Aayudh

राम के योध्दा: भोपाल का वो राम भक्त जिसने बाबरी पर लहराया भगवा

राम के योध्दा

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले देवेंद्र सिंह रावत नामक एक राम के योध्दा ने बाबरी विध्वंस के समय हुए अपने अनुभव को आयुध मीडिया की टीम के साथ सांझा किया। जिसे सुनकर हर राम भक्त की आँखे भर उठेंगी। मुस्लिम परिवार को दी अपने परिवार की जिम्मेदारी देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि जब उन्होंने अयोध्या में होने वाली कारसेवा में जाने का मन बनाया। उस वक्त उनके ही पड़ोस में रहने वाले एक मुस्लिम परिवार को राम के योध्दा ने जिम्मेदारी दी कि उनके जाने के बाद वह परिवार की सुरक्षा करें। जिसपर मुस्लिम परिवार ने भी अपने परिवार की तरह ही राम भक्त के परिवार की सुरक्षा की। इस तरह अयोध्या पहुँचे राम के योध्दा जब देवेंद्र अयोध्या के लिए निकले तो उन्हें एक साधु मिले जिन्होंने राम के योध्दा को अपने साथ रख रख लिया। लखलऊ में उन्हें रोक लिया गया तब साधु महाराज ने बताया कि देवेंद्र उनके शिष्य हैं। साधु ने कई बार उन्हें अयोध्या में हुई गोली बारी आदि से भी बचाया। बतादें कि उस वक्त कोई बस आदि यातायात के साधन बंद थे और ट्रेनों में लोगों का सैलाब। ऐसी स्थिती में वह ट्रेन की छत पर चढ़कर अयोध्या पहुँचे। बाबरी मस्जिद की गुम्मद पर चढ़कर तोड़ा ढांचा देवेंद्र ने सभी कारसेवकों के साथ मिलकर बाबरी मस्जिद की पहली गुम्मद पर चढ़कर उसपर भगवा तिरंगा लहराया और हथोड़ा इत्यादी के सहारे पहली गुम्मद को तोड़ दिया। फिर दूसरी गुम्मद को तोड़ा और जब तीसरी गुमम्द की बारी आई तो वह उसे तोड़ते तोड़ते उसके ही ढांचे का साथ नीचे गिर गए। हॉस्पिटल में कुछ दिन रहने का बाद उन्हें होश आया पर ऐसी ही हालत में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिय। राम के योध्दा को इस नेता ने किया परेशान देवेंद्र बताते हैं कि उस वक्त उत्तर भोपाल के एक विधायक आतिफ अकील ने ऐलान किया था कि जो भी कारसेवक भोपाल पहुँचेगा हम उसका सर कलम कर देंगे। लेकिन शहर के हिंदूवादी संगठनों ने सभी कारसेवकों को एक आंच तक नहीं आने दी। हालांकि विधायक और मौजूदा मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उनपर 44 से ज्यादा केस दर्ज कर उन्हें परेशान करने की कोशिश की। राम के याध्दा देवेंद्र सिंह रावत 22 जनवरी को होने वाली राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को अपना सबसे बड़ा सपना मानते हैं। यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश में बरसा मौसम का कहर, ये जिले हाई अलर्ट पर ! वीडियो भी देखें- https://youtu.be/LVCSMemXC-E?si=yPaNfc_kA9YnaIsN

