अब कोई नेता नहीं छोड़ सकेगा कांग्रेस पार्टी ,रोकने के लिए होगा रूद्राभिषेक

इन दिनों मध्य प्रदेश की राजनीति गर्माई हुई है। प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ अपने बेटे और कांग्रेस पार्टी के सांसद नकुलनाथ सहित बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थी। वहीं अब मध्य प्रदेश कांग्रेस की धर्म प्रकोष्ठ की अध्यक्ष ऋचा गोस्वामी पार्टी के नेताओं की सद्बुद्धी के लिए भगवान शिव की अराधना करने जा रही हैं। नेताओं को ऐसे रोकेगी कांग्रेस पार्टी एक के बाद एक नेता अपनी पार्टी को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं जिसे रोकने के लिए अब पार्टी ने भगवान शिव की शरण में जाने का फैसला लिया है। प्रदेश कांग्रेस की धर्म प्रकोष्ठ की अध्यक्ष ऋचा गोस्वामी ने भगावान शिव की अराधना करने का जिम्मा लिया है। बतादें कि ऋचा का कहना है कि पार्टी के भ्रमित नेताओं को भगवान सही रास्ता दिखाए जिसके लिए वह 22 फरवरी को महारूद्राभिषेक करेंगी। कमलनाथ और नकुलनाथ नहीं छोड़ेगें पार्टी बीते कुछ दिनों से प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पार्टी से इस्तीफा देने की अटकलें चल रही थी। इन बातों को तूल तब मिला जब कमलनाथ के बेटे और सांसद नकुलनाथ से अपने बायो से कंग्रेस का नाम हटा दिया। लेकिन अब इन खबरों पर भी विराम लग गया है क्योंकि राजनेता के करीबी सज्जन सिंह वर्मा ने साफ कर दिया है कि कमलनाथ और नकुलनाथ कहीं नहीं जा रहे हैं। यह भी पढ़ें- Kalki Dham: कौन हैं आचार्य प्रमोद कृष्णम जिसे पीएम मोदी से मिली तारीफ
Kalki Dham: कौन हैं आचार्य प्रमोद कृष्णम जिसे पीएम मोदी से मिली तारीफ

उत्तर प्रदेश के संभल में आज पीएम नरेंद्र मोदी ने कल्कि मंदिर का शिलान्यास किया है। संभल ही वह स्थान है जिसका जिक्र भगवान कल्कि के जन्मस्थान के रूप में मिलता है। पीएम ने आज शिलान्यास के कार्यक्रम को दौरान कल्कि मंदिर (Kalki Dham) के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम की तारीफ के पुल बांधे। कौन हैं आचार्य प्रमोद कृष्णम जिसे कांग्रेस पार्टी का बड़ा नेता माना जाता था ? (Kalki Dham) के पीठाधीश्वर हैं आचार्य प्रमोद आचार्य प्रमोद कृष्णम कल्कि धाम ( Kalki Dham ) ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं इसके साथ ही वह एक बड़े राजनेता भी हैं। आचार्य ने कांग्रेस पार्टी के साथ एक लम्बा वक्त बिताया है। उन्होंने साल 2014 में संभल से लोकसभा चुनाव लड़ा और इसके बाद साल 2019 में वह लखनऊ से पार्टी के लिए चुनाव लड़े थे लेकिन इन दोनों ही चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। पिछले दिनों ही आचार्य को कांग्रेस पार्टी से निकाल दिया गया था। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियां करने का आरोप था। कल्कि मंदिर की विशेषता भगवान कल्कि भगवान विष्णु के दसवे अवतार हैं। माना जाता है कि कलयुग के अंत में दुष्टों का विनाश करने भगवान संभल गांव में ही जन्म लेंगे। संभल में बनने वाले इस मंदिर ( Kalki Dham ) में भगवान ते दशावतार के लिए 10 अलग अलग गर्भ गृह बनाए जाएंगे। इस मंदिर में किसी स्टील या लोहे का प्रयोग नहीं होगा। यह मंदिर 5 एकड़ भूमि में बनाया जा रहा है जो 5 साल में बनकर तैयार हो जाएगा। यह भी पढ़ें- पड़ौसी ने काम के बहाने बुला कर की नाबालिग से जबरदस्ती
Kamalnath: कमलनाथ सहित इतने विधायकों ने दिया इस्तीफा

