुकी है बेहतरीन को चुनने की होड़
एक दिन के अंदर देश भर में कोरोना से हुई 500 मौत
एक बार फिर देश में कोरोना अपनी दस्तक दे रहा है आंकड़े इस कदर बड़ रहे है कि डर है कही दोबारा साल 2020 वाला समय वापस ना आ जाए। फिर चेहरे पर मास्क हाथ में सैनिटाइजर और दिल में डर ये आलम कहीं दोबारा न आ जाए। कहीं आने वाले नए साल की शुरुआत कोरना के इस नए वेरिएंट के खतरे से तो नहीं होने वाली । ये भी पढ़ें- साल 2024 में शनि इन राशियों पर रहने वाले है मेहरबान केरल में मिला कोरोना का नया वेरिएंट 8 दिसंबर को दक्षिणी राज्य तिरुवंथपुरम में एक महिला के सैंपल में कोरोना का नया वेरिएंट कोविड जेएन.1 पाया गया था। वहीं केंद्र स्वास्थ्य मंत्रायल के अनुसार भारत में बीते दिन सोमवार को कोरोना वायरस के कुल 127 नए केस दर्ज किए हैं जिसमें अकेले केरल से 111 मामले सामने आए हैं।केरल से मिले नए वेरिएंट के बारे में डॉक्टर्स का मानना है कि यह वरिएंट उन लोगों को भी संक्रमित कर सकता है जिन्हें पहले भी कोरोना हो चुका हो साथ ही उनको भी जिन्हें वैक्सीन लग चुकी है। देश भर में हुई 500 मौत जिसके बाद अब देश भर में कोविड 19 के मामलों की संख्या बडकर 1828 हो गई है। कोविड के कारण कल केरल में एक मरीज की मौत हो गई और देश भर में कोरोना से एक दिन में 500 लोगों की मौत हुई। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार अब तक संक्रमण से उबरने वालों की संख्या 4.46 करोड़ हो गई है । और मौत की संख्या देश में 5 लाख से पार हो गई है। केंद्र सरकार ने लिया कोरोना पर ऐक्शन ऐक्शन लेते हुए केंद्र करकार ने सभी प्रदेश सरकारों को ऐडवाईजरी जारी की है कि वह आने वाले त्यौहारी सीजन को देखते हुए प्रदेशों में ऐतिहात बरत लें ताकी आने वाले समय में कोई बड़ी समस्या ना आए। सिंगापुर में 56000 से ज्यादा कोरोना केस बतादें कि कोरोना ने ना केवल देश में बल्कि विदेशों में भी कहर करके रखा है। सिंगापुर में पिछले हफ्ते में 56000 से ज्यादा मामले आए हैं जिसके बाद सरकार द्वारा ट्रैवल ऐडवाईजरी जारी करदी है।यानी दुनिया भर में एक बार कोरोना ने अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है। ये भी पढ़ें- शुरू हो गया है IPL का मिनी ऑक्शन, लग चुकी है बेहतरीन को चुनने की होड़
ज्ञानवापी और मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर आया बड़ा फैसला जानिए पूरी रिपोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 14 दिसंबर, 2023 को मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर से सटी शाही ईदगाह मस्जिद के परिसर का सर्वेक्षण करने के लिए अदालत की निगरानी में अधिवक्ता नियुक्त करने की मांग करने वाली याचिका स्वीकार कर ली थी। न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन ने याचिका स्वीकार करते हुए कहा, आयोग गठित करने के लिए वादी की याचिका स्वीकार की जाती है।जहां तक इस आयोग के तौर तरीकों और प्रारूप का सबंध है इस अदालत को यह उचित प्रतीत होता है कि इस उद्देश्य के लिए पक्षकारों के वकीलों को सुना जाए। अदालत ने सुनवाई की अगली तारिख 18 दिसंबर यानि आज के दिन तय की था. आज के ही दिन ज्ञानवापी सर्वे रिपोर्ट भी पेश की गई है. हिन्दू पक्ष का कहना है कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनी थी. जहां पर स्वास्तिक के निशान और कमल की आकृति देखने को मिली है. ये भी पढ़ें- फिल्म डंकी को लेकर शाहरूख खान के इस बयान से मच सकता है बवाल ज्ञानवापी की ASI रिपोर्ट पेश आज ज्ञानवापी मस्जिद की ASI सर्वे की रिपोर्ट पेश की गई। इस रिपोर्ट को एक सफेद रंग के सीलबंद लिफाफे में पेश किया गया है। बतादें कि मुस्लिम पक्ष की मांग थी कि रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में पेश किया जाए। अब 21 दिसंबर को याचिका करने वालों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी और साथ ही रिपोर्ट की कॉपी दी जाएगी। वहीं इस दौरान हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने रिपोर्ट को सील बंद लिफाफे में पेश करने पर सवाल खड़ा किया उनका कहना है कि यह कोर्ट के आदेश का उलंघन है।वहीं श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़ा बड़ा फैसला भी आया। मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर फैसला सुरक्षित आज ईलाहाबाद हाईकोर्ट में मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी फैसला आने वाला था। ASI सर्वे की मांग को हाईकोर्ट ने मंजूरी दे दी थी जिसके बाद आज 18 दिसम्बर को इसकी दूसरी सुनवाई हुई । आज कोर्ट सर्वे किस तरह से होगा इस पर फैसला लेने वाली थी पर बड़ी खबर सामने आ रही है कि मयंक जैन की कोर्ट ने अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया है। अब अगली सुनवाई 9 जनवरी को होने वाली है।इसी के साथ कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष से भी कहा कि यदि उन्हें कोई अपील करनी है तो वह कर सकते हैं। ये भी पढ़ें- नहीं रहा भारत का सबसे बड़ा शत्रु गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम, जहर से हुई मौत