Aayudh

दिल्ली में AAP के साथ खेला हो गया है ? भाजपा जीत रही है ?

Delhi Vidhansabha Result

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना शुरू हो गई है। सुबह 8 बजे से दिल्ली के 11 जिलों के 19 केंद्रों में काउंटिंग चल रही है। आपको बता दें पिछले कई सालों से दिल्ली की सत्ता पर काबिज़ आम आदमी पार्टी पिछड़ती नजर आ रही है। मतगणना के पहले रुझान में बीजेपी आगे है। भाजपा इस समय बहुमत के आंकड़े को पार करते हुए दिख रही है। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में बीजेपी 46 सीटों पे आगे है। वहीं आप केवल 24 सीटों पर आगे है। कांग्रेस 0 सीटों पर सिमटती हुई नज़र आ रही है। (खबर लिखते समय तक) नेताओं के बयान आना शुरू हो चुके हैं अरविंद केजरीवाल ने 10 सालों तक केवल झूठ बोला है – प्रवीण खंडेलवाल भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि दिल्ली की जनता है भाजपा को देश के बाकी राज्यों में काम करते हुए देखा है। वहीं दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल ने 10 सालों में केवल झूठ बोलने का काम किया है। देश की जनता ने दोनों की तुलना करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुना है। इस बार दिल्ली की जनता ने अपना वोट देकर बीजेपी का समर्थन किया है। उनका कहना है कि दिल्ली में बीजेपी इस बार विकास की नई कहानी लिखेगी। अरविंद केजरीवाल को जनता उनके किए की सजा दे रही है। अरविंद केजरीवाल बेनकाब हो चुके हैं – रमेश बिधूड़ी दिल्ली की कालकाजी विधानसभा क्षेत्र से खड़े भाजपा उम्मीदवार रमेश विधूड़ी ने कहा , AAP के पीछे चलने का कारण उनका झूट बोलना है। अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार ने पिछले 10 सालों में दिल्ली की जनता को केवल झूट बोलकर गुमराह किया है। उनका कहना है कि दिल्ली की जनता ने आम आदमी पार्टी को दो बार मौका दिया , लेकिन अब वो बेनकाब हो चुके हैं। लोग अब उन्हें नकार रहे हैं। AAP का भ्रष्टाचार जनता के सामने आ चुका है – हर्ष मल्होत्रा केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि इस बार दिल्ली की जनता सरकार बदलने का फैसला ले चुकी है। आम आदमी पार्टी और अरविन्द केजरीवाल का भ्रष्टाचार जनता के सामने आ गया है। उनका कहना है कि दिल्ली की जनता ने अन्य राज्यों में भारतीय जनता पार्टी के काम को देखा है। इस बार दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनेगी। अच्छाई और बुराई के बीच की लड़ाई है – आतिशी दिल्ली की कालकाजी विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार आतिशी हारती हुई नज़र आ रही हैं। फिर भी उनका कहना है कि दिल्ली की जनता अरविंद केजरीवाल को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाएगी। कांग्रेस को 0 सीट मिलते दिख रहे आपको बता कि बड़े-बड़े दावे करने वाली कांग्रेस दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में अब तक एक भी सीट हासिल नहीं कर पाई है। कालकाजी विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी अलका लांबा कह रही हैं कि कांग्रेस ने दिल्ली के मुद्दों पर चुनाव लड़ा है। जनता जो भी फैसल करेगी उन्हें स्वीकार होगा। अब देखना ये होगा कि दिल्ली की जनता दिल्ली की गद्दी पर किसे बैठती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिकी दौरा…12-13 फरवरी को ट्रंप से करेंगे मुलाकात

नई दिल्ली। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने शुक्रवार को घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12-13 फरवरी को अमेरिका का दौरा करेंगे। उसी दौरान मोदी और ट्रंप की मुलाकात की संभावना है। ट्रंप पीएम के लिए रात्रिभोज का भी आयोजन कर सकते हैं। मोदी ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस में उनसे मिलने वाले पहले विदेशी नेताओं में से होंगे। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू वर्तमान में वाशिंगटन में हैं और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा इस सप्ताह आने वाले हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति के निमंत्रण पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10-12 फरवरी तक फ्रांस के दौरे पर रहेंगे। यहां पीएम एआई शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगें। पीएम मोदी 10 फरवरी की शाम को पेरिस पहुंचेंगें। इसके बाद पीएम मोदी अमेरिका का भी दौरा करेंगे। इन मुद्दों पर हो सकती है बातचीत इंडिया-फ्रांस सीईओ फोरम को करेंगे संबोधित पीएम मोदी 11 फरवरी 2025 को एआई एक्शन समिट में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इंडिया-फ्रांस सीईओ फोरम को संबोधित करेंगे।AI एक्शन समिट का आयोजन तीसरी बार किया जा रहा है। इससे पहले यूके और दक्षिण कोरिया में यह समिट आयोजित हो चुका है। भारत के विदेश सचिव ने कहा कि हम ऐसे AI एप्लीकेशन के पक्षधर हैं जो सेफ और विश्वसनीय हो।

दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 2025 : इन हॉट सीटों पर है सबकी नज़र….कौन बनेगा दिल्ली का मुख्यमंत्री ?

