Aayudh

फाइटर मूवी पर ऋतिक की एक्स वाईफ ने बोल दी बड़ी बात

फिल्म फाइटर

पठान जैसी ब्लॉकबस्टर मूवी बनाने वाले सिद्धार्थ आनंद एक बार फिर थियेटर में अपनी नई मूवी लेकर आए हैं। लेकिन शायद ये मूवी उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रही है। हम बात कर रहे हैं ऋतिक रोशन और दीपिका पादूकोण स्टारर मूवी फाइटर की। यह भी पढ़ें- मुँह छिपाकर भीड़ में घुसे अनुपम खेर, वीडियो वायरल फिल्म आज थियेटर्स में लग चुकी है जिसकी स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान ऋतिक रोशन की एक्स वाईफ और बेटे भी आए थे इस दौरान एक्स हसबैंड के लिए पत्नी ने ऐसी बातें बोलती जिसे सुन कर हर कोई ऋतिक और सुजैन के रिलेशनशिप की चर्चा कर रहा है। फाइटर से पहले ऋतिक थे डिप्रेशन में बता दें कि ऋतिक फाइटर मूवी के पहले कई दिनों तक डिप्रेशन में रहे थे जिसके बाद फाइटर ही उनकी पहली फिल्म रही जिसमें ऋतिक रोशन और दीपिका दोनों ने दमदार एक्टिंग की है। बतादें कि फिल्म के ट्रेलर को काफी ज्यादा पसंद किया गया था पर उस तरह की फिल्म की प्री बुकिंग नहीं हुई जितना फिल्म मेकर्स ने उम्मीद की। ऋतिक की एक्स वाईफ ने दिया ऐसा रिव्यू अब फाइटर से जुड़ी बड़ी अपडेट सामने आई है कि मूवी को व्यूअर्स ने फाइटर को 4 स्टार दिए हैं। वहीं आपको बतादें कि अभिनेता ऋतिक रोशन स्टारर मूवी की स्पेशल स्क्रीनिंग में कई बड़े सितारे शामिल हुए है साथ ही इस दौरान एक्टर की एक्स वाईफ सुजैन और उनके बेटे भी शामिल हुए हैं। मूवी देखने के बाद स्टार की एक्स वाईफ ने फाइटर को मेगा मूवी का टैग दिया है। साथ ही ऋतिक के पिता राकेश रोशन ने भी बेटे की मूवी को बेस्ट कहा है। यह भी पढ़ें- एक ही दिन में रामलला को मिला इतने का दान जिसे जान आप हो जाएंगे हैरान

मोहन यादव: जनता से दुर्व्यवहार करने वाले अधिकारियों की खैर नहीं..

