सीमा हैदर ने भी गाया भगवान राम का भजन राम आएंगे

22 जनवरी को श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राम प्रतिष्ठा होगी। इस दिन का देश विदेश में सभी भक्त बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। चारों तरफ भगवान राम के ही गीत गूँज रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर भी राम भजन गुन गुनाती नज़र आई। सीमा हैदर पर भी चढ़ा राम रंग इन दिनों जिस तरह देश के दूसरे लोग भगवान राम के भजन गाते दिखाई दे रहे हैं। उसी तरह विदेश से भारत आई सीमा हैदर भी राम रंग में रंगी दिखाई दी। सीमा हैदर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तोज़ी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में सीमा श्रीराम का प्रसिद्ध भजन मेरी झोपड़ी के भाग्य आज जाग जाएंगे राम आएंगे गा रही हैं। सीमा हैदर पाकिस्तान की रहने वाली थी जिनको नोएडा के सचिन से पबजी गेम खेलते खेलते प्यार हो गया था। सीमा सचिन के लिए अपने मुल्क को छोड़कर अपने बच्चों सहित भारत आ गई। सीमा और सचिन ने खुशी खुशी एक दूसरे के साथ की । जिसके बाद से ही उन्होंने सचिन के धर्म को भी अपना लिया। वह अक्सर हिंदू देवी देवताओं की पूजा करती हुई दिखाई देती हैं। यह भी पढ़ें- सामने आ गया राम लला की प्रतिमा का सम्पूर्ण स्वरूप
MPPSC अभ्यर्थियों को इस दिन मिलेगा नियुक्ति पत्र

अब पटवारियों और पीएससी MPPSC के अभ्यर्थियों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। अब एमपीपीएससी के 2019 एवं 2020 के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान होने वाला है जिसके लिए तारीख का भी ऐलान कर दिया गया है। इस की जानकारी जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी की गई है। MPPSC परीक्षा की होने वाली है नियुक्ति 2019 और 2020 में मध्यप्रदेश राज्य सेवा परीक्षा के चयनित विद्यार्थी लम्बे समय से इस पल का इंतजार कर रहे थे। जिसके बाद अब सीएम डॉ मोहन यादव द्वारा उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। मध्य प्रदेश में लम्बे अर से से ऐसा परिस्थितियाँ बन रही हैं कि प्रदेश में परीक्षा की तारीख घोषित नहीं होती हैं अगर तारीख आ जाए तो परीक्षा नहीं होती अगर परीक्षा हुई तो उसका परिणाम नहीं घोषित होता या उसमें दिक्कतें आने लगती हैं और अगर परिणाम भी आ गया तो आप सभी ने देखा कि तरह से परीक्षा में फर्जी वाड़ा होने जैसी बातें सामने आई जिसके कारण अभ्यर्थियों ने लम्बे समय तक प्रदर्शन भी किया। लेकिन अब प्रदेश में ऐसे अभ्यर्थी जिसका 2019 एवं 2020 में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग राज्य सेवा परीक्षा परीक्षा MPPSC में चयन हुआ था अब उनको नियुक्ति पत्र मिलने वाला है। जनसंपर्क ने जारी की जानकारी जनसंपर्क द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार आपको बतादें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 जनवरी को मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग राज्य सेवा परीक्षा MPPSC 2019 एवं 2020 के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। नियुक्ति पत्र प्रदान करने के लिये सभी संबंधित विभाग सभी चयनित अभ्यर्थियों से उनके दस्तावेजों का सत्यापन करा रहे हैं , मैडिकल जाँच एवं अन्य सभी आवश्यक प्रक्रियाएँ पूर्ण की जा रही हैं। जिन अभ्यर्थियों को इस बात की सूचना नहीं मिली है, वे तुरंत ही संबंधित विभाग से संपर्क कर सकते हैं। MPPSC का अटका