Aayudh

Waqf Amendment Bill को कैबिनेट की मिली मंजूरी, जानिए क्या होंगे बदलाव ?

Waqf Amendment Bill

नई दिल्ली। Waqf Amendment Bill को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। आपको बता दें कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद बजट सत्र के दूसरे चरण में इसे पेश किया जा सकता है। बजट सत्र का दूसरा चरण 10 मार्च से 4 अप्रैल तक चलेगा। 13 फरवरी 2025 को संयुक्त समिति की रिपोर्ट जब संसद में पेश की गई, तब विपक्ष ने खूब हंगामा किया। JPC में कुल 31 सदस्य हैं, जिनमें 16 लोक सभा के और 10 राज्य सभा के हैं। क्या है Waqf Amendment Bill ? पिछले वर्ष 2024 में केंद्रीय मंत्री मंत्री किरेन रिजिजू ने Waqf Amendment Bill – 2024 और Muslim Waqf (Repeal) Bill- 2024 को लोक सभा में पेश किया था। Waqf Amendment Bill – 2024 का मुख्य उद्देश्य Waqf Act- 1995 में संसोधन करना है, ताकि Waqf Board से जुड़ी सम्पतियों में पारदर्शिता और प्रबंधन को व्यवस्थित किया जा सके। इसके तहत गैर मुस्लिमों और महिलाओं को भी Waqf Board में शामिल करने का प्रस्ताव है। कैबिनेट ने इन 14 बदलावों को दी मंजूरी ALSO READ : कौन थे नानाजी देशमुख…जिनकी पुण्यतिथि में शामिल हुए गृह मंत्री WATCH :

कौन थे नानाजी देशमुख…जिनकी पुण्यतिथि में शामिल हुए गृह मंत्री

Amit Shah

चित्रकूट। गुरुवार (27 फरवरी) को देश के गृह मंत्री अमित शाह चित्रकूट पहुंचे। यहाँ उन्होंने नानाजी देशमुख की 15वीं पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की। जिसके बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय की नई मूर्ति का अनावरण भी किया। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रसिद्द कथावाचक मोरारी बापू भी मौजूद रहे। “देश ने एक ही कालखंड में दो महापुरषों को जन्म दिया” – अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ लोगों के जीवन युगों तक अपना असर छोड़ जाते हैं और युग को परिवर्तनकारी बनाते हैं। उन्होंने कहा कि एक ही कालखंड में इस देश को दो महापुरष मिले, नानाजी देशमुख और पंडित दीनदयाल उपाध्याय दोनों का जन्म 1916 में ही हुआ। नानाजी देशमुख का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नानाजी ने अपने व्यवहार, अपनी कर्मठता और अपने संस्कार से कई ऐसे सिद्धांत स्थापित किए हैं, जो अगली शताब्दी तक देश की राजनीति को दिशा दिखाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र की रक्षा में उनका योगदान अहम रहा। नानाजी के सिद्धांतो को आगे बढ़ा रही बीजेपी – CM मोहन यादव नानाजी देशमुख की 150वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि “नानाजी ने हमेशा कतार में अंतिम खड़े व्यक्ति को प्राथमिकता दी है”। भारतीय जनता पार्टी की सरकार भी उनके इस सिद्धांत को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। बीजेपी गरीबों को राशन, मकान और मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए संकल्पित है। इस दौरान मोरारी बापू ने कहा कि नानाजी ने राम दर्शन के साथ ही ग्राम दर्शन भी कराया है। कौन थे नानाजी देशमुख ? नानाजी का जन्म वर्ष 1916 में मराठी भाषी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उन्होंने राजस्थान के सीकर से अपनी हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की, जिसके बाद आगे की पढ़ाई उन्होंने बिड़ला कॉलेज से की। नानाजी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सदस्य भी रहे। 1952 में जब जन संघ की स्थापना हुई तब जनसंघ के उत्तर प्रदेश का दायितव नानाजी को सौंपा गया। 1967 में वो जनसंघ के संगठन मंत्री बनकर दिल्ली पहुंचे और दिल्ली में ही ‘दीनदयाल शोध संस्थान’ की नींव रखी। 1978 में उन्होंने सक्रिय राजनीति को अलविदा कह दिया और ‘दीनदयाल शोध संस्थान’ के माध्यम से ग्राम विकास के कार्य में लग गए। 1991 में उन्होंने चित्रकूट में देश के पहले ‘ग्रामोदय विश्वविद्यालय’ की स्थापना की। जिसके बाद आसपास के 500 गावों का जन भागीदारी के माध्यम से विकास किया। इसी प्रकार उन्होंने बिहार, नागपुर, अहमदाबाद और कई जगहों पर गांवों का विकास किया। 1991 में राज्यसभा के लिए मनोनीत किए गए और 27 फरवरी 2010 को चित्रकूट में अपनी आखिरी साँस ली। वर्ष 2019 में केंद्र सरकार ने उन्हें ‘भारत रत्न’ से भी सम्मानित किया। ALSO READ : Union Carbide के कचरे को जलाने की प्रक्रिया शुरू…सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से किया इंकार WATCH : https://youtu.be/k_k8H_5f3p4?si=NyHv4F2rYGB36bVw