मोहन यादव

मध्य प्रदेश में अब आम जनता से दुर्व्यवहार करने वालों की खैर नहीं। इन दिनों मध्य प्रदेश के अधिकारियों पर सीएम डॉ मोहन यादव की तलवार लटकी हुई है। प्रदेश में लगातार एक के बाद एक ऐसे अधिकारी जिन्होंने आम जनता के साथ दुर्व्यवहार करने का प्रयास किया उस पर यादव के एक्शन की तलवार का वार हो रहा है। डॉ मोहन यादव के मुख्य मंत्री बनने के अभी दो महीने भी पूरे नहीं हुए और इतने समय में ही प्रदेश के चार अधिकारियों पर एक्शन हो गया है। प्रदेश के सिंगरौली से ऐसा नया मामला सामने आया है जहाँ एक एसडीएम पर सीएम ने तत्काल एक्शन लिया। सिंगरौली में हुआ मोहन यादव का एक्शन सिंगरौली जिले में चितरंगी एसडीएम असवान राम चिरावन का एक फोटो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। फोटो में एसडीएम, एक महिला से अपने जूते के फीते बंधवाते दिखाई दे रहे हैं । जिसके बाद सीएम ने एसडीएम को हटाने के निर्देश दे दिए हैं। जिसकी जानकारी सीएम दफ्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी- लिखा कि सिंगरौली जिले के चितरंगी एसडीएम असवान राम चिरावन का महिला से जूते के फीते बंधवाने का मामले सामने आया है जो बेहद अत्यंत निंदनीय है ,इस घटनाक्रम के लेकर एसडीएम को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं, हमारी सरकार में नारी सम्मान सर्वोपरि है। उमरिया जिला एसडीएम भी नीलंबित आपको बतादें कि बीते 2 तीन पहले भी प्रदेश के उमरिया जिले के एसडीएम पर भी सीएम का एक्शन हुआ जब एसडीएम साहब को ये बर्दाश्त नहीं हुआ कि कुछ युवकों ने उनकी गाड़ी को साइड नहीं दी , जिसके बाद अधिकारी ने किसी तरह युवकों की गाड़ी रूकवाकर अपने सामने दोनों युवकों को बुरी तरह पिटवाया जिसके बाद सीएम ने उन्हें निलंबित कर दिया। मोहन यादव ने साफ कह दी मन की बात इस मामले के पहले भी ड्राइवर से औकात पूछने वाले कलेक्टर, किसानों को अंडे से निकला चूज़ा कहने वाली महिला तहसीलदार और गुना बस हादसे में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी सीएम का सख़्त एक्शन देखने को मिला था। सीएम डॉ मोहन यादव लगातार ऐसे अधिकारियों पर एक्शन लेकर ये साफ कर रहे हैं जनता के साख कोई भी अमानवीय व्यवहार नहीं सहा जाएगा।साथ ही हाल ही में आए इस मामले में भी सीएम ने साफ किया कि जिन महिलाओं का पूजा करके ही हम कार्यक्रमों का शुरूआत करते हैं उनके साथ इस तरह का व्यवहार नहीं सहा जाएगा, हमारी सरकार में महिला ही सर्वोपरि हैं। यह भी पढ़ें- MPPSC अभ्यर्थियों को इस दिन मिलेगा नियुक्ति पत्र

कर्पूरी ठाकुर के जीवन के अनसुलझे रहस्य, कैसे हुई मौत

कर्पूरी ठाकुर

कर्पूरी ठाकुर की जीवन शैली हमेशा से ही सरल और सादगी से भरी रही है साथ ही उन्होंने कभी सरकार का पैसा नहीं लिया। एक समय जब बिहार में सभी नेताओं की कॉलोनी बनाने की प्रतिक्रिया शुरू हुई तो भी ठाकुर ने ज़मीन नहीं ली और इसपर जब भी कोई उनसे प्रश्न करता तो वह बस हाथ जोड़ लोते थे। कर्पूरी ठाकुर ने तोड़ी परिवारवाद की कढ़ी एक बार जब बिहार के सीएम की पदवी पर रहते हुए उनका बहनोई नौकरी की आस में आया तो उन्होंने 50 रूपए देकर कहा कि उस्तरा खरीदकर अपना पुश्तैनी कार्य करें। दरअसल ठाकुर नाई समाज से संबंध रखते हैं जिस कारण उन्होंने ऐसा कहा। जब बिहार पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण देने वाला पहला राज्य बना तो कुछ लोग उनसे नाराज़ थे । जिसके बाद वह एक बार गांव के दौरे पर गए जहाँ एक महिला उनके पास दौड़ती हुई आई और बताया कि आगे मत जाईए आपकी जान को खतरा है जिसके बाद कलेक्टर खाली गाड़िया आगे भेजी जिनपर काफी ज्यादा पथ्थर बाजी की गई थी। जिसे बाद कर्पूरी जी कहते हैं कि मैने गरीबों के लिए काम किया तो आज गरीबों ने मेरी जान बचाई। संदिग्ध हालातों में हुई मौत आपको जानकर हैरानी होगी कि करपूरी ठाकुर दो बार मुख्य मंत्री बने पर उनकी मृत्यु हुई तो वह अपने पूंजी के रूप में एक घर भी नहीं बना कर गए। जननायक की मौत भी संदिग्ध हालात में हुई दरअसल कर्पूरी जी हाई ब्लडप्रेशर के मरीज थे ऐसे में उनके लिए नमक ज़हर का काम करता था पर 16 फरवरी 1988 को अतुलानंद नामक व्यक्ति ने उन्हें 13 लीटर नमक का पानी पिलाया और उनकी मौत हो गई। लेकिन आज तक पता नहीं चला कि कौन है अतुलानंद।   यह भी पढ़ें- क्यों मिली बिहार के पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर को “जननायक” की उपाधि