शिवराज मामा सीएम ना रहते हुए भी ले रहे सीएम जैसे फैसले

शिवराज

भले ही इस बार चुनाव जीत कर भी शिवराज सिंह चौहान सीएम के पद पर नहीं बैठ पाए पर 18 साल किए गए शासन से उनकी पकड़ आज भी जनता और सरकारी दफ्तरों में उतनी ही है। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भी पूर्व सीएम आए दिन लाईम लाईट में बने रहते हैं। कभी वह अपने नए सरकारी घर की नेम प्लेट में मामा का घर लिखवाते दिखाई देते हैं तो कभी लाडली बहनों के बीच जाकर उनसे मिलते हुए नज़र आते हैं। लेकिन इस बार जब वह लाईम लाईट में आए तो उनकी कही एक बात से हर कोई हैरान हो गया। शिवराज सिंह चौहान ने काट दी डॉ मोहन की बात शनिवार को पूर्व सीएम भैरूंदा में जनता के बीच थे जब उन्होंने डीजे बैंड वालों से कहा कि आप ढोल बजाओ ताशे बजाओ आप बैंड बजाओ कोई रोक नहीं है,कोई रोकेगा तो मैं देख लूँगा। इस दौरान एक चिकन शॉप चलाने वाले व्यक्ति ने कहा कि मेरा काम पूरी तरह से बंद कर दिया है कोई मेरी बात नहीं सुन रहा है इस पर पूर्व सीएम ने उसे आश्वस्त किया और कहा कि वो इस पर भी बात करेंगे। ढोल और डीजे वालों को दी छूट एक ओर ढोल और डीजे वाले चौहान की बात सुनकर बेहद खुश हो गए और चिकन शॉप चलाने वालों को उनसे न्याय की आस लग गई है। लेकिन सोचने वाली बात ये है कि एक ओर प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शासन में आते ही लाऊडस्पीकर्स पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी वहीं अब पूर्व सीएम लोगों के बीच जाकर उन्हें खुली छूट देते दिखाई दे रहा हैं। ये भी पढ़ें- मध्य प्रदेश में बरसा मौसम का कहर, ये जिले हाई अलर्ट पर ! बतादें कि शिवराज सिंह चौहान की कही एक बात को लेकर जनता की अलग अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कहीं यह घटना दोनों बड़े नेताओं के बीच की चुनावी रंजिश तो नहीं जिसके कारण शिवराज सिंह चौहान , मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की बात को काटते दिखाई दे रहे हैं।

मध्य प्रदेश में बरसा मौसम का कहर, ये जिले हाई अलर्ट पर !

मौसम

इन दिनों मध्य प्रदेश में ठंड ने अपना कोहराम मचा कर रखा है। प्रदेश की राजधानी भोपाल के तो ये हालात रहे कि तीन से चार दिन लोग धूप की राह देखते रहे। वही आज मौसम केंद्र भोपाल द्वारा प्रदेश के कई जिलों में बारिश के साथ कालवृष्टि होने का भी अलर्ट जारी किया गया है।आपको जानकर हैरानी होगी कि इस बार प्रदेश की राजधानी के तापमान ने धर्मशाला के भी तापमान को मात दे दी है। 7 जनवरी को जहाँ धर्मशाला का तापमान 19 डिग्री सेल  रहा वहीं राजधानी भोपाल का 17.5 दर्ज किया गया था। भयानक ठंड का क्या है कारण दरअसल आज सोमवार से हिमालय रीजन में पश्चिमी विक्षोभ सक्रीय हो गया है जो प्रदेश और देश के उत्तर पूर्वी इलाको को ठंडा बनाए रखेगा। इसी कारण से प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलाबृष्टी भी देखने को मिलेगी। साथ ही गुजरात के उपर ट्रॉफ लाईन और वेस्ट यूपी के ऊपर चक्रवर्ती हवाओं का घेरा बना हुआ है जो प्रदेश में होने वाले कोहरे और बारिश का बड़ा कारण है। बतादें कि आज से एक्टिव हुए इस विक्षोभ का असर 11 जनवरी तक रहने वाला है। वहीं मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में 8 और 9 जनवरी को शीतलहर चलने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने जारी किया हाई अलर्ट भोपाल मौसम केंद्र द्वारा अलर्ट जारी किया गया है कि प्रदेश के राजगढ़ ,रतलाम, उज्जैन, आगर मालवा, नीमच, मंदसौर, में बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार सागर, ग्वालियर और चंबल संभागों के जिलों सहित भोपाल , मंदसौर , नीमच, रीवा, मऊगंज, मंडला जिले में घना कोहरा रहने वाला है। यह भी पढ़ें- भोपाल धर्मांतरण मामले में अधिकारियों पर हुई बड़ी कारवाई

