राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में नहीं होंगे ये दिग्गज नेता शामिल

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह आने वाली 22 जनवरी को होने वाला है। इस कार्यक्रम के लिए देश के कोने कोने से विशेष लोगों के निमंत्रण दिया गया है। समारोह में साधु संतों के साथ ही राजनैतिक दलों को भी न्योता मिला है पर कई दलों के नेता श्रीराम मंदिर के इस ऐताहासिक समारोह में सम्मिलित नहीं होंगे। वामपंथी पार्टियाँ नहीं होंगी सम्मिलित श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में वामपंथी पार्टियों ने शामिल होने से मना कर दिया है। बतादें कि वामपंथी नेता वृंदा करात ने राम मंदिर का निमंत्रण स्वीकार नहीं किया। उनका कहना है कि इसके पीछे उनकी पार्टी की बुनियादी सोच है। वह आगे कहती हैं कि भारत की सत्ता किसी धर्मिक रंग की नहीं होनी चाहिए। साथ ही नेता ने राम मंदिर समारोह के कार्यक्रम का राजनैतिक इस्तमाल होने के भी आरोप लगाए हैं। समाजवादी पार्टी ने भी निमंत्रण किया अस्वीकार समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को विश्व हिंदू परिषद के आलोक कुमार ने निमंत्रण दिया था। इस निमंत्रण को अखिलेश ने स्वीकार नहीं किया। उनका कहना है कि उनके लिए तो पीडीए ही भगवान है जिसका मतलब है पिछड़ा, दलित और अल्प संख्यक है। वह आगे कहते हैं कि जब भगवान बुलाएँगे तो वह अयोध्या कार्यक्रम में जाएँगे। राम मंदिर के समारोह ये कांग्रेसी नहीं होंगे शामिल कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने जानकारी दी कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी , मौजूदा अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा सांसद अधीर रंजन चौधरी शामिल नहीं होंगे। यह भी पढ़ें- जब राम बुलाएँगे तब अयोध्या प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अखिलेश जाएँगे
जब राम बुलाएँगे तब अयोध्या प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अखिलेश जाएँगे

राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए लग भग हर भारतीय इंतजार कर रहा है। वहीं देश की वामपंथी पार्टियों ने समारोह का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया है। साथ ही समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी अब राम मंदिर से जुड़ी बड़ी बात कह दी है। अखिलेश यादव ने फिर दिया बयान हाल ही में अखिलेश यादव ने बयान दिया कि किसी का कोई भगवान हो हमारा भगवान तो PDA है। जहाँ PDA से अखिलेश का मतलब पिछड़ा, दलित और अल्प संख्यक था। बतादें कि जब पत्रकारों ने अखिलेश यादव से राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आने का बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्हें निमंत्रण नहीं मिला। पर जब विश्व हिंदू परिषद से इस बारे में प्रश्न किया तो उन्होंने बताया कि अखिलेश को निमंत्रण दिया गया पर उन्होंने स्वीकार नहीं किया। जब राम बुलाएँगे तब पहुँचेंगे अयोध्या अखिलेश ने ये बयान तब दिया था जब विश्व हिंदू परिषद के आलोक कुमार उन्हें निमंत्रण देने पहुँचे। उनका कहना था कि हम आलोक कुमार को नहीं जानते और जिसको हम जानते ही नहीं उनको ना तो निमंत्रण दिया जाता है और ना ही उनका निमंत्रण लिया जाता है। जब भगवान बुलाँएगे तब जाएंगे वह आगे कहते हैं कि किसी का कोई भगवान हो हमारा भगवान तो PDA है।