क्यों मिली बिहार के पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर को “जननायक” की उपाधि

कर्पूरी ठाकुर

अधिकार चाहो तो लड़ना सीखो,पग पग पर अड़ना सीखो , जीना है तो मरना सीखो, यो बोल हैं जननायक के नाम से प्रसिध्द रहे कर्पूरी ठाकुर के। आज 24 जनवरी को कर्पूरी ठाकुर जी की 100 वी जयंती है जिसके एक दिन पहले यानी कल मंगलवार को राष्ट्रपति भवन की ओर से ऐलान किया गया कि जननायक कर्पूरी ठाकुर को सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिया जाएगा। स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने के लिए छोड़ी पढ़ाई कर्पूरी ठाकुर का जन्म 24 जनवरी साल 1924 को बिहार के समस्तीपुर जिले में पितौझिया गांव में हुआ था। ठाकुर का संबंध नाई सामज में यानी उस समय के सामाज का अति पिछड़ा वर्ग कहे जाने वाले समाज में हुआ था। ठाकुर ने अपनी कॉलिज की पढ़ाई भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने के लिए छोड़दी। जब ठाकुर भारत छोड़ो आंदोलन का हिस्सा बने तो उन्हें जाल भी जाना पढ़ा। 1952 में पहली बार विधायक बने कर्पूरी ठाकुर कर्पूरी ठाकुर एक शिक्षक, स्वतंत्रता सैनानी और बिहार के मुख्य मंत्री के पद पर भी रहे। राजनैतिक करियार की बात की जाए तो साल 1952 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की जिसके बाद कभी हार का सामना नहीं किया। अपने कार्यकाल में वह दो बार बिहार के मुख्य मंत्री के तौर पर चुने गए। इस दौरान उन्होंने राज्य से भ्रष्टाचार और परिवारवाद को पूरी तरह से खत्म किया।इस दौरान उन्हेंने ऐसे फैसले लिए जिनके मॉडल पर आज की सरकारें काम रही हैं। इस लिए जननायक कहलाए कर्पूरी ठाकुर 1967 में जब वह बिहार के उप मुख्य मंत्री बने तो राज्य में अंग्रेजी शिक्षा की अनिवार्यता को खत्म किया, 1970 में शिक्षा मंत्री बने तो 8वी तक की शिक्षा मुफ्त कर दी, 1971 में सीएम बने तो किसानों के नसीहा बनकर आए और गैर लाभकारी भूमि से मालगुजारी टैक्स खत्म कर दिया। और 1977 में सीएम बने तो नौकरियों में पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने वाला पहले राज्य बिहार बना। यह भी पढ़ें- राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के दूसरे दिन जबलपुर की रजिया बी बनी नंदनी

राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के दूसरे दिन जबलपुर की रजिया बी बनी नंदनी