भोपाल धर्मांतरण मामले में अधिकारियों पर हुई बड़ी कारवाई

भोपाल धर्मांतरण

मध्य प्रदेश की राजधानि भोपाल से एक बड़ा मामला सामने आया। राजधानी की एक संस्था में  मासूम और बेसहारा बच्चों का धर्मांतरण एक लम्बे समय से चल रहा था और धर्मांतरण कराने वाले भी समाज के ऐसे लोग हैं जिन्हें बकायदा इन बच्चों की जिम्मेदारी दी जाती है। अब इस मामले में बड़ी कारवाई की गई है जिसके तहत गंजबासौदा सीडीपीओ बृजेन्द्र प्रताप सिंह जिनकी पदस्थापना हुई थी, सीडीपीओ कोमल उपाध्याय, महीला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील सोलंकी सहित सहायक संचालक महिला महिला एवं बाल विकास रामगोपाल यादव को नीलंबित किया गया। भोपाल धर्मांतरण का पूरा मामला राजधानी भोपाल में स्थित आंचल चाईड होम्स में अचानक राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग और राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने छापा मारा। और इसके बाद जो पता चला इसे सुनकर हर कोई हैरान हो गया । क्योंकि इस संस्था में अधिकारियों को ऐसे लोगों से जुड़े दस्तावेज मिले जो कल तक चाईल्ड लाईन फॉउनडेशन के लिए काम किया करते थे। ऐसे करते थे बच्चों का धर्मांतरण इंडियन चाईल्ड लाईन फाउंडेशन के तहत अलग अलग जगहों के एनजीओ की मदद से जरूरतमंद बच्चों की मदद की जाती है। इसी के तहत भोपाल में जिस एनजीओ को चाईल्ड लाईन संचालित करने की जिम्मेदारी दी गई वहाँ के कर्मचारी ऐसे बच्चों को ढूढते तो डरूर थे पर इनको सीडब्लूसी के सामने पेश करने के बजाय ईसाई मिशनरी द्वारा संचालित इस एनजीओ में डाल देते थे। ये समाज के तथा कथित जिम्मेदार लोग आम जनता के सामने तो समाज सेवी और बच्चों के हितोषी दिखते हैं पर ये अपने ही संस्था में इन बेसहारा बच्चों को रखते और जिसके बाद में शुरू होता है इनके धर्मांतरण करने का सिलसिला। 26 बच्चियाँ हुई लापता कोई गिनती नहीं हैं कि आज तक इस संस्था के द्वार कितने बच्चों का धर्मांतरण हुआ है और शायद कितने ही बच्चों की तस्करी हुई हो। तस्करी हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि पहली बात तो ये कि यह संस्था ही अबैध रूप से संचालित हो ती है दूसरा कि यहां कितना बच्चे कहा से आए कोई रिकॉड नहीं। बतादें कि संस्था में कुल 68 बच्चियां मिलनी चाहिए थी पर जब अधिकारी पहुँचे तो केवल 41 बच्चियाँ ही संस्था में मिली और बाकी बच्चियाँ कहा है कोई खबर नहीं। यह भी पढ़ें- क्या है न्यूजीलैंड की इस वायरल वीडियो के पीछे की कहानी