Delhi Election 2025

नई दिल्ली। दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों पर 5 फरवरी को मतदान किए जा चुके हैं, अब बारी है चुनाव के नतीजों की। सबको इंतजार है कि दिल्‍ली की जनता ने किसको दिल्‍ली का ताज पहनाया है। चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में 59.24 फीसद मतदान हुआ है, चुनाव के नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। दिल्ली विधानसभा चुनाव में किसकी जीत होगी और किसे हार का सामना करना पड़ेगा, इसके लिए बस एक दिन का इंतजार और करना होगा। दिल्ली की इन हॉट सीटों पर होगी सबकी नजर दिल्ली विधानसभा चुनाव में हर बार की तरह इस बार भी कुछ सीटें ऐसी हैं जिनपर सबकी नज़रें टिकी हुई हैं। इन सीटों का रुझान और परिणाम हर कोई जानने को बेताब है। इस बार विधानसभा चुनाव में कुछ सीटें ऐसी हैं जो लोगों के बीच काफी चर्चा में हैं। आइए जानते हैं उन विधानसभा सीटों के बारे में। नई दिल्ली सीट नई दिल्ली सीट पर इस बार 23 उम्मीदवार मैदान में हैं। नई दिल्ली सीट से AAP पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मुख्‍य भूमिका में है। उनके सामने भाजपा ने साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश सिंह वर्मा को मैदान में उतारा है। प्रवेश वर्मा एक बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके हैं। कांग्रेस ने दिल्ली की तीन बार मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित को टिकट दिया है। 2020 में इस सीट से आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को जीत मिली थी। इस बार नई दिल्ली विधानसभा सीट पर 54.27 फीसदी मतदान हुआ। कालकाजी सीट दिल्ली की दूसरी हॉट सीट है कालकाजी। कालकाजी विधानसभा सीट से दिल्ली की वर्तमान मुख्यमंत्री आतिशी चुनावी मैदान में हैं। उनके सामने भाजपा द्वारा दक्षिणी दिल्ली से दो बार सांसद और पूर्व में तीन बार तुग़लकाबाद से विधायक रहे रमेश बिधूड़ी को खड़ा किया गया है। कांग्रेस ने इस सीट पर अलका लांबा को उतारा है। अलका लांबा आप के टिकट पर चांदनी चौक से विधायक रह चुकी हैं। 2020 में कालकाजी विधानसभा सीट से आतिशी चुनाव जीती थीं। इस बार इस विधानसभा सीट पर 54.59 फीसदी मतदान हुआ। जंगपुरा विधानसभा सीट इन दिनों दिल्ली की जंगपुरा सीट की खूब चर्चा हो रही है। AAP ने यहां से पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को मैदान में उतारा है। मनीष सिसोदिया के द्वारा चुनाव लड़ने के कारण यह हॉट सीट बन गई है। इससे पहले सिसोदिया पटपड़गंज से चुनाव में खड़े होते थे। भाजपा ने कांग्रेस से तीन बार विधायक रहे तरविंदर सिंह मारवाह को टिकट दिया है। कांग्रेस ने इस सीट से फरहाद सूरी को चुनावी मैदान में उतारा है। 2020 में जंगपुरा विधानसभा सीट से AAP के प्रवीण कुमार ने जीत दर्ज़ की थी। 2025 में इस सीट पर 57.42 फीसदी मतदान हुआ। पटपड़गंज विधानसभा सीट पटपड़गंज विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी ने मशहूर शिक्षक अवध ओझा पर दांव चला है। हालांकि, बीजेपी ने यहां से रविंद्र सिंह नेगी को टिकट देकर मुकाबला काफी दिलचस्प बना दिया है। नेगी ने 2020 के विधानसभा चुनाव में मनीष सिसोदिया को कड़ी टक्कर दी थी। कांग्रेस ने इस सीट पर अपने नेता अनिल चौधरी को मैदान में उतारा है। 2020 में पटपड़गंज विधानसभा सीट से मनीष सिसोदिया ने जीत हासिल की थी। इस बार इस सीट पर 57.74 फीसदी मतदान हुआ। ओखला विधानसभा सीट ओखला विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के मौजूदा विधायक अमानतुल्लाह खान मैदान में हैं। वहीं भाजपा ने मनीष चौधरी को टिकट दिया है। कांग्रेस ने आरिबा खान को प्रत्याशी बनाया है, जो वर्तमान में पार्षद भी हैं। 2020 में इस सीट से आप के अमानतुल्लाह खान ने जीत हासिल की थी। ओखला विधानसभा सीट पर इस बार 54.90 फीसदी मतदान हुआ। करोलबाग सीट करोलबाग सीट विधानसभा सीट पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व सांसद दुष्यंत कुमार गौतम चुनाव मैदान में हैं। एक राष्ट्रीय स्तर के नेता को विधायक के चुनाव में उतारने के पीछे भाजपा की भी कुछ अलग रणनीति हो सकती है। जिसके चलते ये सीट भी हॉट सीट बन गई है। दुष्यंत कुमार गौतम का मुकाबला आम आदमी पार्टी के तीन बार के विधायक विशेष रवि से है। 2020 में करोलबाग सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के विशेष रवि ने जीत हासिल की थी।