जबलपुर , रजिया बी

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्री राम लला की वापसी हुई और इसी मौके पर जबलपुर की रजिया बी ने नंदनी बनकर अपनी घर वापसी का है।आप सभी जानते हैं कि 22 जनवरी को किस तरह 500 वर्षों के लम्बे इंतजार के बाद अयोध्या में श्रीराम टेंट से वापस अपनी जन्मभूमि पर भव्य मंदिर में विराजे हैं। इस के अगले दिन ही 23 जनवरी को जबलपुर की रजिया बी ने भी घर वापसी कर ली है। जबलपुर की रजिया बी बनी नंदनी जबलपुर की रहने वाली मुस्लिम महिला रजिया बी अब नंदनी के नाम से जानी जाएंगी। नंदनी का कहना है कि उन्हें बचपन से ही हिंदू धर्म में दिलचस्पी थी वो बचपन से ही हिंदू देवी देवताओं के भजन भी सुना करती थी। लेकिन बचपन में उन्हें ना माँ बाप से प्यार मिला और ना ससुराल में उनका किसी ने साथ दिया। लेकिन वह बताती हैं कि उनके पति शेरा शाहनवाज उन्हें बहुत प्यार करते हैं और जब उन्होंने अपनी पति के सामने हिंदू धर्म के प्रति प्रेम की इच्छा ज़ाहिर की तो पति ने भी उनका साथ दिया। और वह खुद अपनी पत्नी के लिए पूजा की सामग्री लेकर आए। जबलपुर की रजिया बी ने की सनातन धर्म की तारीफ नंदनी ने जबलपुर के शिव शंकर मंदिर में हिंदू धर्म सेना की मौजूदगी में घर वापसी की है। इस दौरान उन्होंने बताया कि अब वह अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीएंगी। वह कहती हैं कि इस्लाम में कुछ नहीं हैं, तलाक है ,हलाला हैऔर बुर्का प्रथा है। वह कहती हैं कि इस्लाम में आप बुर्के के बिना बाहर नहीं निकल सकते नहीं तो समाज के लोग आपको गालियाँ देते हैं लेकिन सनातन धर्म में बेटियों की पूजा की जाती है उन्हें देवी माना जाता है इसलिए मुझे सनातन धर्म अच्छा लगता है। अब बेटे और बेटी की होगी घर वापसी आप बतादें कि जल्द ही उनका 14 साल का बेटा और 12 साल की बेटी भी सनातन धर्म अनाएगी। रजिया उर्फ नंदनी बताती हैं कि ब उनके घर में पूजा भी होगी और नवाज भी अदा की जाएगी। वह पूजा करेंगी और उनके पति नवाज अदा करेंगे। इस घर वापसी के दौरान मौजूद रहने वाले हिंदू धर्म सेना के लोगों ने बताया कि बताया नंदनी ने उन लोगों से सम्पर्क किया था और घर वापसी की इच्छा जाहिर की थी। जिसके बाद नंदनी का मंत्रोच्चारण के द्वारा शुध्दीकरण हुआ और हनुमान चालिसा का पाठ कर उन्होंने सनातन धर्म में घर वापसी की। यह भी पढ़ें- मुँह छिपाकर भीड़ में घुसे अनुपम खेर, वीडियो वायरल