Union Carbide के कचरे को जलाने की प्रक्रिया शुरू…सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से किया इंकार

Union Carbide Plant

Union Carbide Waste Disposal : यूनियन कार्बाइड के कचरे के निपटान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (27 फरवरी 2025) को बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट के जज ने कहा कि Union Carbide के निपटान से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट हस्तक्षेप नहीं करेगा, क्यूंकि यह मामला पहले से ही मध्य प्रदेश उच्च न्यालय की निगरानी में है। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया, जिसमें भोपाल गैस त्रासदी स्थल से 337 मीट्रिक टन जहरीले रासायनिक कचरे को पीथमपुर में नष्ट करने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर किसी को कोई शिकायत है, तो वे हाई कोर्ट में अपनी बात रख सकते हैं। क्या है पूरा मामला ? यह मामला 2004 से चल रहे एक जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार पर भोपाल के यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के आसपास जहरीले कचरे को साफ न करने का आरोप था। 3 दिसंबर 2024 को हाई कोर्ट ने इसे “दुखद स्थिति” बताते हुए कचरे को तुरंत हटाने का आदेश दिया। वकील ने 17 फरवरी को हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि पीथमपुर के पास लोग रहते हैं और नदी भी है, जिससे खतरा हो सकता है। लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया। कचरे के निपटान की प्रक्रिया शुरू सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आज Union Carbide के कचरे के निपटान का पहला दिन है। आज पीथमपुर के रामकी एनवायरो में 10 टन कचरे का निपटान होगा, जिसमें 17 से 18 घंटे का समय लगेगा। कचरे के निपटान के समय रामकी एनवायरो कंपनी के अंदर सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की टीम मौजूद रहेगी। कम्पनी के आस-पास सुरक्षा के कड़े इंतेज़ाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं। कचरे के निपटान में उसे जलाने से लेकर लैंडफिल में दबाने तक की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। ALSO READ : भारत ने Pakistan को लगाई फटकार…कहा – Pakistan आतंकवादियों को देता है पनाह WATCH : https://youtu.be/wCg6jKSY6xc?si=bi6_5DEJ9vRf5OuA