इस समय की सबसे बड़ी खबर मध्य प्रदेश से आ रही है कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता कमलनाथ (Kamalnath) ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व पीसीसी चीफ कमलनाथ लम्बे समय से आलाकमान से नाराज़ चल रहे थे जिसके बाद आज कांग्रेस पार्टी से सांसद बेटे नकुलनाथ के साथ दिल्ली पहुँच कर अपना इस्तीफा दे दिया है। कमलनाथ (Kamalnath) से सौंपा इस्तीफा जब से कमलनाथ (Kamalnath) को पीसीसी चीफ के पद से हटाया गया था तब से ही वह आलाकमान से नाराज़ चल रहे थे। लम्बे समय से ऐसे अटकलें चल रही थी कि वह जल्द ही कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देगें और बीजेपी ज्वाइन करेंगे। आपको बता दें कि कमलनाथ ने अब तक बीजेपी में शामिल होने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकी कयास लगाए जा रहे हैं कि दिल्ली में चल रही बीजेपी की दो दिवसीय कार्यकारिणी बैठक के बाद वह पार्टी की सदस्यता ले सकते हैं। कांग्रेस पार्टी को लगा बड़ा झटका नाथ का इस्तीफा कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ा झटका साबित हुआ है क्योंकि एक लम्बे समय से वह पार्टी के भरोसेमंद नेता रहे हैं। कांग्रेस पार्टी को उनके पार्टी छोड़ने पर बड़ा नुकसान हुआ है क्योंकि उनके साथ बेटे नकुलनाथ और पार्टी के कई विधायक, पूर्व विधायक भी पार्टी का साथ छोड़ देंगे। यह भी पढ़ें- कमलनाथ पहुँचे दिल्ली, नकुलनाथ ने प्रोफाइल से हटाया कांग्रेस का नामोनिशान
Suhani Bhatnakar: कैसे एक फ्रैक्चर ने ले ली 19 साल की एक्ट्रेस की जान

आमिर खान की फिल्म दंगल में छोटी बबीता का किरादार निभाने वाली सुहानी भटनाकर (Suhani Bhatnakar) का महज़ 19 साल की कम उम्र में निधन हो गया। सुहानी लम्बे समय से दिल्ली के एम्स अस्पताल में एडमिट थी जिसके बाद शनिवार 17 फरवरी को उनका निधन हो गया है। कैसे हुई सुहानी भटनाकर (Suhani Bhatnakar) की मौत सुहानी भटनाकर ने सुपर हिट फिल्म दंगल में छोटी बबीती का किरदार निभाकर सभी का दिल जीत लिया था। फिल्म के बाद भी वह कई विज्ञापनों में नज़र आई थी लेकिन कुछ समय पहले ही उन्होंने एक्टिंग को साईड कर अपनी पढ़ाई पर फोकस करना शुरू कर दिया था। लिटल स्टार को कुछ समय पहले पैर में फ्रैक्चर हुआ था जिसके बाद उन्होंने ट्रीटमेंट लिया लेकिन कुछ दवाईयों से उनको रिएक्शन हुआ। उनके शरीर में फ्लूइड बनने लगा था जिसके कारण उनकी मौत हो गई। इस खबर ने बॉलीवुड की दुनिया में शोक की लहर फैला दी है। आमिर खान के प्रोडक्शन ने जताया दुख सुहानी के निधन पर आमिर खान के प्रोडक्शन की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया कि जब सुहानी के बारे में पता चला तो झटका लग गया था। भले ही सुहानी अब नहीं रहीं पर वह उनके लिए हमेशा स्टार थी और रहेंगी। यह भी पढ़ें- स्वरा भास्कर ने एक साल बाद बताया अपनी शादी का राज
कमलनाथ पहुँचे दिल्ली, नकुलनाथ ने प्रोफाइल से हटाया कांग्रेस का नामोनिशान

