पीएम मोदी ने दी हरदा (harda) ब्लास्ट (blast) पर ये प्रतिक्रिया

हरदा (harda) जिले की पटाखा फैक्ट्री में आगजनी की घटना से देश भर में शोक की लहर दौड़ गई है। आग की चमेट में आकर मरने वालों की तादाद बड़ती ही जी रही है। बतादें कि इस घटना की जांच को लोकर सीएम डॉ मोहन यादव ने समिति का गठन कर दिया है। पीएम मोदी की भी हरदा ब्लास्ट (blast) को लेकर प्रतिक्रिया सामने आई है। भयानक था हरदा (harda) ब्लास्ट (blast) मंगलवार को हरदा जिले के बैरागढ़ में स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में अचानक से बिस्फोट हो गया। बताया जा रहा हैं कि फैक्ट्री में रखे बारूद में आग लगने से बिस्फोट हुआ है। ये बिस्फोट इतना खतरनाक था कि राह से गुज़र रहे लोगों को भी इसने चपेट में ले लिया। कई किलोमीटर तक की भूमि इस धमाके से थर्रा गई और आस पास के इलाके में बसे लोग बुरी तरह प्रभावित हुए। हरदा (harda) ब्लास्ट (blast) में बड़ रहीं मौत माना जा रहा है कि अब तक करीब 10 लोगों की हादसे के चपेट में आकर मौत हो गई है। वहीं करीबन 75 लोग घायल हुए हैं।आंकड़े इतने पर ही नहीं थमते क्योंकि फैक्ट्री के अंदर अभी कितने लोग फंसे हुए से इसकी कोई जानकारी नहीं है। फिलहाल एसडीआरएफ और एनडीआरएफ टीम रेसक्यू में जुटी हुई हैं। सीएम ने पीड़ितों के लिए किया ऐलान सीएम डॉ मोहन यादव ने आपात बैठक बुलाई थी। उन्होंने घटना की गम्भीरता देखते हुए उसकी जांच के लिए कमीटी का गठन कर दिया है। साथ ही सीएम ने ऐलान किया है कि घटना का चपेट में आकर जिसकी मौत हुई है उसके परिवार को 2 लाख रूपए दिए जाएंगे और घायलों के 50 हजार रूपए मिलेगा। वहीं आपोक बतादें कि जिसकी जान चली गई है उनके बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी भी सरकार उठाएगी। पीएम मोदी ने भी जताया दुख पीएम मोदी ने भी सोशल मीडिया पर ट्वीट कर हरदा की इस घटना पर दुख जताया है। वह कहते हैं कि जिन परिवारों ने अपनों को खोया है उनके प्रति वह संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों को जल्दी स्वस्थ होने की कामना करना करते है। वह आगे कहते हैं कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों का हर संभव मदद कर रहा है। यह भी पढ़ें- हरदा (Harda) की पटाखा फैक्ट्री में हुआ बड़ा बिस्फोट (blast)
Valentine Day के पहले आते हैं ये खास दिन

जब भी हम प्यार की बात करते हैं तो हमारे सामने वो शख्स आता है जो हमारी सबसे ज्यादा केयर करता है, जिससे हम घंटों बात करलें तो भी समय कम पड़ जाए और जिससे हम चाहे जितनी लड़ाई करलें पर उससे दूर नहीं रह सकते। अगर ऐसा ही कोई व्यक्ति आपकी लाईफ में है पर आपने उसे अभी तक अपने मन की बात नहीं बताई है तो अब बता दीजिए। क्योंकि फरवरी का दूसरा सप्ताह यानी वैलेंटाईन (Valentine) वीक आ गया है। 07 फरवरी Rose Day 07 फरवरी को रोज़ डे (Rose Day) मनाया जाता है। इस दिन प्रेमी और प्रेमिका एक दूसरे को गुलाब देते हैं। बतादें कि इस दिन विशेष कर लाल गुलाब दिया जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि लाल गुलाब प्रेम का प्रतीक है। 08 फरवरी Purpose Day 08 फरवरी को प्रपोज़ डे Purpose Day मनाया जाता है। ये दिन प्यार के इज़हार के लिए सबसे अच्छा होता है। इस दिन आप अपने मन की बात बोल सकते हैं। 