मध्यप्रदेश में 4 लाख करोड़ का होगा निवेश , अंबानी-अडाणी समेत देश-विदेश के कई उद्योगपति होंगे शामिल

Global Investors Summit : CM Mohan Yadav

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में गोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस इन्वेस्टर्स समिट में तक़रीबन 20 हज़ार मेहमानों के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। यह समिट देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में भोपाल के राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजित होगी। 24 और 25 फरवरी को आयोजित होने वाले इस समिट को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस) पहली बार भोपाल में हो रहा है। इस समिट में अंबानी, अडाणी, महिंद्रा, टाटा समेत देश के तमाम बड़े उद्योगपतियों को भी आमंत्रित किया गया है। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस) में क्या होगा खास ? एक हजार से अधिक विदेशी मेहमान पधारेंगे इस बार के समिट में दुनियाभर से 1000 से अधिक मेहमानों के आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद कुछ दिनों पहले जापान, यूके और जर्मनी के दौरे पर थे। उन्होंने वहां के उद्यमियों को मध्य प्रदेश आने का न्यौता दिया है। सीएम का मानना है कि इस समिट के जरिए आईटी सेक्टर में भारी निवेश की संभावना है। इस निवेश से प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और प्रदेश विकसित राज्य बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। अंबानी और अदाणी भी करेंगे शिरकत इस बार के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में देश के कई बड़े उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें मुकेश अंबानी, गौतम अडानी, एन. चंद्रशेखरन, नोएल एन. टाटा, आनंदजी महिंद्रा, जमशेद एन. गोदरेज, संजीव पुरी, संजीव बजाज, सतीश रेड्‌डी, नादिर गोदरेज, पवन मुंजाल, एसएन सुब्रह्मण्यम, रिशद प्रेमजी, अजीज प्रेमजी, सलिल एस. पारेख, दिलीप संघवी, वेणु श्रीनिवासन, सुनील भारत मित्तल, बाबा एन. कल्याणी, उदय कोटक के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही मध्य प्रदेश और देश के अन्य छोटे उद्योगपतियों ने भी जीआईएस में आने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। चार लाख करोड़ तक का निवेश आने की संभावना इस बार सरकार ने निवेशकों को लुभाने की पूरी तैयारी कर ली है। मध्य प्रदेश सरकार की कोशिश है कि ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट से कम से कम चार लाख करोड़ तक के निवेश प्रस्ताव आए। उद्योगपतियों को परेशानी ना हो इसलिए सरकार नई नीतियां लेकर आ रही है। एमपी में स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) बनाए गए हैं, जिससे इंडस्ट्रीज को अच्छी सुविधाएं मिल रही हैं। इसके अलावा यहां पर 15 से अधिक आईटी पार्क भी हैं , जहां कई बड़ी कंपनियां पहले से ही काम कर रही हैं। एमपी सरकार प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए निवेश प्रोत्साहन नीति 2023 के तहत नए उद्योगों को सब्सिडी भी दे रही है। टूरिज्म विभाग को मिली बड़ी जिम्मेदारी ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में आए मेहमानों को राजधानी भोपाल के आस-पास मौजूद भीमबैटका और साँची जैसे कई पर्यटक स्थलों पर ले जाया जाएगा। टूरिज्म विभाग को इन सभी पर्यटन स्थलों को संवारने का काम सौंपा गया है। आपको बता दें कि बड़ा तालाब और बोट क्लब के भी सौंदर्यीकरण का काम जारी है। मेहमानों को मिलेगा पारंपरिक भोजन इस समारोह में आ रहे मेहमानों को मध्य प्रदेश के पारंपरिक भोजन परोसे जाएंगे। इसके लिए मानव संग्रहालय में भी तैयारियां की जा रही हैं । दाल बाफले, मिलेट्स के स्वीट्स, मक्के और ज्वार की रोटी, दाल पानिया जैसे व्यंजन सूची में शामिल हैं।