लोकसभा चुनाव से पहले एक बार मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ी फेर बदल होने की आशंका जताई जा रही है।पिछले कुछ दिनों के अंदर ने प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के कई समर्थकों ने भाजपा का दामन थाम लिया है। इसी बीच एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बीजेपी ज्वाइन करने वाली खबरों ने तूल पकड़ लिया है। वीडी शर्मा ने किया पार्टी में स्वागत दिल्ली में आयोजित होने जा रहे दो दिवसीय बीजेपी के राष्ट्रीय अधिवेशन को लेकर शुक्रवार को भोपाल स्थित बीजेपी मुख्यालय पर प्रेसकांफ्रेंस का आयोजन किया गया, इस दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कमलनाथ के बीजेपी में शामिल होने को लेकर बड़ा बयान दे दिया, वीडी ने कमलनाथ की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो देश और समाज के हित के लिए काम करना चाहता है तो उसका स्वागत है, कमलनाथ बीजेपी में शामिल होना चाहते है तो उनके लिए दरवाजे खुले हुए है। साथ ही वह कहते है कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का आमंत्रण ठुकराने के बाद से ही कांग्रेस पार्टी में कई लोग नाराज है तो उनको एक अवसर मिलना चाहिए। कमलनाथ पहुँचे दिल्ली सूत्रों का मानना है कमलनाथ इन दिनों छिंदवाड़ा में काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं ,उनके घर भी क्षेत्र के नेताओं का जमावड़ा लगा हुआ है , वही इस बारे जब कमलनाथ से मीडिया ने बात तो उन्होंने इसका उत्तर सीधे तौर पर नहीं दिया उन्होंने कहा कि अभी लोगों की राय सुन रहा हूं। इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है कि कमलनाथ ने अपने सभी तय प्रोग्राम रद्द कर दिए हैं, और अचानक से वह प्राईवेट दिल्ली , माना जा रहा है कि बीजेपी के अधिवेशन के बाद ही कमलनाथ बीजेपी में शामिल हो सकते हैं और बेटे नकुलनाथ की प्रोफाइल में भी बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है उनकी प्रोफाइल से अब कांग्रेस जिक्र हटा दिया है और ये सभी बाते एक ही और इशारा कर रही है कि जल्द ही कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता भाजपा में शामिल होने वाले है। यह भी पढ़ें- उत्तरप्रदेश में एस्मा एक्ट लागू ,प्रदर्शन करने पर होगी बिना वारंट के गिरफ्तारी
रविचंद्रन अश्विन की गैर मौजूदगी में किस पर है ज्यादा लोड

इंग्लैंड के साथ इंडिया का तीसरा टेस्ट मैच चल रहा है इस दौरान टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। मैच में जिस खिलाड़ी पर टीम को सबसे ज्यादा भरोसा था वहीं प्लेयर अब खेल में नज़र नहीं आएगा। टेस्ट मैच के दूसरे दिन पहला विकेट लेने वाले रविचंद्रन अश्विन को अचानक से खेल छोड़ अपने घर जाना पड़ा जिसके बाद अब टीम इंडिया की मुश्किलें बड़ गई हैं। रविचंद्रन अश्विन ने झटका था पहला विकेट टीम इंडिया के तीसरे टेस्ट मैच से अचानक रविचंद्रन अश्विन के बाहर होना टीम इंडिया के लिए बड़ा खतरा है। बतादें कि मैच का सारा दारोमदार अश्विन पर था उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में पहला विकेट झटका था जिसके बाद तीसरे दिन भी उनसे ऐसे ही दमदार प्रदर्शन की उम्मीद थी पर ऐन मौके पर उनका टीम से जाना टीम के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। उनके बाहर होने से अब टीम के 10 प्लेयर के साथ ही बाकी के दिन खेलना होगा। बीसीसीआई ने दी जानकारी बीसीसीआई ने जानकारी देते हुए कहा कि परिवार में चिकित्सीय आपातकालीन स्थिति के कारण ऑफ स्पिनर अश्विन ने तत्काल प्रभाव से टेस्ट टीम से हटने का फैसला किया है ,वहीं बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अश्विन की मां ती तबीयत खराब है जिसके कारण उन्हें अचानक अपने चैन्नई स्थित घर पहुँचा पड़ा। खिलाड़ी के घर जाने के बाद अब पूरी जिम्मेदारी कुलदीप यादव और रविंद्र जडेजा के उपर है अब देखना ये क्या ये दोनों खिलाड़ी मिल कर अश्विन की कमी पूरी कर पाएंगे। यह भी पढ़ें- उत्तरप्रदेश में एस्मा एक्ट लागू ,प्रदर्शन करने पर होगी बिना वारंट के गिरफ्तारी
उत्तरप्रदेश में एस्मा एक्ट लागू ,प्रदर्शन करने पर होगी बिना वारंट के गिरफ्तारी