अखिलेश के इस बयान पर आलोक कुमार का कहना है कि पहले वह कह रहे थे कि अगर बुलाएंगे तो जाएंगे। अब जब बुलाया तो वह कह रहे हैं जब राम बुलाएंगे ते जाएंगे। अब देखते हैं कि श्रीराम उन्हें बुलाते हैं या नहीं। अगर वह नहीं आए तो समझ जाएंगे कि श्रीराम ने उन्हें बुलाया ही नहीं। यह भी पढ़ें- स्वामी प्रसाद मौर्य ने फिर दिया राम मंदिर से जुड़ा विवादित बयान
स्वामी प्रसाद मौर्य ने फिर दिया राम मंदिर से जुड़ा विवादित बयान

समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर हिंदू धर्म और राम भक्तों के लेकर ज़हर उगला है। नेता अक्सर हिंदू धर्म को लेकर विवादित बयान देते आए हैं। अब उन्होंने कारसेवा में जाने वालों के आराजक तत्व कहा और उनपर हुई फायरिंग को भी सही ठहराया। कारसेवकों पर फायरिंग को दी क्लीन चिट इन दिनों जहाँ देश के हर कोने में राम मंदिर के लिए कारसेवा करने वाले राम भक्तों की लोग पूजा कर रहे हैं उनके संघर्ष की प्रशंसा कर रहे हैं। ऐसे में समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने राम भक्तों को आराजक तत्व कह दिया। वह कहते हैं कि जिस समय अयोध्या में राम मंदिर सो जुड़ी घटना घटी थी उस वक्त बिना कियी न्यायपालिका के आदेश के वहाँ आराजक तत्वों ने तोड़ फोड़ की थी। स्वामी प्रसाद मौर्य पहले भी दे चुके हैं ऐंसे बयान वह आगे तत्कालीन समाजवादी पार्टी के कहने पर कारसेवकों पर होने वाली फायरिंग को भी क्लीन चिट देते हैं। वह कहते हैं तत्कालीन सराकर ने कानून की रक्षा के लिए, संविधान की रक्षा के लिए और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए यह कारवाई कर अपना कर्तव्य पूरा किया था। इसके पहले भी वह रामचरितमानस को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। साथ ही मौर्य ने ही बयान दिया था कि बौद्ध मठों को तोड़कर ही हिंदू मंदिर बनाए गए हैं। यह भी पढ़ें- शाजापुर में श्रीराम फेरी पर हुआ हमला, जिहादियों ने घरों से बरसाए पत्थर
उस्ताद राशिद खान की मौत का ये है बड़ा कारण

आज हम आपको बताएंगे संगीत के उस सरताज के बारे में जिसकी आवाज का दीवाना कोई ना हो ऐसा हो नहीं सकता। इस गायक का गाया हुआ गाना आओ गे जब तुम साजना सुपरहिट गानों की लिस्ट में सबसे ऊपर नज़र आता है पर इस गाने को गाने वाले संगीतकार उस्ताद राशिद खान अब किसी महफिल में नज़र नहीं आएगा। उसके गाए हर गाने से लोग उसे अपने दिलों में हमेशा याद रखेंगे। उस्ताद का रामपुरा– सहसवान घराने से है ताल्लुक संगीत के उस्ताद राशिद खान का निधन कल कोलकाता के एक अस्पताल में 55 वर्ष की आयु में हो गया है। गायक कैंसर से पीड़ित थे जिसके इलाज के लिए उन्हें 22 नबम्बर को कोलकाता के पीयरलेस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद कल उनका निधन हो गया और आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।