भारत ने Pakistan को लगाई फटकार…कहा – Pakistan आतंकवादियों को देता है पनाह

Kshitij Tyagi rebukes Pakistan

नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 58वें सत्र की सातवीं बैठक में Pakistan को फटकार लगाई। भारतीय डिप्लोमेट क्षितिज त्यागी ने कहा – “पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सहायतों पर निर्भर रहने वाला एक विफल देश है।” मानवाधिकार परिषद की 7वीं बैठक में भारत ने कश्मीर को लेकर दिए गए टिपण्णी पर Pakistan की आलोचना की है। यह बयान भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ एक मजबूत और स्पष्ट जवाब है, जिसमें पाकिस्तान पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। क्षितिज त्यागी ने कहा कि भारत, Pakistan के झूठे और दुर्भावनापूर्ण बयानों का जवाब दे रहा है। उन्होंने पाकिस्तान पर अपने सैन्य-आतंकवादी तंत्र के जरिए झूठ फैलाने, OIC (ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन) का गलत इस्तेमाल करने, और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख को लेकर बेबुनियाद दावे करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये दोनों केंद्र शासित प्रदेश हमेशा से भारत का हिस्सा रहे हैं और रहेंगे, और वहाँ हाल के वर्षों में हुई प्रगति—राजनीतिक, सामाजिक, और आर्थिक—पाकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ भारत की सफलता का सबूत है। उन्होंने Pakistan को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वहाँ मानवाधिकारों का हनन, अल्पसंख्यकों पर अत्याचार, और लोकतंत्र का पतन आम बात है। साथ ही, पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देता है और फिर भी दूसरों को नैतिकता का पाठ पढ़ाने की कोशिश करता है। त्यागी ने सुझाव दिया कि पाकिस्तान को भारत से नज़र हटाकर अपने लोगों के लिए बेहतर शासन और न्याय पर ध्यान देना चाहिए। अंत में, उन्होंने पाकिस्तान को एक “असफल राज्य” करार दिया, जो अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय मदद पर चलता है, और कहा कि भारत लोकतंत्र, प्रगति, और सम्मान पर केंद्रित है—ऐसे मूल्य जो पाकिस्तान को अपनाने चाहिए। ALSO READ : क्या गिर जाएगी Bangladesh में मोहम्मद यूनुस की सरकार…आर्मी चीफ ने दी चेतावनी WATCH : https://youtu.be/wCg6jKSY6xc?si=bi6_5DEJ9vRf5OuA

क्या गिर जाएगी Bangladesh में मोहम्मद यूनुस की सरकार…आर्मी चीफ ने दी चेतावनी

Bangladesh Army Chief

ढ़ाका। Bangladesh में फिर से तख्तापलट के आसार तेज हो चुके हैं। Bangladesh के आर्मी चीफ़ जनरल वकार उज़-ज़मान ने अपने हालिया बयानों में इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने आर्मी मेमोरियल समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सभी जिम्मेदार लोग एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। यदि ऐसा ही चलता रहा तो यह देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा होगा और इसी का इस्तेमाल देश में अराजकता फ़ैलाने के लिए भी किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अब हमारा देश की आंतरिक व्यवस्था संभालने का कोई काम नहीं है, लेकिन हालत नहीं सुधरे तो हमें फिर से लौटना पड़ेगा। अमेरिका ने Bangladesh की फंडिंग पर लगाई रोक पिछले साल 2024 के अगस्त में अमेरिका की फंडिंग के सहारे मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश की सत्ता में आए थे, मगर अब उनकी चिंताएं बढ़ने लगी हैं। बांग्लादेश पहले से ही आंतरिक अस्थिरताओं से घिरा हुआ है, और अब अमेरिका ने भी फंडिंग देने से इंकार कर दिया। डोनाल्ड ट्रम्प हमेशा से बाइडेन सरकार के द्वारा दूसरे देशों को दिए जाने वाले फंडिंग पर सवाल उठाते थे। अब उन्होंने सत्ता में आते ही इसपर एक्शन भी लेना शुरू कर दिया। आपको बता दें कि बांग्लादेश में तख्तापलट होने से ठीक एक साल पहले अमेरिका ने USAID के जरिये बांग्लादेश को 550 मिलियन डॉलर दिए थे। डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने एक बयान में कहा था कि ये पैसे बांग्लादेश में पॉलिटिकल लैंडस्केप को तैयार करने के लिए दिए जाते हैं ताकि कट्टरपंथी वामपंथी कम्युनिस्ट को वोट दे सकें। हालंकि अमेरिका ने अभी इस तरह की सभी फंडिंग पर रोक लगा दी है। डोनाल्ड ट्रम्प और मोहम्मद यूनुस के बीच पुराना तकरार आपको बता दें कि ट्रम्प और बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस के बीच लम्बे समय से विवाद चल रहा है। वर्ष 2016 में मोहम्मद यूनुस ने हिलेरी क्लिंटन फाउंडेशन को 3 लाख अमेरिकी डॉलर दिए थे। यह पैसे डोनाल्ड ट्रम्प के विरोध में दिए गए थे। बताया जाता है कि हिलेरी क्लिंटन और मोहम्मद यूनुस के गहरे संबंध हैं। READ MORE : Bihar Cabinet Expansion : BJP के 7 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ, JDU की एक भी सीट नहीं WATCH : https://youtu.be/wCg6jKSY6xc?si=bi6_5DEJ9vRf5OuA