किसान आंदोलन को देखते हुए उत्तरप्रदेश सरकार एक्शन मोड में नज़र आ रही है। सरकार द्वारा किसान आंदोलन के रोकने के लिए 6 महीने के लिए एस्मा एक्ट लागू कर दिया गया है। इसके तहत यदि कोई भी प्रदेश में हड़ताल करता है तो उसे एक्ट का उलंघन करने पर बिना वारंट के गिरफ्तार कर लिया जाएगा। क्या है एस्मा एक्ट एस्मा यानी एसेंशियल सर्विसेज मैनेजमेंट एक्ट एक ऐसा कानून है जिसे उस समय पर लागू किया जाता है जब कर्मचारी हड़ताल पर उतर जाते हैं। इस का इस्तमाल कर हड़ताल रोकी जा सकती हैं लेकिन इस एक्ट को लगाने की अधिकतम अवधि 6 माह होती है। उत्तरप्रदेश में क्यों हुआ लागू पंजाब और हरियाणा के किसानों के आंदोलन को देखते हुए यूपी सरकार ने इस एक्ट को लागू किया है। इस के तहत उत्तरप्रदेश सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि यदि इन 6 महीनों में कोई भी प्रदर्शन या हड़ताल करता पाया जाता है तो उसे विना वारंट के गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बतादें कि इसके पहले भी कोरोना के समय उत्तर प्रदेश सरकार ने एस्मा एक्ट लागू किया था। इस एक्ट को अपर मुख्य सचिव डॉ देवेश चतुर्वेदी ने नोटिफिकेशन जारी कर इसकी जानकारी दी। यह भी पढ़ें- क्या है इलेक्टोरल बॉन्ड, जानिए उससे जुड़ी खास जानकारी
सोनिया गांधी की दिल्ली सहित इटली में है ज़मीन, कितनी संपत्ती की हैं मालकिन

कांग्रेस पार्टी के संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी इस बार राजस्थान से राज्यसभा के लिए उम्मीदवारी कर रही हैं। सोनिया ने नामांकन के लिए शपथ पत्र सौंपा है जिसमें उनकी कुल संपत्ती की जानकारी है। बतादें कि दिग्गज नेता के पास दिल्ली सहित अपने देश इटली में भी जमीन है जिसकी कीमत सुन आपके पौरों तले ज़मीन खिसक जाएगी। सोनिया गांधी की कुल सम्पत्ती सोनिया के पास 1.28 किलो ग्राम सोना है, 88 किलोग्राम चांदी है,उनके पास नकदी 90,000 रूपए है और एचडीएफसी बैंक में 5.30 लाख रूपए जमा है। सोनिया के 3.88 करोड़ रूपए म्यूचल फंड में हैं और उन्होंने 28.53 लाख के बॉन्ड खरीदे हुए हैं। साथ ही उनको अपनी कंपनी यंग इंडिया लिमिटेड के शेयर भी मिलते हैं। फिल्हाल इस कंपनी पर कोर्ट में केस चल रहा है। गांधी को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से बुक रॉयल्टी 1.68 लाख रूपए भी दी जाती है। उन्होंने अपनी कुल संपत्ती 12.53 करोड़ बताई है। दिल्ली सहित इटली में है ज़मीन सोनिया गांधी की दिल्ली के डेरामंडी गांव में तीन बीघा कृषि भूमि है जिसकी कीमत 5.88 करोड़ है। उनके पैतृक देश इटली में भी उनकी ज़मीन है जिसकी कीमत 26.83 लाख है। बतदें कि इस तरह से उनकी कुल अचल संपत्ती 6.15 करोड़ बताई गई है। यह भी पढ़ें- रिश्तेदार ने किया नाबालिग से दुष्कर्म
क्या है इलेक्टोरल बॉन्ड, जानिए उससे जुड़ी खास जानकारी