राशिद रामपुरा – सहसवान घराने से ताल्लुक रखते हैं जिसके संस्थापक उस्ताद इनायत हुसैन खान उनके परदादा लगते थे। उस्ताद राशिद खान के फेमस गाने बचपन से गायक को गाने में थोड़ी बहुत रूची थी जिसक् बाद उन्हें निसार हुसैन खान और गुलाम मुस्तफा खान से संगीत की ट्रेनिंग मिली। अपनी अदभुत कला के कारण उन्हें साल 2006 में पद्मश्री और फिर संगीत नाटक आकादमी पुरूस्कार से नवाज़ा गया था। अगर राशिद के मशहूर गानों की बात की जाए तो उन्होंने आओगे जब तुम ओ साजना, तू बन जा गली बनारस की , अल्लाह ही रहम, काहे उजाड़ी मोरी नींद, तोरे बिना मोहे चौन नहीं, जैसे गाए थे। और यही सदाबहार गानों से उस्ताद राशिद खान भी सभी लोगों के दिल में हमेशा जिंदा रहेंगे। यह भी पढ़ें- अयोध्या की इस बैंक में पैसों की जगह जमा होता है सीता राम नाम
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले राम लला की प्रतिमा का इस दिन होगा नगर भ्रमण

भारत देश के सम्पूर्ण नागरिक इन दिनों केवल 22 जनवरी की ही प्रतीक्षा में लगे हुए हैं। 22 जनवरी ही वो दिन है जिस दिन हिंदू समुदाय की वर्षों पुरानी अभिलाषा पूरी होगी। इस दिन जब राम लला की जन्मभूमि पर बने मंदिर में उनकी प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी तो देश के हर कोने में दिवाली मनाई जाएगी। साथ ही समारोह से एक हफ्ते पहले अयोध्या में 17 जनवरी को राम लला की प्रतिमा का नगर भ्रमण कराया जाएगा पर इस दौरान प्रतिमाओं की आँखों पर पट्टी बंधी रहेगी। क्यों बांधी जाती है प्राण प्रतिष्ठा से पहले आँखों पर पट्टी राम लला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले 17 जनवरी को उनकी मूर्ति को नगर भ्रमण पर निकाला जाएगा। नगर भ्रमण के दौरान राम लला की आँखों में पट्टी बाँध दी जाएगी। माना जाता है कि जब कोई भक्त प्रभु को प्रेम से निहारता है तो प्रभु भी उसी ओर प्रेम से देखते हैं। जब भक्त प्रभु की आँखों में आँखें डालता है तो प्रभु उस भक्त के साथ ही चल देते हैं। इस दौरान भक्त और भगवान दोनों में सकारात्मक ऊर्जा का आदान प्रदान होता है। नेपाल से आए शालिग्राम से बनी राम लला की प्रतिमा राम मंदिर में राम लला की जिस प्रतिमा को स्थापित किया जाएगा वह किसी आम पत्थर या धातु की नहीं है। यह प्रतिमा नेपाल की नारायणी नदी से लाए गए श्री शालिग्राम भगवान को तराशकर बनाई गई है। बतादें कि शालिग्राम भी भगवान विष्णु का ही एक विग्रह हैं और श्रीराम भी उनके सातवें अवतार हैं जिस कारण ही शालिग्राम पत्थर का इस्तेमाल राम मंदिर की प्रतिमा के लिए किया गया। यह भी पढ़ें- शाजापुर में श्रीराम फेरी पर हुआ हमला, जिहादियों ने घरों से बरसाए पत्थर
शाजापुर में श्रीराम फेरी पर हुआ हमला, जिहादियों ने घरों से बरसाए पत्थर

देश के अलग अलग जगह श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर जोरों शोरों से तैयारियाँ की जा रही हैं। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में अक्षत वितरण के लिए श्रीराम फेरी लगाई जा रही हैं। एक ओर देश भर के अलग अलग इलाकों में इन फेरियों पर फूल बरसाए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश के शाजापुर में इन राम भक्तों पर पथराव होने की बात सामने आई है। श्रीराम फेरी पर घर की छतों से हुआ पथराव 8 जनवरी की शाम शाजापुर में श्रीराम फेरी निकाली जा रही थी इस दौरान एक बड़ी संख्या में हिंदू कार्यकर्ता फेरी में सम्मिलित हुए थे। फेरी में भगवान राम के भजनों की धुन चल रही थी। जब फेरी शहर के हररायपुर क्षेत्र की एक मस्जिद से पास पहुँची तो राम भक्तों पर अचानक से पथराव शुरू हो गया।