Bihar Cabinet Expansion : BJP के 7 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ, JDU की एक भी सीट नहीं

Bihar Cabinet Expansion

Bihar Cabinet Expansion : बुधवार (26 फरवरी ) को बिहार में नीतीश मंत्रीमंडल का विस्तार किया गया। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के 7 विधायकों को राज्यपाल ने मंत्री पद की शपथ दिलाई। आपको बता दें कि बिहार कैबिनेट में कुल 36 मंत्रियों का कोटा है। बुधवार को बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके के बाद कुल 7 सीटें रिक्त थीं। किस-किस ने ली मंत्री पद की शपथ नीतीश मंत्रिमंडल के विस्तार में इस बार कुल 7 विधायकों ने शपथ ली। इनमें से सभी विधायक भारतीय जनता पार्टी के ही हैं। जिसके बाद बिहार कैबिनेट में कुल 36 मंत्रियों में से 21 बीजेपी से, 13 जदयू से, 1 हम से और 1 निर्दर्लीय हैं। शपथ ग्रहण समारोह में कृष्ण कुमार मंटू, संजय सरावगी, जीवेश मिश्रा, सुनील कुमार, राजू सिंह, विजय मंडल, मोती लाल प्रसाद ने मंत्री पद की शपथ ली। Bihar Cabinet Expansion : कहाँ-कहाँ से बने मंत्री इस बार नितीश मंत्रीमंडल के विस्तार में उत्तर बिहार को साधने की कोशिश की गई है। आइए जानते हैं बिहार के नए मंत्रियों के बारे में… दरभंगा से संजय सरावगी (बीजेपी विधायक) 55 साल के संजय सरावगी NDA सरकार में पहली बार मंत्री बने हैं। संजय मिथिलांचल में पार्टी के लोकप्रिय उम्मीदवार हैं। 2005 में पहली बार विधायक बने थे जिसके बाद एक भी चुनाव नहीं हारे। आपको बता दें कि इनका जन्म 1969 में हुआ था। इन्होंने मिथिला विश्वविद्यालय से एमए किया है। संजय की राजनीतिक यात्रा आरएसएस के स्टूडेंट विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से शुरू हुई थी। बिहारशरीफ से सुनील कुमार (बीजेपी विधायक) 68 साल के सुनील कुमार NDA सरकार में पहली बार मंत्री बने हैं। इन्होंने MBBS की पढ़ाई की है। आपको बता दें कि सुनील कुमार 2005 से बिहार शरीफ विधानसभा से चुनाव जीतते आ रहे हैं। उन्होंने दो बार JDU की टिकट से चुनाव जीता और दो बार BJP की टिकट से। जब JDU ने 2013 में BJP से गठबंधन तोड़ा था तब सुनील कुमार बीजेपी में शामिल हो गए थे। जाले से जीवेश मिश्रा (बीजेपी विधायक) जीवेश मिश्रा को भूमिहार कोटे से मंत्री बनाया गया है। ये पहले भी NDA सरकार में मंत्री रह चुके हैं। आपको बता दें कि 52 वर्ष के जीवेश ने स्नातकोत्तर तक पढ़ाई की