रिजल्ट भी होगा घोषित इस के साथ ही ये बताया जा रहे है कि अभ्यार्थियों के नियुक्ति पत्र प्रदेन करने के साथ ही अब जल्द ही अट की हुई परिक्षाओं का परिणाम भी घोषित होने वाला है। आपको बतादें कि भी आयुध मीडिया की टीम द्वारा परिक्षार्थों से बात चीत की गई थी जिसमें इस बात को भी खुलासा हुआ था कि परिक्षाओं में इस तरह इंतजार कराना और कार्य को समय से पूरा ना करने के कारण अब इन परिक्षाओं को अभ्यर्थियों में भी कमी देखने को मिल रही है लेकिन परिक्षाओं की इस नियुक्ति के बाद से अब अभ्यार्थियों के मन में आस एक बार फिर जाग गई है। यह भी पढ़ें- बागेश्वर धाम सरकार का एैसा वीडियो हुआ वायरल
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में है श्रीराम का ऐसा अनोखा भक्त

इन दिनों समूचे देश में राम मंदिर और श्रीराम भक्तों की चर्चाएं जोरों पर हैं। देश के कोने कोने से भगवान श्रीराम के कई अनन्य भक्तों के बारे में जानकारियाँ प्राप्त हो रही हैं। ऐसे ही मध्य प्रदेश के बैतूल से भी प्रभु के एक अनोखे भक्त का नाम सामने आया है जिसने अपना पूरा जीवन राम और उनके नाम पर समर्पित कर रखा है। बैतूल के श्रीराम भक्त की अनोखी कहानी मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के अंतर्गत आने वाले देवगांव में श्रीराम के एक अनोखे भक्त रहते हैं। राम भक्त केदार सिंह चंदेल ने जब से अपने होश सम्भाले हैं तब ही से वह कागज़ों पर राम नाम लिखते हैं। वह अपने द्वारा लिखित राम नामों को कई बार अयोध्या धाम में स्थित राम नाम बैंक में भी जमा करा चुके हैं। उन्होंने सिया राम से सिया राम मिलाकर सुंदरकाण्ड की भी रचना की है। खेती किसानी करते हुए भी हैं श्रेष्ठ भक्त केदार सिंह के मन में उनके मित्र की प्रेरणा से सिया राम नाम को जोड़ कर रामायण की रचना करने की इच्छा आई। जिस के बाद से वह हर रोज 1 घंटा रामायण की रचना करते थे जिसकी पूर्ती 8 सालों में हुई। रामायण का हर अक्षर सिया राम नाम से मिलकर बनाया गया है। बतादें कि केदार बैतूल जिले के एक साधारण से किसान हैं। वह राम भक्ति साथ ही परिवार का मुखिया होने का फर्ज़ भी बखूबी निभाते हैं। उनके तीन पुत्र और दो पुत्री हैं सभी आज अपने अपने क्षेत्र में सफल हैं। केदार सिंह बताते हैं उनके द्वारा रचित यह रामायण अवधि भाषा में लिखी हुई है। इस रामायम में कुल 1200 पन्ने हैं जिसके हर अक्षर को सिया राम और ऊँ से मिलकर बनाया है। वह चाहते हैं कि अब इस रामायण की प्रतियां छपें और एक प्रति अयोध्या भी जाए। यह भी पढ़े- सामने आ गया राम लला की प्रतिमा का सम्पूर्ण स्वरूप
सामने आ गया राम लला की प्रतिमा का सम्पूर्ण स्वरूप

राम मंदिर के बनने का इंतज़ार राम भक्तों को लम्बे समय से था और अब हर राम भक्त को राम लला की झलक का इंतज़ार है। बतादें कि राम लला की प्राण प्रतिष्ठा में केवल 2 दिन बाकी हैं और आपको जानकर बेहद खुशी होने वाली है कि आज श्री राम लला की प्रतिमा सम्पूर्ण तस्वीर सामने आ गई है। राम लला के मंदिर परिसर में प्रवेश के बाद हुए पहले दर्शन राम मंदिर में विराजने वाले श्री राम की प्रतिमा का आज सम्पूर्ण दर्शन हो गया है। आपको बतादें कि 16 जनवरी से 21 जनवरी तक प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व होने वाली विधी का अनुष्ठान चल रहा हैं। जिसके तहत 17 जनवरी को ही प्रतिमा का मंदिर परिसर में प्रवेश हो गया था। कल यानी 18 जनवरी को राम लला का प्रतिमा की झलक सबसे सामने आ गई थी जिसके बाद आज भगवान राम की इस प्रतिमा