यह पथराव मुस्लिम बहुल क्षेत्र के घरों से किया गया था। मुस्लिम महिलाँए भी इस पथराव में शामिल थी साथ ही इस दौरान कुछ लोग तलवार लाकर राम भक्तों पर हमला करने लगे थे। इस हमले में कई कार्यकर्ता गम्भीर रूप से घायल हुए। राम भक्तों ने की बुलडोजर कारवाई की मांग एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पता चला है कि जब श्रीराम फेरी मुस्लिम बहुल क्षेत्र में पहुँची तो कुछ मुस्लिम लोगों ने हिंदू कार्यकर्ताओं को धमकाते हुए कहा कि यह मुस्लिमों का क्षेत्र है यहाँ श्रीराम फेरी नहीं निकल सकती। जब राम भक्तों ने बात नहीं मानी तो जिहादी मानसिकता के लोगों द्वारा श्रीराम फेरी पर हमला किया गया। यह भी पढ़ें- अयोध्या की इस बैंक में पैसों की जगह जमा होता है सीता राम नाम हमला होने के बाद पुलिस द्वारा सभी हमलावरों को ढुंढा जा रहा है। कुछ आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है वहीं कुछ अभी भी फरार हैं। हिंदू संगठन के लोग जिन घरों से पथराव हुआ उनके घरों पर बुलडोजर कारवाई करने की मांग कर रहे हैं। यह भी पढ़ें- गौरक्षक बिट्टू बजरंगी के भाई की दिल्ली AIIMS में हुई मौत वीडियो भी देखें-
अनुपमा ने कही सनातनी और भस्म आरती से जुड़ी ये बड़ी बात

मध्य प्रदेश स्थित बाबा महाकाल के चमत्कार को तो हर कोई जानता है। बाबा के दर्शन करने के लिए बड़े बड़े राजनैताओं के साथ ही फिल्मी जगत के मशहूर चेहरों की भी भीड़ लगी रहती है। ऐसे ही टीवी के मशहूर शो और लगभग हर घर में देखे जाने वाले सारियल अनुपमा में अनुपमा का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस रूपा गाँगूली भी हाल ही में उज्जैन पहुँची थी। अनुपमा ने किए बाबा महाकाल के दर्शन जिसके बाद उन्होंने मंदिर से जुड़ा एक ऐसा किस्सा बताया जिसे सुनकर एक्ट्रेस के फैंस तो खुश हुए ही साथ में बाबा महाकाल के भक्तों का भा विश्वास हुआ। एक्ट्रेस हमेशा से ही सारियल में अपने देसी और आत्मविश्वास से भरे किरदार के कारण फैंस के दिलों पर छाई रहती हैं। एक्ट्रेस 7 जनवरी को बाबा महाकाल के दरबार में पहुँची जहाँ उन्होंने बाबा की भस्म आरती में सम्मिलित हुई और हॉल में बैठकर उन्होंने भगवान शिव का ध्यान भी किया । भस्म आरती को लेकर कही ये बात इस वक्त मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हर सनातनी को अपने जीवन में कम से कम एक बार तो भस्म आरती ज़रूर देखनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने भस्म आरती का महत्व भी बताया। रूपा ने मीडिया को बताया कि बाबा महाकाल के इस मंदिर से उनके कई अनुभव जुड़े हुए हैं यहाँ आ कर उनकी कई यादें ताज़ा हो जाती है। साल 2020 में भी वह महाकाल मंदिर आई थी उस वक्त मंदिर के अंदर ही उन्हें सीरियल अनपमा में अनुपमा बनने का काम मिला था। वह कहती हैं कि उन्हें जब भी समय मिलता है वह बाबा महाकाल के द्वार आ जाती हैं। यह भी पढ़ें- अयोध्या की इस बैंक में पैसों की जगह जमा होता है सीता राम नाम