है। इन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत छात्र राजनीति से की, 1981 से 1988 तक एबीवीपी के सक्रिय सदस्य रहे। जिसके बाद आरएसएस के मुख्य सदस्य के रूप में भी काम किया। जीवेश 2002 में भाजपा के सदस्य बने, जिसके बाद 2015 में बीजेपी की टिकट पर जाले विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर बिहार विधानसभा पहुंचे। साहेबगंज से राजू सिंह (बीजेपी विधायक) राजू सिंह 55 वर्ष के हैं। इन्होंने PHD तक की पढ़ाई की है। राजू सिंह पहली बार 2005 में LJP की टिकट पर साहेबगंज से विधायक बने। जिसके बाद JDU और BJP की भी टिकट पर चुनाव लड़े। राजू मुजफ्फरपुर के बड़ा दाऊद गांव के निवासी हैं, वो एक दवा कारोबारी भी हैं। इन्होंने 2020 में VIP के टिकट पर चुनाव लड़ा था जिसके बाद बीजेपी में शामिल हो गए। रीगा से मोतीलाल प्रसाद (बीजेपी विधायक) मोतीलाल प्रसाद NDA सरकार में पहली बार मंत्री बने हैं। इनके जरिए बीजेपी सीतामढ़ी में नाराज़ वैश्य समुदाय को साधने की तैयारी में है। आपको बता दें कि 63 वर्ष के मोतीलाल ने इंटर तक पढ़ाई की है। इन्होंने पहली बार रीगा से 2010 में चुनाव जीता था, जिसके बाद 2015 में हार का भी सामना करना पड़ा। इन्होंने 2020 में फिर से जीत हासिल की और विधायक बने। मोतीलाल सीतामढ़ी के वैश्य समाज से तीसरे विधायक हैं। अमनौर से कृष्ण कुमार मंटू (बीजेपी विधायक) छपरा के अमनौर से कृष्ण कुमार मंटू पहली बार NDA सरकार में मंत्री बने हैं। इनका जन्म 27 फरवरी 1977 को हुआ था। कृष्ण ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत 2000 में मुखिया का चुनाव जीतकर की थी। जिसके बाद 2010 में अमनौर से विधायक बने मगर 2015 में चुनाव हार गए। 2020 में फिर से विधानसभा चुनाव में खड़े हुए और जीतकर विधायक बने। सिकटी से विजय मंडल (बीजेपी विधायक) 56 वर्ष के विजय कुमार मंडल ने दसवीं तक पढ़ाई की है। 1995 में पहली बार आनंद मोहन की पार्टी BPP से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। जिसके बाद RJD, LJP, JDU का भी हिस्सा रहे। 2015 से BJP की टिकट पर सिकटी से चुनाव जीतते आ रहे हैं। विजय पांच बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। 2000 में बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। READ MORE : Bilaspur Conversion : पत्नी ने धर्मांतरण से किया मना…पति हुआ मिशनरियों का शिकार WATCH : https://youtu.be/Tp5IHELgA3k?si=YoFWQpEuemyFF9dx