RBI MPC Meeting : अब लोन लेने पर देना होगा कम ब्याज , EMI में आएगी गिरावट

RBI Governor - Sanjay Malhotra

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी है। शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी मीटिंग समाप्त हो गई है। इस बैठक में भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा और उनकी टीम ने एक बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय बैंक ने पांच साल बाद रेपो रेट में कटौती की है। RBI ने ब्याज दरों को 6.5% से घटाकर 6.25% कर दिया है। 5 साल बाद Repo Rate में की गई कटौती RBI ने पिछली बार साल 2020 में रेपो रेट में 0.40 % की कमी की थी। इसके बाद मई 2022 में रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी करना शुरू किया। आखिरी बार रेपो रेट में फरवरी 2023 में बदलाव किया गया था। इस दौरान रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 2.50% की बढ़ोतरी की और इसे 6.5% तक पहुंचा दिया था। इस तरह से रिज़र्व बैंक ने 5 साल बाद रेपो रेट को घटाया है। क्या है रेपो रेट ? रेपो रेट वह दर होती है जिस पर रिजर्व बैंक दूसरे बैंकों को पैसा उधार देता है। अगर रिजर्व बैंक कम दर पर पैसा उधार देगा तो बैंक भी ग्राहकों को कम दर पर लोन मुहैया कराते हैं। रेपो रेट कम होने से मिडिल क्लास को बड़ा फायदा होता है, क्योंकि इससे ईएमआई का बोझ कम हो जाता है। रेपो रेट में कमी का मतलब है कि मकान , गाड़ी , समेत अलग-अलग कर्जों पर EMI में कमी आएगी। वहीं दूसरी ओर बाजार में लिक्विडिटी भी बढ़ेगी। Repo Rate कम होने से आम लोगों को मिलेगी राहत रेपो रेट कम होने से आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें होम लोन, पर्सनल लोन पर ईएमआई में राहत मिल सकती है। टैक्स विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ सीए संजीव महेश्वरी के अनुसार सरकार इस समय अपने खर्चों यानी अपना पूंजीगत व्यय कम करके आम लोगों के हाथों में पैसा दे रही है, जिससे घरेलू खपत को बढ़ाने के साथ धीमी होती अर्थव्यव्स्था को गति मांग को बढ़ाया जा सके। यही कारण है कि बजट 2025-26 में सरकार ने आयकर से छूट के दायरे को बढ़ाकर 12 लाख रुपये करने का एलान किया। क्या पहले से चल रहे लोन पर भी EMI घटेगी? आपको बता दें कि लोन की ब्याज दरें 2 तरह से होती हैं एक फिक्स्ड और दूसरी फ्लोटर। फिक्स्ड में आपके लोन पर ब्याज दर शुरू से आखिर तक एक जैसी रहती है। इस पर रेपो रेट में बदलाव का कोई फर्क नहीं पड़ता। हालांकि फ्लोटर में रेपो रेट में बदलाव का आपके लोन की ब्याज दर पर भी फर्क पड़ता है। ऐसे में अगर आपने फ्लोटर ब्याज दर पर लोन लिया है तो EMI भी घट सकती है। Income Tax में भी मिलेगी राहत मिडिल क्लास को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने इस बार इनकम टैक्स में बड़ी छूट दी है। सरकार ने बजट में कहा था कि सालाना 12 लाख तक कमाने वालों को इनकम टैक्स नहीं देना होगा। वहीं टैक्स स्लैब में भी बदलाव किए गए हैं। इससे 25 लाख तक कमाने वालों को 1.1 लाख रुपय तक की बचत होगी। वहीं 18 लाख रुपये की वार्षिक आय वाले व्यक्ति को टैक्‍स में 70,000 रुपये तक का फायदा होगा। ऐसे में सरकार ने नए टैक्स स्लैब और इनकम टैक्स में छूट देकर मिडिल क्लास को खुश करने की कोशिश की है।

राज्‍यसभा में पीएम मोदी का संबोधन: कांग्रेस पर किया तीखा हमला, कहा – “इतना बड़ा दल एक परिवार के लिए समर्पित हो गया है…”