अयोध्या की इस बैंक में पैसों की जगह जमा होता है सीता राम नाम

जब भी मनुष्य जीवन में धन संग्रह की बात आती है तो हम अलग अलग बैंक में अपने खाते खुलवा लेते हैं। लेकिन इन बैंकों में रखा हुआ धन केवल हमारे जीवित रहने तक ही हमारे काम आ सकता है। पर अयोध्या में स्थित सीता राम नाम बैंक एक ऐसा बैंक है जहाँ जमा किया हुआ धन मृत्यु के बाद भी हमारा साथ देता है। सीता राम नाम बैंक इस अंतरराष्ट्रीय श्रीसीता राम नाम बैंक की ख़ासियत ये है कि इस बैंक में धन के रूप में कोई पैसा नहीं रखा जाता है अपितु यहाँ सीता राम नाम का खाता खोला जाता है। इस बैंक में सीता राम का नाम ही धन के रूप में जमा होता है। इस बैंक में राम नाम की करोंड़ो की राशि जमा की गई है। कैसे खुलता है इस अनोखे बैंक में खाता इस बैंक में खाता खुलवाने के लिए व्यक्ति को ढाई लाख बार सीता राम लिखकर जमा करना होता है। जिसके बाद में खाता खुलने का एक लम्बा इंतजार भी करना पड़ता है। बतादें कि अब तक इस बैंक के 28 हजार से ज्यादा खातेदार हैं। सीता राम नाम बैंक के खातदारों को बकायदा पासबुक भी दी जाती है। सीता राम नाम बैंक की स्थापना सीता राम नाम बैंक की स्थापना सन 1970 में श्रीराम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने की थी। तब से अयोध्या के वाल्मीकि रामायण भवन में इसका हेड ऑफ़िस स्थित है। यह बैंक मणि राम दास छावनी में बना हुआ है। साथ ही यह बैंक ना केवल पूरे देश में प्रसिद्ध है बल्कि विदेशों से भी लोग इस बैंक में खाता खुलवाने आते हैं। इस बैंक की अयोध्या के अलावा 136 शाखांए देश भर में मौजूद हैं। यह बैंक अलग अलग भाषाओं जैसे मराठी, गुजराती, बंगाली , तमिल, तेलुगु में भी सेवाएं प्रदान करता है। राम नाम की राशि को कहाँ जमा किया जाता है गोपाल दास जी महाराज कहते हैं कि इन करोड़ों की संख्या में जमा किए गए राम नाम को सम्मान के साथ माँ सरयू में जमा कर दिया जाता है। वह बताते हैं कि जो भी धन राशि लोग अपने मन अनुसार दान कर के जाते हैं उसी धन से राम नाम लिखने की कॉपियाँ तैयार की जाती हैं। वह बतादें अभी भी बैंक में जुड़ ने का लिए 10 हजार लोगों की लाईन है। जो भी बैंक में राम नाम का कोई विशेष रिकॉर्ड आदि बनाता है उसे बैंक की ओर से प्रमाण पत्र भी दिया जाता है। यह भी पढ़ें- राम के योध्दा: भोपाल का वो राम भक्त जिसने बाबरी पर लहराया भगवा
गौरक्षक बिट्टू बजरंगी के भाई की दिल्ली AIIMS में हुई मौत

बीते साल 13 दिसम्बर को गौ रक्षक बिट्टू बजरंगी के भाई महेश पांचाल पर जानलेवा हमला हुआ था। बताया जा रहा है कि यह हमला कार सवार कुछ बदमाशों ने किया था। जिसके बाद अब दिल्ली के ऐम्स अस्पताल में उनकी मौत हो गई है। बिट्टू बजरंगी के भाई पर हुआ था हमला बदमाशों ने महेश को जान से मारने के लिए उन पर थिनर डालकर आग लगा दी थी जिसमें उनका 60 प्रतिशत शरीर जल गया था। हादसा होने के बाद बिट्टू बजरंगी के भाई को अस्पताल ले जाया गया था पर स्थिति गम्भीर होने का कारण उन्हें दिल्ली रेफर करना पड़ा। बतादें कि तब से बिट्टी बजरंगी के भाई दिल्ली एम्स में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे थे पर महेश इस लड़ाई में हार