09 फरवरी chocolate day 09 फरवरी को कलेट डे मानाय जाता है इस दिन प्रेमी और प्रेमिका एक दूसरे को चॉकलेट लेकर आते हैं और एक दूसरे को वो चॉकलेट खिलाते हैं। 10 फरवरी Teddy Day 10 फरवरी को टेडी डे होता है। इस दिन आप अपनी प्रेमिका को टोडी दे सकते हैं। क्योंकि महिलाओं को टेडी और डॉल्स काफी पसंद होती हैं। 11 फरवरी promise day 11 फरवरी को promise day मानाया जाता है। इस दिन आपको अपने साथी का हर सुख दुख में साथ देने का वादा करना चाहिए। 12 फरवरी Hug Day 11 फरवरी को hug day मनाया जाता है। इस दिन आप अपने साथी को गले लगाकर अपने प्यार को दरशाया जाता है। 14 फरवरी Valentine Day 14 फरवरी को Valentine Day मनाया जाता है। इस दिन प्रेमी और प्रेमिका एक दूसरे के साथ समय बिताते हैं और अपने प्यार का इज़हार करते हैं। यह भी पढ़ें- हम जानेंगे कि कब और क्यों मनाया जाता है वैलेंटाइन वीक (Valentine Week)
mppsc परीक्षा 2023 को लेकर लोकसेवा आयोग के बाहर जारी रहेगा प्रदर्शन

बीते दिन 5 फरवरी को प्रदेश में कुछ ऐसा हुआ है जो mppsc के इतिहास में आज तक नहीं हुआ, दरअसल कल दोपहर 2 बजे से mppsc 2023 परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों ने धरना प्रदर्शन किया ,वो भी लोक सेवा आयोग के मुख्य द्वार पर ,बतादें कि ये प्रदर्शन कोई छोटा प्रदर्शन नहीं लगता है क्योंकि यहां प्रदर्शन के लिए 500 से ज्यादा युवा अभी तक मौजूद है। mppsc परीक्षा का तारीख आगे बड़ाई जाए प्रदर्शन कर रहे युवा रात भर मुख्यालय के बाहर ही सोए और सुबह उठ कर दोबारा अपना प्रदर्शन जारी कर दिया। लेकिन अधिकारियों ने अभी तक इनसे बात नहीं की है । बतादें कि इस साल एमपीपीएससी मैंस की परीक्षा 11 मार्च 2024 को हैं और इसी घोषित तारीख को लेकर परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों में आक्रोश भरा हुआ है। दरअसल परीक्षार्थियों की मांग है कि परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाई जाए उनका कहना है कि आयोग द्वारा उन्हें परीक्षा की तैयारी के लिए 90 दिन का समय भी नहीं दिया गया है । जिसके कारण परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है इसलिए छात्रों की मांग है कि परीक्षा को 90 दिन आगे बढ़ाया जाए। छात्रों ने उठाई ये मांग साथ ही छात्रों ने पदों को बढ़ाने की मांग भी रखी है। उन्होंने परीक्षा की अनियमितता को लेकर भी माँग उठाए है , परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं को देने की बात और रिज़ल्ट को लेकर भी कई मांगे की गई है। छात्रों का कहना है की सरकार उनकी परेशानियों पर ध्यान नहीं दे रही हैं । जिसके लिए अब छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और मांग कर रहे है। कि आयोग के चेयरमैन खुद आकर उनसे बात करें और जब तक वह बात नही करते तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। लेकिन आपको बतादें कि अभी तक अधियारों ने इस पर कोई बात नही की है प्रदर्शन के दौरान वह देर शाम पीछे के ड्रावेज से निकल गए थे। यह भी पढ़ें- हरदा (Harda) की पटाखा फैक्ट्री में हुआ बड़ा बिस्फोट (blast)
हरदा (Harda) की पटाखा फैक्ट्री में हुआ बड़ा बिस्फोट (blast)