मुँह छिपाकर भीड़ में घुसे अनुपम खेर, वीडियो वायरल

अनुपम खेर

राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए देश के हजारों साधु संतों के साथ बॉलीवुड के कई सितारों को भी न्योता दिया गया था। इन सैलीब्रिटीज़ में अनुपम खेर भी अयोध्या में मौजूद थे। सभी वरिष्ठजनों, नेताओं, साधु संतों और सितारों के साथ खेर ने भी राम लला के मनोहर स्वरूप के दर्शन किए थे। पर क्या आप जानते हैं कि इन वीवीआईपी के अलावा खेर ने साधारण भक्तों के साथ लाईन में लगकर भीड़ के बीच भी दर्शन किए। भक्तों की भीड़ के साथ दिखे अनुपम खेर वीआईपी ट्रेंड के बीच किसी भी अभिनेता को इस तरह से कभी नहीं देखा गया जिस तरह से अनुपम खेर राम मंदिर में कैप्चर हुए। अक्सर जब भी कोई अभिनेता कही जाता है और खासकर भीड़ में तो उसके साथ सुरक्षाकर्मी मौजूद रहते हैं पर जब अनुपम खेर अयोध्या पहुँचे तो पहले तो उन्होंने सबके साथ मिलकर राम लला के दर्शन किए फिर उनके मन में कल एक और बार दर्शन करने की लालसा जागी लेकिन इस बार वह वीआईपी बनकर रामलला के सामने नहीं जाना चाहते थे। तो वह चुपचाप साधारण भक्तों की तरह राम मंदिर में दर्शन करने चले गए। वीडियो शेयर कर दी जानकारी उन्होंने पहचान से बचने के लिए मुँह पर कपड़ा बाँध लिया और भीड़ के साथ मिलकर दर्शन करने लगे। इस बात की जानकारी किसी और ने नहीं बल्की खुद अनुपम खेर ने अपने ट्वीटर हैंडल पर दी है। वह वीडियो शेयर कर लिखते हैं कि कल मैने आमंत्रित अतिथी बनकर दर्शन किए थे पर आज सबके साथ चुपचाप मंदिर जाने का मन किया। जहाँ भक्ति का ऐसा समंदर देखने को मिला कि हृदय गद गद हो उठा। लोगों का राम जी को देखने का उत्साह और भक्तिभाव देखते ही बन रहा था। जब अनुपम खेर को राम भक्त ने पहचान लिया वह इस दौरान हुआ एक रोचक किस्सा भी साझा करते हैं कि जब वह मंदिर में मुँह ढककर गए तो एक भक्त ने हल्के से उनके कान में बोला, “भैया जी मुँह ढकने से कुछ नहीं होगा! राम लल्ला ने पहचान लिया!। इस वाक्या को शेयर करते हुए अभिनेता ने हंसी भरे इमोजी लगाकर अपनी खुशी दिखाई। यह भी पढ़ें- निमंत्रण मिलने के बाद भी अक्षय कुमार नहीं पहुँचे अयोध्या धाम

प्राण प्रतिष्ठा के दूसरे दिन अयोध्या में मच गया हडकंप, दर्शन हुए बंद

अयोध्या

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर राम लला प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को की गई और 23 जनवरी यानी आज अयोध्या में बवाल हो गया। जी हाँ 22 जनवरी से पहले ही अयोध्या में लाखों भक्तों की भीड़ मौजूद थी जिसके बाद आज जो हुआ उससे प्रशासन ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। अयोध्या में उमड़ पड़ा सैलाब बतादें कि राम लला की भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा हुए अभी एक दिन ही हुआ है। आज सुबह 6:30 बजे मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने पट खोले जिसके बाद से ही भक्तों का सैलाब रामलला के दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। जिसके बाद हालात ऐसे बन गए कि सीओ सिटी, एडीएम, एसडीएम समेत खुद मुख्य मंत्री योदी आदित्यनाथ को अयोध्या पहुँचना पड़ गया। रोड जाम डायवर्ट किया ट्रैफिक बतादें कि एनएच- 28 लखलऊ- अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर इस कदर जाम लगा हुआ है कि प्रशासन को रोड डायवर्ट करने की नौबत आ गई है। अधिकारियों का कहना है कि अयोध्या जाने वालों को फिलहाल रोका जा रहा है साथ ही बिहार, गोरखपुर जाने वाले वाहनों को गोंडा, रामनगर होते हुए भेजा जा रहा है। बतादें कि दोपहर में आज राम लला के दर्शन करीब ढाई से तीन लाख भक्त कर चुके हैं वहीं उतने ही भक्त मंदिर में दर्शन करने वालों की कतार में मौजूद थे। इस गणना से भी आप धाम में बढ़ती भीड़ का अंदाज़ा लगा सकते हैं। अधिकारियों ने की अयोध्या ना आने की अपील बतादें कि राम लला के दर्शन में लगे भक्तों में धक्का मुक्की हो रही है और कई लोगों को चोट भी लग रही है। फिलहाल मंदिर में 8 हजार सुरक्षाकर्मी व्यवस्था बनाने के लिए तैनात हैं वहीं मंदिर में जायज़ा लेने के लिए गर्भ गृह में डीजी कानून व्यवस्था और प्रमुख सचिव भी मौजूद थे। बतादें कि प्रशासन की भी लोगों से यही अपील है कि वह अभी फिलहाल अयोध्या ना आए। यह भी पढ़ें- हनुमान का किरदार निभा रहे कलाकार प्रभु के चरणों में हुए सदा के लिए लीन