राम मंदिर बनने तक के लिए करपात्री महाराज ने ली थी ये प्रतिज्ञा

राम मंदिर

अयोध्या के श्री राम मंदिर बनने को लेकर देश भर के कई साधु संतों ने अलग अलग प्रतिज्ञाएं ले रखी थी। किसी ने मंदिर बनने तक शादी ना करने की ठानी थी तो किसी ने जूते चप्पल छोड़ खड़ाऊँ पहने की प्रतिज्ञा ली। कुछ इसी तरह की प्रतिज्ञा करपात्री जी महाराज ने भी ली थी। राम मंदिर के लिए महाराज ने ली थी यह प्रतिज्ञा महाराज ने राम मंदिर बनने तक दिन में एक बार भोजन करने और उसमें भी केवल 18 कौर खाने की ठान ली थी। संत ने सिले कपड़े ना पहनने और पैरों में खड़ाऊँ पहनने की भी प्रतिज्ञा ली थी। इसके अलावा वह केवल हाथ में ही खाते हैं और हाथ में ही पानी पीते हैं। 22 जनवरी की तिथि से जुड़ा रहस्य करपात्री महाराज ने बताया कि हमारे सनातन धर्म में 4 वेद और 18 पुराण हैं इन दोनों को मिलाकर 22 संख्या बनती है। साथ ही वेदों और पुराणों के मिलने पर ही श्रीराम का जन्म होता है इसलिए 22 जनवरी की तिथि श्रेष्ठ है। यह भी पढ़ें- क्या है न्यूजीलैंड की इस वायरल वीडियो के पीछे की कहानी वह आगे बताते हैं कि जनवरी का महीना ही क्यों चुना गया। वह इसे जनबरी शब्द से जोड़कर बताते हैं कि जन का अर्थ है मनुष्य और बरी का अर्थ है अलग। पर इस जनवरी में जनबरी नहीं होंगे यानी लोग अलग नहीं होंगे एक दूसरे से दूर नहीं होंगे क्योंकि इस जनवरी में श्रीराम लला आ रहे हैं।

क्या है न्यूजीलैंड की इस वायरल वीडियो के पीछे की कहानी

न्यूजीलैंड

अब तक आपने ये वीडियो तो आपने देख ही लिया होगा ,इस वीडियो में दिखने वाली महिला अजीबो गरीब भाषा में कुछ कहती दिखाई दे रही हैं । दरअसल ये न्यूजीलैंड की पारलियामेंट का वीडियो है जिसमें दिखने वाली महिला ,सबसे युवा सांसद रावहिती मैपी क्‍लार्क हैं जो माओरी भाषा में अपना पहला भाषण दे रही हैं । यह भी पढ़ें- पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ली श्री राम पर राजनीति करने वालों की क्लास इस भाषण में वह वोटर्स को वादा कर रही हैं । वह कह रही हैं कि वह उनके लिए जान भी दे सकती हैं। न्यूजीलैंड की युवा सांसद के इस भाषण की हर कोई तारीफ करता दिखाई दे रहा है। साथ ही बतादें कि ये वीडियो साल 2023 का है पर अब जाकर ये सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा

मुस्लिम राम भक्त रूबीना को मिल रही जान से मारने की धमकी

राम , रूबीना

देश भर में श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर हर्षोल्लास का माहौल है। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के लिए ना केवल हिंदू समुदाय में खुशी की लहर है बल्कि कई मुस्लिम समुदाय के लोग भी इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ऐसी ही एक मुस्लिम महिला रूबीना आसिफ खान ने जब श्रीराम की भक्ति करना शुरू किया तो उन्हें एक धमकी भरा खत मिला।इस खत में रूबीना को जान से मारने की धमकी दी गई है। 72 घंटे के अंदर मारने की दी धमकी बतादें कि रूबीना अलीगढ़ में रहने वाली एक भाजपा नेता है जो अक्सर अपने हिंदू धर्म के प्रति प्रेम के दरशाती रहती हैं। वह कभी माँ दुर्गा की मूर्ति अपने घर में स्थापित कराती हैं तो कभी भगवान गणेश की अराधना करती दिखाई देती हां। और इस बार भी श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के करीब आते उन्होंने 1 जनवरी को अपने घर में श्रीराम दरबार की स्थापना करवाई है। जिसकी पूजा 22 जनवरी तक चलने वाली है। लेकिन इसी बीच उन्हें एक धमकी भरा पत्र मिला है जिसमें रूबीना को 72 घंटों के अंदर मारने की धमकी दी गई है।  रूबीना पर पहले भी हो चुके कई हमले रूबीना का कहना है कि जब वह सुबह उठ कर अखबार लेने दरवाजे पर पहुँची तो उन्हें यह पत्र मिला जिसे डालने वाला युवक भी कैमरे में कैद हुआ है।जिसके बाद रूबीना ने पूरी जानकारी पुलिस को दी । रूबीना का कहना है कि धमकी भरे लैटर में लिखा था कि रूबीना आसिफ खान तू बहुत बड़ी राम भक्त बनती है ना 72 घंटे में तुझे और तेरे पूरे परिवार को मार देंगे। रबीना ने आगे बताया कि उन्हें पहले भी ऐसी धमकियाँ मिल चुकी हैं। उनके परिवार पर हमले हुए हैं और उनके बच्चे को भी गोली लगी साथ ही वह भी मरते मरते बची हैं। रूबीना का कहना है कि लैटर कट्टरपंथियों द्वारा भेजा गया है। यह भी पढ़ें- पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ली श्री राम पर राजनीति करने वालों की क्लास