मधप्रदेश के हरदा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरदा (Harda) के बैरागढ़ में एक पटाखा फैक्ट्री में बिस्फोट (blast) हो गया है। इस भीषण आग की चपेट में आकर अब तक 7 लोगों की मौत हो गई है। राहत की सामग्री पहुँचाई जा रही है। प्रदेश सीएम डॉ मोहन यादव ने घटना को लोकर आपात बैठक बुलाई है जिसमें अधिकारियों से जानकारी ली जा रही है। हरदा (Harda) बिस्फोट (blast) जानकारी मध्यप्रदेश के हरदा में एक पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से 7 लोगों की मौत हो गई है। ये संख्या बड़ भी सकती है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में लगभग 75 लोग मौजूद थे। जो लोग अंदर मौजूद हैं उन्हें रेसक्यू करने के लिए एसडीआरएफ के जवान घटना स्थान पर पहुँच चुके हैं। एम्बुलेंस भी घटनाक्रम पर पहुँच चुकी हैं और घायलों को अस्पताल लेकर जा रही हैं। पहुँची राहत सामग्री इसके अलावा नर्मदापुरम और बैतूल से हरदा की ओर दमखलगाड़ियाँ और एम्बुलेंस भेजी गई हैं। इन जगहों से एसडीआरएफ जवानों को भी हालातों पर काबू पाने के लिए भेजा गया है। फिलहाल सभी का एक ही प्रयास है कि आग पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके और जो भी फैक्ट्री के अंदर मौजूद हैं उन्हें सही सलामत बाहर निकाल लिया जाए।फैक्ट्री के अंदर पटाखे रखे होने के कारण आग बर बार भड़क रही है जिसके कारण देरी हो रही है। यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में यूसीसी (UCC) लागू हुआ तो प्रदेश में होगें ये बड़े बदलाव
उत्तराखंड में यूसीसी (UCC) लागू हुआ तो प्रदेश में होगें ये बड़े बदलाव

देश में इस समय सभी की नजरें उत्तराखंड पर टीकी हुई हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि आज प्रदेश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में यूसीसी (UCC) बिल पेश कर दिया है। जी हाँ उत्तराखंड की विधानसभा सदन में यूनिफार्म सिविल कोड या कहें कॉमन ,सिविल कोड बिल पेश कर दिया गया है। उत्तराखंड में यूसीसी (UCC) हुआ पेश बिल जैसे ही सदन में पास किया जाता है तो विधेयक बन जाएगा और राज्यपाल के द्वारा पास होने को बाद कानून बन जाएगा। जिसके बाद उत्तराखंड आजादी के बाद इस कानून को बनाने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। बतादें कि साल 2022 में जब सरकार बनी थी तभी मंत्री मंडल की पहली बैठक में ही यूसीसी को लेकर विशेषज्ञों की समिति का गठन करने को मंजूरी दे दी गई थी। जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवा निवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। और आज इस बिल को मुख्यमंत्री द्वारा पेश कर दिया है। विपक्षी दलों ने मचाया हंगामा विपक्षी दलों ने इस बिल क लेकर सदन में हंगामा मचा दिया है। विपक्षी दलों ने फिलहाल चर्चा की मांग की है जिसके साथ ही सदन में इतना हंगामा खड़ा किया गया कि सदन को स्थगित करना पड़ा और अब 2बजे के बाद से सदन में कारवाई शुरू की जाएगी।