के सम्पूर्ण दर्शन हुए। हालांकि यह मूर्ति अभी गर्भगृह में नहीं रखी गई है। शास्त्रों में वर्णित स्वरूप से हूबहू मिलती है राम लला की प्रतिमा अब हम आपको बताते हैं कि इस छवि में राम लला कैसे लग रहे है। देखिए शास्त्रों में भगवान राम के रूप का व्याख्यान कुछ इस तरह से होता है कि उनके आखों कमल के समान कोमल हैं, उनके मस्तक पर तिलक शोभा दे रहा है, हाथों में धनुष और बाण धारण किए हुए हैं। मुख कमल की कलि के समान है जिस पर प्रभु मंद मंद मुस्कुरा रहे हैं। बतादें कि इस दिव्य प्रतिमा में ये सभी लक्षण साफ नज़र आ रहे हैं। राम लला की प्रतिमा पुरातन शिल्पकला का उदाहरण यह मूर्ति कर्नाटक के मशहूर मूर्तिकार अरूण योगीराज ने बनाई है मूर्ति की लम्बाई 51 फिट है जिसे श्याम वर्ण का बनाया गया है। बतादें कि यागीराज के पूर्व मैसूर घराने के शिल्पकार थे। जिस करण अब यागीराज के हाथों में भी भारत की पुरातन शिल्पकला की झलक दिखाई देती है। यह प्रतिमा भारतीय पुरातन शिल्पकला का उदाहरण देती है। इसी कारणवश बाकी प्रतिमाओं की जगह इस मिर्ति ने सभी का मन लुभा लिया था। यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश के बीना में हैं राम नाम का ऐसा अद्भुत बैंक
राम मंदिर के नीचे टाईम कैप्सूल रख ने का क्या है कारण

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या में श्री राम मंदिर के 2000 फिट नीचे एक टाईम कैप्सूल गाढ़े गा, प्राण प्रतिष्ठा के दिन यह कैप्सूल नहीं रखा जाएगा क्योंकि इसे तैयार होने में अभी समय लगेगा। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि आखिर क्या होता है यह टाईम कैप्सूल और किस लिए इस कैप्सूल को राम मंदिर के नीचे गड़ा जा रहा है। क्या होता है टाईम कैप्सूल आपको बता दें कि टाईम कैप्सूल एक ऐसा ज़रिया है जिसकी मदद से आने वाली पीढ़ी को हम आज की सूचनाओं की जानकारी दे सकते हैं। इसकी मदद से आने वाली पीढ़ियां किसी विशेष योग समाज देश और उसकी संस्कृति के बारे में जान सकें गी। आपको बता दें कि यह कैप्सूल aluminium, stainless steel या तांबे जैसी धातुओं से बनाया जाता है और संदेश एसिड मुक्त कागज़ पर लिखा जाता है ताकि कागज हजारों वर्षों के बाद भी सड़ ना जाए। टाईम कैप्सूल में लिखा होगा राम मंदिर का इतिहास राम मंदिर के लिए जिस कैप्सूल का इस्तेमाल किया जा रहा है उसमें संस्कृत भाषा में संदेश लिखा जाएगा। बता दें कि इस कैप्सूल में राम मंदिर और राम जन्मभूमि का पूरा इतिहास लिखा होगा श्री राम के बारे में लिखा होगा और अयोध्या के बारे में भी लिखा होगा। इंदिरा गांधी ने लाल किले के नीचे गाढ़ा था कैप्सूल आपको बता दें कि राम मंदिर से पहले भी भारत में कई जगहों पर टाईम कैप्सूल रखा गया सबसे चर्चित मामला है 1972 का जब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लाल किले के अंदर कैप्सूल रखवाया था और इस कैप्सूल को हजार साल के बाद निकालना था लेकिन जैसे ही सत्ता पलटी तो जनता पार्टी की सरकार में इस कैप्सूल को निकाल लिया गया था।