हनुमान का किरदार निभा रहे कलाकार प्रभु के चरणों में हुए सदा के लिए लीन

हनुमान

भले ही श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा अयोध्या में हुई हो, भले ही भगवान राम का भव्य मंदिर अयोध्या में बना है और भले ही मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जन्म अयोध्या में हुआ पर अयोध्या के राम मंदिर में हुई राम लला की प्राण प्रतिष्ठा में खुशियाँ देश के कोने कोने में मनाई गई। कहीं सुंदरकाण्ड के पाठ हुए तो कहीं भजनों ने शहर गूँजे , कहीं मिठाईयाँ बाटी गई कहीं भव्य भंडारे हुए, कही रामायण का पाठ हुआ तो कही राम , लक्ष्मण, हनुमान बने पात्रों ने रामायण के प्रसंग पर अभिनय किया। ऐसे ही एक कार्यक्रम की वीडियो काफी वायरल हो रही है राम के चरणों में हनुमान बने पात्र ने त्यागे प्राण विडियो को वायरल होने की वजह पात्र का अभिनय नहीं है बल्कि उसके खुले भाग्य हैं। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि रामायण में हनुमान जी का किरदार निभाने वाले एक व्यक्ति ने अपने प्रभु के चरणों में प्राण त्याग दिए। बतादें कि मामला हरियाणा के भिवानी का है जहाँ कलाकार हरीश कुमार जेई हनुमान जी का किरदार निभाते हुए भगवान राम के सामने एक भजन पर अपनी प्रस्तुती दे रहे थे। तभी अचानक से कलाकार राम के चरणों में गिर गये। लोगों ने की कलाकार के भाग्य की सराहना इसके बाद भीड़ को और श्रीराम का किरदार निभाने वाले कलाकार के लगा कि वह अभिनय कर रहे हैं। जिस के बाद भगवान राम ने कहा उठो हनुमान उठो , लेकिन हनुमान का किरदार निभाने वाले कलाकार नहीं उठे उस समय तक भी लोग नहीं समझ सके कि कलाकार अपने प्राण त्याग चुके हैं। लेकिन जब कई प्रयासों के बाद भी हरीश ने आँखें नहीं खोली तो सभी लोग विस्मित हो गए कई उनकी ये हालत देख आश्चर्य में पड़ गए तो कुछ उनके भाग्य की सराहना करते हुए जय श्रीराम के नारे लगाने लगे। हार्टअटैक से हुई हनुमान का किरदार निभाने वाले की मौत वहीं सूचना के अनुसार पता चला है कि जब कलाकार को नज़दीकी  हॉस्पीटल पहुँचाया गया तो डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और मौत की वजह हार्टअटैक बताई। जिसके कारण वह मंच पर ही हनुमान जी के वेश में प्रभु श्रीराम के चरणों में सदा के लिए लीन हो गए। यह भी पढ़ें- निमंत्रण मिलने के बाद भी अक्षय कुमार नहीं पहुँचे अयोध्या धाम