Prime Minister : Shri Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सभा में अपनी 92 मिनट लंबी स्पीच दी है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि “इतना बड़ा दल एक परिवार के लिए समर्पित हो गया है। उनसे ‘सबका साथ, सबका विकास’ की उम्मीद करना ही गलत है।” उन्होंने कहा की इस देश की जनता ने लगातार तीसरी बार हमें समर्थन देकर हमारी सरकार पर भरोसा जताया है। PM मोदी के भाषण के मुख्य बिंदु 1. मोबाइल, कंप्यूटर और ATM जैसी टेक्नोलॉजी भारत तक आने में दशकों लग गए।2. कांग्रेस ने ‘फैमिली फर्स्ट’ को अपनाया, लेकिन हमारी सरकार ‘नेशन फर्स्ट’ के उद्देश्य पर अग्रसर है।3. ‘सबका साथ, सबका विकास’ कांग्रेस के एजेंडे में कभी फिट नहीं हो सकता।4. पुरानी सरकारों की लचर नीतियों के कारण भारत को वैक्सीन और मेडिकल सुविधाओं के लिए सालों इंतजार करना पड़ा।5. जनता ने लगातार तीसरी बार हमें चुनकर हमारे विकास मॉडल पर अपनी मुहर लगा दी है। कांग्रेस को लेकर ‘फैमिली फर्स्ट’ बनाम ‘नेशन फर्स्ट’ की बात कही PM Modi ने कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से ‘फैमिली फर्स्ट’ की नीति पर चलती आई है, जबकि हमारी सरकार ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा “हमारी सरकार की नीतियां और योजनाएं ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर आधारित हैं, लेकिन कांग्रेस के एजेंडे में यह कभी फिट नहीं हो सकता।” Digital India और Make In India देश की उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में तकनीक और डिजिटल इंडिया का जिक्र करते हुए कहा कि “आज भारत डिजिटल क्रांति में आगे है, लेकिन कुछ दशक पहले ऐसा नहीं था। आज हम कांग्रेस के लाइसेंस राज और उसकी कुनीतियों से बाहर निकलकर हम MakeInIndia को बढ़ावा दे रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “कंप्यूटर, मोबाइल और एटीएम जैसी तकनीक दुनिया में हमसे पहले आ गई थी, लेकिन भारत में इन्हें लाने में दशकों लग गए। कंप्यूटर के शुरुआती दौर में इसे आयात करने के लिए लाइसेंस लेना पड़ता था, और उस लाइसेंस को पाने में भी सालों लग जाते थे।” संसद में गोपालदास नीरज और अटल बिहारी की कविताएं गूंजी “है बहुत अंधियारा, अब सूरज निकलना चाहिए, जिस तरह से भी हो, ये मौसम बदलना चाहिए।” संसद में प्रधानमंत्री ने गोपालदास नीरज की पंक्तियाँ सुनाई। उन्होंने विपक्ष पर तंज कस्ते हुए कहा कि ये पंक्तियाँ कांग्रेस के समय में ही लिखी गई थीं। उन्होंने साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की एक प्रसिद्ध पंक्ति भी सुनाई: “मेरे देश उदास न हो, फिर दीप जलेगा, सूरज निकलेगा, अंधेरा छटेगा, कमल खिलेगा।” उन्होंने संसद में एक और शेर पढ़ा “तमाशा करने वालों को क्या खबर, हमने कितने तूफानों को पार कर, दीया जलाया है…” “हम मध्यम वर्ग और नव-मध्यम वर्ग को मजबूत करना चाहते हैं” प्रधानमंत्री ने इस बार के बजट का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सरकार देश के हर वर्ग के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि “हमारी सरकार सभी वर्गों को देखकर नीतियां बनाती है और इस बार 2025 के बजट में भी यह देखने को मिला। इस बजट में हमने 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं लगाया है।”

Indian Deportation : अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों को हथकड़ी क्यों पहनाई गई? एस जयशंकर का संसद में जवाब