Bilaspur Conversion : पत्नी ने धर्मांतरण से किया मना…पति हुआ मिशनरियों का शिकार

Religion Conversion

Bilaspur. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश के अलग-अलग राज्य मिशनरियों का अड्डा बनते जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से भी एक दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। पत्नी ने जब ईसाई धर्म को अपनाने से इंकार किया तो पति ने हाथापाई शुरू कर दी। कुछ दिनों पहले एक और खबर मध्य प्रदेश के इंदौर से भी आई थी, जहाँ मिशनरियों द्वारा बच्चों को राम और कृष्ण की पूजा करने से मना किया जा रहा था। ऐसे एक नहीं, हर रोज कई खबरें आती हैं जहाँ दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा हिन्दू समाज के मासूम और भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फ़साने की कोशिश की जाती है। बिलासपुर में भी कुछ ऐसा ही हुआ। आइये जानते हैं पूरा मामला। Bilaspur Conversion : क्या है पूरा मामला ? छत्तीसगढ़ के Bilaspur में एक पत्नी ने अपने पति के खिलाफ धर्मांतरण का आरोप लगाया है। पत्नी का कहना है कि पति उसे ईसाई धर्म अपनाने के लिए दवाब डालता है। जब पत्नी मना करती है तो उसे प्रताड़ित करता है। उसपर हाथ उठाता है। महिला ने बताया कि पति ने घर से भगवान की तस्वीरों को हटाकर, यीशु मसीह की फोटो लगा दी है। अब आप सोंच सकते हैं कि मशीनरियां कैसे लोगों का ब्रैनवॉश कर रही हैं, कि एक पति अपनी पत्नी के साथ मारपीट रहा है। अपने बच्चों को प्रताड़ित कर रहा है। ये सब एक दिन में नहीं होता बल्कि इसके पीछे एक सोंची समझी साजिश होती है। भोले-भले लोगों को पैसे और सामान का लालच देकर उन्हें धर्मान्तरण का शिकार बनाया जाता है। शादी के बाद अपनाया ईसाई धर्म महिला का कहना है कि वर्ष 2016 में उसने हिन्दू रीति रिवाज से शादी की थी, लेकिन शादी के बाद उसके पति ने मिशनरियों के कहने पर ईसाई धर्म अपना लिया। कुछ दिनों तक सबकुछ ठीक चला लेकिन फिर वो मुझपर भी ईसाई धर्म अपनाने का दवाब डालने लगा। इसके लिए वो मेरे साथ मारपीट भी करता था। घर में ये सब न हो इसलिए मैंने उसके साथ चर्च भी जाना शुरू कर दिया। कुछ दिनों तक सबकुछ ठीक चला, मगर फिर से हालत वैसे ही हो गए। स्लम एरिया के लोगों को बनाते हैं निशाना सूचनाओं के आधार पर पता चला कि मशीनरियों के द्वारा महिलाओं और कम पढ़े लिखे लोगों को अपना शिकार बनाया जाता है। पति की गंदी लतों को छुड़वाने के लिए उन्हें यीशु की प्रार्थना से जोड़ते हैं, फिर उनके साथ दूसरी महिलाओं को भी चर्च ले जाना शुरू करते हैं। उन्हें कुछ चीज़ों का लालच देकर, उनका भरोसा जीतते हैं और फिर उनका धर्मांतरण करवाते हैं। जांच के बाद होगी कार्यवाही जब पति ने प्रताड़ना कि सारी हदें पार कर दी तब महिला सामाजिक संगठन के लोगों के साथ सिविल लाइन थाना पहुंची। सिविल लाइन टीआई एसआर साहू ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच के बाद कार्रवाही की जाएगी। आपको बता दें कि धर्मान्तरण की घटनाएं सिर्फ बिलासपुर के सिविल लाइन क्षेत्र में नहीं हो रही हैं, बल्कि जिले के अन्य हिस्सों में भी लोगों को ईसाई धर्म से जोड़ा जा रहा है। READ MORE : Mahakumbh 2025 : महाकुंभ में बने कई वर्ल्ड रिकॉर्ड… WATCH : https://youtu.be/TNwgtIE0_R8?si=TD52pnN2p26xVUjW