जिसके पीछे का कारण बताया जा रहा था कि उस कैप्सूल के अंदर एक परिवार के बारे में ही ज्यादातर बढ़ाई की गई थी और उससे जुड़े ही दस्तावेज रखे गए थे । भारत के इतिहास से इसका कोई लेना-देना नहीं था इसलिए इस टाईम कैप्सूल को निकलवा दिया गया था । इसके बाद भारत में कई जगह कैप्सूल को रखवाया गया जैसे आईआईटी कानपुर, महात्मा मंदिर गांधीनगर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी जालंधर और कई जगहों पर यह टाइम कैप्सूल का इस्तेमाल हुआ है। स्पेन में मिला दुनिया का सबसे पुराना टाईम कैप्सूल वहीं अगर बात करें दुनिया के सबसे पुराने टाईम कैप्सूल की तो यह कैप्सूल साल 2017 में स्पेन के वर्गोस में मिला था । यह कैप्सूल ईसा मसीह की मूर्ति के अंदर रखा हुआ था जो की 400 साल पुराना माना जाता है। इसमें 1777 की आर्थिक राजनीतिक और सांस्कृतिक जानकारियां थी। इसके अलावा अमेरिका के वर्जीनिया में भी 130 साल पुराना टाईम कैप्सूल मिला था ।यह कैप्सूल एक मूर्ति के नीचे मिला था जिसमें तीन किताबें एक फोटो और एक सिक्का रखा हुआ था। इसके अलावा साल 2021 में मिले एक बक्से में बटन, सीघिंय मुद्रा और नक्शे मिले। यह भी पढ़ें- 22 जनवरी को CM योगी की जान को है खतरा
मुस्लिम पक्ष को अब देनी होगी ज्ञानवापी ढाँचे में बने रहस्यमय तहखाने की चाबी

ज्ञानवापी मस्जिद मामले में वाराणसी स्थानीय न्यायालय ने एक आदेश जारी किया है। मामले की सुनवाई के दौरान ढाँचे के परिसर में बने तहखाने की चाबियाँ जिलाधिकारी को सौंपने का आदेश दिया। बतादें कि तहखाने की सही तरह से देखरेख करने के लिए न्यायालय के सामने प्रशासन को चाबियाँ सोंपने की याचिका दायर की गई थी। ज्ञानवापी परिसर में स्थित है ये तहखाना वाराणसी के जिला न्यायालय ने 18 फरवरी को तहखाने की चाबियाँ प्रशासन को सौंपने का आदेश जारी किया है। ज्ञानवापी मस्जिद के दक्षिणी इलाके में यह तहखाना स्थित है जिसे व्यास जी का तहखाना कहा जाता है। हिंदू पक्ष का कहना है कि 1993 तक यहाँ सोमनाथ व्यास पूजा किया करते थे। जिसके बाद इसे प्रशासन ने बंद कर दिया था। वहीं जब एएसआई सर्वे किया गया था तो भी मुस्लिम पक्ष ने तहखाने की चाबी नहीं दी थी। बतादें कि वाराणसी न्यायालय ने तहखाने की देख रेख के लिए डीएम के चुना है। उन्होंने जिलाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है कि वह इस तहखाने में कोई छोड़छाड़ या बदलाव ना होने दे। शिवलिंग की आकृति पर कही बड़ी बात इस आदेश के साथ ही एक और आदेश दिया गया। जिसमें उस पानी के टैंक को साफ करने की बात थी जिसमें शिवलिंग जैसी आकृति मिली थी। इस टैंक में कई मछलियाँ है जो मर चुकी हैं जिसके कारण टैंक में गंदी बदबू आती है। टैंक में शिवलिंग जैसी आकृति होने के कारण इससे हिंदू पक्ष की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। इसी कारण टैंक को साफ करने का बात कही गई है। यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश के बीना में हैं राम नाम का ऐसा अद्भुत बैंक
मध्य प्रदेश के बीना में हैं राम नाम का ऐसा अद्भुत बैंक

राम लला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले श्री राम और राम मंदिर से जुड़े कई लोग और उनके जीवन के किस्से हमारे सामने आ रहे हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश के बीना से भी एक राम भक्त का नाम सामने आया है। बतादें कि जिस प्रकार अयोध्या में सीताराम नाम बैंक है उसी प्रकार प्रदेश के बीना में भी ऐसा ही बैंक हरदेव प्रसाद द्वारा संचालित किया जाता है। मध्य प्रदेश के राम नाम बैंक की ख़ासियत प्रदेश के बीना में हरदेव प्रसाद नामक एक गृहस्थ संत रहते हैं यानी की ऐसे संत जिसने अपने पूरे जीवन में गृहस्थ धर्म का पालन करते हुए श्री राम की भक्ति और उनका नाम जप किया। बतादें कि यह संत राम नाम महाराज के नाम से मशहूर हैं। संत हरदेव प्रसाद की बचपन से ही राम नाम में रूचि रही है जिसके प्रभाव से बचपन में ही वह लोगों की समस्याओं