निमंत्रण मिलने के बाद भी अक्षय कुमार नहीं पहुँचे अयोध्या धाम

अक्षय कुमार , अयोध्या

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर 500 सालों के लम्बे इंतज़ार के बाद आखिरकार श्रीराम के भव्य मंदिर में राम लला विराजमान हो गए हैं। राम लला के इस प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में लाखों साधु संत और कई सारे फिल्मी सितारे भी शामिल हुए थे लेकिन कुछ सितारे ऐसे भी थे जो अयोध्या में निमंत्रण मिलने के बाद भी नज़र नहीं आए। इनमें सबसे पहले नाम आता है बॉलिवुड के खिलाड़ी कहे जाने वाले अक्षय कुमार का। बतादें कि अक्षय कुमार को राम मंदिर की ओर से निमंत्रण दिया गया था पर वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। अक्षय कुमार क्यों नहीं पहुँचे अयोध्या धाम श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा में फिल्मी जगत के कई दिग्गज कलाकार शामिल हुए जिनमें अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, कैटरीना कैफ, विक्की कौशल, आलिया भट्ट, रनवीर कपूर, अनुष्का शर्मा, कंगना रनौट, जैकी श्रॉफ, माधुरी दिक्षित, रजनीकांत, अनुपम खेर सहित कई सितारे शामिल हैं । पर इनमें बॉलिवुड के खिलाड़ी कहे जाने वाले अक्षय कुमार नहीं दिखाई दिए जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है। टाईगर श्रॉफ के साथ शेयर किया ये वीडियो विडियो में अक्षय कुमार के साथ टाईगर श्रॉफ भी नज़र आए हैं। विडियो में अक्षय कहते हैं कि उनकी और टाईगर श्रॉफ की ओर से सभी को जय श्रीराम। वह आगे कहते हैं कि आज का ये दिन दुनिया के हर राम भक्त के लिए बहुत बड़ा दिन है आज कई 100 सालों बाद अयोध्या में श्रीराम अपने भव्य मंदिर में आ रहे हैं। इसके बाद टाईगर कहते हैं कि हमने बचपन से ही इस बारे में बहुत कुछ सुना है जिसके बाद आज ये देख पाना हमारे लिए बड़ी बात है। हम वेट कर रहे हैं उस वक्त का जब हम राम लला के आने की खुशी में दीप जलाएंगे। अंत में दोनों अभिनेता साथ में कहते हैं कि आपको और आपके पूरे परिवार को इस पावन दिन की बहुत बहुत शुभकांनाँए। बतादें कि अक्षय और टाईगर दोनों इन दिनों “बड़े मियां छोटे मियां” फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं जिस कारण ही वह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके इसकी जानकारी भी पहले ही अभिनेता ने आयोजकों को दे दी थी। यह भी पढ़ें- प्रेमानंद महाराज ने बताए कैसे सुखी रहे अपने जीवन साथी के साथ

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के लिए प्रधानमंत्री मोदी कर रहे कठिन तपस्या

राम मंदिर , मोदी

अयोध्या के भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होने वाली है। इस दिन का हर भक्त बेसब्री से इंतजार कर रहा है। जहाँ एक ओर 16 जनवरी से ही प्राण प्रतिष्ठा के पूर्व होने वाली विधि का अनुष्ठान चल रह हैं वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी भी संतों द्वारा बताए गए नियमों का पालन कर रहे हैं। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए मोदी है तैयार राम मंदिर में राम लला का प्रवेश हो चुका और अब हर किसी को इंतजार है उस पल का जब राम लला अपने जन्मस्थान पर विराजमान होंगे। साथ ही राम लला की मन मोहक प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान भी 22 जनवरी के दिन सम्पन्न हो जाएगा। इस अनुष्ठान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मंदी यजमान के तौर पर शामिल होंगे। इस मौके के लिए मोदी कई दिनों से कड़े नियमों का पालन कर रहे हैं। वह अनुष्ठान में शामिल होने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। जिसके लिए वह सिद्ध महात्मा द्वारा बताए गए नियमों का पालन कर रहे हैं। केवल नारियल पानी पीकर कर रहे व्रत इन दिनों प्रधानमंत्री मोदी राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में शामिल होने के लिए कठिन तपस्या कर रहे हैं। बतादें कि पीएम रोजाना ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर 1 घंटे 11 मिनट विशेष मंत्र का जाप करते हैं । वह रात्रि में भी एक संन्यासी की तरह फर्श पर शयन कर रहे हैं वह पृथ्वी पर केवल कंबल बिछाकर सोते हैं। वैसे तो मोदी हमेशा ही सुबह जल्दी उठते हैं और आहार भी सात्विक करते हैं पर अब वह केवल नारियल पानी की रहे हैं। वह नियमों के अनुसार प्रतिदिन गौ दान और अन्नदान कर रहे हैं। साथ ही वह रोजाना गायें को चारा खिलाते हैं जिसकी तस्वारें भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही थी। यह भी पढ़ें- सीमा हैदर ने भी गाया भगवान राम का भजन राम आएंगे