Mahakumbh 2025 : महाकुंभ में बने कई वर्ल्ड रिकॉर्ड…

Mahakumbh 2025

प्रयागराज। इस साल Mahakumbh ने दुनिया के कई वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिए। 13 जनवरी से शुरू हुए आस्था के इस मेले का आज (26 फरवरी) आखरी दिन है। अब तक महाकुम्भ में कुल 64 करोड़ लोगों ने डुबकी लगाई। ये आंकड़ा उत्तर प्रदेश सरकार के अनुमानित आंकड़ें से कहीं ज्यादा है। आपको बता दें कि महाकुंभ शुरू होने से पहले प्रदेश सरकार ने 45 करोड़ लोगों के आने का अनुमान लगाया था। वर्ष 2019 में 24 करोड़ लोगों ने कुम्भ में डुबकी लगाई थी, मगर इस बार ये संख्या 64 करोड़ तक पहुंच गई। ये संख्या कोई छोटी-मोटी संख्या नहीं है, ये अमेरिका की कुल आबादी से दो गुना ज्यादा है। इतने लोगों ने महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। ऐसे-ऐसे कई वर्ल्ड रिकॉर्ड महाकुम्भ में बनाए गए हैं। कौन-कौन से वर्ल्ड रिकॉर्ड बने ? Mahakumbh में देश-विदेश के श्रद्धालु हुए शामिल एक महीने तक चलने वाले Mahakumbh के मेले में देश के अलग-अलग कोनों से आकर लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान 73 देशों के डिप्लोमेट्स और 50 लाख से अधिक विदेशी श्रद्धालु भी शामिल हुए। आपको बता दें कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सहित प्रधानमंत्री मोदी और कई बॉलीबुड स्टार्स ने भी महाकुंभ पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाई। दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम से कई गुना बड़ा दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम कहीं और नहीं बल्कि भारत के अहमदाबाद में है। भारत का नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम 25 हेक्टेयर के क्षेत्र में फैला है। जबकि Mahakumbh क्षेत्र इससे 160 गुना ज्यादा के एरिया में फैला है। महाकुंभ क्षेत्र में कुल 25 सेक्टर बनाए गए, जहाँ श्रद्धालुओं के स्नान के लिए 13 किलोमीटर के एरिया में 42 घाट बनाए गए हैं। गंगा-यमुना को पार करने के लिए कुल 30 पांटून पुल का भी निर्माण कराया गया। 4 लाख तंबू और 1.5 लाख टॉयलेट बनाए गए महाकुंभ में श्रद्धालुओं और सन्यासियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए कुल 4 लाख से अधिक तंबू और 1.5 लाख टॉयलेट बनाए गए। 85 बड़े पंडाल, 50 से अधिक अस्थायी आश्रम और बाबा सन्यासियों के लिए 500 टेंट लगाए गए। महाकुंभ की सुरक्षा महाकुम्भ में आए श्रद्धालुओं के लिए 50 हज़ार से अधिक सुरक्षाकर्मी और 2700 कैमरे लगाए गए। इस दौरान लोगों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। 56 थाने और 144 चौकियां हमेशा लोगों की सहायता के लिए तैनात रही। आग की समस्या से सुलझने के लिए फायर ब्रिगेड के 2000 अधिक जवान तैनात किए गए।महाकुम्भ क्षेत्र में 43 अस्पतालों का निर्माण कराया गया। इस दौरान 6 लाख लोगों का इलाज हुआ, 20 बच्चों का जन्म हुआ और 1 लाख से अधिक लोगों को मुफ्त में चश्मे दिए गए। READ MORE : देश की राष्ट्रपति पहुंची बागेश्वर धाम…251 जोड़ों की होगी शादी WATCH : https://youtu.be/TNwgtIE0_R8?si=TD52pnN2p26xVUjW