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ली श्री राम पर राजनीति करने वालों की क्लास

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री , राम

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अक्सर अपने हिंदू राष्ट्र वाले बयानों के लिए जाने जाते हैं। शास्त्री जी से भूत जितना डरते हैं उनकी फैन फॉलोइंग देखकर उतना ही डर नेताओं को भी बना रहता है। क्योंकि धीरेंद्र शास्त्री ने कई बार राजनैतिक गलियारों के बड़े बड़े खिलाड़ियों की भी पोल पट्टी खोलकर रखी है। इसी बीच एक बार फिर एक नेता शास्त्री जी के गुस्से का शिकार हो गया है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री नेता के श्री राम के खिलाफ दिए बयान को लेकर इतने खफा हुए कि उन्होंने कहा कि रावण के खानदान वालों सेम टू यू। नेता कर रहे श्री राम के नाम पर राजनीति दरअसल एक ओर जहाँ देश भर में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर बेसब्री से लोग इंतजार कर रहे हैं ऐसे में कई राजनैतिक दल राम मंदिर और भगवान श्री राम को लेकर तरह तरह के बयान देते नजऱ आ रहे हैं। नेता अपना राजनैतिक उल्लू सीधा करने के लिए भगवान के नाम का इस्तमाल कर रहे हैं। ऐसा ही कुछ एनसीपी नेता जीतेंद्र आव्हाड ने बयान दिया उन्होंने कहा कि भगवान राम बहुजन समाज से थे वह शाकाहारी नहीं ,मांसाहारी थे। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ली नेता की क्लास नेता ने अपने इस बयान पर लोगों से माफी मांग ली है हो सकता है लोगों ने उन्हें माफ कर भी दिया हो पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इस पर कहने से अपने आपको रोक नहीं पाए। उन्होंने नेता को मूर्ख बताया साथ ही उन्हें राक्षसी प्रवृत्ती का कहा। शास्त्री जी ने कहा कि “यह सभी हिंदुओं और सनातनियों के लिए सबसे बड़ी जीत है। यह उत्सव दिवाली से बहुत ज्यादा खास है इस दिन का इंतजार सबको है दुनिया भर से सभी भगवान राम के भक्त और सभी भारतीयों को इस दिन का इंतजार हैं। राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर देश भर में खुशी का माहौल है और अयोध्या में कार्यक्रम की तैयारियाँ तोज़ हो गई हैं। बतादें कि समारोह के एक हफ्ते पहले से ही मंदिर में वैदिक अनुष्ठानों की शुरूआत कर दी जाएगी। यह भी पढ़ें- प्राण प्रतिष्ठा समारोह में इकबाल अंसारी बने मुख्य यजमान