का समाधान बताने लग गए थे। लेकिन महाराज की बस इक शर्त होती है कि व्यक्ति को पहले राम नाम को लिखना होगा उसका जाप करना होगा। बैंक में 16 अरब से भी ज्यादा हैं राम नाम संत ने लोगों को राम भक्ति और राम नाम के प्रति जागरूक किया जिससे आज उनकी राम नाम बैंक में 16 अरब से भी ज्यादा राम नाम विराजित हैं। हरदेव प्रसाद के घर में स्थित मंदिर में लगातार 56 सालों से राम नाम का कीर्तन भी चल रहा है उन्होंने कई रामायणों का भी लेखन किया है। पर खास बात ये है कि रामायण का हर अक्षर राम नाम से मिलकर बना है। बतादें कि राम नाम महाराज को कैमरा और प्रसिद्धि से नफरत है वह अपना या अपनी बैंक का किसी भी प्रकार से प्रचार नहीं करते हैं पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सहित कई महान संत उनका अक्सर अपनी कथाओं में जिक्र करते हैं और उनसे मुलाकात भी करते रहते हैं। यह भी पढ़ें- कौन है अरुण योगीराज जिनकी बनाई गई प्रतिमा होगी अयोध्या में विराजमान
प्रधानमंत्री मोदी नहीं तो कौन है राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का मुख्य यजमान

श्री राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा की विधि की आज से शुरूआत हो चुकी है। आज मंदिर में कूर्मपूजन और प्रायश्चित पूजा होगी।इस लेख में आप जानेंगे कि यह पूजा क्यों की जाती है । बतादें कि यह पूजा मुख्य यजमान के हाथों होती है। मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के मुख्य यजमान प्रधानमंत्री मोदी नहीं है लेकिन फिर कौन हैं। कूर्मपूजा क्या होती है कूर्मपूजा उस पूजा को कहते हैं जिसके द्वारा मुख्य हवन वाली वेदी को जागृत किया जाता है। इस पूजा के बाद ही प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े आगे के अनुष्ठान हो सकते हैं। राम मंदिर में प्रायश्चित पूजा क्यों की गई प्रायश्चित पूजा में राम लला की मूर्ति से क्षमा मांगी जाएगी। यह क्षमा मूर्ति को बनाने के दौरान हुए कष्ट के कारण मांगी जाती है। इस पूजा के लिए मुख्य यजमान को विशेष तैयार किया जाता है। बतादें कि मुख्य यजमान का पहले 10 प्रकार से स्नान होता है। इसमें पहले गोमूत्र,फिर गोमय, गोदुग्ध, गोदधि, गोघृत, भस्म, कुशोदक,शहद मिट्टी और आखिर में पवित्र जल से स्नान किया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी नहीं है राम मंदिर के अनुष्ठान के मुख्य यजमान अभी तक सभी को ऐसा लग रहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ही राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के मुख्य पुजारी हैं पर ऐसा नहीं है। बतादें कि मुख्य यजमान के हाथों से ही पूर्व विधि और मुख्य अनुष्ठान होता है। इस अनुष्ठान के मुख्य यजमान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा हैं। यह भी पढ़ें- कैलाश खैर ने 8 मिनट में बताया राम मंदिर का पूरा इतिहास
अंडे से निकले नहीं चूज़े…तहसीलदार पर हुआ एक्शन

मध्य प्रदेश के अधिकारी ने फिर कर दी जनता के साथ बदसलूकी, और ये बदसलूकी अधिकारी पर ही भारी पड़ गई। ये मामला मध्य प्रदेश के देवास जिले का है जहां की महिला तहसीलदार अंजली गुप्ता के द्वारा एक किसान के साथ बदसलूकी की गई और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया जिस पर सीएम डॉ मोहन यादव ने सख्त एक्शन लिया और अधिकारी को अपना अभद्र व्यवहार भारी पड़ा। तहसीलदार और किसान के बीच हुई कहासुनी बतादें देवास जिले के सोनकच्छ के पास बसे कुमारिया राव गांव में खड़ी फसल