Foreign Minister on Indian Deportation

Indian Deportation : अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 104 भारतीय 5 फरवरी को स्वदेश लौट आए हैं। एक अमेरिकी सैन्य विमान ने बुधवार को अमेरिका में रह रहे इन सभी अवैध प्रवासी भारतीयों को अमृतसर डिपोर्ट किया। विपक्ष की मांग पर एस जयशंकर ने इस मामले पर संसद में जवाब दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय संबंधों में डिपोर्टेशन एक सामान्य प्रक्रिया है। यह सभी देशों की जिम्मेदारी है कि अगर उनका कोई नागरिक किसी देश में अवैध तरीके से रह रहा है तो उसको वापस लें। यह दुनिया भर के सभी देश स्वीकार कर चुके हैं। प्रत्यर्पण की यह कार्रवाई कोई नई नहीं है, यह सालों से चलती आ रही है।’ विदेश मंत्री ने इसके साथ ही साल 2009 से अब तक हर साल हुए डिपोर्टेशन के आंकड़े भी पेश किए। एस जयशंकर के द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार अबतक 500 से लेकर 2000 तक अवैध प्रवासी भारतीयों को अमेरिका से डिपोर्ट किया गया। हथकड़ी पहनाए जाने वाले सवाल पर एस जयशंकर का जवाब ? बुधवार को भारत आए इन प्रवासियों में से कुछ लोगों ने अपनी आप बीती बताई। इन लोगों ने यह भी बताया कि अमेरिका से भारत तक उन्हें हथकड़ी और बेड़ियों में बांधकर लाया गया। इसी मौके का फायदा विपक्ष ने भी उठाया है। विपक्ष लगातार सरकार से सवाल पूछ रहा है लेकिन विदेश मंत्री ने भी संसद में इसका जवाब दिया। विपक्ष को जवाब देते हुए एस जयशंकर ने कहा, ‘अमेरिका से हम संपर्क में हैं कि किसी भी डिपार्टेड भारतीय के साथ दुर्व्यवहार न हो। भारत सरकार ने कहा हुआ है कि जो भी लोग वापस आ रहे हैं उनके साथ किसी भी तरीके से अमानवीय व्यवहार ना हो। बाकी काउंसलर एक्सेस तभी दिया जा सकता है, जब भारतीय नागरिक इसके लिए रिक्वेस्ट करें।’ भारतीयों को सैन्य विमान से डिपोर्ट किया गया बुधवार की दोपहर 104 भारतीयों को एक अमेरिकी सैन्य विमान से अमृतसर एयरपोर्ट पर उतारा गया। ये वे लोग थे जो अमेरिका में अवैध तरीके से रह रहे थे। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अवैध प्रवासियों पर उनकी नई नीति के चलते इन लोगों को भारत वापस भेजा गया है। दरअसल, ट्रंप सरकार अमेरिका में रह रहे सभी देशों के अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें अपने-अपने देश भेज रही है। संसद में विपक्ष ने सैन्य वाहन के जरिए डिपोर्टेशन पर भी सवाल किए। जिसपर एस जयशंकर ने कहा – ‘अथॉरिटीज को हमने निर्देश दिए हैं कि वे हर एक रिटर्नी से बैठकर बात करें कि वे कैसे अमेरिका गए। डिपोर्टेशन की प्रक्रिया देखें तो मिलिट्री एयरक्राफ्ट हो या चार्टर्ड प्लेन हो, प्रक्रिया वही होती है।’ कुछ लोगों ने अपनी आप बीती बताई पंजाब के एक युवक ने बताई अपनी कहानी पंजाब के होशियारपुर जिले के रहने वाले हरविंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने वर्क वीजा के लिए एक एजेंट को 42 लाख रूपए दिए थे। आखिरी समय में वीजा न मिल पाने के कारण उन्हें कई उड़ानों के जरिए अमेरिका भेजा गया था। हरविंदर सिंह ने बताया कि ब्राजील में पहाड़ों पर चढ़ाई करने के बाद उन्हें अन्य प्रवासियों के साथ छोटी सी नाव पर बिठाकर मेक्सिको की सीमा तक पहुंचाया गया था। उन्होंने बताया की कैसे वो चावल के छोटे छोटे टुकड़ों को खाकर जीवित रहे हैं । अपनी यात्रा में उन्होंने अपने साथ जा रहे अन्य प्रवासियों को मरते हुए भी देखा। उनके साथ का ही एक व्यक्ति पनामा के जंगलों में मर गया था। सुखपाल सिंह की कहानी दारापुर गांव के सुखपाल सिंह ने बताया की उन्हें अमेरिका तक पहुंचने के रास्ते में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पहाड़, समंदर और अलग – अलग देशों की सीमाओं को पार कर वो अमेरिका पहुंचे थे। उन्हें समुद्री मार्ग से 15 घंटे की यात्रा करनी पड़ी और खतरनाक पहाड़ियों से होकर 40-45 किलोमीटर पैदल भी चलना पड़ा। उन्होंने बताया कि अमेरिका में प्रवेश करने से ठीक पहले उन्हें मैक्सिको में पकड़ लिया गया था। उन्होंने कहा, “हमें 14 दिनों तक एक अंधेरे सेल में बंद रखा गया, कभी दिन का उजाला नहीं देखा। ऐसे कई और पंजाबी, परिवार और बच्चे हैं जो ऐसी ही परिस्थितियों में हैं।” प्रवासियों ने दी सलाह अमेरिका से लौटे प्रवासियों ने किसी को भी विदेश में अवैध रास्ते न अपनाने की सलाह दी है।

स्‍वर कोकिला लता मंगेशकर ने बनाया है 50 हज़ार से अधिक गानों का रिकॉर्ड, उनकी पुण्‍यतिथि पर जानिए कुछ अनसुने तथ्‍य….