सुप्रीम कोर्ट ने आज इलेक्टोरल बॉन्ड को असंवैधानिक घोषित कर दिया है। न्यायालय का कहना है कि इस बॉन्ड के कारण जनता सूचना के अधिकार से वंचित हो रही है यह संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रभावित करता है। कोर्ट ने निर्देश जारी कर दिए हैं कि बैंक इलेक्टोरल बॉन्ड पर रोक लगा दे। क्या होता है इलेक्टोरल बॉन्ड इलेक्टोरल बॉन्ड एक ऐसी तरकीब है जिसकी मदद से कोई व्यक्ति, संस्था, और कॉरपोरेट, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से बॉन्ड खरीदकर अपनी मन पसंद पार्टी को दान दे सकते हैं और पार्टी उस बॉन्ड को भुनाकर अपना चंदा ले सकती है। बतादें कि इस प्रक्रिया के दौरान बॉन्ड लेने वाले की पहचान बैंक किस प्रकार से उजारा नहीं करती थी। इस बॉन्ड की एक खास बात यह थी कि इससे 1 फीसदी वोट मिलने वाली पार्टियों को ही दान दिया जा सकता था। इलेक्टोरल बॉन्ड बनाने के पीछे की थी ये बजह जनवरी साल 2018 में इलेक्टोरल बॉन्ड की शरूआत मोदी सरकार द्वारा की गई थी। उस समय सरकार का कहना था कि इसकी मदद से पार्टियों को दिए जा रहे चंदे में पार्दर्शिता आएगी और साफ सिथर धन आएगा। ये बॉन्ड साल में चार बार आते हैं जनवरी, अप्रेल, जुलाई और अक्टूबर में इस दौरान बैंक की शाखा में जाकर बॉन्ड लिया जाता था या फिर उसकी वेबसाईट पर जाकर ऑनलाईन खरीद लिया जाता था। एसबीआई और चुनाव आयोग को देनी होगी जानकारी कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड पर रोक लगाने के साथ ही एसबीआई से 2019 से लेकर अब तक के सभी बॉन्ड की जानकारी देने को कहा है। इस जानकारी को बैंक तीन हफ्तों के अंदर कोर्ट को सौंप देगा। कोर्ट ने चुनाव आयोग ये भी 2019 से लेकर अब तक की सभी बॉन्ड को जानकारियाँ मांगी हैं यह सभी जानकारी चुनाव आयोग द्वारा ही जनता तक भी पहुँचाई जाएगी। यह भी पढ़ें- पटवारी भर्ती परीक्षा को आसानी से नहीं मिली क्लीन चिट,ये है बैक स्टोरी
संत उमेश नाथ महाराज को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने के पीछे क्या है रणनीति

मध्यप्रदेश में बुधवार को भाजपा ने राज्यसभा के लिए 4 उम्मीदवारों के नाम जारी किए गए जिसमें से एक नाम ऐसा है जिसने सभी को चौका दिया, ये नाम है योगी संत उमेश नाथ महाराज का। आप नाम सुनकर ही समझ गए होंगे कि ये कोई संत है, जी हां संत उमेश नाथ जी महराज एक बाल योगी है ,महाराज उज्जैन के वाल्मीकि धाम आश्रम के प्रमुख पीठाधीश्वर है और अब भारतीय जनता पार्टी के राजसभा उम्मीदवार चुने गए है। कौन हैं संत उमेश नाथ महाराज अगर इनके जीवन की बात की जाए तो संत महाराज का जीवन सादगी से भरा हुआ है आज भी वो जिस आश्रम में रहते है उसमें गुरुकुल जैसी व्यवस्था है और पाश्चात्य सभ्यता का कोई नामोनिशान नहीं है। इस स्थान पर देश के उच्च कोटि के संत शिरोमणि, समाज सेवक, बड़े राजनेता , प्रशासनिक अधिकारी सभी अपने स्तर पर संत उमेश नाथ जी से आशीर्वाद प्राप्त करने तथा मार्गदर्शन लेने के लिए निरंतर आते रहते हैं जिनमे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, संघ प्रमुख मोहन राव भागवत ,सहित तमाम बड़े नेता शामिल है। आपको बता दें कि संत महाराज बाल्यकाल से ही संत बन गए थे जिसके बाद आज उनकी ख्याति देश विदेश में फैली हुई है महाराज को कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। लेकिन जब मीडिया द्वारा उनसे उनके राज्यसभा चयन के बारे में पूछ गया तो उनका कहना था कि उन्हें पहले से इस बात की भनक भी नही थी ये जिम्मेदारी उनको मिल सकती है। भाजपा ने क्यों चुना संत का चेहरा वाल्मीकी समाज के बड़े संत उमेश नाथजी महाराज के आश्रम पर बीजेपी नेताओं का आना-जाना लगा रहता है। साल 2016 में उज्जैन के सिंहस्थ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वाल्मीकि घाट पर साधु-संतों के साथ स्नान किया था।वहीं पूरे मालवा-निमाड़ में उमेश नाथ महाराज का अच्छा प्रभाव माना जाता है। महाराज से संघ प्रमुख मोहन भागवत भी आशीर्वाद लेने आ चुके हैं।उनकी संघ से नज़दीकी के कारण ही शायद उनको टिकट दिया गया है।बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से भी महाराज के संबध हैं। यह भी पढ़ें- दुबई में आयोजित वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट प्रोग्राम में नजर आए शाहरुख खान