गए। दिल्ली के एम्स अस्पताल में बिट्टू बजरंगी के भाई महेश की मौत हो गई है। ऑल्ट न्यूज़ के मोहम्मद जुबेर पर हुई एफआईआर बतादें कि इस हमले को लेकर फरीदाबाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई जिसकी जांच हरयाणा पुलिस की एसआईटी कर रही है। इसके पहले 22 दिसम्बर को हिंदुस्तान टाईम्स में एक खबर छापी गई थी जिसमें लिखा था कि बिट्टू बजरंगी के भाई की मौत हो गई है इस न्यूज़ को ऑल्ट न्यूज़ के सह- संस्थापक मोहम्मद जुबेर ने शेयर किया था वह पहले भी बिट्टू और उनके भाई के खिलाफ अफवाहें फैला चुके हैं । जिसके बाद बिट्टू बजरंगी ने जुबेर के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई थी। पर अब ये खबर सच हो गई। बतादें कि पुलिस का कहना है कि अब तक हमलावरों की कोई जानकारी नहीं मिली है पर पुलिस अपना काम कर रही है। यह भी पढ़ें- राम के योद्धा: कारसेवक ने बताया कि बाबरी विध्वंस के समय क्या थी स्थिति
राम के योद्धा: कारसेवक ने बताया कि बाबरी विध्वंस के समय क्या थी स्थिति

राम मंदिर के निर्माण के लिए लाखों कारसेवक अपने प्राणों को हथेली पर रख कर अयोध्या पहुँचे थे। इन राम भक्तों में से कुछ ने अपनी जान की बाजी लगा दी तो कुछ घायल अवस्था को प्राप्त हुए। ऐसे ही एक राम के योद्धा ने आयुध मीडिया की टीम के साथ अपना बाबरी विध्वंस के समय का अनुभव सांझा किया। राम के योद्धा ने बताया अपना अनुभव भगवान सिंह नामक एक कारसेवक ने आयुध की टीम को बताया कि जब वह कॉलेज के प्रथम वर्ष में थे तो बाबरी विध्वंस की तैयारियाँ की जा रही थी। जब लोगों ने उनसे राम शिला के लिए समर्थन मांगा तो भगवान सिंह ने भी अपना योगदान दिया। इसी कढ़ी में राम के योद्धा ने कारसेवा में जाने का संकल्प ले लिया। भगवान सिंह 5 साथियों समेत 25 अक्टूबर को अयोध्या के लिए रवाना हुए। उस वक्त उन्हें साथियों सहित हनुमान गढ़ी के ही निकट बने हनुमान मंदिर के आश्रम में रुकने को कहा गया। अयोध्या में पहुँचे लाखों कारसेवक राम के योद्धा ने बताया कि 30 अक्टूबर आते आते अयोध्या में लाखों की संख्या में कारसेवक आ गए थे। जैसी ही सभी कारसेवकों ने बाबरी ढांचे की ओर कूच किया तो पुलिस फोर्स ने भी अपना पूरा बल लगा दिया। पहले तो पुलिस ने लाठियों का इस्तमाल किया लेकिन कारसेवकों का हौंसला कम नहीं हुआ। जब लाठियों से बात नहीं बनी तो पुलिस ने फायरिंग करने की बात कही लेकिन राम के भक्त रूके और डरे नहीं। मरने वाले कारसेवकों की बताई गलत संख्या इस फायरिंग के चलते हुए भी कारसेवकों ने अपनी कारसेवा नहीं रोकी और बाबरी के ढांचे का करीब पहुँच गए। इस फायरिंग में हजारों की संख्या में जन हानी हुई जिसे तत्कालीन अखबारों में 40 बताया जा रहा था। अंधाधुन फायरिंग के चलते हुए भी कारसेवकों ने बाबरी के ढांचे को हानी पहुँचा ही दी। इस दौरान भगवान सिंह को भी पैर में गोलियाँ लगी जिसके बाद उन्हें कई दिन अस्पताल में गुजारने पढ़े। भगवान सिंह का कहना है कि आज उन्हें बेहद खुशी होती है कि उनकी ही आँखों के सामने राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। यह भी पढ़ें- राम के योध्दा: भोपाल का वो राम भक्त जिसने बाबरी पर लहराया भगवा वीडियो भी देखें-