लता मंगेशकर

Lata Mangeshkar Death Anniversary : MP ने दुनिया को कई बड़े सितारे दिए हैं। उन्हीं सितारों में से एक नाम है लता मंगेशकर। भारत की स्वर कोकिला कही जाने वाली लता मंगेशकर जी की आज पुण्यतिथि है। लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर में हुआ था। लता जी ने 6 फरवरी 2022 को 92 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। लता मंगेशकर आज इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनके गीत और उनकी आवाज़ आज भी करोड़ो लोगों के दिलों पर राज करती है। आज उनकी तीसरी पुण्यतिथि है। आइए जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े किस्सों को। उन्होंने अलग – अलग भाषाओं में गाए कई गाने ‘लता समग्र’ में लता मंगेशकर के अलग – अलग भाषाओं में गाए गए गानों की जानकारी दी गई है। इसउन्होंने किताब के अनुसार उन्होंने 5328 हिंदी फिल्मी गाने, 198 गैर फिल्मी गाने और 127 गाने ऐसे गाए जो कभी रिलीज ही नहीं हुए। उन्होंने 24 संस्कृत, 48 गुजराती, 69 पंजाबी, 206 बंगाली और 405 मराठी गानों को अपनी आवाज़ दी है। लता मंगेशकर बहुमुखी प्रतिभाओं की धनी थीं। अपने करियर में उन्होंने 50 हज़ार से अधिक गाने रिकॉर्ड किए हैं, जिसके बाद उनका नाम गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया। क्यों पहनती थीं सफेद साड़ी? लता जी हमेशा सफेद रंग की साड़ी पहना करती थीं। उन्हें जब भी देखा गया सफ़ेद साड़ी में ही देखा गया। उनकी साड़ी के डिजाइन और बॉर्डर का रंग बदल जाया करता था लेकिन साड़ी का असल रंग सफ़ेद ही रहता था। लता मंगेशकर ने खुद बताया था कि उन्हें सफ़ेद रंग बहुत पसंद है। यतींद्र मिश्र ने लता मंगेशकर की बायोग्राफी ‘सुर गाथा’ में भी इस बात का जिक्र किया है। इसमें बताया गया है कि जब उनसे सफ़ेद साड़ी ही पहनने की वजह पूछी गई थी तब उन्होंने कहा था – ‘रंग मुझे अच्छे लगते हैं और वे सब साड़ियों में खूब फबते भी हैं, लेकिन दूसरों पर. खुद मुझे रंगीन कपड़े पहनना अटपटा सा लगता है. इसकी कोई वजह नहीं है, लेकिन अगर मैं कभी लाल या ऑरेंज कलर की साड़ी पहनती हूं तो मुझे लगता है कि किसी ने मुझ पर होली के रंग डाल दिए हैं, इसलिए मुझे सफेद या चंदन जैसे रंग पसंद आते हैं।’ कई बड़े सम्मानों से नवाज़ा गया लता मंगेशकर जी को देश – विदेश में कई प्रमुख सम्मानों से नवाज़ा गया है। उन्हें फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑफिसर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया जा चुका है। लता जी से पहले यह सम्मान फ़िल्म डायरेक्टर सत्यजीत रे और महानायक अमिताभ बच्चन को दिया जा चुका है। आपको बता दें कि ‘ऑफिसर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ फ्रांस के द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान फ्रांस के नागरिकों और विदेशियों को दिया जाता है। CM Mohan Yadav ने दी श्रद्धांजलि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्वीटर) के जरिए लता जी को श्रद्धांजलि दी है। वह लिखते हैं, ‘भारत रत्न, स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर जी की पुण्यतिथि पर सादर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।आपकी अद्वितीय संगीत साधना ने भारतीय फिल्म जगत को समृद्ध किया, साथ ही विश्व में असंख्य प्रशंसकों को गीत-संगीत से आनंदित किया। अपनी मधुर आवाज से आप सदैव हमारे बीच उपस्थित रहेंगी।’

Delhi Exit Poll Result : 11 में से 9 एग्जिट पोल में बीजेपी जीत रही है, नेताओं की प्रतिक्रिया आना शुरू…