पार्टी के बड़े नेताओं ने फिर जताई केजरीवाल के गिरफ्तार होने की आशंका

अरविंद केजरीवाल

जल्द ही दिल्ली के मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी गिरफ्तार कर सकती है। बतादें कि लम्बे समय से बड़े नेता की गिरफ्तारी को लेकर आशंकाएं जताई जा रही हैं। ये आशंका आम आदमी पार्टी के ही समर्थकों और खुद मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा ही जताई जा रही हैं। बतादें कि ईडी द्वारा केजरीवाल को कई बार समन जारी कर चुकी है पर केजरीवाल नहीं गए। जिसके बाद अब फिर पार्टी के बड़े नेता और खुद केजरीवाल अपनी गिरफ्तारी की बातें करते देखे जा रहे हैं। आप नेताओं ने ही जताई गिरफ्तारी की आशंका बुधवार को पार्टी के नेताओं ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की बात कही। उनका कहना है कि आज ईडी उनके घर छापा मार सकती हैं और अपने साथ नेता को भी गिरफ्तार कर ले जा सकती है। बतादें कि दिल्ली सरकार की मंत्री अतिशी , सौरभ भारद्वाज और राज्य सभा के सांसद संदीप पाठक ने इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया अकॉउंट पर दी।वहीं आज केजरीवाल के घर पर सुरक्षा भी बड़ा दी गई है साथ ही लगातार उनसे मिलने वालों की कतार लगी हुई है। बुलाने पर भी नहीं गए। यह है केजरीवाल की गिरफ्तारी का कारण बता दें कि दिल्ली शराब नीति में कथित घोटाला केस में ईडी ने मुख्यमंत्री को तीसरा नोटिस जारी कर 3 जनवरी को पेश होने के लिए कहा था। इसके पहले भी जब ईडी द्वारा समन भेजा गया तो वह पेश नहीं हुए थे और ना ही अब हुए।इससे पहले भी ED के भेजे गए 2 समन को लेकर अरविंद केजरीवाल ने लिखित जवाब भेजकर सवाल खड़े किए थे। नेता ने लगाए भाजपा पर आरोप वह समन को गैरकानूनी और राजनीति से प्रेरित बताते हुए पूछताछ में शामिल नहीं हुए थे। पहले केजरीवाल को दो नवंबर और 21 दिसंबर 2023 को ED ने पेश होने के लिए समन भेजा था। नेता का कहना है कि ईडी भाजपा के लिए काम करता है और वह मिलकर उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार करने नहीं देना चाहते और इसलिए ही उन्हें कथित झूठे मामलों में जेल भिजवाना चाहते हैं।   यह भी पढ़ें- उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ की जान को किससे है खतरा

उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ की जान को किससे है खतरा

योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा से ही उनकी निडरता के कारण ना केवल देश भर में प्रसिद्ध हैं बल्कि उनके व्यक्तित्व के चर्चे दुनिया भर में फैले हुए हैं। ऐसे में सीएम योगी के दुश्मनों की भी एक लम्बी लिस्ट है। जिसके चलते ही कुछ पहले एक खबर चर्चा में आई थी जिसमें भारतीय किसान मंच और भारतीय गौ सेवा अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी को कथित तौर पर ईमेल के ज़रिए एक धमकी मिली थी। जिसपर द्वेंद्र तिवारी का कहना था कि वह पाकिस्तानी ऐजेंसी आईएसआई के आतंकियों द्वारा दी गई है। धमकी में थी योगी को जान से मारने की बात इस धमकी में आतंकियों ने सीएम योगी समेत राम मंदिर को बम से उड़ाने और एसटीएफ चीफ को जान से मारने की बात कही गई थी। जिस के बाद से ही देवेंद्र अपनी सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी की मांग कर रहे थे। जब इस मामले को लेकर पुलिस प्रशासन और जांच ऐजेन्सियाँ हरकत में आई तो मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इन दो आरेपियों का नाम ताहर सिंह और ओमप्रकाश है जिन्हें पुलिस ने लखनऊ ने पकड़ा है। इन दो आरोपियों ने ही फेक आईडी से देवेंद्र तिवारी को धमकी दी थी । कौन है नेता का जानी दुश्मन ये जानकर आपके पैरों तले ज़मीन खिसक जाएगी कि इस पूरी साज़िश का मास्टरमाइंड खुद देवेंद्र ही था। आरोपियों ने अपने बयान में साफ किया कि देवेंद्र ने ही उनको नए फोन दिए और फेक आईडी के ज़रिए ऐसा मेल भिज वाया। जिसमें पीछे का सिर्फ एक ही उद्देश्य था कि वह सोशल मीडीया पर फेमस हो जाए और बड़ा नेता बन जाए साथ उन्हें भी कोई बड़ी सिक्योरिटी सरकार के द्वारा मिल जाए। बतादें कि सच सामने आने का बाद से ही देवेंद्र गायब है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। यह भी पढ़ें- प्रेमानंदजी महाराज के बचपन का ये अनसुना किस्सा जानकर हो जाएंगे हैरान