के बीच बिजली के खंभे लगाने के संबंध में तहसीलदार गांव में आई थी। जहां पर किसान और तहसीलदार के बीच कहासुनी हो गई। इस बीच मामला इतना बढ़ गया कि तहसीलदार ने अभद्र भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया वह ग्रामीण युवाओं को चूजे शब्द से संबोधित कर रही है । यू आर रिस्पांसिबल कहने पर भड़की तहसीलदार मामले की शुरुआत तब हुई जब किसान द्वारा तहसीलदार से अनर्गल शब्दों का उपयोग और अधिकारी से उंगली दिखाकर बात की गई इसके बाद वह भीड़ पर भड़क गई साथ ही आपको बता दें कि इस दौरान एक युवा ने अधिकारी से अंग्रेजी में यू आर रिस्पांसिबल कह दिया जिस पर अधिकारी गुस्से में डांट फटकार लगाती हुई कह रही थी कि अंडे से निकले नहीं और मरने मारने की बात करते हैं इसी बीच उन्होंने किसानों को सरकार को चुने से जुड़ी बात भी कहीं साथ ही ग्रामीणों पर सवाल खड़े किए । सीएम मोहन यादव ने लिया एक्शन मामले का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है इसके बाद सीएम डॉ मोहन यादव भी एक्शन लेते हुए दिखाई दिए हैं उन्होंने कहा कि इस तरह की अभद्र भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी साथ ही जिला कलेक्टर ने तहसीलदार को जिला मुख्यालय में अटैच कर दिया है । डॉ मोहन यादव ने कहा कि सुशासन हमारी सरकार का मूल मंत्र है। यह भी पढ़ें- मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राजधानी दिल्ली में कराने वाले हैं, ये भव्य आयोजन
कैलाश खैर ने 8 मिनट में बताया राम मंदिर का पूरा इतिहास

इन दिनों वॉट्सऐप के स्टेटस हो या इन्सट्राग्राम की स्टोरी, युवाओं के कानों में लगे ईयर फोन हो या स्पीपर्स हर जगह भगवान राम के ही गीतों की गूँज है। बॉलीवुड सिंगर्स हो या भजन गायक हर कोई श्री राम के गीत गा रहा है इसी बीच अपनी मधुर और बुलंद आवाज़ के साथ कैलाश खैर ने भी राम मंदिर को लेकर एक भजन गाया है जिसे राम का धाम एंथम कहा जा रहा है। कैलाश खैर के इस राम भाजन ने मचा दी धूम अब आप कहेंगे कि इस में कौन सी नई बात है इस समय तो हर कोई राम मंदिर और रामलला को लेकर भजन गा रहा है। लेकिन हम आपको बतादें कि ये भजन कुछ अलग है। इस भजन की धुन और लिरिक्स दिल को छू जाने वाले हैं। पहली बार सुनने पर ये भजन आपके रोंगटे खड़े कर देगा और गाने के कुछ बोल आपकी आँखे भिगाने के लिए काफी होंगे। इस भजन की ये विशेषता है कि 8 मिनट के इस गाने में कैलाश खैर ने राम मंदिर की पहली ईट रखने से लेकर आज तक का इतिहास बताया है। 8 मिनट में बताया राम मंदिर का पूरा इतिहास भजन में कारसेवकों की आज तक चल रही तपस्या, सुप्रीम कोर्ट का फैसला, भूमि पूजन सहित आज की अयोध्या , उसका विकास और राम लला का टेंट से अब राम मंदिर आना सब कुछ का जिक्र किया है। बतादें कि इस अनोखे गाने की शुरूआत शंखनाद से होती है। इस गाने में अयोध्या की खूबसूरती को भी बेहद करीब से बताया है फिर चाहे वो सरयू किनारे का दीपोत्सव हो या भगवान श्री राम की आकृति बनाने वाले लाईट शो। म्यूजिक वीडियो में राम मंदिर की हाल की सजावट और उसकी खूबसूरती को भी दिखाया है। यह भी पढ़ें- राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह की पूरी जानकारी,जानिए कब क्या होगा साथ ही इस वीडियो में पाएम मोदी भी पूजा पाठ करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में सभी राम भक्त भक्ति में डूबे नज़र आ रहे हैं। आपको बतादें कि कैलाश खैर के इस गाने को बीजेपी ने अपने ऑफीशियल ट्वीटर हैंडल पर शेयर किया है।