Delhi Exit Poll Result

दिल्ली। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए 5 फरवरी को वोटिंग खत्म हो गई। सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान बुधवार शाम 6 बजे खत्म हुआ। इस बार 2025 विधानसभा में 58.06 फीसदी वोटिंग हुई। वोटिंग के तुरंत बाद एग्जिट पोल आने शुरू भी हो गए हैं। 11 में से 9 एग्जिट पोल में बीजेपी की जीत का दावा किया जा रहा है तो वहीं, दो एग्जिट पोल में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार बनने का अनुमान लगाया जा रहा है। एग्जिट पोल में बीजेपी की जीत का अनुमान पीपुल्स इनसाइट में भाजपा को 40 – 44, AAP को 25 – 29 और कांग्रेस को एक सीट मिलती नज़र रही है। चाणक्य स्ट्रैटजिज के मुताबिक बीजेपी को 39 से 44, आम आदमी पार्टी को 25 से 28 और कांग्रेस को 2 सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। पीपुल्स प्लस के अनुसार दिल्ली में इस बार भाजपा को 51 से 60 AAP को 10 से 19 और कांग्रेस को एक भी सीट न मिलने के आसार लगाए जा रहे हैं। यदि भाजपा को बहुमत मिला तो 27 साल बाद सत्ता में लौटेगी पिछले कई सालों से दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार है। लेकिन अगर बीजेपी को बहुमत मिलता है तो ये बीजेपी के लिए एक ऐतिहासिक जीत होगी। 27 साल बाद सत्ता में लौटेगी। इससे पहले भाजपा ने 1993 में अपनी सरकार बनाई थी। 1993 में भाजपा को 49 सीटें मिली थीं। 5 साल के कार्यकाल में भाजपा ने 3 लोगों को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाया था। मदनलाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा और सुषमा स्वराज। ये जानना दिलचस्प होगा की 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा के इन तीनों नेताओं के बेटे – बेटियां सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मदनलाल खुराना के बेटे हरीश खुराना मोतीनगर से और साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा नई दिल्ली से चुनाव लड़ रहे हैं। नेताओं के बयान बीजेपी के संसद मनोज तिवारी ने कहा “मैंने अभी जो एग्जिट पोल देखे हैं, मुझे लगता है कि हमारा रिजल्ट एग्जिट पोल से बेहतर होने जा रहा है। लोगों के बीच जो प्रतिक्रिया हमने देखी है उससे भाजपा सत्ता में आ रही है। यह भाजपा की घर वापसी है।” तो वहीं आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने एग्जिट पोल्स के आंकड़ों को नकार दिया है। उन्होंने कहा ”2013, 2015 हो या 2020 में आम आदमी पार्टी को लेकर एग्जिट पोल के नतीजे ठीक नहीं रहे, लेकिन हर बार आप ने प्रचंड बहुमत की सरकार बनाई, इस बार भी कुछ अलग नहीं होगा. एग्जिट पोल चाहे महाराष्ट्र हरियाणा या लोकसभा के हों तो सभी गलत निकले थे. ये भी गलत निकलेगा. कुछ एग्जिट पोल में तो हमें भी बढ़त दिखा रहे हैं लेकिन 8 तारीख का इंतजार करें. अरविंद केजरीवाल जी दोबारा से बहुमत लेकर आ रहे हैं.” कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा “जो लोग कहते थे कि कांग्रेस जमीन पर मौजूद नहीं है, वे कांग्रेस को अच्छी संख्या में सीटें जीतते देखेंगे। AAP वापस नहीं आएगी। किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा। तीनों पार्टियों को बराबर सीटें मिलेंगी।” 8 फरवरी को आएंगे नतीजे दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर बुधवार को वोट डाले गए। मतदान होने के साथ ही दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों से चुनाव में उतरे 699 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई। इस चुनाव के नतीजे 8 फरवरी को आएंगे। इस बार दिल्ली की जनता दिल्ली का मुख्यमंत्री किसे बनाएगी ये तो परिणाम ही बताएंगे।

Mahakumbh 2025 : महाकुंभ में PM Modi ने लगायी डुबकी

प्रयागराज। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को प्रयागराज पहुंचे। जहाँ उन्होंने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई और माँ गंगा की पूजा अर्चना की। उन्होंने देश की स्मिता और कुशलता की कामना की। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। आपको बता दें इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह,गृह मंत्री अमित शाह और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी महाकुंभ में पुण्य स्नान कर चुके हैं। PM Modi के संगम तक पहुंचने का रुट प्रधानमंत्री दिल्ली से बमरौली एयरपोर्ट तक एयरक्राफ्ट से पहुंचे। जिसके बाद वो हेलकॉप्टर के जरिये DPS स्कूल के अंदर बने हेलिपैड पर पहुंचे। DPS स्कूल से अरैल घाट तक वो कार से गए और फिर स्टीमर से संगम तक पहुंचे। संगम में डुबकी लगाने के बाद प्रधानमंत्री उसी रूट से वापस लौट गए। PM के पहुंचने से आम लोगों का स्नान नहीं रुका श्रद्धालुओं को परेशानी न हो इसलिए हेलीकाप्टर से महाकुंभ नगर के डीपीएस मैदान स्थित हेलीपैड पर उतरे। उसके बाद स्टीमर के जरिए संगम तक पहुंचे फिर वहीं से अरैल घाट की तरफ लौट गए। महाकुम्भ प्रशाषन ने इस बार श्रद्धालुओं के लिए कई इंतजाम किये हैं ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। 4000 हेक्टेयर वाले मेला क्षेत्र को 25 सेक्टर में बांटा गया है। देश के अलग – अलग कोने से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 41 घाट बनाये गए हैं। PM ने पहना केसरिया रंग का कुर्ता वैदिक मंत्रोउच्चारण के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगम में डुबकी लगायी। उन्होंने स्नान के दौरान केसरिया रंग का कुर्ता और नीले रंग का पैजामा पहना था। उन्होंने गले में रुद्राक्ष की माला पहनी थी। 77 देशों के प्रतिनिधिमंडल ने भी लगायी डुबकी 1 फरवरी को 77 देशों के 118 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भी महाकुंभ में डुबकी लगायी है। महाकुंभ में डुबकी लगाने वाले 77 देशों में जापान, जर्मनी, रूस, मलेशिया, अमेरिका, स्विट्जरलैंड, स्वीडन, पोलैंड, नीदरलैंड, मंगोलिया, इटली,बोलीविया, जिम्बाब्वे, लातविया, उरुग्वे, कैमरून, यूक्रेन, स्लोवेनिया और अर्जेंटीना जैसे देशों के राजनयिक शामिल हैं।