देश की राष्ट्रपति पहुंची बागेश्वर धाम…251 जोड़ों की होगी शादी

Draupadi Murmu

खजुराहो। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बागेश्वर धाम पहुंच चुकी हैं। आज (26 फरवरी ) को बागेश्वर धाम में 251 जोड़ों की शादी होने वाली हैं, जहाँ राष्ट्रपति भी उन्हें आशीर्वाद देने पहुंची। मुर्मू पहले बालाजी मंदिर में पूजा अर्चना करेंगी फिर शादी समारोह में शामिल होंगी। समारोह में राष्ट्रपति मुर्मू सहित सोनू निगम, रॉबिन उथप्पा, क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग, आरपी सिंह, पुनीत वशिष्ठ और पहलवान ग्रेट खली भी मौजूद रहेंगे। 9 राज्यों की 251 कन्याओं का होगा विवाह बागेश्वर धाम में आयोजित शादी समारोह में मध्य प्रदेश की 9 और अन्य राज्यों की 42 कन्याओं की शादी होगी। इनमें बिहार, ओडिशा, झारखण्ड और छत्तीसगढ़ की भी कन्याएं शामिल हैं। समारोह में कई धार्मिक गुरु भी विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने पहुंच रहे हैं। इनमें जगद्गुरु रामभद्राचार्य, पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास जी महाराज, चिन्मयानन्द बापूजी महाराज जैसे कई नाम शामिल हैं। सोशल मीडिया के जरिए प्राप्त हुए आवेदन आपको बता दें कि शादी समारोह के लिए आवेदन सोशल मीडिया के जरिए ऑनलाइन मंगाए गए थे। सालभर में कुल 1000 आवेदन प्राप्त हुए। आवेदन प्राप्त होने के बाद बागेश्वर धाम की 60 टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर आवेदन के सत्यापन का कार्य किया। इस दौरान आवेदक की आर्थिक स्थिति और वर्तमान हालत देखे गए। जिसके बाद 1000 आवेदनों में से 251 कन्याओं की लिस्ट बनाई गई। READ MORE : Global Investors Summit : निवेश के लिए मध्य प्रदेश बना आकर्षण का केंद्र WATCH : https://youtu.be/TNwgtIE0_R8?si=XeQ9cP8bkMXjznns

Global Investors Summit : निवेश के लिए मध्य प्रदेश बना आकर्षण का केंद्र

home minister amit shah

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित Global Investors Summit 2025 के दूसरे और आखिरी दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। अमित शाह शाम 4 बजे राजकीय विमानतल पर पहुंचे, जहाँ CM Mohan Yadav ने पुष्प-गुच्छ भेंट करके उनका स्वागत किया। Global Investors Summit : अधिकतर MOU पर होगा काम – अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को बधाई देते हुए कहा कि मोहन यादव और उनकी टीम ने एक अच्छी कार्ययोजना बनाई है। उन्होंने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान हुए MOU के जमीन पर उतरने की भी बात कही। उन्होंने भारत के विकास के लिए राज्य सरकारों की भी भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा कि 2047 तक देश को विकसित देश बनाने में मध्य प्रदेश की ये समिट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। निवेश के लिए मध्य प्रदेश बना आकर्षण का केंद्र अमित शाह ने कहा कि जिस मध्य प्रदेश को कभी बीमारू राज्य माना जाता था, उसे भाजपा सरकार ने पिछले 20 वर्षों में बदलकर रख दिया है। पिछले कुछ सालों में मध्य प्रदेश निवेश के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश में कृषि और इंडस्ट्रियल पोटेंशियल को भी आगे ले जाने में टीम एमपी सफल होगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में हमारी सरकार ने एक मजबूत नींव रखी है। मध्य प्रदेश में मिलेगी स्टेबल गवर्नमेंट – अमित शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को संबोधित करते हुए कहा कि भारत दुनिया की अर्थव्यवस्था को तय करने वाले कई सेक्टर्स का फाउंडर बना है। उन्होंने कहा कि कोई भी कंपनी निवेश करने से पहले एक स्टेबल गवर्नमेंट की तलाश करती है, जहाँ उन्हें इंफ्रास्ट्रचर और इको सिस्टम के साथ-साथ नीतियों का स्थायित्व भी मिले। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन समारोह में उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उन्हें मध्य प्रदेश में एक भरोसेमंद प्रशासन मिलेगा। उन्होंने कहा कि एमपी में हर वो सुविधा है जो किसी कंपनी के इन्वेस्टमेंट के लिए होनी चाहिए। READ MORE : 2047 तक मध्य प्रदेश बनेगा 2.1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की इकॉनमी WATCH : https://youtu.be/TNwgtIE0_R8?si=9LRtfKTbEQHhoAuq