बताया जा रहा है कि इस में 400 से अधिक धाराएं शामिल हैं। आपको बतादें कि इस बिल का मुख्य लक्ष्य पारंपरिक रीति रिवाजों से होने वाली विसंगतियों को खत्म करना है। उत्तराखंड में यूसीसी (UCC) कानून का प्रभाव यूनीफर्म सिविल कोड कानून में मुख्य तौर पर विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता, उत्ताधिकारी और दस्तकग्रहण यानी गोदलेना से जुड़ी बातें है। साथ ही हम आपको बताते चलते हैं कि इस कानून का किसी भी प्रकार से हिंदू- मुस्लिम से ताल्लुक़ नहीं हैं, ये मोजोरिटी या माइनरिटी का बातें भी नहीं करता है। ये एक प्रोग्रेसिव कानून है क्योंकि इसका सीधा उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को अधिकारों को दिलाना है ना कि किसी भी प्रकार से अधिकारों को छीनना। हम आपको ये भी स्पष्ट कर देते हैं कि इस कानून के लागू होने पर किसी भी धर्म के शादी व्याह के रीति रिवाजों पर कोई असर नहीं होगा और ना ही किसी भी जन जाती की रीति रिवोजों और मान्यताओं पर प्रभाव पड़ेगा। यह भी पढ़ें- शिवपुरी के 40 जाटव परिवारों ने अचानक अपना लिया बौद्ध धर्म
केजरीवाल को तीन दिन में देना होगा दिल्ली क्राईम ब्रांच के नोटिस का जवाब

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक ओर से ईडी एक के बाद एक समन जारी करती जा रही है तो वहीं दूसरी ओर नेता को दिल्ली के क्राईम ब्रांच की ओर से भी नोटिस जारी हो गया है। इसके तहत नेता को तीन दिन के भीतर नोटिस का जवाब देना होगा। केजरीवाल ने नहीं की मुलाकात आज शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर दिल्ली क्राईम ब्रांच की टीम पहुँची। टीम ने 5 घंटे सीएम का इंतजार किया लेकिन फिर भी उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। दरअसल टीम का कहना था कि वह केजरीवाल की ही रिसीविंग चाहती हैं पर लम्बे इंतजार के बाद टीम को नोटिस पार्टी के लोगों को ही देकर लौटना पड़ा। तीन दिन में देना होगा जवाब बतादें कि अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर विधायक खरीदने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि बीजेपी ने आप के सात विधायको को 25 करोड़ रूपए देकर खरीदने की कोशिश की है। जिसपर बीजेपी द्वारा दिल्ली कमिश्नर को इस आरोप की जांच करने को कहा गया। साथ ही इस नोटिस में पुलिस द्वारा सीएम को तीन दिन का समय दिया गया है। इस दौरान उन्हें सबूत बताने होंगे और उन सात विधायकों के नाम भी देने होंगे जिन्हें बीजेपी ने लालच दिया था। यह भी पढ़ें- Lal Krishna Advani: आडवाणी को भारत रत्न मिलने पर गर्माई सियासत
Lal Krishna Advani: आडवाणी को भारत रत्न मिलने पर गर्माई सियासत

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) को भारत रत्न मिलने की घोषणा की। उन्होंने इस पर अपनी खुशा ज़ाहिर की साथ ही आडवाणी से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी। वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों की इस घोषणा को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जिनमें कुछ बधाई देते नज़र आ रहे हैं तो कुछ बीजेपी पर निशाना साधते दिखाई दे रहे हैं। आडवाणी (Lal Krishna Advani) का सम्मान वोट बैंक के लिए है लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न मिलने पर अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी यह सम्मान अपने वोट बैंक के लिए कर रही है। इसके अलावा शरद पवार ने देश के उप प्रधानमंत्री और वरिष्ठ नेता को भारत का सर्वोच्च सम्मान मिलने पर बधाई दी। वह कहते हैं कि आडवाणी का देश के विकास कार्यों में बहुमूल्य योगदान है। कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना कांग्रेस पार्टी के सांसद प्रमोद तिवारी ने इसे लेकर बीजेपी को घेर लिया है। वह कहते हैं कि निश्चित रूप से लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न मिलने पर बधाई देनी चाहिए। वह आगे बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहते हैं कि वैसे तो आडवाणी को बीजेपी का सर्वोच्च पद मिलना चाहिए पर पार्टी ने कम से कम भारत रत्न दिया इस पर आडाणी को बधाई है। वहीं आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरेवाल ने वरिष्ठ नेता को भारत रत्न मिलने पर बधाई दी है और उनकी दीर्घ आयु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। यह भी पढ़ें- लालकृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) क्यों हैं भारत रत्न के हकदार
लालकृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) क्यों हैं भारत रत्न के हकदार

आज भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और देश के उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani)जी को भारत का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न दोने का एलान किया गया है। खबरे मिलने पर आडवाणी के पूरे परिवार के साथ साथ पीएम मोदी ने भी खुशी ज़ाहिर की है और कहा है कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें आडवाणी से सीखने का मौका मिला। सोमनाथ से अयोध्या के लिए निकाली रथयात्रा लालकृष्ण आडवाणी ने ही राममंदिर के लिए चल रहे आंदोलन को नई दिशा प्रदान की थी। नेता ने साल 1990 में सोमनाथ से अयोध्या के लिए रथयात्रा निकाली थी। बतादें कि भाजपा को नई ऊँचाईयों पर पहुँचाने में आडवाणी का ही विशेष सहियोग रहा है। उनकी हिंदूवादी राजनीति के कारण आज बीजेपी देश भर में अपनी अच्छी पकड़ बना पाई है। जिसके बाद अब उन्हें 96 साल की आयु में भारत रत्न से सम्मानित किया जाना है। लालकृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) की हुई तारीफ पीएम मोदी ने कहा है कि आज देश ने अपने सपूत और देश के उप प्रधानमंत्री रहे लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न देने का निर्णय लिया है। उन्होंने भारत के उप प्रधानमंत्री के साथ, गृह मंत्री और सूचना प्रसारण मंत्री रहकर देश का सेवा की है। वह एक जागरूक एवं निष्ठावान सांसद के रूप के उभर कर आए। वह आगे कहते हैं कि उनको दिया जाने वाला ये सम्मान ये सिद्ध करता है कि जीवन पर्यंत देश की सेवा करने वाले को देख कभी भूलता नहीं है। साथ ही वह बताते हैं कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें लालकृष्ण आडवाणी का संग मिला और उनसे सीखने का मौका मिला। इसी के साथ पीएम उनकी दीर्घ आयु की कामना बा करते हैं। यह भी पढ़ें- Khandwa: एमपी में भैंसों को मिली राज्यस्तरीय सुरक्षा
Khandwa: एमपी में भैंसों को मिली राज्यस्तरीय सुरक्षा

वैसे तो पुलिस कर्मियों द्वारा नागरिकों की सुरक्षा की जाती है या उन्हें किसी वरिष्ठ की सुरक्षा में तैनात किया जाता है लेकिन एमपी पुलिस इन दिनों भैंसों की सुरक्षा में तैनात है ,खंडवा (Khandwa) जिले में पुलिस कर्मियों द्वारा दिन रात भैंसों की सुरक्षा की जा रही है। खंडवा (Khandwa) में भैंसों की सेवा में जुटी पुलिस जी हां खंडवा जिले के जावर थाना में पुलिस इन दिनों 17 भैंसों की सेवा में लगी हुई है। दरअसल ये भैंस बिना परमिट के ट्रांसपोर्ट की जा रही थी । इन भैंसों को ट्रक में ठूंस- ठूंसकर लो जाया जा रहा था। जिसके बाद इन्हें पकड़ लिया गया और मामले में 4 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया था। वह आरोपी तो जेल से निकल गए पर वह भैंस अब भी पुलिस थाने में हैं। एक भैंस पर हो रहा 5000 का खर्च आमतौर पर जब कभी गायों को पकड़ा जाता है तो उन्हें गौशाला भेज दिया जाता है। पर इन भैंसों के साथ ऐसा नहीं हो सकता। क्योंकि इनमें से हर एक भैंस की कीमत 8 लाख से ज्यादा है। जिस कारण इनकी सुरक्षा में भी अब पुलिस तैनात की गई है। पुलिस कर्मियों द्वारा इन्हें चारा खिलाया जा रहा है, पानी पिलाया जा रहा है और गोबर भी साफ कराया जा रहा है। बतादें कि थाना प्रभारी जोपी वर्मा के अनुसार इनकी सेवा में रोजाना 5000 का खर्च आ रहा है जिसे वो खुद अपनी जेब से दे रहे हैं। यह भी पढ़ें- शिवपुरी के 40 जाटव परिवारों ने अचानक अपना लिया बौद्ध धर्म
शिवपुरी के 40 जाटव परिवारों ने अचानक अपना लिया बौद्ध धर्म

मध्य प्रदेश के शिवपुरी से एक बड़ा धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है। यहां पर 40 जाटव परिवारों ने बौद्ध धर्म को अपना लिया है। बताया जा रहा है कि बौद्ध भिक्षुकों ने इनका बहला फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराया है।वही धर्म परिवर्तन करने वाले 40 परिवारों का कहना है कि उनके साथ छुआछूत की गई थी इसलिए उन्होंने हिंदू धर्म को छोड़ दिया । शिवपुरी धर्मपरिवर्तन का पूरा मामला विस्तार से दरअसल यह पूरा मामला शिवपुरी जिले के करेरा के ग्राम बहगावां का है। जानकारी के अनुसार गांव के लोगों ने एक साथ मिलकर के भागवत कथा का आयोजन कराया था । 25 साल बाद गांव में ऐसा भव्य आयोजन किया जा रहा था सभी मिलजुल कर इस कार्यक्रम में सहयोग कर रहे थे । लेकिन कथा के भंडारे के एक दिन पहले ही अचानक से जाटव समाज के 40 परिवारों ने बौद्ध धर्म को अपना लिया और हिंदू धर्म को छोड़ दिया। एक दिन में बना लिया धर्म छोड़ने का मन जाटव समाज के लोगों का यह कहना है कि उनकी समाज को भंडारे के दौरान पत्तल उठाने का काम दिया गया था ,उनके साथ छुआछूत की जा रही थी और इसी वजह से उन्होंने हिंदू धर्म को छोड़कर बौद्ध धर्म को स्वीकार कर लिया। इस पर गांव के सरपंच का कहना है कि यह सभी आरोप निराधार हैं क्योंकि इस आयोजन में सभी समाज के वर्गों को अलग-अलग काम सौंपें गए थे साथ ही उन्होंने बताया कि बौद्ध धर्म के भिक्षुक गांव में आए थे और इन सभी लोगों को बहला फुसलाकर उन्होंने बौद्ध धर्म में परिवर्तन करवाया है। शिवपुरी कलेक्टर ने दी मामले पर प्रतिक्रिया आपको बता दें कि इस पूरे मामले पर शिवपुरी कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी का कहना है कि इतने परिवारों ने एक साथ धर्म परिवर्तन क्यों किया इसकी गहराई से जांच ज़रूरी है। क्योंकि कोई भी व्यक्ति एक दिन में धर्म परिवर्तन करने के लिए तैयार नहीं होता है । यह किसी भी प्रकार से संभव नहीं है। इसलिए मामले की जांच करने के बाद ही सच सामने आ सकेगा। यह भी पढ़ें- पूनम पांडेय (poonam pandey) जिंदा है, खुद किया बड़ा खुलासा